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Ration Card Survey : ई-केवायसी से बड़ा खुलासा, 15 हजार मृतकों के नाम पर खाया 8.64 करोड़ का राशन, सर्वे में बाहर किए 1570 परिवार‎

Ration card survey

Families Excluded from Ration Card Survey : खंडवा। मध्य प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की पोल खुल गई है। तीन साल में मृत परिजनों के नाम से ही 27 लाख किलो राशन (करीब 8.64 करोड़ रुपये का) हजम हो चुका था। ई-केवायसी (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर वेरिफिकेशन) अभियान ने इसकी पोल खोल दी। जिले में 15 हजार ऐसे सदस्य थे, जो 2-3 साल पहले गुजर चुके थे, लेकिन उनके नाम पर परिवार राशन लेता रहा। इसी तरह, 1570 आयकरदाता और सरकारी कर्मचारी भी फायदा उठा रहे थे। विभाग ने इन्हें तुरंत सूची से बाहर कर दिया।

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2003 से 2025 की लिस्ट का मिलान

शासन के निर्देश पर जिले में ई-केवायसी का काम पूरा हो चुका है। कंट्रोल दुकानों, पंचायतों और अन्य माध्यमों से हर परिवार के सदस्यों का सत्यापन हुआ। 2003 की मतदाता सूची से 2025 की राशन सूची का मिलान किया गया, ताकि पुराने नाम स्वतः अपडेट हों। नए सदस्यों का डोर-टू-डोर सर्वे हुआ, जहां आधार कार्ड या अन्य दस्तावेज चेक कर नाम जोड़े गए।

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जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी अरुण तिवारी ने बताया, “10 लाख 33 हजार उपभोक्ताओं की जांच पूरी हुई। अब संख्या घटकर 9.88 लाख रह गई। 50 हजार नाम कटे, जो अनुपयुक्त थे।” यह अभियान भ्रष्टाचार रोकने और पारदर्शिता लाने का बड़ा कदम है।

ई-केवायसी से कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए:

  • 15 हजार मृतक सदस्य: दो-तीन साल पहले गुजर चुके लोग, लेकिन उनके नाम पर परिवार राशन लेता रहा। तीन साल में 27 लाख किलो अनाज (8.64 करोड़ का) हजम हो गया।
  • 1570 अपात्र हितग्राही: सालाना आय 6 लाख से ज्यादा वाले आयकरदाता, सरकारी अधिकारी-कर्मचारी। इन्हें नोटिस देकर सूची से हटा दिया।
  • 110 नाबालिग उपभोक्ता: 18 साल से कम उम्र के 110 सदस्य, जिनमें 25 गायब थे। इन्हें हटा दिया। वहीं, 35 नाबालिगों को परिवार के साथ जोड़ा गया।

जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी अरुण तिवारी ने कहा, “ये नाम गरीबों के हक पर कब्जा कर रहे थे। अब असली जरूरतमंदों को लाभ मिलेगा।”

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487 दुकानों से 50 हजार नाम कटे

जिले की 487 राशन दुकानों पर ई-केवायसी का असर पड़ा। पहले 10.33 लाख सदस्य थे, अब 9.88 लाख रह गए। 50 हजार नाम हटने से सालाना करोड़ों की बचत होगी। विभाग ने अपात्रों को नोटिस देकर बकाया राशन वापस मांगा है। तिवारी ने जोड़ा, “यह अभियान राज्यव्यापी है। अन्य जिलों में भी इसी तरह सफाई हो रही है।”

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