Who is Harmeet Singh Pathanmajra : चंडीगढ़। पंजाब की सियासत में हलचल मच गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) की अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ चुकी है। सनौर से AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पर सवाल उठाए, जिसके बाद उन पर कार्रवाई हुई। पंजाब पुलिस ने मंगलवार 2 सितंबर को हरियाणा के पटियाला में उन्हें एक पुराने बलात्कार मामले में गिरफ्तार किया, लेकिन हरमीत ने पुलिस को चकमा देकर हिरासत से फरार हो गए। इस दौरान पुलिस पर फायरिंग की खबरें भी सामने आईं, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हुआ। आइये जानते हैं आखिर कौन हैं AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और क्या है पूरा मामला…।
कौन हैं हरमीत सिंह पठानमाजरा?
46 वर्षीय हरमीत सिंह पठानमाजरा पटियाला के सनौर से AAP के विधायक हैं। 2022 पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के हरिंदर पाल सिंह चंदूमाजरा को करीब 50,000 वोटों से हराया था। उनका राजनीतिक सफर विवादों से भरा रहा है।
1994 में अकाली दल से शुरूआत करने वाले हरमीत मनप्रीत बादल की पार्टी, कांग्रेस, और पंजाब एकता पार्टी से होकर 2020 में AAP में शामिल हुए। हाल ही में उन्होंने पंजाब बाढ़ संकट के लिए सिंचाई विभाग के प्रधान सचिव कृष्ण कुमार को जिम्मेदार ठहराया और भगवंत मान सरकार की आलोचना की।
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कोर्ट ले जाने के दौरान की भागने की कोशिश
2 सितंबर 2025 को हरियाणा के करनाल में पटियाला पुलिस ने हरमीत को एक पुराने बलात्कार मामले में गिरफ्तार किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन्हें कोर्ट में पेश करने ले जाया जा रहा था, तभी उन्होंने सफेद SUV में भागने की कोशिश की। इस दौरान कथित तौर पर उनके समर्थकों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।
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बलात्कार और धोखाधड़ी के आरोप
जीरकपुर की एक महिला ने हरमीत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने दावा किया कि हरमीत ने खुद को तलाकशुदा बताकर उसके साथ संबंध बनाए और 2021 में शादीशुदा होने के बावजूद उससे शादी की।
महिला ने यौन शोषण, धमकियों, और अश्लील सामग्री भेजने का आरोप लगाया। पटियाला के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में IPC धारा 376 (बलात्कार), 420 (धोखाधड़ी), और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज हुआ।
AAP नेतृत्व पर सवाल
हरमीत ने फेसबुक लाइव में AAP की दिल्ली इकाई पर उनकी आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “दिल्लीवाले पंजाब पर हावी हो रहे हैं। मेरी आवाज को दबाने के लिए यह केस दर्ज किया गया।”
इससे पहले, उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई थी और उनके क्षेत्र के SHO बदल दिए गए थे। माना जा रहा है कि, यह मामला पंजाब की सियासत में तूफान ला सकता है। AAP की अंदरूनी कलह और दिल्ली-पंजाब नेतृत्व के बीच तनाव अब खुलकर सामने आ रहा है।
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