Delhi Sewer Cleaning Accident : दिल्ली। नई दिल्ली के अशोक विहार में एक दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया। देर रात करीब 12 बजे एक अपार्टमेंट के पास सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैस निकलने से 40 वर्षीय सफाई कर्मचारी अरविंद की मौत हो गई। इस हादसे में तीन अन्य कर्मचारी भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मंगलवार देर रात अशोक विहार में एक अपार्टमेंट के पास सीवर सफाई का काम चल रहा था। इस दौरान अचानक सीवर से जहरीली गैस निकली, जिसने वहां काम कर रहे कर्मचारियों को अपनी चपेट में ले लिया। 40 साल के अरविंद इस हादसे में जान गंवा बैठे, जबकि तीन अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से बीमार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं और प्रभावित कर्मचारियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन अरविंद को बचाया नहीं जा सका। इस हादसे ने न केवल उनके परिवार को सदमे में डाल दिया, बल्कि सफाई कर्मचारियों की जिंदगी के जोखिमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
सीवर से जहरीली गैस निकलने का कारण
सीवर सफाई के दौरान जहरीली गैस निकलना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसके पीछे वैज्ञानिक कारण हैं। सीवर सिस्टम में मल, मूत्र, खाद्य अपशिष्ट और अन्य कार्बनिक पदार्थ बैक्टीरिया द्वारा ऑक्सीजन की कमी में सड़ते हैं, जिससे हाइड्रोजन सल्फाइड (H₂S), मीथेन (CH₄), और कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) जैसी खतरनाक गैसें बनती हैं।
इनमें हाइड्रोजन सल्फाइड सबसे ज्यादा जहरीली होती है, जिसकी गंध सड़े हुए अंडे जैसी होती है और यह कुछ ही सेकंड में जानलेवा हो सकती है। इसके अलावा, सीवर में डिटर्जेंट, औद्योगिक अपशिष्ट और रासायनिक पदार्थों की प्रतिक्रिया से अमोनिया (NH₃) और क्लोरीन जैसे यौगिक भी बनते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए घातक हैं।
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सीवरों में अपर्याप्त वेंटिलेशन और पुराने ढांचे इस समस्या को और गंभीर बनाते हैं। कर्मचारियों को अक्सर बिना उचित सुरक्षा उपकरणों, जैसे गैस मास्क या ऑक्सीजन सिलेंडर, के काम करने के लिए मजबूर किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप ऐसी त्रासदियां होती हैं।