Latest

MP News : नर्मदापुरम में DAP-यूरिया कालाबाजारी का खुलासा, तहसीलदार ने पकड़ा, अफसरों की 4 सदस्यीय टीम जांच में

Fertilizer black marketing in Narmadapuram

Narmadapuram Fertilizer Black Marketing : नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश। नर्मदापुरम जिले के बांद्राभान रोड पर घानाबाड़ के पास स्थित मोहन खंडेलवाल की दुकान से कालाबाजारी के शक में जब्त डीएपी और यूरिया के स्टॉक की जांच तेज हो गई है। एसडीएम नीता कोरी ने 11 सितंबर को इसकी जांच के लिए चार सदस्यीय दल गठित किया था। शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे यह टीम दुकान पर पहुंची।

बीते 3 सितंबर से सील लगी दुकान की ताला खुलवाकर टीम ने 170 बोरियों का स्टॉक चेक किया, जिसमें यूरिया की 78 बोरी और डीएपी की 92 बोरी शामिल हैं। दुकानदार से खरीद संबंधी दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई। लगभग एक घंटे की जांच के बाद दुकान में फिर ताला लगाकर सील कर दी गई। यह कार्रवाई नर्मदापुरम में किसानों की खाद किल्लत के बीच एक बड़ा कदम है, जहां कई किसान लंबी कतारों में परेशान हो रहे हैं।

MP News : आदिवासियों का उग्र विरोध, अभयारण्य-बांध प्रोजेक्ट से विस्थापन के खिलाफ हरदा-बैतूल में धरना

जिले में डीएपी और यूरिया की कमी से किसान खरीफ सीजन में फसल बोने के लिए तरस रहे हैं। इसी बीच कुछ दुकानदार मौके का फायदा उठाकर कालाबाजारी कर रहे हैं। 3 सितंबर को इसी शक पर एसडीएम नीता कोरी के निर्देश पर ग्रामीण तहसीलदार दिव्यांशु नामदेव ने घानाबाड़ दुकान पर छापा मारा था। छापे में पता चला कि दुकान पर अवैध तरीके से खाद अधिक दामों पर बेची जा रही थी।

मौके पर 170 बोरी जब्त की गई और दुकान को राजस्व अधिकारी (आरआई) व पटवारियों की मौजूदगी में सील कर दिया गया। दुकानदार मोहन खंडेलवाल ने खुद स्वीकार किया कि उसने डबल लॉक गोदाम नर्मदापुरम से डीएपी और यूरिया खुद के उपयोग के लिए खरीदा था लेकिन कुछ किसानों को 300 रुपये प्रति बोरी के दाम पर बेचकर ‘मदद’ की।

Raisen News : रात में सड़कों पर गायों का ‘चमकदार’ पहरा, रायसेन में हिंदू युवा संगठन की अनोखी पहल से बचेगी जान

अब जांच टीम दो मुख्य सवालों पर फोकस कर रही है:
– अगर दुकानदार का उद्देश्य किसानों की मदद करना था, तो निर्धारित दाम से ज्यादा पैसे क्यों वसूले?
– क्या उसके पास डीएपी और यूरिया बेचने का वैध लाइसेंस है?

अगर लाइसेंस नहीं मिला, तो एफआईआर दर्ज हो सकती है। कृषि उप संचालक जे.आर. हेडाऊ ने बताया कि कालाबाजारी के शक में ग्रामीण तहसीलदार ने स्टॉक जब्त किया। जांच दल में ग्रामीण तहसीलदार दिव्यांशु नामदेव, सहकारिता निरीक्षक आर.के. कातुलकर, कृषि विभाग के एसएडीओ राजकुमार उइके और पटवारी यशवंत कुमार शामिल हैं। हेडाऊ ने कहा, “खाद बेचने की जानकारी सामने आई है।

Robotic Surgery : भोपाल AIIMS में शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी, 30 करोड़ की लागत में लगेगा दुनिया का सबसे एडवांस रोबोटिक सिस्टम

अगर लाइसेंस नहीं है, तो अपराधिक मामला दर्ज होगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर वैधानिक कार्रवाई होगी।” यह जांच नर्मदापुरम जैसे जिलों में खाद संकट की पृष्ठभूमि में हो रही है, जहां किसान लंबी कतारों में टोकन के लिए तरस रहे हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों को चेतावनी दी थी कि खाद वितरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *