Coldrif Syrup Case : छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटे में तीन और मासूमों ने दम तोड़ दिया। अब तक मरने वालों की संख्या 20 हो चुकी है। इस घटना ने पूरे प्रदेश को हिला दिया है।
जानकारी के अनुसार, छिंदवाड़ा जिले में 17, पांढुर्ना में 1 और बैतूल में 2 बच्चों की मौत हो चुकी है। नागपुर के अस्पतालों में अभी भी पांच बच्चे जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
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सिरप पीने के बाद बिगड़ी तबीयत
जांच में सामने आया है कि कुछ निजी डॉक्टरों ने बच्चों को कोल्ड्रिफ (Coldrif) नामक सिरप दी थी। सिरप पीने के कुछ घंटों बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। कई बच्चों की किडनी फेल हो गई। लैब जांच में इस सिरप में जहरीले रासायनिक तत्व पाए गए हैं। यही रसायन बच्चों की मौत का कारण बना।
मामले में डॉक्टर प्रवीण सोनी का नाम प्रमुखता से सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने यह सिरप बच्चों को दी थी। अब प्रशासन सिरप बनाने वाली कंपनी Sresan Pharma के मालिक तक पहुंच गया है। उसे पकड़ने के लिए दो टीमें चेन्नई और कांचीपुरम भेजी गई हैं।
प्रशासन ने कसी शिकंजा
जैसे-जैसे मौतों की संख्या बढ़ी, प्रशासन हरकत में आ गया। अपर कलेक्टर धीरेंद्र सिंह ने 17 मौतों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य आपदा है। अब तक पांच मेडिकल स्टोरों को सील किया गया है। संदिग्ध सिरप के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। गांव-गांव मुनादी कराई जा रही है ताकि कोई भी व्यक्ति बच्चों को कोई सिरप न दे।
जांच समिति गठित
प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति बनाई है। यह समिति पता लगाएगी कि जहरीली सिरप बाजार तक कैसे पहुंची और किन लोगों की लापरवाही से यह घटना हुई। स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। फिलहाल, 5 बच्चे नागपुर के अस्पतालों में जिंदगी के लिए जूझ रहे हैं।
औषधि निरीक्षक दलों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी मेडिकल स्टोरों की रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपें। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध ब्रांड की कफ सिरप बच्चों को न दें। प्रशासन ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।