Latest

Raisen Krishi Mahotsav :11 से 13 अप्रैल तक रायसेन में ‘उन्नत कृषि महोत्सव’, आधुनिक खेती पर होगा फोकस

Krishi Mahotsav Raisen

हाइलाइट्स

  • 11-13 अप्रैल तक रायसेन में कृषि महोत्सव
  • 20 सत्रों में AI और आधुनिक खेती पर चर्चा
  • ड्रोन, सोलर पंप और पशुपालन का लाइव डेमो
  • किसानों के लिए नया कृषि रोडमैप पेश होगा

 

Krishi Mahotsav Raisen : भोपाल।  मध्यप्रदेश में कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 11 से 13 अप्रैल तक रायसेन में ‘उन्नत कृषि महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ कल होगा। इसकी जानकारी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।

LPG black marketing update : भोपाल LPG कालाबाजारी पर सख्ती, 2840 जगह छापे, 3691 सिलेंडर जब्त

उन्होंने बताया कि यह महोत्सव केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि किसानों के लिए सीखने, समझने और नई तकनीकों को अपनाने का एक बड़ा मंच बनेगा। इसमें देशभर के प्रमुख वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ और नीति-निर्माता भाग लेंगे।

दिग्गज नेताओं की मौजूदगी

महोत्सव के उद्घाटन सत्र में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल होंगे। वहीं समापन समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति प्रस्तावित है।

इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप दिया जा रहा है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कृषि विकास की दिशा तय करेंगे।

MSP wheat MP update : भोपाल में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू, पहले दिन 1616 क्विंटल का उपार्जन

20 सत्रों में आधुनिक कृषि पर चर्चा

तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में कुल 20 सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें फसल कटाई प्रबंधन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित खेती, कृषि मशीनीकरण, हॉर्टिकल्चर, इंटीग्रेटेड फार्मिंग और पशुपालन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।

इसके लिए चार बड़े सेमिनार हॉल तैयार किए गए हैं, जहां विशेषज्ञ किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी देंगे। अधिकारियों द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओं का भी प्रेजेंटेशन किया जाएगा, जिससे किसानों को सीधे लाभ मिल सके।

लाइव डेमो और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग

महोत्सव की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रैक्टिकल अप्रोच होगा। यहां किसानों को केवल सैद्धांतिक जानकारी नहीं, बल्कि लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से आधुनिक तकनीकों को समझाया जाएगा।

ड्रोन तकनीक, सोलर पंप, ग्राफ्टिंग, मछली पालन और पशुपालन के आधुनिक तरीकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। इससे किसान नई तकनीकों को आसानी से अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

Vande Mataram controversy update : इंदौर नगर निगम में बीजेपी पार्षदों ने फोजिया और रुबीना के खिलाफ FIR दर्ज कराई

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केवल अनाज उत्पादन से किसानों की आय नहीं बढ़ेगी, बल्कि इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल अपनाने से ही वास्तविक लाभ संभव है।

किसानों के लिए नया रोडमैप

महोत्सव के दौरान कृषि क्षेत्र के लिए एक नया रोडमैप भी प्रस्तुत किया जाएगा। यह रोडमैप अलग-अलग एक्रो-क्लाइमेटिक जोन के अनुसार तैयार किया गया है, जिससे क्षेत्र विशेष के हिसाब से खेती को बेहतर बनाया जा सके।

12 अप्रैल को इस रोडमैप को किसानों के सामने पेश किया जाएगा। साथ ही किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित होंगे, जिससे वे नई तकनीकों और आधुनिक खेती के तरीकों को सीख सकें।

LPG Black Marketing : भोपाल में घरेलू गैस की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा, ट्रक से सिलेंडरों की गैस गायब

अंतरराष्ट्रीय हालात का असर

प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण कृषि उत्पादों के निर्यात पर कुछ असर पड़ा है।

हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

उर्वरक कीमतों पर राहत

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर DAP और यूरिया की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन भारत में किसानों को राहत देने के लिए कीमतें नहीं बढ़ाई गई हैं। केंद्र सरकार द्वारा सब्सिडी दी जा रही है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

MP Weather update 10 april : एमपी में 10 अप्रैल से तेज गर्मी का दौर, कई जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट

‘लखपति दीदी’ योजना पर जोर

‘लखपति दीदी’ योजना के तहत अब तक करीब 3 करोड़ महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनी हैं। सरकार का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 6 करोड़ तक पहुंचाना है।

इसके लिए एक विशेष निगरानी प्रणाली बनाई गई है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि महिलाओं की आय लगातार बनी रहे और वे आर्थिक रूप से पीछे न जाएं।

ओलावृष्टि से नुकसान पर नजर

ओलावृष्टि के कारण फसलों को हुए नुकसान को लेकर भी सरकार सतर्क है। राज्यों को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।

अब तक लगभग 2.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसल नुकसान की रिपोर्ट सामने आई है, जो आगे बढ़ सकती है। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक प्रभावित किसान का सर्वे किया जाए और पंचायत स्तर पर सूची जारी की जाए।

Betul Suicide News : बैतूल जिले के टिकारी में विवाहिता की एसिड पीने के बाद मौत, इलाज के दौरान तोड़ा दम

किसानों के लिए बड़ा अवसर

यह महोत्सव किसानों के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा, जहां उन्हें आधुनिक तकनीक, सरकारी योजनाओं और नई खेती पद्धतियों की जानकारी एक ही मंच पर मिलेगी।

सरकार का मानना है कि यदि किसान तकनीक और नवाचार को अपनाते हैं, तो उनकी आय में वृद्धि के साथ-साथ कृषि क्षेत्र भी तेजी से विकसित हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *