हाइलाइट्स
- 72 घंटे से एक्टिव साइक्लोनिक सिस्टम, लगातार बदल रहा मौसम
- 42 जिलों में ओले, बारिश और तेज आंधी का व्यापक असर
- 14 जिलों में आज भी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी
- तेज हवाओं और ओलों से फसलों को भारी नुकसान की आशंका

14 जिलों में आज भी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को सिस्टम का असर पूर्वी मध्य प्रदेश में रहेगा।
रीवा, सिंगरौली समेत 14 जिलों में बारिश और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
तेज आंधी और ओलों से फसलों को नुकसान
तेज हवाओं (करीब 74 किमी/घंटा) और ओलावृष्टि के कारण कई जिलों में
- गेहूं
- केला
- पपीता
- संतरा
जैसी फसलें प्रभावित हुई हैं। खेतों में खड़ी फसल को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
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42 जिलों में बारिश, कई जगह ओले गिरे
पिछले 24 घंटे में 42 जिलों के 100+ शहरों/कस्बों में बारिश दर्ज की गई।
इंदौर, धार, खरगोन, भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, जबलपुर समेत कई जिले प्रभावित रहे।
वहीं, आलीराजपुर, झाबुआ, खंडवा, विदिशा, छिंदवाड़ा, सिवनी, दमोह, छतरपुर सहित कई जिलों में ओलावृष्टि हुई।

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तापमान में भारी गिरावट
बारिश और बादल छाने के कारण प्रदेश के कई शहरों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई।
- ग्वालियर: 23.9°C (करीब 10 डिग्री की गिरावट)
- खजुराहो: 10.9 डिग्री तक गिरावट
- भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित कई शहरों में 5°C+ गिरावट
कई शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे पहुंच गया।
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आकाशीय बिजली से हादसा
टीकमगढ़ जिले के जतारा क्षेत्र में बिजली गिरने से एक महिला और उसका भतीजा झुलस गए।
दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां भतीजे को झांसी रेफर किया गया है।
क्यों बदला मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में
- 3 ट्रफ
- 1 साइक्लोनिक सर्कुलेशन
एक साथ एक्टिव होने के कारण यह स्थिति बनी है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
- 21 मार्च तक मौजूदा सिस्टम सक्रिय रहेगा
- 22 मार्च से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा (कमजोर प्रभाव)
- 26 मार्च से फिर नया सिस्टम सक्रिय होने की संभावना
फरवरी में प्रदेश में 4 बार ओले-बारिश का दौर आया था।
मार्च की शुरुआत में गर्मी बढ़ी, लेकिन अब फिर से मौसम ने करवट ले ली है और इस सीजन का पहला स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ है।