Bhopal News : भोपाल, मध्य प्रदेश। छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से 25 बच्चों की मौत ने मध्य प्रदेश सरकार को बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश में दवाओं की निगरानी के लिए नई और सख्त व्यवस्था लागू होगी। डिप्टी सीएम डॉ. राजेंद्र शुक्ल ने भोपाल में एक अहम बैठक की। इसमें दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कई फैसले लिए गए।
हर दवा की होगी कड़ी जांच
अब हर गोली और सिरप की जांच होगी। बिना जांच के कोई दवा बाजार या अस्पताल नहीं पहुंचेगी। नकली और घटिया दवाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार एक खास एन्फोर्समेंट और लीगल सेल बनाएगी। यह सेल फील्ड से मिली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करेगी। दवाओं को जब्त करने से लेकर लाइसेंस रद्द करने तक का काम यह सेल करेगा।
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जिला स्तर पर बनेगी मॉनिटरिंग यूनिट
अब दवाओं की जांच सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। हर जिले में लोकल ड्रग मॉनिटरिंग यूनिट बनेगी। यहां सैंपल की जांच तुरंत होगी। रिपोर्ट सीधे राज्य मुख्यालय को भेजी जाएगी। जिला अस्पतालों और मेडिकल स्टोर में क्वालिटी कंट्रोल डेस्क बनाए जाएंगे। इससे संदिग्ध दवाओं को तुरंत पकड़ा जा सकेगा।
ड्रग इंस्पेक्टरों को मिलेंगे हैंडहेल्ड डिवाइस
ड्रग इंस्पेक्टरों को अब लैब का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्हें हैंडहेल्ड टेस्टिंग डिवाइस दिए जाएंगे। ये डिवाइस दवा की गुणवत्ता मौके पर जांचेंगे। मिलावट या केमिकल असमानता तुरंत पकड़ी जाएगी।
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नई भर्तियां और हाईटेक लैब
सरकार ने डेटा एंट्री ऑपरेटर, सैंपलिंग असिस्टेंट, लैब असिस्टेंट और केमिस्ट के नए पद बनाने का फैसला किया है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर की लैब में हाईटेक मशीनें लगेंगी। इनमें एचपीएलसी, जीसीएमएस, एलसीएमएस और माइक्रोबायोलॉजी टेस्टिंग यूनिट शामिल हैं। इससे दवाओं की वैज्ञानिक जांच होगी।
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डिप्टी सीएम शुक्ल ने कहा कि अब कोई दवा बिना जांच के नहीं बिकेगी। हर बैच और सैंपल की जिम्मेदारी तय होगी। गलती करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। नई योजना जल्द लागू होगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में कोई बच्चा जहरीली दवा का शिकार न हो।
Q. मध्य प्रदेश में दवाओं की निगरानी के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
सरकार हर जिले में ड्रग मॉनिटरिंग यूनिट बनाएगी। हैंडहेल्ड डिवाइस से दवाओं की जांच होगी। एक खास एन्फोर्समेंट सेल भी बनेगा।
Q. छिंदवाड़ा हादसे के बाद सरकार ने क्या फैसला लिया?
छिंदवाड़ा में जहरीले सिरप से 25 बच्चों की मौत के बाद सरकार ने दवाओं की सख्त जांच और जवाबदेही तय करने का फैसला लिया।
Q. मध्य प्रदेश में दवाओं की जांच कैसे होगी?
हर जिले में क्वालिटी कंट्रोल डेस्क और हाईटेक लैब बनेंगी। ड्रग इंस्पेक्टरों को हैंडहेल्ड डिवाइस मिलेंगे।
Q. दवा निगरानी में कौन सी तकनीक का इस्तेमाल होगा?
एचपीएलसी, जीसीएमएस, एलसीएमएस और माइक्रोबायोलॉजी टेस्टिंग यूनिट्स का इस्तेमाल होगा।