Forest officer shoots himself after bribery scandal : बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में भ्रष्टाचार के एक मामले ने त्रासदी का रूप ले लिया है। धुलकोट रेंज के डिप्टी रेंजर (वनपाल) कृष्ण कुमार बर्मन ने सोमवार को अपने लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली। जानकारी के मुताबिक, कुछ ही दिनों पहले इंदौर लोकायुक्त ने उन्हें रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
फिलहाल, बर्मन गंभीर हालत में नेपानगर के अस्पताल में भर्ती हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक सुसाइड नोट में उन्होंने पांच लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है।
3 हजार रुपये की घूस ने उलट दिया सबकुछ
16 सितंबर को इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने एक ट्रैप ऑपरेशन चलाया, जिसमें वनपाल कृष्ण कुमार बर्मन को 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया। शिकायतकर्ता सदाशिव डावर ने बताया था कि उन्हें ग्राम पंचायत से वन क्षेत्र का पट्टा मिला हुआ था, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत घर बनवाना था।
डिप्टी रेंजर बर्मन ने परमिशन देने के लिए 4 हजार रुपये की घूस मांगी। लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही बर्मन ने 3 हजार रुपये लिए, उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया, लेकिन बर्मन को जमानत मिलने के बाद घर लौटाया गया।
इसके बाद सोमवार दोपहर नेपानगर के न्यू कॉलोनी में नेपा लिमिटेड के मकान में रहने वाले बर्मन ने अचानक खुद को गोली मार ली। गोली की तेज आवाज सुनकर पूरे इलाके में दहशत फैल गई। पड़ोसी और परिजन दौड़े-दौड़े पहुंचे, तो बर्मन खून से लथपथ पड़े थे। परिवार ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
नेपानगर थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि गोली उनके लाइसेंसी रिवॉल्वर से चली, जो वन विभाग की ड्यूटी के लिए जारी की गई थी। पुलिस का कहना है कि कोई बाहरी हमला नहीं लग रहा, बल्कि यह आत्महत्या ही है। लेकिन सुसाइड नोट की वजह से मामला और जटिल हो गया है।
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वायरल सुसाइड नोट में 5 लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे सुसाइड नोट में बर्मन ने पांच लोगों – जिनमें वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कुछ स्थानीय प्रभावशाली व्यक्ति शामिल बताए जा रहे हैं – पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नोट में दावा किया गया है कि रिश्वत के मामले में उन्हें फंसाया गया और विभाग में ऊपर से दबाव बनाया जा रहा था।
उन्होंने लिखा है कि “भ्रष्टाचार का जाल इतना गहरा है कि ईमानदार आदमी जीवित नहीं रह सकता।” हालांकि, पुलिस और लोकायुक्त अधिकारियों ने अभी तक नोट की सत्यता की पुष्टि नहीं की है। नेपानगर थाने के इंस्पेक्टर ने कहा, “नोट की जांच फोरेंसिक टीम कर रही है। अगर यह असली साबित हुआ, तो नई FIR दर्ज होगी।”
