MP News : मध्य प्रदेश। ग्वालियर जिले में बिना अनुमति के धरना, रैली, जुलूस या प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी रुचिका चौहान ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत यह आदेश जारी किया है। यह नियम तुरंत लागू हो गया और दो महीने तक प्रभावी रहेगा।
आदेश के मुताबिक, जिले में कोई भी सार्वजनिक आयोजन करने से पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। एक अनुभाग में कार्यक्रम के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से और एक से ज्यादा अनुभागों में होने वाले आयोजनों के लिए अपर जिला दंडाधिकारी, ग्वालियर से अनुमति लेनी अनिवार्य है।
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सोशल मीडिया पर भी पाबंदी
सोशल मीडिया पर भड़काऊ, भ्रामक या सामाजिक समरसता बिगाड़ने वाली पोस्ट अपलोड करना या फॉरवर्ड करना भी प्रतिबंधित है। इसमें धर्म, जाति, समुदाय या व्यक्ति के खिलाफ नारे, बैनर, पोस्टर, फ्लैक्स और होर्डिंग लगाने पर भी रोक है।
त्योहारों के चलते सख्ती
कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा कि आगामी समय में ग्वालियर में त्योहार, धार्मिक और सामाजिक आयोजन होंगे। कई शासकीय व राजनीतिक कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।
बाजारों और सड़कों पर भीड़ बढ़ेगी। ऐसे में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन ने शांति और सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
Q. ग्वालियर में धरना-रैली पर रोक क्यों लगाई गई?
त्योहारों, धार्मिक और शासकीय आयोजनों के दौरान भीड़ और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्टर ने यह आदेश जारी किया।
Q. ग्वालियर में प्रदर्शन के लिए अनुमति कैसे मिलेगी?
एक अनुभाग के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और एक से ज्यादा अनुभागों के लिए अपर जिला दंडाधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
Q. ग्वालियर में सोशल मीडिया पर क्या प्रतिबंध है?
भड़काऊ, भ्रामक या सामाजिक समरसता बिगाड़ने वाली पोस्ट अपलोड करना या फॉरवर्ड करना प्रतिबंधित है।
Q. यह आदेश कब तक लागू रहेगा?
आदेश तुरंत प्रभाव से लागू है और दो महीने तक प्रभावी रहेगा।
Q. आदेश का उल्लंघन करने की सजा क्या होगी?
उल्लंघन करने वालों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।