हरदा। मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग ने माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा जारी कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के टाइम टेबल के बाद शिक्षकों को बेहतर रिजल्ट सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। त्रैमासिक परीक्षा के परिणाम आने के बाद, 25 सितंबर 2025 तक सभी शिक्षकों को अपनी योजना जमा करनी होगी।
इस योजना में कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान, सुधारात्मक कक्षाओं का आयोजन, और विषयवार समीक्षा शामिल होगी। जिला शिक्षा अधिकारी डीएस रघुवंशी ने बताया कि परीक्षा परिणाम का आकलन कर स्कूलवार समीक्षा होगी, जिसमें शिक्षकों को कमजोर बच्चों पर फोकस करने और परीक्षा पैटर्न के आधार पर पढ़ाई करने के निर्देश दिए जाएंगे।
शिक्षा विभाग का लक्ष्य पिछले साल के रिजल्ट से बेहतर प्रदर्शन करना है। 2026 की 12वीं परीक्षा 7 फरवरी से 3 मार्च तक और 10वीं की 11 फरवरी से 2 मार्च तक होगी। महज पांच महीने शेष रहने के कारण हर स्कूल को अपनी रणनीति स्पष्ट करनी होगी।
योजना में छात्रवार डाटा, कमजोर छात्रों पर फोकस, विषयवार समीक्षा, परीक्षा पैटर्न आधारित अध्यापन, और मॉनिटरिंग का उल्लेख अनिवार्य है। संयुक्त संचालक स्तर के अधिकारी कार्ययोजना की समीक्षा करेंगे। विभाग ने स्कूल, शिक्षकों, अतिथि शिक्षकों और प्राचार्यों की जिम्मेदारी तय कर दी है। अगर कोई स्कूल लापरवाही बरतेगा तो जवाबदेही तय होगी।
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जिला शिक्षा अधिकारी डीएस रघुवंशी ने कहा कि त्रैमासिक परीक्षा अगले हफ्ते समाप्त हो जाएगी, उसके बाद रिजल्ट का विश्लेषण होगा। फिर स्कूलों में शिक्षण की स्थिति का पता चलेगा। अच्छा रिजल्ट देने के लिए कार्ययोजना मांगी गई है। हरदा के स्कूलों में अब शिक्षकों पर दबाव बढ़ेगा, लेकिन अगर योजना सही ढंग से लागू हुई, तो रिजल्ट में सुधार की उम्मीद है।