Bhopal News : पुलिस ने नहीं काटा ऑनलाइन चालान तो भिड़ गए वाहन चालक, जमकर हंगामा

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Bhopal News : मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल के बैरागढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस की वाहन चेकिंग के दौरान एक विवाद सामने आया है। यह मामला हेलमेट नहीं पहनने और संभावित शराब पीने के शक से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वाहन चालक और पुलिस कर्मियों के बीच बहस होती दिख रही है। Sehore Accident : सब इंस्पेक्टर की थार ने कुचले 4 लोग, एक की मौत, भीड़ ने घेरा बैरागढ़ पुलिस टीम नियमित वाहन जांच कर रही थी। इस दौरान एक वाहन चालक को हेलमेट नहीं पहनने के कारण रोका गया। पुलिस ने चालान काटने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन वाहन चालक ने साफ कह दिया कि वे सिर्फ ऑनलाइन चालान स्वीकार करेंगे। पुलिस अगर ऑफलाइन या मौके पर चालान काटना चाहे तो वे तैयार नहीं हैं। इस बात पर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। वीडियो में साफ सुनाई दे रहा है कि वाहन चालक बार-बार ऑनलाइन चालान काटने की मांग कर रहे हैं। Raisen Hospital Cockroaches : जिला अस्पताल में कॉकरोच, नोटिस जारी- पेस्ट कंट्रोल शुरू उनका तर्क है कि नियम के मुताबिक चालान डिजिटल तरीके से ही होना चाहिए। पुलिस कर्मी उन्हें समझाने की कोशिश करते दिख रहे हैं, लेकिन बात नहीं बन पाई। इसके अलावा विवाद की एक और वजह सामने आई। पुलिस को वाहन चालक पर शराब पीने का शक हुआ। पुलिस ने सामान्य जांच की बात कही, लेकिन चालक ने कहा कि अगर शराब की पुष्टि करनी है तो ब्रेथ एनालाइजर मशीन से चेक किया जाए। बिना मशीन के वे कोई आरोप स्वीकार नहीं करेंगे। Bhopal Firing Case : पुरानी रंजिश का खौफनाक बदला, शादी से लौट रहे युवक पर की फायरिंग इस पर भी दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई। यह पूरी घटना बैरागढ़ इलाके में हुई। आसपास के लोग जमा हो गए और किसी ने इसका वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। यहां देखिये वीडियो

Sehore Accident : सब इंस्पेक्टर की थार ने कुचले 4 लोग, एक की मौत, भीड़ ने घेरा

Sehore Accident

Sehore Accident : सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में इंदौर-भोपाल हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। शुक्रवार शाम तेज रफ्तार से आ रही थार गाड़ी ने चार लोगों को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। गाड़ी चला रही थीं आष्टा थाने में तैनात महिला सब इंस्पेक्टर किरण राजपूत। हादसे के बाद उनका एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे बार-बार कहती सुनाई दे रही हैं कि उन्हें जाने दिया जाए क्योंकि मम्मी-पापा भोपाल में इंतजार कर रहे हैं। Raisen Hospital Cockroaches : जिला अस्पताल में कॉकरोच, नोटिस जारी- पेस्ट कंट्रोल शुरू हादसा बिलकिसगंज चौराहे के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एसआई किरण राजपूत आष्टा से भोपाल की दिशा में जा रही थीं। उनकी लाल रंग की थार ने पहले सड़क किनारे कंबल बेच रहे दो विक्रेताओं को जोरदार टक्कर मारी। इसके बाद गाड़ी अनियंत्रित हो गई और आगे दो बाइक सवारों को भी अपनी चपेट में ले लिया। घायलों में उज्जैन के कंबल विक्रेता वकील (28 साल) और लखन (16 साल), तथा भोपाल के हृदेश राजोरिया (40 साल) और उनके रिश्तेदार विजय शर्मा (46 साल) शामिल हैं। सभी को गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर जुटी भीड़ ने एसआई की गाड़ी रोक ली और उन्हें घेर लिया। Shivraj Singh Chouhan Security : शिवराज सिंह चौहान को खतरा! इनपुट के बाद Z+ सुरक्षा और मजबूत लोग चाहते थे कि एसआई खुद घायलों को अस्पताल पहुंचाएं और उनका इलाज कराएं लेकिन वीडियो में एसआई बार-बार यही कहती दिखीं कि उन्हें जाने दिया जाए क्योंकि घर पर माता-पिता इंतजार कर रहे हैं। यह विवाद करीब एक घंटे तक चला। आखिरकार डायल-112 की टीम आई और घायलों को अस्पताल ले जाया गया। गंभीर हालत में सभी घायलों को भोपाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान विजय शर्मा ने दम तोड़ दिया। बाकी तीन घायलों का इलाज जारी है। Betul Cyber ​​Fraud : करोड़ो की साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार मामले में लापरवाही सामने आने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। सीएसपी डॉ. अभिनंदना शर्मा ने बताया कि थार चलाने वाली सब इंस्पेक्टर किरण राजपूत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए एसआई किरण राजपूत को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। उन्हें रक्षित केंद्र सीहोर अटैच कर दिया गया है। प्राथमिक जांच की जिम्मेदारी नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) सीहोर को सौंपी गई है।

Raisen Hospital Cockroaches : जिला अस्पताल में कॉकरोच, नोटिस जारी- पेस्ट कंट्रोल शुरू

Collector Inspects Raisen Hospital After Cockroaches And Insects Are Found

Raisen Hospital Cockroaches : रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन जिला अस्पताल में कॉकरोच और अन्य कीड़ों की मौजूदगी की खबरें सामने आने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। डिजिटल मीडिया पर यह मामला प्रमुखता से उजागर होने के बाद जिला कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा शुक्रवार देर शाम खुद अस्पताल पहुंचे और निरीक्षण किया। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) और सिविल सर्जन को सख्त हिदायतें दीं। Shivraj Singh Chouhan Security : शिवराज सिंह चौहान को खतरा! इनपुट के बाद Z+ सुरक्षा और मजबूत कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सभी सुविधाएं और व्यवस्थाएं ठीक रखी जाएं। वार्डों में नियमित रूप से दौरा किया जाए और सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल के कई वार्डों का जायजा लिया। वे वहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मिले और उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। मरीजों ने भी अपनी बातें रखीं। Bhopal Firing Case : पुरानी रंजिश का खौफनाक बदला, शादी से लौट रहे युवक पर की फायरिंग यह पूरा मामला 11 दिसंबर को जिला बाल कल्याण समिति की शिकायत से शुरू हुआ। समिति के सदस्यों ने अस्पताल का दौरा किया और प्रसूति वार्ड, शिशु वार्ड, मरीजों के खाने की जगह और वाटर कूलर में कॉकरोच व अन्य कीड़े देखे। इसकी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी गई। शिकायत मिलते ही अधिकारियों ने जांच शुरू की और लापरवाही पाई गई। लापरवाही के लिए मैटरनिटी वार्ड की इंचार्ज सरस्वती और शिशु वार्ड की इंचार्ज शबाना खान को कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया है। उन्हें तीन दिनों के अंदर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। Betul Cyber ​​Fraud : करोड़ो की साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार सफाई की जिम्मेदारी संभालने वाले चार सुपरवाइजरों – राजा, अमित, सादिक और रघुराज – को चेतावनी पत्र जारी किए गए हैं। प्रशासन ने कहा कि आगे ऐसी गलती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए पेस्ट कंट्रोल करने वाली कंपनी मैट्रिक इंटरप्राइजेज को तुरंत अस्पताल बुलाया गया है। कंपनी को पूरे अस्पताल में कीट नियंत्रण का काम करने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन का जोर है कि अस्पताल में स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए और मरीजों को बेहतर सुविधा मिले।

Shivraj Singh Chouhan Security : शिवराज सिंह चौहान को खतरा! इनपुट के बाद Z+ सुरक्षा और मजबूत

Shivraj Singh Chouhan Security

Shivraj Singh Chouhan Security : भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिले नए खुफिया इनपुट के आधार पर केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है। पहले से Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त कर रहे शिवराज सिंह चौहान के लिए अब अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। यह फैसला शुक्रवार देर रात लिया गया। गृह मंत्रालय ने मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (सुरक्षा) और मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को स्पष्ट निर्देश भेजे हैं। इन निर्देशों में कहा गया है कि मंत्री की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। सभी संबंधित अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। Bhopal Firing Case : पुरानी रंजिश का खौफनाक बदला, शादी से लौट रहे युवक पर की फायरिंग भोपाल में शिवराज सिंह चौहान का सरकारी आवास 74 बंगला क्षेत्र में बी-8 नंबर पर है। यहां पुलिस ने आवास के चारों ओर अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगा दी है। देर रात तक पुलिस कर्मी तैनात किए गए और निगरानी बढ़ा दी गई। इसी तरह दिल्ली में उनके सरकारी निवास के बाहर भी सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है। दोनों शहरों में स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल मिलकर काम कर रहे हैं। Betul Cyber ​​Fraud : करोड़ो की साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार शिवराज सिंह चौहान को लंबे समय से Z+ कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है, जिसमें एनएसजी कमांडो और अन्य विशेष सुविधाएं शामिल हैं लेकिन नए इनपुट मिलने के बाद केंद्र ने इसे और सख्त बनाने का फैसला किया। इनपुट की प्रकृति के बारे में आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी संभावित खतरे की आशंका पर आधारित है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब शिवराज सिंह चौहान केंद्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे कृषि मंत्रालय के साथ-साथ ग्रामीण विकास मंत्रालय भी देख रहे हैं। Ujjain Simhastha 2028 : CM यादव की घोषणा, सिंहस्थ में क्षिप्रा में ही अखाड़े साधु संत और श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी उनकी सक्रियता और जनसंपर्क को देखते हुए सुरक्षा की जरूरत हमेशा बनी रहती है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

Bhopal Firing Case : पुरानी रंजिश का खौफनाक बदला, शादी से लौट रहे युवक पर की फायरिंग

Bhopal Firing Incident

Bhopal Firing Case : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी क्षेत्र में पुरानी रंजिश ने एक बार फिर खूनी रंग ले लिया। शुक्रवार देर रात शादी के रिसेप्शन से परिवार के साथ लौट रहे एक युवक पर चार बदमाशों ने कार रोककर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने तीन से अधिक राउंड फायरिंग की, जिसमें युवक के पेट और पैर में गोलियां लगीं। बचाव में आई पत्नी और बहन को भी चाकू मारकर घायल कर दिया गया। इलाके में इस वारदात से दहशत का माहौल है। Betul Cyber ​​Fraud : करोड़ो की साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार घायल युवक की पहचान 28 वर्षीय दानिश अली के रूप में हुई है। वह रेलवे में पार्सल ठेकेदारी का काम करता है और स्टेशन बजरिया इलाके का रहने वाला है। दानिश पर पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना की जड़ एक दिन पहले की है। गुरुवार को एक कार्यक्रम में दानिश की स्थानीय बदमाश रूसी से बहस हो गई थी। बहस के दौरान दानिश ने अपशब्द कहे, तो रूसी ने सभी के सामने जान से मारने की धमकी दी। रूसी ने कहा था कि 24 घंटे के अंदर सबक सिखा देगा। यह धमकी शुक्रवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे सच साबित हुई। Vikramaditya Gate : CM मोहन यादव आज भोपाल-इंदौर हाईवे पर बनाएंगे विक्रमादित्य द्वार, उज्जैन जैसी होगी डिजाइन दानिश अपनी पत्नी रिमशा, बहन और बच्चों के साथ ईंटखेड़ी के एक गार्डन में हुए रिसेप्शन से कार से लौट रहा था। रास्ते में ईंटखेड़ी थाना क्षेत्र में ही रूसी और उसके तीन साथियों ने अपनी कार आगे लगाकर दानिश की गाड़ी रोक ली। कार रुकते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पहले दो राउंड गोलियां मिस हुईं, लेकिन इसके बाद दानिश के पेट और पैर में गोली लग गई। फायरिंग के बाद हमलावरों ने चाकू और छुरे से भी ताबड़तोड़ वार किए। कार में मौजूद पत्नी और बहन ने दानिश को बचाने की कोशिश की, तो बदमाशों ने उनके हाथों पर चाकू मार दिए। दोनों महिलाएं भी घायल हो गईं। सरेराह हुई इस घटना से आसपास के लोग सहम गए। हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। Pipariya embezzlement case : छात्रवृत्ति-एरियर्स घोटाले में ऑपरेटर ने रिश्तेदारों के खाते में ट्रांसफर, जेडी ने बीईओ को दी धमकी परिजनों ने किसी तरह दानिश को चिरायु अस्पताल मालीपुरा पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने देर रात तक ऑपरेशन करके पेट और पैर में फंसी गोलियां निकालीं। दानिश की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। पुलिस को सूचना मिलते ही टीम अस्पताल पहुंची और परिजनों के बयान दर्ज किए। इसके आधार पर पुलिस ने शंन्नू वजनदार, जुबैर किलकिल, फरदीन, शहवेज और एक अन्य आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। AYUSH NEXT Test Protest : आयुष छात्रों का नेक्स्ट टेस्ट विरोध तेज, सड़क पर उतरे 40 हजार छात्र सभी आरोपी स्टेशन बजरिया और ऐशबाग थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस की टीमें उनके संभावित ठिकानों पर छापे मार रही हैं, लेकिन अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

Vikramaditya Gate : CM मोहन यादव आज भोपाल-इंदौर हाईवे पर बनाएंगे विक्रमादित्य द्वार, उज्जैन जैसी होगी डिजाइन

Vikramaditya Gate

Vikramaditya Gate : भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास को एक साथ बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठने वाला है। आज यानी 13 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे पर सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार का भूमिपूजन करेंगे। यह द्वार उज्जैन में मौजूद प्रसिद्ध विक्रमादित्य द्वार की तरह ही भव्य और आकर्षक होगा। द्वार की डिजाइन पहले से ही तय हो चुकी है और यह प्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बनेगा। Betul Cyber ​​Fraud : करोड़ो की साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार यह कार्यक्रम शासकीय महाराणा प्रताप स्कूल परिसर, फंदा में आयोजित होगा। इसी जगह पर मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के लिए आधुनिक डिपो के निर्माण का भी भूमिपूजन करेंगे। इससे भोपाल के सार्वजनिक परिवहन को नई गति मिलेगी और पर्यावरण-अनुकूल बसें शहर की सड़कों पर दौड़ेंगी। हुजूर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भूमिपूजन से एक दिन पहले यानी शुक्रवार को उन्होंने आयोजन स्थल का दौरा किया और सभी तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके। MP Breaking News : मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र 17 दिसंबर को, सरकार के दो साल पर चर्चा यह आयोजन डॉ. मोहन यादव सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। विधायक शर्मा ने कहा कि पिछले दो सालों में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने विकास, अच्छे शासन और जनकल्याण के क्षेत्र में कई नई ऊंचाइयां छुई हैं। सरकार का ध्यान जहां समग्र विकास और लोगों की सेवा पर है, वहीं प्रदेश की पुरानी विरासत को बचाने और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने पर भी पूरा जोर है। भोपाल-इंदौर मार्ग पर बनने वाला यह स्वागत द्वार विकसित मध्यप्रदेश की महत्वाकांक्षा और सांस्कृतिक गौरव दोनों को दर्शाएगा। इससे शहर में आने वाले यात्रियों को प्रदेश की समृद्ध इतिहास की झलक मिलेगी। AYUSH NEXT Test Protest : आयुष छात्रों का नेक्स्ट टेस्ट विरोध तेज, सड़क पर उतरे 40 हजार छात्र साथ ही, ई-बस डिपो से शहर का परिवहन व्यवस्था अधिक आधुनिक और हरित बनेगी। यह दोनों परियोजनाएं भोपाल को एक नया रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सरकार की इन पहलों से स्थानीय लोग काफी उत्साहित हैं। यह कार्यक्रम न केवल विकास का प्रतीक है बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम भी बनेगा।

Betul Cyber ​​Fraud : करोड़ो की साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

Betul Cyber ​​Fraud

Betul Cyber ​​Fraud : बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में साइबर ठगी का एक बड़ा नेटवर्क पकड़ा गया है। पुलिस ने 9.84 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश करते हुए इंदौर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह ने प्रधानमंत्री जनधन योजना के खातों का दुरुपयोग किया, जिसमें एक मृत व्यक्ति का खाता भी शामिल था। बैंक के एक अस्थायी कर्मचारी की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा था। Pipariya embezzlement case : छात्रवृत्ति-एरियर्स घोटाले में ऑपरेटर ने रिश्तेदारों के खाते में ट्रांसफर, जेडी ने बीईओ को दी धमकी मामला तब खुला जब खेड़ी सावलीगढ़ के मजदूर बिसराम इवने अपने जनधन खाते का केवाईसी कराने बैंक पहुंचे। उन्हें खाते में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन दिखे। शिकायत पर बैतूल पुलिस और साइबर सेल ने जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि सात अलग-अलग खातों से 9 करोड़ 84 लाख 95 हजार रुपये की हेराफेरी हुई। पुलिस ने इंदौर में दो ठिकानों पर छापा मारकर राजा उर्फ आयुष चौहान (28, बैतूल), अंकित राजपूत (32, इंदौर) और नरेंद्र सिंह राजपूत (24, इंदौर) को गिरफ्तार किया। आरोपियों से 15 मोबाइल फोन (25 सिम सहित), 21 एटीएम कार्ड, 11 पासबुक, 7 चेकबुक, 2 पीओएस मशीन, 2 लैपटॉप, 1 राउटर, 28 हजार नकद और लेनदेन की डायरी जब्त की गई। Pipariya embezzlement case : छात्रवृत्ति-एरियर्स घोटाले में ऑपरेटर ने रिश्तेदारों के खाते में ट्रांसफर, जेडी ने बीईओ को दी धमकी जांच में सामने आया कि गिरोह बैंक कर्मचारी की मदद से खातों की गोपनीय जानकारी हासिल करता था। दस्तावेजों में फेरबदल कर एटीएम और पासबुक जारी करवाते थे। मृत व्यक्ति का खाता भी एक्टिव कर इस्तेमाल किया गया। ठगी का पैसा इन खातों में आता और तुरंत निकाला जाता। Pandit Pradeep Mishra fraud : पंडित प्रदीप मिश्रा ने की 36 लाख ठगी ! गुमला ट्रस्ट ने दर्ज की शिकायत बैतूल एसपी वीरेंद्र जैन ने बताया कि टीम ने तकनीकी दक्षता से इस जटिल मामले का राज खोला। फोरेंसिक जांच जारी है। बाहरी नेटवर्क और फंडिंग की तलाश की जा रही है। जिले में साइबर मॉनिटरिंग सख्त कर दी गई है।

MP Breaking News : मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र 17 दिसंबर को, सरकार के दो साल पर चर्चा

MP Assembly Budget Session

MP Legislative Assembly Special Session : भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 17 दिसंबर बुधवार का आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में सरकार की योजनाओं और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने जानकारी दी है कि राज्य की 16वीं विधानसभा का एक दिवसीय अष्टम सत्र बुधवार, 17 दिसंबर 2025 को आयोजित किया जाएगा। सत्र सुबह 11 बजे से शुरू होगा। इसके लिए राज्यपाल की मंजूरी के बाद आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।

Pipariya embezzlement case : छात्रवृत्ति-एरियर्स घोटाले में ऑपरेटर ने रिश्तेदारों के खाते में ट्रांसफर, जेडी ने बीईओ को दी धमकी

Pipariya embezzlement case

Pipariya Embezzlement Case : नर्मदापुरम। पिपरिया ब्लॉक में शिक्षकों के एरियर्स और छात्रवृत्ति राशि में हुए 9 लाख रुपये के गबन के मामले में डाटा एंट्री ऑपरेटर के खिलाफ FIR दर्ज न होने पर लोक शिक्षण संयुक्त संचालक (जेडी) मनीष वर्मा ने 9 दिसंबर को थाने को नया पत्र लिखा। पत्र में साफ चेतावनी दी गई है कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना और दायित्वों में लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। AYUSH NEXT Test Protest : आयुष छात्रों का नेक्स्ट टेस्ट विरोध तेज, सड़क पर उतरे 40 हजार छात्र ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) एसएल रघुवंशी ने बताया कि हमने 2 मई 2025 को सभी दस्तावेज मंगलवारा थाना प्रभारी को सौंप दिए थे। लेकिन थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी का कहना है कि उन्हें बीईओ कार्यालय से अब तक कोई पत्र या दस्तावेज नहीं मिला। इस विरोधाभास ने अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ये है गबन का पूरा मामला जांच के अनुसार, 2018 से 2024 तक पिपरिया ब्लॉक में डाटा एंट्री ऑपरेटर कमलेश कुमार अहिरवार ने शिक्षकों के एरियर्स और छात्रवृत्ति राशि में कुल 24 लाख रुपये का गबन किया। इसमें से ट्रेजरी शाखा ने 9,48,000 रुपये की पुष्टि की। अहिरवार ने अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के खातों में फर्जी ट्रांसफर किए। अगस्त 2024 में एक ही खाते में बार-बार राशि जाने पर ट्रेजरी ने शक किया और मामला पकड़ा गया। ऑपरेटर ने जांच के दौरान कुछ राशि लौटा दी और गलती स्वीकार की लेकिन एफआईआर अब तक दर्ज नहीं हुई। सूत्रों के अनुसार, अहिरवार के पास मामले से जुड़े साक्ष्य हैं, जो नए नाम उजागर कर सकते हैं। Ujjain Simhastha 2028 : CM यादव की घोषणा, सिंहस्थ में क्षिप्रा में ही अखाड़े साधु संत और श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी तीन आदेशों के बावजूद FIR अटकी कलेक्टर कार्यालय और जेडी ने 7 मार्च 2025 को पहला आदेश जारी किया। इसके बाद 24 अक्टूबर और 9 दिसंबर 2025 को दोबारा निर्देश दिए गए। फिर भी मंगलवारा थाने में शुक्रवार तक कोई दस्तावेज नहीं पहुंचा। पूर्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी को भी जांच के लिए बुलाया गया, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य कारण बताकर हाजिर नहीं हुए। अब 15 दिसंबर को वर्तमान बीईओ और सेवा निवृत्त क्लर्क अनिल कुमार अग्रवाल को जांच समिति के सामने पेश होना है। Sehore Fire Incident : बमूलिया गांव में आग का तांडव, आशा कार्यकर्ता का घर जला, हजारों का सामान खाक बीईओ रघुवंशी ने कहा, “वरिष्ठों के निर्देश पर मार्च और मई में पत्र लिखकर दस्तावेज भेजे थे। एफआईआर में देरी हमारी नहीं है।” वहीं, थाना प्रभारी त्रिपाठी ने पुष्टि की कि उन्हें कोई औपचारिक पत्र नहीं मिला। अधिकारियों पर सवाल इस गबन के दौरान दो पूर्व बीईओ और वर्तमान बीईओ पदस्थ रहे। विभाग ने तीनों के बयान लिए हैं और विभागीय जांच चल रही है। जेडी वर्मा का पत्र बीईओ कार्यालय को भी चेतावनी देता है। शिक्षा विभाग में ऐसी लापरवाही से सरकारी योजनाओं पर असर पड़ रहा है। अब 15 दिसंबर की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।

AYUSH NEXT Test Protest : आयुष छात्रों का नेक्स्ट टेस्ट विरोध तेज, सड़क पर उतरे 40 हजार छात्र

Bank Employees Protest

AYUSH NEXT Test Protest भोपाल। नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) ने देशभर के आयुष विभागों, प्रिंसिपल सेक्रेटरी, वीसी, डायरेक्टर, डीन, रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारियों को पत्र भेजकर सूचना दी है कि शैक्षणिक सत्र 2021-22 बैच के छात्रों के लिए नेशनल एग्जिट टेस्ट (NEXT) अनिवार्य होगा। यह परीक्षा मार्च 2027 में आयोजित होने की संभावना है लेकिन इस फैसले के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर विरोध की लहर तेज हो गई है। आयुष मेडिकल एसोसिएशन और निजी आयुर्वेद महाविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ ने आयुष मंत्रालय, NCISM, केंद्रीय आयुष मंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर NEXT को फिलहाल स्थगित करने की मांग की है। Ujjain Simhastha 2028 : CM यादव की घोषणा, सिंहस्थ में क्षिप्रा में ही अखाड़े साधु संत और श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी संगठनों का कहना है कि एमबीबीएस छात्रों के लिए NEXT को 2028-29 बैच से लागू करने का फैसला लिया गया है, उसी तरह आयुष छात्रों (BAMS आयुर्वेद, BUMS यूनानी, BSMS सिद्ध, सोवा-रिग्पा) के लिए भी इसे टालना चाहिए। संगठन प्रवक्ता ने बताया कि अगर मांग न मानी गई तो आवश्यकता पड़ने पर कोर्ट का रुख भी किया जाएगा। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, बिहार, उत्तराखंड, दिल्ली, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के छात्र संगठन एकजुट हो रहे हैं। Pandit Pradeep Mishra fraud : पंडित प्रदीप मिश्रा ने की 36 लाख ठगी ! गुमला ट्रस्ट ने दर्ज की शिकायत नेक्स्ट टेस्ट का क्या असर? NEXT पास करने के बाद ही आयुष स्नातकों को चिकित्सा अभ्यास के लिए लाइसेंस मिलेगा। साथ ही, यह एमडी/एमएस जैसे स्नातकोत्तर (PG) कोर्सेज में एडमिशन का सामान्य द्वार बनेगा। मार्च 2027 में होने वाली इस परीक्षा से 2021-22 बैच के करीब 40 हजार छात्र प्रभावित होंगे। ये छात्र जुलाई 2026 में अपनी फाइनल ईयर की मुख्य परीक्षा देंगे। छात्रों का सवाल है, “12वीं पास के लिए परीक्षा दी, NEET से आयुष UG में एंट्री ली, 5.5 साल की डिग्री के दौरान कई यूनिवर्सिटी एग्जाम दिए। अब स्नातक के बाद NEXT क्यों? कितनी बार योग्यता साबित करें?” देशभर में 700 से ज्यादा आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा कॉलेज और 300 होम्योपैथी संस्थान चल रहे हैं, जहां कुल 2-2.5 लाख छात्र पढ़ रहे हैं। संगठनों ने कहा कि राष्ट्रीय मेडिकल कमीशन (NMC) ने MBBS के लिए NEXT को 2025 से टालकर 2028-29 तक धकेल दिया, जिससे छात्रों को राहत मिली। अब बिना दबाव के पढ़ाई हो सकेगी। लेकिन आयुष छात्रों पर यह बोझ क्यों? यह भेदभाव है। Bhopal Fire Incident : लालघाटी चौराहे ओवरब्रिज पर लगी आग, दमकल ने बुझाने में जुटी विरोध की शुरुआत और आगे की योजना विरोध जून 2024 में जंतर-मंतर पर शुरू हुआ था, जहां छात्रों ने पुराने बैचों के लिए NEXT रद्द करने की मांग की। सितंबर 2024 में केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने घोषणा की कि NEXT 2021-22 बैच से लागू होगा। इसके बाद चेंज.ऑर्ग पर पिटिशन शुरू हुई, जिसमें रेट्रोस्पेक्टिव NEXT रद्द करने की अपील की गई। नागपुर में नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन स्टूडेंट फोरम (NIMASF) ने भी मांग उठाई। Sehore Fire Incident : बमूलिया गांव में आग का तांडव, आशा कार्यकर्ता का घर जला, हजारों का सामान खाक संगठनों ने मंत्रालय को पत्र भेजा है। अगर 15 दिनों में जवाब न मिला तो धरना-प्रदर्शन और PIL दायर करेंगे। छात्रों का कहना है कि NEXT से क्वालिटी सुधरेगी, लेकिन पुराने बैचों पर लागू करना अनुचित है। आयुष शिक्षा को मजबूत करने के लिए अन्य सुधारों पर फोकस हो। वर्जन NCISM को NMC की भांति आयुष छात्रों हेतु फिलहॉल नेशनल एग्जिट टेस्ट परीक्षा को स्थगित कर देना चाहिये। योग्यता व योग्य चिकित्सक प्राप्ति के हम विरोधी नहीं हैं, परंतु बेवजह आयुष छात्रों पर मानसिक दबाव से बेहतर है कि नेक्स्ट परीक्षा वर्ष 2028 के बाद प्रारंभ की जावे तो उचित रहेगा। हमें विश्वास है कि एनसीआईएसएम छात्रहित में कदम जरूर उठायेगा। – डॉ राकेश पाण्डेय, राष्ट्रीय प्रवक्ता, आयुष मेडिकल एसोसिएशन निजी आयुर्वेद महाविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ भी विरोध में है और हम चाहते हैं कि फिलहाल नेक्स्ट एग्जाम टाला जावे। – डॉ सुरेंद्र पटेल, अध्यक्ष , मप्र नि आयु महा शिक्षक कल्याण संघ

Ujjain Simhastha 2028 : CM यादव की घोषणा, सिंहस्थ में क्षिप्रा में ही अखाड़े साधु संत और श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी

Ujjain Simhastha 2028

Ujjain Simhastha 2028 : भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ-2028 को ऐतिहासिक बनाने के लिए शुक्रवार को एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस बार सिंहस्थ में 13 अखाड़ों के साधु-संत और करोड़ों श्रद्धालु मां क्षिप्रा के मूल जल में ही आस्था की डुबकी लगाएंगे। नर्मदा नदी का पानी तो सहायक के रूप में मिलेगा, लेकिन मुख्य स्नान क्षिप्रा के पवित्र जल में ही होगा। यह घोषणा श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह भर रही है। Pandit Pradeep Mishra fraud : पंडित प्रदीप मिश्रा ने की 36 लाख ठगी ! गुमला ट्रस्ट ने दर्ज की शिकायत सीएम ने बताया कि क्षिप्रा नदी पर कुल 29 किलोमीटर लंबे नए घाटों का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए 779 करोड़ रुपये की लागत से 29.21 किमी का रिवर फ्रंट कॉरिडोर विकसित होगा। घाटों को सदैव प्रवाहित रखने के लिए 21 बैराज बनाए जा रहे हैं। इनसे नदी में बारहमासी जल उपलब्ध रहेगा। नर्मदा का पानी आपात स्थिति में मिलाया जाएगा, लेकिन स्नान का पुण्य मूल क्षिप्रा जल से ही मिलेगा। सीएम ने जोर देकर कहा, “हमने ठान लिया है कि सिंहस्थ में साधु-संतों और भक्तों को क्षिप्रा के निर्मल जल से ही स्नान कराया जाएगा। इसके लिए व्यापक प्रबंध हो चुके हैं।” Bhopal Fire Incident : लालघाटी चौराहे ओवरब्रिज पर लगी आग, दमकल ने बुझाने में जुटी 13 अखाड़ों के महामंडलेश्वरों और संत-महात्माओं के लिए अलग से जमीनें आवंटित की गई हैं। सभी अखाड़ों को स्थायी स्थान दिए जाएंगे ताकि मेले के दौरान कोई असुविधा न हो। सीएम ने भूमिपूजन के दौरान अंगारेश्वर महादेव मंदिर में पूजन-अर्चना की। उन्होंने देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर उनके नाम का एक घाट नामित करने की भी घोषणा की। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, अखाड़ा परिषद महामंत्री हरि गिरी महाराज और सांसद अनिल फिरोजिया मौजूद रहे। Sehore Fire Incident : बमूलिया गांव में आग का तांडव, आशा कार्यकर्ता का घर जला, हजारों का सामान खाक सिंहस्थ-2028 की तैयारियां अभी से जोरों पर हैं। सरकार ने दिसंबर 2027 तक घाटों और जल संरचनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। कुल बजट 5,900 करोड़ रुपये से ज्यादा का है, जिसमें 18 विभागों के 568 प्रस्ताव मंजूर हो चुके हैं। इसमें कान्ह नदी का 30 किमी डायवर्जन (1,025 करोड़), सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी बांध (615 करोड़) और 25 बैराज (118 करोड़) शामिल हैं। इंदौर-उज्जैन मेट्रो लाइन का सर्वे भी दिल्ली मेट्रो को सौंपा गया है।

Pandit Pradeep Mishra fraud : पंडित प्रदीप मिश्रा ने की 36 लाख ठगी ! गुमला ट्रस्ट ने दर्ज की शिकायत

Pandit Pradeep Mishra fraud

Pandit Pradeep Mishra fraud : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित कुबेरेश्वर धाम के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा पर झारखंड के गुमला जिले में 36 लाख रुपये की ठगी का गंभीर आरोप लगा है। तपेश्वर महाकाल सेवा ट्रस्ट ने पंडित मिश्रा और उनकी टीम के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कथा आयोजन के नाम पर एडवांस पैसे लेने के बाद वादा पूरा न करने का दावा किया गया है। ट्रस्ट के सचिव मनोज राम विश्वकर्मा और संजय राम विश्वकर्मा ने परिवाद पत्र में पंडित प्रदीप मिश्रा सहित नौ लोगों को आरोपी बनाया है। मुख्य आरोपी में पंडित मिश्रा के भांजे समीर शुक्ला का नाम प्रमुख है। शिकायत के अनुसार, ट्रस्ट ने गुमला जिले के सिसई प्रखंड स्थित मुरगू गांव में 11 से 17 मई 2025 तक कथा का आयोजन तय किया था। कथा में प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद थी, इसलिए 107 एकड़ जमीन एक महीने के लिए लीज पर ली गई थी। Bhopal Fire Incident : लालघाटी चौराहे ओवरब्रिज पर लगी आग, दमकल ने बुझाने में जुटी ट्रस्ट ने बताया कि कथावाचन और अन्य धार्मिक क्रियाओं के लिए समीर शुक्ला ने 51 लाख रुपये की मांग की। इसमें से 36 लाख रुपये एडवांस के रूप में भुगतान कर दिया गया। लेकिन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (झारखंड में नक्सल प्रभावित इलाके में सुरक्षा अभियान) के कारण कथा स्थगित करनी पड़ी। स्थिति सामान्य होने पर ट्रस्ट ने नई तारीख मांगी, लेकिन आरोपियों ने इनकार कर दिया। ट्रस्ट सदस्यों ने 15 मई 2025 को सीहोर जाकर पंडित मिश्रा से मुलाकात की। वहां समीर शुक्ला और रंजीता वर्मा ने कहा कि एडवांस जमा है, लेकिन कथा की लिस्ट लंबी है। जैसे ही कोई तारीख कैंसिल होगी, गुमला के लिए फिक्स कर देंगे लेकिन इसके बाद कोई जवाब नहीं मिला। ट्रस्ट ने पैसे लौटाने की मांग की, लेकिन वह भी पूरी नहीं हुई। इससे नाराज ट्रस्ट ने उपभोक्ता आयोग में केस दायर किया। इंतजार खत्म, अब मेट्रो का रोमांच: मेट्रो में बैठकर भोपाल घूमेंगे देश के कई केंद्रीय मंत्री आप भी कर लीजिए तैयारी ट्रस्ट के एक सदस्य ने बताया कि कथा आयोजन के लिए भारी खर्चा हो चुका था। जमीन लीज, स्टेज सेटअप और अन्य तैयारी में लाखों रुपये लगे। अब पैसे न मिलने से आर्थिक नुकसान हो रहा है। शिकायत में धोखाधड़ी, अनुबंध उल्लंघन और उपभोक्ता अधिकारों का हनन बताया गया है। आयोग ने नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पंडित प्रदीप मिश्रा के खिलाफ पहले भी उनके नाम पर फर्जी वेबसाइट और व्हाट्सएप ग्रुप से ठगी के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन यह पहली बार है जब सीधे कथा आयोजन से जुड़ा विवाद कोर्ट पहुंचा है। कुबेरेश्वर धाम के प्रबंधन ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।