MP News : दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में पितृपक्ष के दौरान सिंध नदी के सनकुआं घाट पर एक ऐसी त्रासदी घटी, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। रविवार सुबह मामूलिया (पितृ विसर्जन की रस्म) के लिए नदी किनारे पहुंचे छह मासूम बच्चों का नदी की तेज धारा ने निगल लिया।
ग्रामीणों की बहादुरी से पांच बच्चों को बचा लिया गया, लेकिन 10-12 साल की सिमरन नाम की एक बच्ची लापता हो गई। 24 घंटे की मशक्कत के बाद सोमवार को एसडीआरएफ की टीम ने उसका शव बरामद कर लिया।
रविवार सुबह सनकुआं घाट पर पितृपक्ष की रस्म ‘मामूलीया’ के लिए गांव के बच्चे नदी पहुंचे। मामूलीया एक पारंपरिक रस्म है, जिसमें पितरों के लिए तर्पण और विसर्जन किया जाता है। उत्साह में दो बच्चे घाट के फिसलन भरे किनारे पर पहुंचे और नदी में गिर पड़े।
उन्हें बचाने दौड़े अन्य चार बच्चे भी धारा में बहने लगे। देखते ही देखते छह बच्चे नदी के पानी में फंस गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर छलांग लगाई और पांच बच्चों को किनारे खींच लाया। लेकिन सिमरन तेज बहाव में बह गई। ग्रामीणों ने तुरंत चिल्लाकर मदद मांगी, लेकिन शुरुआती घंटों में कोई आधिकारिक सहायता नहीं पहुंची।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम दतिया पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। नदी की गहराई और तेज धारा के कारण तलाश मुश्किल थी। गोताखोरों ने घंटों पानी में डुबकी लगाई, लेकिन रविवार को सफलता नहीं मिली। सोमवार सुबह फिर सर्चिंग तेज हुई और दोपहर तक सिमरन का शव नदी से करीब 2-3 किलोमीटर दूर बरामद हो गया।
शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। एसडीआरएफ के एक अधिकारी ने कहा, “धारा तेज थी, लेकिन हमने लगातार प्रयास किया।” सिमरन के परिवार ने शव देखते ही फूट-फूटकर रोया। गांव में शोक माहौल है, और लोग एक-दूसरे को सांत्वना दे रहे हैं।