हाइलाइट्स
- भैरूंदा में स्मार्ट मीटर को लेकर हिंसक विरोध
- ग्रामीणों ने मीटर और बॉक्स में लगाई आग
- जबरन इंस्टॉलेशन और धमकी के आरोप
- 12 मीटर जलने से कंपनी को ₹1.12 लाख का नुकसान
Sehore news today : सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के भैरूंदा नगर में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर चल रहा विवाद अब हिंसक रूप ले चुका है। गुरुवार को वार्ड क्रमांक 1 में उस समय हालात बिगड़ गए, जब निजी कंपनी की टीम कथित तौर पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची।
आक्रोशित ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए स्मार्ट मीटर के खाली बॉक्स और कुछ मीटरों को आग के हवाले कर दिया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है।
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बिना अनुमति घरों में घुसने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निजी कंपनी के कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना और अनुमति के घरों में घुसकर पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने की कोशिश कर रहे थे। इसी बात को लेकर महिलाओं और अन्य नागरिकों ने मौके पर ही विरोध शुरू कर दिया।
देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और गुस्साए लोगों ने कर्मचारियों से स्मार्ट मीटर के खाली बॉक्स छीन लिए। इसके बाद उन्होंने बॉक्स और कुछ मीटरों को आग के हवाले कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई उनके अधिकारों का उल्लंघन है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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“डराकर मीटर लगाना बर्दाश्त नहीं”
विरोध कर रहे लोगों ने साफ कहा कि उन्हें कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर और दबाव बनाकर मीटर लगाने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी तरह की जबरदस्ती नहीं सहेंगे।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि कंपनी के कर्मचारी दादागिरी के अंदाज में काम कर रहे हैं और उपभोक्ताओं को धमकाकर मीटर थोपने की कोशिश कर रहे हैं।
पहले भी हो चुका है विरोध
यह पहली बार नहीं है जब स्मार्ट मीटर को लेकर भैरूंदा में विरोध हुआ हो। इससे पहले 12 फरवरी को भी जब टीम मीटर लगाने पहुंची थी, तब ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया था।
इसके अलावा, बुधवार को भी कर्मचारियों द्वारा बिना अनुमति घरों में घुसकर मीटर बदलने की कोशिश की गई थी, जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई थी। लगातार हो रहे इन घटनाक्रमों ने इलाके में असंतोष को और बढ़ा दिया।
गरीब तबके को निशाना बनाने का आरोप
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि शहर में विरोध के चलते अब कंपनी द्वारा भैरूंदा जैसे इलाकों के गरीब तबके को निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि जहां जागरूकता ज्यादा है, वहां मीटर लगाने में परेशानी हो रही है, इसलिए कमजोर वर्गों पर दबाव बनाया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बिना लिखित आदेश और सूचना के घरों में घुसने को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया और प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस और विभाग की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले में सक्रिय हुई है। भैरूंदा के एसडीओपी रोशन जैन ने बताया कि मामला पुलिस के संज्ञान में है और संबंधित पक्षों को बुलाकर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि इस घटना में कंपनी के 12 स्मार्ट मीटर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे करीब 1 लाख 12 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि मामले में पुलिस को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई है।