AIG Fraud Case : भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस के एडिशनल इंस्पेक्टर जनरल (AIG) सीआईडी राजेश कुमार मिश्रा पर जयपुर की एक प्रमुख फैशन डिजाइनर ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। डिजाइनर का कहना है कि फरवरी 2025 में जयपुर में पहली मुलाकात के बाद मिश्रा ने शादी का झांसा देकर आठ महीनों तक भावनात्मक और शारीरिक शोषण किया। साथ ही आर्थिक ठगी भी की, जिसमें कुल 30 लाख 59 हजार रुपए का नुकसान हुआ। लेकिन शिकायत के एक महीने बाद भी FIR दर्ज न होने से नाराज डिजाइनर ने अपने वकील के जरिए डीजीपी कैलाश मकवाणा को लीगल नोटिस भेज दिया है।
MP Raj Bhavan Renamed : PMO के बाद अब MP का राजभवन बना लोक भवन, जानिए क्यों बदला नाम
डिजाइनर ने 31 अक्टूबर 2025 को डीजीपी, मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को ईमेल से विस्तृत शिकायत भेजी थी। इसमें चैट रिकॉर्ड, फोटो, होटल बिल, ज्वेलरी और ड्रेस के बिल जैसे सारे सबूत संलग्न थे।
आरोप है कि मार्च 2025 से मिश्रा लगातार संपर्क में रहे और कई बार भोपाल, इंदौर व उज्जैन ले गए। वहां होटलों में रुककर शोषण किया। फिर सितंबर 2025 में मिश्रा अपनी पत्नी व बेटी के साथ जयपुर आए और तीन दिन रुके।
इस दौरान पत्नी ने वेलेंटाइन ज्वेलरी हाउस से 26 लाख रुपए की डायमंड ज्वेलरी खरीदी, जबकि डिजाइनर ड्रेस पर 3 लाख रुपए खर्च हुए। कुल 29 लाख का बिल डिजाइनर ने चुकाया।
मिश्रा ने भोपाल लौटकर पैसे लौटाने का वादा किया, लेकिन 6 अक्टूबर 2025 को होटल से निकलते ही नंबर ब्लॉक कर दिया। इसके अलावा, यात्राओं में 4 लाख रुपए के अन्य खर्चे भी डिजाइनर ने उठाए।
एडवोकेट वैभव गहलोत ने बताया, “सभी साक्ष्य जमा कर दिए गए हैं। CrPC की धारा 154 के तहत शिकायत मिलते ही FIR दर्ज होनी चाहिए, लेकिन हो रही देरी से लगता है कि आरोपी को ऊपरी स्तर पर संरक्षण मिल रहा है।” नोटिस में साफ चेतावनी दी गई है कि तीन दिनों में FIR दर्ज न हुई तो हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।
Betul News : सारणी में शिवराज सिंह चौहान का फूंका था पुतला, 4 साल बाद 5 कांग्रेस नेताओं को मिली राहत
डीजीपी कैलाश मकवाणा ने भास्कर को बताया कि शिकायत मिली है और पुलिस हेडक्वार्टर (PHQ) ने निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है। AIG मिश्रा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “मैं जांच का सामना करूंगा। ये बेबुनियाद हैं।” पूर्व लोकायुक्त एसपी रह चुके मिश्रा के खिलाफ यह मामला मध्य प्रदेश पुलिस में हड़कंप मचा रहा है।