Narmadapuram News : मध्य प्रदेश। नर्मदापुरम जिले के माखननगर में रविवार को उस समय तनाव फैल गया जब एक युवक जितेंद्र अहिरवार (उम्र करीब 28 वर्ष) की भोपाल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जितेंद्र 14 नवंबर को बाइक से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया था। पर परिजनों का दावा है कि यह कोई सड़क हादसा नहीं, बल्कि मारपीट का मामला है।
परिजनों और अहिरवार समाज के लोगों ने गुस्से में जितेंद्र का शव माखननगर थाने के ठीक सामने नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर रख दिया और चक्काजाम शुरू कर दिया। दोपहर 3 बजे से शाम तक करीब डेढ़ घंटे तक हाईवे पूरी तरह बंद रहा। इस दौरान पुलिस के खिलाफ नारे लगे और दो युवकों – राकेश सिन्हा और निहाल खान पर जितेंद्र की पिटाई करने का आरोप लगाया गया।
परिजनों का कहना है कि 13 नवंबर को ही जितेंद्र का राकेश और निहाल से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। अगले दिन 14 नवंबर को तीनों एक ही बाइक पर थे और रास्ते में जितेंद्र को सिर में गहरी चोट आई। हैरानी की बात यह है कि बाइक पर सवार दूसरे दोनों युवकों को खरोंच तक नहीं आई, सिर्फ जितेंद्र के सिर पर ही गंभीर चोट के निशान मिले।
पुलिस के अनुसार बाइक स्लिप होने से हादसा हुआ था। जितेंद्र को पहले माखननगर, फिर नर्मदापुरम और अंत में भोपाल रेफर किया गया जहाँ रविवार को उसने दम तोड़ दिया।
सोहागपुर SDOP संजू चौहान और थाना प्रभारी अनूप कुमार उइके मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने की कोशिश की। परिजन हत्या की FIR दर्ज करने की जिद पर अड़े रहे।
आखिरकार SDOP ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद उचित वैधानिक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने शव हटाया और चक्काजाम खत्म हुआ। शाम करीब 6 बजे माखननगर में जितेंद्र का अंतिम संस्कार कर दिया गया।