हाइलाइट्स
- भोपाल में कलाकारों की प्रेस वार्ता
- 70% से अधिक संस्थाओं के आवेदन रिजेक्ट या कूल्ड ऑफ
- 7 अप्रैल को कलाकार दिल्ली जाकर करेंगे विरोध
- मध्यप्रदेश में 650 से ज्यादा कलाकार प्रभावित
Bhopal Artist Protest : भोपाल। संस्कृति मंत्रालय की गुरु-शिष्य परंपरा (रेपर्टरी ग्रांट) योजना में बड़े पैमाने पर अनुदान रोके जाने के फैसले के खिलाफ देशभर के कलाकार एकजुट हो रहे हैं। भोपाल में रविवार को रंगमंच कलाकारों ने प्रेस वार्ता कर इस निर्णय को अपारदर्शी और भेदभावपूर्ण बताया।
7 अप्रैल को दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी
कलाकारों ने ऐलान किया है कि 7 अप्रैल को मध्यप्रदेश सहित देशभर के रंगकर्मी दिल्ली पहुंचकर संस्कृति सचिव और मंत्री से मुलाकात करेंगे। वे इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग करेंगे। जानकारी के अनुसार, देशभर में 1164 संस्थाओं के आवेदन रिजेक्ट या कूल्ड ऑफ किए गए हैं।
बड़ी संख्या में कलाकार प्रभावित
कलाकारों के अनुसार, मध्यप्रदेश में 78 आवेदन रिजेक्ट और 44 कूल्ड ऑफ किए गए हैं। पहले जहां 90 रेपर्टरी सक्रिय थीं, अब यह संख्या घटकर 39 रह गई है। इससे करीब 650 कलाकार सीधे प्रभावित हुए हैं, जबकि नए अवसर सिर्फ 42 कलाकारों को मिले हैं।
चयन प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
कलाकारों ने चयन प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि विशेषज्ञों को चयन समिति में शामिल नहीं किया गया, भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया हटा दी गई और दस्तावेजों में सुधार का मौका भी नहीं दिया गया।
साथ ही, कई संस्थाओं के कार्यक्षेत्र गलत दर्ज किए गए, जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
दो साल काम कराया, अब भुगतान से इनकार
रंगकर्मियों का आरोप है कि उन्होंने मंत्रालय के निर्देशानुसार दो वर्षों तक प्रशिक्षण और प्रस्तुतियां दीं, लेकिन अब अनुदान रोक दिया गया है। इससे कलाकार खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यह फैसला केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक नुकसान भी है। गुरु-शिष्य परंपरा के तहत चलने वाली कला विधाओं का प्रशिक्षण प्रभावित होगा और भविष्य में कलाकारों की कमी हो सकती है।