हाइलाइट्स
- वंदे मातरम् विवाद पर सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान
- कार्रवाई नहीं होने पर जीतू पटवारी से इस्तीफे की मांग
- कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप
- इंदौर नगर निगम से शुरू हुआ विवाद अब प्रदेश स्तर पर गरमाया
Vande Mataram Controversy : इंदौर। मोहन यादव ने इंदौर में ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार को लेकर चल रहे विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम में एक कांग्रेस पार्षद द्वारा ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार करना बेहद आपत्तिजनक है और यह देशभक्ति की भावना के खिलाफ है।
“कार्रवाई नहीं तो इस्तीफा दें पटवारी”
सीएम मोहन यादव ने स्पष्ट कहा कि अगर इस मामले में कांग्रेस कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती है, तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को इस्तीफा दे देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
देशभक्तों के बलिदान का अपमान: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की घटनाएं देशभक्तों के बलिदान का अपमान हैं। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से भी इस पर स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग की।
सीएम के मुताबिक, पार्टी को यह बताना चाहिए कि उसके प्रतिनिधियों को इस तरह के व्यवहार के लिए क्यों प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कांग्रेस पर दोहरे मापदंड का आरोप
सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ के सभी छंदों को अपनाकर देशवासियों का विश्वास जीता है, जबकि कांग्रेस आज भी दोहरे मापदंडों में उलझी हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज़ादी से पहले कांग्रेस ने इसके कुछ छंदों को हटाया था, जो आज भी उसकी सोच को दर्शाता है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, इंदौर नगर निगम में बजट सत्र के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। सभापति के निर्देश पर जब इसे गाने के लिए कहा गया, तो कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने संबंधित नियम दिखाने की मांग की।
इसके बाद रूबीना इकबाल के बयान ने मामले को और तूल दे दिया।
रूबीना इकबाल का विवादित बयान
रूबीना इकबाल ने कहा कि वे ‘जन गण मन’ और ‘सारे जहां से अच्छा’ जैसे गीत गाती हैं, लेकिन ‘वंदे मातरम्’ उनके धार्मिक विश्वासों के खिलाफ है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया।
पटवारी के बयान से बढ़ी सियासी गर्मी
वहीं, जब जीतू पटवारी से इस मुद्दे पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि देश और कांग्रेस दोनों के संविधान में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का महत्व स्पष्ट है और पार्टी को किसी से प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है।
कार्रवाई के समय को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वे यह बताने के लिए बाध्य नहीं हैं कि निर्णय कब लिया जाएगा।
राजनीतिक विवाद जारी
वंदे मातरम् विवाद अब प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है। एक ओर सत्तापक्ष कांग्रेस पर लगातार हमलावर है, वहीं कांग्रेस की ओर से अब तक स्पष्ट कार्रवाई न होने से विवाद और गहराता जा रहा है।