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Phool Singh Baraiya Controversy : कांग्रेस विधायक ने ‘कुत्ते’ से की SC/ST विधायक-सांसदों की तुलना, बोले- न भौंक सकते न काट सकते

Phool Singh Baraiya Controversy

हाइलाइट्स

  • कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का विवादित बयान।
  • ST/SC विधायकों-सांसदों की कुत्ते जैसी स्थिति।
  • भोपाल डिक्लेरेशन में बोले फूल सिंह बरैया।

Phool Singh Baraiya Controversy : भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर विवादास्पद बयानबाजी ने हलचल मचा दी है। भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने 13 जनवरी को भोपाल के समन्वय भवन में आयोजित ‘भोपाल डिक्लेरेशन-2’ की ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक में अनुसूचित जाति और जनजाति (SC-ST) के विधायकों और सांसदों की स्थिति की तुलना कुत्ते से कर दी।

क्या बोले कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया

बरैया ने कहा कि जॉइंट इलेक्टोरल सिस्टम के कारण SC-ST विधायक मजबूरी में रहते हैं और खुलकर बोल भी नहीं पाते। उन्होंने कहा, “काटने की बात छोड़िए, वो कुत्ता भौंक भी नहीं पाएगा।”

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बाबा साहब अंबेडकर ने भी जॉइंट इलेक्टोरल को लेकर चिंता जताई थी। विधायक ने मांग की कि सेपरेट इलेक्टोरल सिस्टम लागू किया जाए, ताकि SC-ST समुदाय का सही प्रतिनिधित्व हो सके और बाबा साहब का सपना पूरा हो।

धर्म पर भी विवादित टिप्पणी

इसके अलावा उन्होंने आदिवासियों के धर्म पर भी विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आदिवासियों को हिंदू बनने से रोकने की कोशिश होनी चाहिए, वरना वे जिंदा ही मर जाएंगे। यदि वे सरना धर्म अपनाएं, तो उनकी मुक्ति का मार्ग निकल सकता है।

यह बयान बैठक में मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व सांसद उदित राज और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में दिया गया। बैठक दलित-आदिवासी वर्ग के लिए नया डिक्लेरेशन तैयार करने के लिए बुलाई गई थी।

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क्या है सेपरेट इलेक्टोरल

एक ऐसी चुनावी व्यवस्था है, जिसमें मतदाताओं को धर्म, जाति या वर्ग जैसे आधारों पर अलग-अलग समूहों (निर्वाचन क्षेत्रों) में बांटा जाता है, और हर समूह के लोग सिर्फ़ अपने ही समुदाय के प्रतिनिधि को चुनते हैं।

यह व्यवस्था अल्पसंख्यकों को उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए ब्रिटिश भारत में इस्तेमाल की गई थी लेकिन इसे सामाजिक विभाजन के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा और इसे खत्म कर दिया गया था।

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यहां सुनिए विधायक फूल सिंह बरैया का विवादित बयान

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