Raisen Murder Case Solved : रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के नईगढ़िया गांव में 25 सितंबर 2025 को कुएं में बोरी में बंद और पत्थर से बंधी सड़ी-गली लाश मिलने से सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। मृतक की पहचान गांव के ही 47 वर्षीय रामलाल अहिरवार उर्फ रम्मी के रूप में हुई, जो 5 सितंबर से लापता था। जांच में खुलासा हुआ कि रामलाल की हत्या करंट लगाकर की गई और शव को छिपाने के लिए दो किलोमीटर दूर कुएं में फेंक दिया गया। जमीन विवाद के चलते हुई इस सुनियोजित हत्या में तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि मुख्य आरोपी रामविशाल यादव फरार है।
कुएं में मिली सड़ी लाश
घटना 25 सितंबर की सुबह घटी जब ग्रामीणों ने गांव के पास एक कुएं में संदिग्ध बोरी देखी। बोरी को बाहर निकालने पर उसमें पत्थर से बंधा सड़ा-गली शव मिला। शव की हालत ऐसी थी कि आसपास के लोग सिहर उठे। मृतक की पहचान रामलाल अहिरवार के रूप में हुई, जो 5 सितंबर से लापता था। रामलाल एक साधारण किसान थे, और उनका परिवार जमीन विवाद में फंसा हुआ था।
परिजनों ने बताया कि वे रोज खेतों पर जाते थे, लेकिन अचानक गायब हो गए। खोजबीन के बावजूद कोई सुराग न मिला, और अब शव मिलने से परिवार टूट गया। रामलाल की पत्नी ने रोते हुए कहा, “मेरा पति निर्दोष था। जमीन के लालच में किसी ने उसकी जान ले ली।”
ग्रामीणों ने बताया कि कुआं सूखा था और बोरी को लोहे के तार से पत्थर बांधा गया था, ताकि शव डूब जाए। पुलिस ने तुरंत FSL टीम बुलाई, और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई। यह घटना नईगढ़िया जैसे छोटे गांव के लिए सदमा है, जहां अपराध दुर्लभ हैं।
करंट से मारा फिर बोरी में छिपाया शव
पुलिस जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ कि रामलाल की हत्या रामविशाल यादव के खेत में करंट लगाकर की गई। आरोपी रामविशाल ने खेत में बिजली का तार बिछाकर जाल बुना था। रामलाल खेत की रखवाली कर रहे थे, जब करंट ने उन्हें लपेट लिया। हत्या के बाद शव को बोरी में बंद किया गया, लोहे के तार से पत्थर बांधा गया और दो किलोमीटर दूर कुएं में फेंक दिया गया।
SDOP अनिल मौर्य ने बताया, “तकनीकी और मैनुअल इंटेलिजेंस से हमने घटना की कड़ी जोड़ी। आरोपी रामचरण, बलबंत और पुरुषोत्तम ने कबूल किया कि रामविशाल ने मुख्य साजिश रची।”
परिजनों ने जमीन विवाद का जिक्र किया। रामलाल और रामविशाल के बीच 2 एकड़ जमीन पर सालों से झगड़ा चल रहा था। एक चश्मदीद ने कहा, “रामविशाल ने कई बार धमकी दी थी। लेकिन हत्या की कल्पना न की थी।” पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से रिमांड मिली। मुख्य आरोपी रामविशाल की तलाश में टीमें लगी हैं।
एसपी पंकज पांडेय की अगुवाई में सफलता
इस अंधे कत्ल के पर्दाफाश में सुल्तानगंज थाना प्रभारी श्याम सिंह राजपूत, बम्होरी थाना प्रभारी प्रीतम सिंह राजपूत और उनकी टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई। थाना स्टाफ में सुरेश तांडिलकर, शैलेंद्र, कल्याण सिंह गुर्जर, आकाश राजोरिया, गजेंद्र और मनोज सक्रिय रहे।
एसपी पंकज पांडेय ने कहा, “हमारी टीम ने 24 घंटे में सुराग जुटाए। ग्रामीणों का सहयोग मिला।” SDOP अनिल मौर्य ने जोड़ा, “करंट से हत्या का तरीका नया था, लेकिन सबूतों ने फंसाया।”
पुलिस ने BNSS की धारा 103(1) (हत्या), 338(3)(5) (साक्ष्य नष्ट करना) और SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया। गिरफ्तार आरोपी SC समुदाय से हैं, इसलिए SC-ST एक्ट लागू। फरारी आरोपी रामविशाल की गिरफ्तारी के बाद मामला और मजबूत होगा।