Supreme Court on Chhatarpur Murder Case : भोपाल। छतरपुर जिले की राजनगर विधानसभा सीट से जुड़े एक सनसनीखेज हत्या मामले ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा लिया है। 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायक कुंवर विक्रम सिंह के ड्राइवर सलमान खान की कथित हत्या के मामले में अदालत ने वर्तमान भाजपा विधायक अरविंद पटेरिया और छतरपुर एसपी को नोटिस जारी किया है।
मृतक की पत्नी राजिया अली की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर एसपी से जवाब तलब किया है। साथ ही, डीजीपी, मुख्य सचिव और सीबीआई डायरेक्टर को भी स्टेटस रिपोर्ट के साथ बुलाया गया है।
चुनावी रंजिश में ड्राइवर की हत्या
17 नवंबर 2023 को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के ठीक एक दिन पहले, राजनगर सीट पर कांग्रेस विधायक कुंवर विक्रम सिंह (जिन्हें नातीराजा भी कहा जाता है) और भाजपा उम्मीदवार अरविंद पटेरिया के समर्थकों के बीच सुबह करीब तीन बजे झड़प हो गई। यह झड़प कथित तौर पर वोटरों को लुभाने के लिए नकदी और शराब बांटने के आरोपों से शुरू हुई।
कांग्रेस के अनुसार, पटेरिया के काफिले ने विक्रम सिंह के ड्राइवर सलमान खान (34 वर्ष) की गाड़ी को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई। सलमान खजुराहो नगर निगम का कांग्रेसी पार्षद भी था।
कांग्रेस नेता विक्रम सिंह नातीराजा की शिकायत पर खजुराहो थाने में पटेरिया समेत 18 लोगों के खिलाफ IPC की धाराओं 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), 147 (दंगा), 149 (अवैध सभा), 294 (अश्लीलता) और 506 (धमकी) के तहत FIR दर्ज की गई। FIR में आरोप था कि पटेरिया के समर्थकों ने जानबूझकर गाड़ी से सलमान को कुचला।
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घटना के दो दिन बाद, 19 नवंबर को, भाजपा नेता नीरज चतुर्वेदी की शिकायत पर क्रॉस FIR दर्ज हुई, जिसमें विक्रम सिंह नातीराजा और उनके 12 साथियों पर पटेरिया पर फायरिंग करने का आरोप लगाया गया। हालांकि, पुलिस ने घटनास्थल पर फायरिंग का कोई सबूत नहीं पाया।
जांच में इस्तेमाल बताई गई गाड़ी जब्त कर मैकेनिकल, FSL और बैलिस्टिक परीक्षण कराया गया। चित्रपट एसपी अमित संगी ने शुरुआत में इसे ‘क्लैश में दुर्घटना’ बताया था, लेकिन FIR के बाद जांच जारी रही।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका
मृतक सलमान की पत्नी राजिया अली ने, वकील वरुण ठाकुर के माध्यम से, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि डेढ़ साल से ज्यादा समय बीत गया, लेकिन मुख्य आरोपी पटेरिया की गिरफ्तारी नहीं हुई।
भाजपा विधायक अरविंद पटेरिया ने चुनाव जीतकर राजनगर से विधायक बनने के बाद मध्य प्रदेश सरकार से Y+ सुरक्षा प्राप्त कर ली है, जिसका दुरुपयोग कर पुलिस-प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं।
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राजिया ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस आरोपी को संरक्षण दे रही है, जबकि उनके परिवार को समझौते का दबाव झेलना पड़ रहा है। याचिकाकर्ता ने मांग की कि अपराध क्रमांक 321/2023 की जांच स्थानीय पुलिस से हटाकर सीबीआई या स्वतंत्र SIT को सौंपी जाए। साथ ही, परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए पटेरिया, छतरपुर एसपी, डीजीपी, मुख्य सचिव और सीबीआई डायरेक्टर को नोटिस जारी किया। अदालत ने स्टेटस रिपोर्ट मांगी है, और गिरफ्तारी न होने पर एसपी से स्पष्टीकरण तलब किया। अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।