हाइलाइट्स
- मध्यप्रदेश में ‘नारी शक्ति वंदन’ उत्सव की शुरुआत
- 25 अप्रैल तक चलेंगे प्रदेशभर में कार्यक्रम
- भोपाल से होगा राज्य स्तरीय शुभारंभ
- 14 अप्रैल को ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं
- युवाओं के लिए ‘Wall of Message’ और पदयात्राएं
Nari Shakti Vandan Utsav 2026 : भोपाल। मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा शुक्रवार से प्रदेशव्यापी “नारी शक्ति वंदन” उत्सव की शुरुआत की जा रही है। यह अभियान 25 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें आम नागरिकों को “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” की जानकारी दी जाएगी।
जनसम्पर्क अधिकारी बिंदु सुनील ने बताया कि इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य अधिनियम के प्रावधानों से जनता को अवगत कराना और महिला नेतृत्व का सम्मान करना है। राज्य शासन ने इसे जन-उत्सव के रूप में मनाने के निर्देश दिए हैं।
भोपाल से होगा शुभारंभ
अभियान का शुभारंभ राजधानी भोपाल के रविन्द्र भवन स्थित हंसध्वनि सभागार में राज्य स्तरीय सम्मेलन के साथ होगा। इसके अलावा प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों और छिंदवाड़ा, खरगोन व मंदसौर में भी भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों में महिला सांसदों, विधायकों, महापौर, पंचायत प्रतिनिधियों और सफल महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा।
पदयात्रा और युवाओं की भागीदारी
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रत्येक लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र में “नारी शक्ति पदयात्रा” निकाली जाएगी। इसमें समाज की प्रबुद्ध महिलाएं भाग लेंगी।
वहीं, युवाओं को जोड़ने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन दीवार’ (Wall of Message) बनाई जाएगी, जहां युवा पेंटिंग और संदेशों के जरिए अपने विचार व्यक्त करेंगे।
अंबेडकर जयंती पर विशेष ग्राम सभाएं
14 अप्रैल, डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित होंगी। इस दौरान बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित कर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा की जाएगी।
डिजिटल अभियान और सामाजिक भागीदारी
जनसंपर्क विभाग इस अभियान को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी चलाएगा। सोशल मीडिया पर प्रेरक वीडियो साझा किए जाएंगे।
महिला स्व-सहायता समूह, ‘लखपति दीदी’ और ‘लाड़ली बहना’ योजना से जुड़ी महिलाओं को इस अभियान का चेहरा बनाया जाएगा। औद्योगिक और व्यापारिक संगठनों में भी कार्यक्रम आयोजित होंगे।
स्कूल-कॉलेजों में होंगे आयोजन
उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों में व्याख्यान, सेमिनार और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिससे युवा पीढ़ी महिला सशक्तिकरण के महत्व को समझ सके।
राज्य शासन ने सभी स्तरों पर जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इस अभियान को जन-उत्सव के रूप में सफल बनाया जा सके।