MP Winter 2025 : भोपाल। मध्यप्रदेश इन दिनों कड़ाके की ठंड की चपेट में है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं ने पूरे प्रदेश में ठिठुरन बढ़ा दी है। नवंबर महीने के पहले हफ्ते में ही तापमान ने कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सोमवार को 20 से ज्यादा जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
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रविवार रात प्रदेश के 10 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे चला गया। राजगढ़ सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इंदौर में 7.9 डिग्री और भोपाल में 8.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। यह इंदौर में पिछले 25 साल और भोपाल में पिछले 10 साल का नवंबर का सबसे कम तापमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी हो रही है। इससे ठंडी उत्तरी हवाएं सीधे मध्यप्रदेश में दाखिल हो रही हैं। पिछले तीन दिनों से भोपाल, राजगढ़, सीहोर, इंदौर, शाजापुर में तीव्र शीतलहर चल रही है। अब पूर्वी हिस्सों में भी ठंड का असर बढ़ गया है। उमरिया में 8.5 डिग्री, बैतूल में 9 डिग्री और रीवा में 9.1 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।
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सोमवार को भोपाल, इंदौर, राजगढ़, उज्जैन, देवास, शाजापुर, सीहोर, आगर-मालवा, रीवा, सतना, जबलपुर, कटनी, शहडोल, उमरिया, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, पन्ना, मैहर और मऊगंज में शीतलहर का अलर्ट है।
दिन में भी अब ठंडक महसूस होने लगी है। रविवार को अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। सुबह-शाम घना कोहरा छाने लगा है, जो आने वाले दिनों में और बढ़ेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार नवंबर में ठंड जल्दी और तेज आई है, जो पूरे महीने बनी रहेगी।
पिछले दस सालों में नवंबर में ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड रहा है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहने के आसार हैं। अक्टूबर में प्रदेश में सामान्य से 121% ज्यादा बारिश हुई, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया है।