Rajgarh News : राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल स्टोर्स पर सख्ती बरती। बिना डॉक्टर के पर्चे के गर्भपात किट और नशीली दवाओं की बिक्री के आरोप लगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. शोभा पटेल के आदेश पर जिला औषधि निरीक्षक दिलीप अग्रवाल ने छापेमारी की। इस दौरान 28 दुकानों का जायजा लिया गया।
12 जगहों पर गंभीर खामियां मिलीं। फार्मासिस्ट गायब थे। दवाओं का हिसाब-किताब नहीं था। मिसोप्रोसटोल, मिफिप्रोस्टोल जैसी MTP किट और एविल जैसी दवाएं बिना रिकॉर्ड के बेची जा रही थीं। इससे महिलाओं की सेहत को खतरा पैदा हो रहा है।
निरीक्षण में सामने आई खामियां
निरीक्षक ने जिलेभर में दुकानों का दौरा किया। कई जगहों पर स्टोर संचालक नियम तोड़ते पाए गए। संवेदनशील दवाओं का बिना पर्चे बेचना ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट का उल्लंघन है। यह दवाएं गर्भपात या नशे के लिए इस्तेमाल होती हैं।
गलत उपयोग से जानलेवा जोखिम बढ़ता है। विभाग ने तुरंत एक्शन लिया। सभी दोषी दुकानों को नोटिस थमाए गए। जवाब संतोषजनक न होने पर लाइसेंस पर गिनी जा रही है। यह कार्रवाई आम जनता की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
नोटिस वाले स्टोर्स की सूची
ब्यावरा में भाग्यश्री मेडिकल स्टोर। सारंगपुर के शीला मेडिकल और सुलभ मेडिकल। तलेन में गायत्री मेडिकल व आयुष्मान मेडिकल। खुजनेर का गोविंद मेडिकल। छापीहेड़ा के धनवंतरी मेडिकल, बालाजी मेडिकल, गोस्वामी मेडिकल, शेख मेडिकल, अभय फार्म एजेंसी। ये दुकानें निशाने पर हैं। संचालकों को 7 दिनों में सफाई देनी होगी। उल्लंघन साबित होने पर जुर्माना या बंदी हो सकती है।
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सीएमएचओ की चेतावनी
डॉ. शोभा पटेल ने साफ कहा कि ऐसी दवाओं का गलत फायदा उठाना अपराध है। इससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ता है। डॉक्टर की सलाह के बिना न लें। दुकानदारों को चेताया कि नियम तोड़े तो सजा मिलेगी।
विभाग आगे भी निरीक्षण जारी रखेगा। जनता से अपील है कि शिकायत करें। इससे दवा बाजार साफ होगा। राजगढ़ प्रशासन सक्रिय है। ऐसी अनियमितताएं अब नहीं बर्दाश्त।