Betul News : मध्य प्रदेश। बैतूल जिला उपभोक्ता आयोग ने दो अलग-अलग मामलों में बैंकों की बड़ी लापरवाही पकड़ी और किसानों के हक में अहम फैसला सुनाया। आयोग ने पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र को कुल 1 लाख 1 हजार 155 रुपए फसल बीमा राशि किसानों को देने का आदेश दिया है। इसमें मानसिक परेशानी का मुआवजा और मुकदमे का खर्च भी शामिल है। अगर बैंक तय समय में पैसा नहीं देते तो 6 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा।
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पहला मामला आमला तहसील के गांव लालावाड़ी के किसान रविंद्र पिता रामसिंह का है। पंजाब नेशनल बैंक की आमला शाखा ने उनके खाते के पटवारी हल्का नंबर में गलत बदलाव कर दिया था। इससे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में उन्हें बहुत कम राशि मिली। उपभोक्ता आयोग ने बैंक को 66,625 रुपए भुगतान करने को कहा है।
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दूसरा मामला बैतूल तहसील के गांव जीन के किसान राजेंद्र पिता नान्हेलाल का है। उन्होंने अऋणी किसान के तौर पर अपनी फसल का बीमा कराया था, लेकिन बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जीन शाखा ने उनकी पूरी जानकारी केंद्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड ही नहीं की। नतीजा यह हुआ कि राजेंद्र को एक पैसा भी बीमा राशि नहीं मिली। आयोग ने इस बैंक को 34,530 रुपए देने का आदेश दिया।
आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश विजय कुमार पाण्डेय और सदस्य चंद्रशेखर माकोड़े ने दोनों मामलों की सुनवाई की। उन्होंने साफ कहा कि फसल बीमा योजना के नियम के मुताबिक बैंक की जिम्मेदारी है कि सही जानकारी पोर्टल पर डाली जाए। बैंक की गलती से अगर किसान को नुकसान होता है तो पूरी भरपाई बैंक को ही करनी होगी।
किसानों की तरफ से पैरवी करने वाले एडवोकेट दिनेश यादव ने बताया कि यह फैसला उन तमाम किसानों के लिए मिसाल है जिन्हें बैंक की लापरवाही की वजह से फसल बीमा नहीं मिल पाता। अब दोनों किसानों को जल्द ही पूरी राशि मिल जाएगी।