Minor Girl Missing from Vidisha Found on Pakistan Border : विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के शमसाबाद से दो साल पहले लापता हुई 16 वर्षीय नाबालिग को पाकिस्तान बॉर्डर से विदिशा पुलिस ने बरामद किया है। ऑपरेशन मुस्कान के तहत मिली इस सफलता ने मानव तस्करी के एक बड़े रैकेट की ओर इशारा किया है। बच्ची को मजदूरी के बहाने गुजरात, राजस्थान और अन्य राज्यों में ले जाया गया, जहां उसके साथ शारीरिक शोषण भी हुआ।
ये है पूरा मामला
दरअसल, बीते साल 2023 में शमसाबाद थाना क्षेत्र से 16 साल की बच्ची अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन दो साल तक कोई सुराग नहीं मिला। ऑपरेशन मुस्कान के तहत विदिशा पुलिस ने बच्ची को पाकिस्तान बॉर्डर के पास मजदूरी करते हुए बरामद किया।
यह सफलता 4 सितंबर 2025 को मिली। विशाल अहिरवार नामक व्यक्ति ने बच्ची को टनल प्रोजेक्ट के बहाने बहला-फुसलाकर ले गया। उसने बच्ची को गुजरात, राजस्थान, और अन्य राज्यों में ले जाकर मजदूरी कराई और शारीरिक शोषण किया।
एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि दो साल पहले दर्ज शिकायत के बाद पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की। तकनीकी संसाधनों, मोबाइल ट्रैकिंग, और मुखबिरों की मदद से बच्ची का पता लगाया गया।
विशाल अहिरवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 370 (मानव तस्करी), 376 (बलात्कार), और POCSO एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एएसपी ने कहा, “पूछताछ जारी है और नए खुलासों के आधार पर धाराएं बढ़ाई जाएंगी।”बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। उसे परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
ऑपरेशन मुस्कान का योगदान
ऑपरेशन मुस्कान गृह मंत्रालय की एक पहल है, जिसका उद्देश्य लापता बच्चों को खोजना और उनके परिवारों से मिलाना है। विदिशा पुलिस ने इस अभियान के तहत तकनीकी संसाधनों और अंतरराज्यीय समन्वय का उपयोग किया। 2025 में मध्य प्रदेश में ऑपरेशन मुस्कान के तहत सैकड़ों बच्चों को बरामद किया गया है, जिसमें शमसाबाद का यह मामला प्रमुख है।