Pachmarhi Road Accident: नर्मदापुरम के पास भीषण हादसा, पचमढ़ी मार्ग पर तेज रफ्तार बोलेरो बनी मौत का कारण, शिक्षक परिवार समेत 5 की मौत, 2 घायल

Pachmarhi Road Accident: नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में पचमढ़ी के पास सोमवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें करीब 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा मटकुली–पिपरिया मार्ग पर उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार बोलेरो गाड़ी सामने से आ रहे बाइक सवार को बचाने की कोशिश में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। Raisen News : रायसेन का बारना बांध टूटी दीवारों के बीच सवालों में घिरा, भारी बारिश में हादसे की आशंका से सहमे ग्रामीण एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस हादसे में नर्मदापुरम निवासी शिक्षक प्रदीप धुर्वे (48), उनकी पत्नी ज्योति धुर्वे और उनका 8 साल का मासूम बेटे अक्षत की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार को एक झटके में खत्म कर दिया। इसके अलावा पंचम ठाकुर (55) और कुलदीप ठाकुर (40) की भी मौत हुई है। दो लोग गंभीर रूप से घायल साथ ही इस हादसे में आकाश धुर्वे (25) और शरद उइके (21) गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घायल शरद उइके ने बताया कि उनके जीजा प्रदीप धुर्वे एक प्राथमिक स्कूल में शिक्षक थे और परिवार के साथ तामिया घूमने गए थे। लौटते समय यह हादसा हो गया। CM MOHAN YADAV : मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से की मुलाकात, UCC समेत कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा बाइक को बचाने में बिगड़ा संतुलन पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि बोलेरो की रफ्तार काफी तेज थी। मटकुली के पास अचानक सामने आए बाइक सवार को बचाने के प्रयास में चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद गाड़ी पलट गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
Raisen News : रायसेन का बारना बांध टूटी दीवारों के बीच सवालों में घिरा, भारी बारिश में हादसे की आशंका से सहमे ग्रामीण

Raisen News : रायसेन। रायसेन जिले से एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। किसानों की जीवनरेखा माना जाने वाला बारना बांध अब खुद अपनी हालत पर सवालों के घेरे में है। यह बांध साल 1970 में बनाया गया था और 1975 से लगातार सिंचाई के लिए इस्तेमाल हो रहा है। इसी बांध के पानी से भोजपुर, उदयपुरा और बुधनी विधानसभा क्षेत्रों की करीब 90 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होती है। लेकिन आज इस ऐतिहासिक बांध की हालत देखकर स्थानीय लोग और किसान काफी परेशान हैं। जगह-जगह दरारें, टूटी रेलिंग और लापरवाही के निशान बांध के ऊपर से गुजरने पर इसकी बदहाल स्थिति साफ नजर आती है। कई जगहों पर रेलिंग का प्लास्टर उखड़ चुका है और दीवारों में गहरी दरारें दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति काफी समय से बनी हुई है, लेकिन मरम्मत के नाम पर सिर्फ औपचारिक काम किया गया है। CM MOHAN YADAV : मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से की मुलाकात, UCC समेत कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा वहां रहने वाले लोगों के मुताबिक, जल संसाधन विभाग हर साल रखरखाव के लिए बजट जारी करने का दावा करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम दिखाई नहीं देता। हालत यह है कि बांध पर लगे स्ट्रीट लाइट के खंभे तो मौजूद हैं, लेकिन उनमें कई जगह बल्ब तक नहीं हैं। रात के समय यह इलाका और भी डरावना हो जाता है। “बांध की सुरक्षा ही हमारी सुरक्षा है” — किसान स्थानीय किसान प्रतिनिधि रामनारायण रघुवंशी ने कहा कि बारना बांध उनके लिए सिर्फ एक संरचना नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। उनके मुताबिक, “बांध की दीवारों में आई दरारें सीधे हमारी फसलों और हमारे भविष्य पर खतरा हैं। सरकार को तुरंत इसकी उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए और यह देखना चाहिए कि मेंटेनेंस का पैसा आखिर जा कहां रहा है।” भारी बारिश में खतरे की आशंका ग्रामीणों की चिंता अब और बढ़ गई है क्योंकि मानसून के दौरान बांध पर पानी का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में अगर इन दरारों की समय रहते मरम्मत नहीं की गई, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। लोगों को डर है कि किसी बड़ी बारिश में यह लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है, जिससे आसपास के कई गांवों की फसलें और जनजीवन प्रभावित हो सकता है। MP News: CM की बड़ी उपलब्धि, मध्य प्रदेश की 4 कृषि उपजों को मिला GI टैग, महाकौशल के किसानों के लिए खुशखबरी
CM MOHAN YADAV : मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से की मुलाकात, UCC समेत कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

CM MOHAN YADAV : भोपाल। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को राजभवन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारियों से लेकर सरकार की प्रमुख योजनाओं, विकास कार्यों और आने वाले कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को सरकार की तरफ से चल रहे कई जरुरी कामों की प्रगति से भी अवगत कराया। UCC पर मिले 9 लाख से ज्यादा सुझाव इसके बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में UCC को लेकर अब तक 9 लाख से ज्यादा सुझाव मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर लोगों का अच्छा सहयोग और व्यापक जनसमर्थन भी मिला है। बैठक में UCC को लेकर आगे की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई। MP News : सागर में इलाज के नाम पर बड़ी लापरवाही! 19 महीने के मासूम की चली गई आंखों की रोशनी, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप जल गंगा अभियान और गुरु पूर्णिमा कार्यक्रमों पर भी हुई बात बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की प्रगति की जानकारी दी। इसके अलावा गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा के दौरान आयोजित होने वाले शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। GI टैग, सौर ऊर्जा और रोजगार पर सरकार का फोकस मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को बताया कि प्रदेश की चार कृषि उपजों को मिले GI टैग से किसानों को बड़ा फायदा मिलेगा। इसके साथ ही सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार, MSME और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने, नए औद्योगिक निवेश लाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। MP News: CM की बड़ी उपलब्धि, मध्य प्रदेश की 4 कृषि उपजों को मिला GI टैग, महाकौशल के किसानों के लिए खुशखबरी विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी सौंपी मुलाकात के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्यपाल को प्रदेश सरकार की प्रमुख योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी सौंपी। इस दौरान प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई।
MP News : सागर में इलाज के नाम पर बड़ी लापरवाही! 19 महीने के मासूम की चली गई आंखों की रोशनी, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

MP News : मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बंडा सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान कथित लापरवाही की वजह से 19 महीने के एक मासूम बच्चे की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई ,परिजनों का आरोप है कि बे लोग बच्चे को सिर्फ सर्दी-खांसी और आंखों में हल्की लाली की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन इलाज के बाद उसकी बच्चे की हालत और ख़राब हो गई। MP News: CM की बड़ी उपलब्धि, मध्य प्रदेश की 4 कृषि उपजों को मिला GI टैग, महाकौशल के किसानों के लिए खुशखबरी बंडा सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान बिगड़ी हालत प्राप्त जानकारी में पता चला कि, भूसा कमलपुर गांव निवासी इंद्रज विश्वकर्मा अपने 19 महीने के बेटे को बंडा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। बच्चे को सर्दी, खांसी और आंखों में हल्की लाली की शिकायत थी। वहां ड्यूटी पर मौजूद शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु वर्मा ने जांच के बाद आई ड्रॉप, पैरासीटामोल और अन्य दवाएं लिखीं। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान अस्पताल के स्टाफ ने गलती से बच्चे की आंखों में बलगम साफ करने वाली दवा डाल दी गई। जिसके बाद से ही बच्चे की हालत बिगड़ने लगी। उसके बाद पहले उसे सागर जिला अस्पताल ले जाया गया और फिर गंभीर स्थिति को देखते हुए एम्स भोपाल रेफर कर दिया गया। एम्स भोपाल में सामने आई चौंकाने वाली बात परिवार ने बताया कि एम्स भोपाल में डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि गलत दवा के गंभीर रिएक्शन से बच्चे की दोनों आंखों की रोशनी जा चुकी है। मासूम की आंखों की रोशनी जाने के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है। परिजन इस मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अपने बच्चे के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। MP Weather Today: एमपी के 6 जिलों में आज मूसलाधार बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बरसेंगे बादल पुलिस में शिकायत दर्ज पीड़ित पिता ने बंडा पुलिस थाने में ड्यूटी डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। वहीं सागर के सीएमएचओ ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर सात दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पहले भी सवालों में रही स्वास्थ्य व्यवस्था सागर जिले में सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। कुछ दिन पहले बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में एक मरीज की कथित एनेस्थीसिया ओवरडोज और समय पर इलाज नहीं मिलने से मौत का मामला भी सामने आया था। उस घटना में स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने खुद जांच के निर्देश दिए थे। अब बंडा सिविल अस्पताल का यह मामला सामने आने के बाद जिले की स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। CM Mohan Yadav: सीएम मोहन यादव को पीने के लिए दिया गया गंदा पानी, अधिकारियों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि बच्चे की आंखों की रोशनी जाने के पीछे आखिर किसकी लापरवाही जिम्मेदार है।
MP News: CM की बड़ी उपलब्धि, मध्य प्रदेश की 4 कृषि उपजों को मिला GI टैग, महाकौशल के किसानों के लिए खुशखबरी

MP News: भोपाल। मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। आपको बता दें कि प्रदेश की चार खास कृषि उपजों को जीआई (GI) टैग मिल गया है। अब इससे इन फसलों को नई पहचान मिलेगी और किसानों को अपनी उपज की बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद भी बढ़ेगी। साथ ही इसका सबसे ज्यादा फायदा महाकौशल और आदिवासी इलाकों के किसानों को होगा। इन 4 कृषि उपजों को मिला GI टैग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश की सिताही कुटकी, नागदमन कुटकी, बैगानी अरहर और छत्रिय धान को जीआई (GI) टैग मिला है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। और कहा कि जीआई टैग मिलने से इन कृषि उपजों को उनकी अलग पहचान मिलेगी और उनकी गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलेगी। MP Weather Today: एमपी के 6 जिलों में आज मूसलाधार बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बरसेंगे बादल महाकौशल के किसानों को होगा बड़ा फायदा साथ ही मुख्यमंत्री ने बताया की ये चारों फसलें प्रदेश के आदिवासी बहुल इलाकों में उगाई जाती हैं। जीआई टैग मिलने के बाद इनकी पहचान और भी मजबूत होगी। इससे महाकौशल क्षेत्र के किसानों को अपनी फसल बेचने में अच्छा फायदा मिलने की उम्मीद है। उनकी उपज को नई पहचान मिलेगी और बाजार में बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी। देश-विदेश में बनेगी अलग पहचान डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जीआई टैग मिलने के बाद इन कृषि उत्पादों की पहचान बस देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी मजबूत होगी। इससे इनकी मांग बढ़ेगी और किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिल पायेगी। CM Mohan Yadav: सीएम मोहन यादव को पीने के लिए दिया गया गंदा पानी, अधिकारियों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब किसानों की समृद्धि के लिए सरकार का संकल्प साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक समृद्धि के लिए लगातार काम कर रही है। उनका कहना है कि प्रदेश के पारंपरिक कृषि उत्पादों को नई पहचान दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। जीआई टैग मिलने से किसानों को नए बाजार मिलेंगे और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
MP Weather Today: एमपी के 6 जिलों में आज मूसलाधार बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बरसेंगे बादल

MP Weather Today: भोपाल। मध्य प्रदेश में आज कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने वाला है। आपको बता दें कि मौसम विभाग ने आज राज्य के कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। छह जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि 40 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बारिश होने की सम्भावना है। इन 6 जिलों में हो सकती है भारी बारिश मौसम विभाग के तहत उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, मंडला और बालाघाट में आज भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 4 इंच या उससे ज्यादा बारिश होने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। CM Mohan Yadav: सीएम मोहन यादव को पीने के लिए दिया गया गंदा पानी, अधिकारियों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब 40 से ज्यादा जिलों में येलो अलर्ट भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर और टीकमगढ़ में तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में दिनभर रुक-रुककर बारिश हो सकती है। इन जिलों में बूंदाबांदी के आसार ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, नीमच और मंदसौर में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। यहां आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और मौसम सुहाना बना रहेगा। जिन इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट है, वहां लोगों को जरूरत होने पर ही घर से निकलने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की भी अपील की गई है। Betul Crime News: पानी पीने से इनकार पर उतारा मौत के घाट, बहू को लेने गया था परिवार