Paddy Procurement Registration : हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 15 सितंबर 2025 से आरंभ हो गई है। यह प्रक्रिया 10 अक्टूबर 2025 तक चलेगी, जिसमें किसान अपनी फसल बेचने के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा कर पंजीकरण करा सकेंगे। जिला प्रशासन ने किसानों की सुविधा के लिए तीन निःशुल्क पंजीकरण केंद्र स्थापित किए हैं, ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त खर्च के प्रक्रिया पूरी कर सकें।
पंजीकरण केंद्रों की व्यवस्था
जिला आपूर्ति अधिकारी वासुदेव भदौरिया ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए जिले में तीन निःशुल्क पंजीकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं। ये केंद्र हैं:
सेवा सहकारी समिति मर्यादित – गोंदागांवखुर्द – निःशुल्क पंजीकरण और दस्तावेज सत्यापन
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित – आलमपुर – आधार लिंकिंग और बैंक विवरण अपडेट
सेवा सहकारी समिति मर्यादित – रूपीपरेटिया | पूर्ण सहायता, हेल्पडेस्क उपलब्ध
ये केंद्र सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक कार्यरत रहेंगे, और वहां प्रशिक्षित कर्मचारी किसानों को मार्गदर्शन देंगे। भदौरिया ने कहा, “किसान इन केंद्रों पर जाकर आसानी से पंजीकरण करा सकते हैं। हमारा लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हों।”
अन्य केंद्रों पर पंजीकरण 50 रुपये शुल्क के साथ
निःशुल्क केंद्रों के अलावा, किसान कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), एमपी ऑनलाइन कियोस्क, साइबर कैफे और अन्य सुविधा केंद्रों पर भी पंजीकरण करा सकते हैं। इन केंद्रों पर 50 रुपये का निर्धारित शुल्क लगेगा, जो सेवाओं की लागत को कवर करेगा।
जिला कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे नजदीकी केंद्र चुनें, ताकि प्रक्रिया में देरी न हो। एक किसान ने कहा, “निःशुल्क केंद्रों ने हमारी मदद की। अब धान बेचने का रास्ता साफ हो गया।”
आवश्यक दस्तावेज
पंजीकरण के लिए किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज साथ लाने होंगे:
भूमि संबंधी जानकारी: खतौनी, खसरा नंबर और फसल क्षेत्रफल का प्रमाण-पत्र।
आधार नंबर: पहचान के लिए अनिवार्य।
आधार से लिंक मोबाइल नंबर: OTP सत्यापन के लिए।
आधार से लिंक बैंक खाता नंबर: भुगतान सीधे खाते में होगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बेची गई फसल का भुगतान केवल आधार से लिंक बैंक खातों में ही किया जाएगा। इससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और किसानों को तुरंत लाभ मिलेगा। यदि खाता लिंक नहीं है, तो पंजीकरण के समय ही लिंकिंग की जा सकती है। जिला आपूर्ति अधिकारी ने अपील की, “किसान भाइयों, पंजीकरण समय पर कराएं। समर्थन मूल्य पर धान बेचकर लाभ उठाएं।”