Latest

GST Evasion: बिना टैक्स माल की सप्लाई का खुलासा, नेता प्रतिपक्ष ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र

GST Evasion

हाइलाइट्स

  • गुजरात-महाराष्ट्र से बिना टैक्स माल आने का आरोप

  • कंस्ट्रक्शन मटेरियल और लोहे की अवैध सप्लाई का दावा

  • फर्जी ई-वे बिल और अंडर-इनवॉइसिंग से टैक्स चोरी

  • नेता प्रतिपक्ष ने केंद्रीय जांच की मांग की

GST Evasion:  भोपाल। मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि गुजरात, महाराष्ट्र और कुछ दक्षिण भारतीय राज्यों से बिना टैक्स चुकाए निर्माण सामग्री और अन्य सामान प्रदेश के बाजारों में पहुंचाया जा रहा है।

Fake Death Certificate : जिंदा युवक का बना दिया मृत्यु प्रमाणपत्र, 7 महीने बाद भी नहीं हुई FIR

इस मामले को लेकर उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर पूरे नेटवर्क की केंद्रीय स्तर पर उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सिंडिकेट के जरिए हो रही टैक्स चोरी

नेता प्रतिपक्ष का दावा है कि राज्यों की सीमाओं से लेकर जिलों तक एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है। इस नेटवर्क के जरिए लोहा, निर्माण सामग्री और मसालों जैसी वस्तुएं बिना वैध टैक्स चुकाए मध्य प्रदेश में खपाई जा रही हैं।

उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से हर साल सरकार को हजारों करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

MP Pension update 2026 : एमपी के 22.5 लाख पेंशनर्स को झटका, केंद्र ने पेंशन बढ़ाने से किया इनकार

फर्जी ई-वे बिल और अंडर-इनवॉइसिंग का सहारा

पत्र में यह भी कहा गया है कि माल ढोने वाले ट्रकों में सामान तो पूरा भरा होता है, लेकिन कागजों में या तो फर्जी बिल लगाए जाते हैं या फिर ई-वे बिल में हेरफेर किया जाता है।

इसके अलावा कई मामलों में अंडर-इनवॉइसिंग का तरीका अपनाया जाता है, यानी सामान की वास्तविक कीमत और मात्रा को दस्तावेजों में कम दिखाया जाता है ताकि टैक्स कम देना पड़े।

LPG Supply Update : मध्य प्रदेश में गैस किल्लत के बीच राहत की खबर, कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई शुरू

बिचौलियों और ट्रांसपोर्टरों का नेटवर्क सक्रिय

आरोप है कि इस पूरे काम में ट्रांसपोर्टरों और बिचौलियों का एक मजबूत नेटवर्क सक्रिय है। यह नेटवर्क बॉर्डर से लेकर शहरों के बाजारों तक माल को बिना जांच के पहुंचाने में मदद करता है।

इन अधिकारियों को भी भेजी शिकायत

मामले की गंभीरता को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र की प्रतियां कई अन्य अधिकारियों और विभागों को भी भेजी हैं। इनमें केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC), मध्य प्रदेश के वित्त विभाग और वाणिज्यिक कर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

Bhopal College Iftar Party : इफ्तार कार्यक्रम को लेकर कॉलेज में हंगामा, बजरंग दल ने हनुमान चालीसा पढ़कर किया विरोध

सिंघार ने कहा है कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो बड़े स्तर पर जीएसटी चोरी के नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *