MP News : मध्य प्रदेश। राजगढ़ के जीरापुर जिले के छोटे से कस्बे जीरापुर के होनहार युवा मनीष कुमार अटोदिया ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की कठिन परीक्षाओं में लगातार दो बार बाजी मारकर सबको हैरान कर दिया है। पहले MPPSC 2022 में उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग में सहायक संचालक का प्रतिष्ठित पद हासिल किया। इसके ठीक अगले साल MPPSC 2023 में खंड विकास अधिकारी (BDO) के पद पर भी उनका चयन हो गया। इस दोहरी उपलब्धि से न सिर्फ राजगढ़ जिला गदगद है, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में मनीष की चर्चा हो रही है।
मनीष एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता रामप्रसाद वर्मा सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं, जो बच्चों को पढ़ाते हैं। मां प्रेमलता वर्मा घर संभालती हैं और परिवार की ढाल बनी रहती हैं।
बचपन से ही मनीष ने माता-पिता से सादगी, ईमानदारी और मेहनत के पाठ सीखे। इसी मजबूत नींव पर उन्होंने अपनी तैयारी की इमारत खड़ी की। गांव के माहौल में रहकर भी उन्होंने बड़े सपने देखे और उन्हें पूरा किया।
सफलता की राह आसान नहीं थी। मनीष को दो बार असफलता का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। हर बार गिरकर और मजबूत होकर उठे। अपनी रणनीति बदली, कमजोर विषयों पर ज्यादा फोकस किया।
रोजाना लाइब्रेरी में घंटों किताबों से दोस्ती की। सुबह जल्दी उठना, नियमित समय पर पढ़ाई, टेस्ट सीरीज देना और गलतियों का विश्लेषण करना – यही उनका रोज का रूटीन था। अनुशासन और आत्मविश्वास ने उन्हें असफलताओं को सीढ़ी बना दिया।
मनीष कहते हैं कि यह सफलता अकेले उनकी नहीं है। परिवार का साथ, दोस्तों का हौसला और ऊपर वाले की मेहरबानी ने उन्हें यहां तक पहुंचाया। उनकी यह कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है।
खासकर ग्रामीण इलाकों के छात्रों के लिए मनीष एक जीता-जागता उदाहरण हैं कि संसाधनों की कमी नहीं, इच्छाशक्ति की कमी बाधा बनती है। राजगढ़ जिले में मनीष की इस उपलब्धि पर खुशी की लहर है। स्थानीय लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।
स्कूल-कॉलेजों में उनकी चर्चा हो रही है। मनीष अब नौकरी के साथ-साथ अन्य तैयारी करने वालों को गाइड करने की योजना बना रहे हैं। उनकी सफलता साबित करती है कि लगन और स्मार्ट वर्क से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।