Indore News : शिव मंदिर के दानपात्र से पैसे चुराता युवक, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

Indore Shiva Temple donation box theft

Indore News : मध्य प्रदेश। इंदौर के शिव मंदिर के दानपात्र से पैसे चुराते हुए एक ‘भक्त’ कथित तौर पर कैमरे में कैद हो गया। यह घटना सोमवार को इंदौर के सयाजी चौक के पास एक मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। चोरी की वारदात का यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी वायरल हो रहा है। वीडियो में आरोपी को मंदिर में भगवान शिव की पूजा करते हुए दिखाया गया है, जब वहां कोई और भक्त मौजूद नहीं था। अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों से अनजान, उसने दानपात्र तोड़ दिया और नकदी लेकर फरार हो गया। पुजारियों ने खाली दानपात्र देखकर कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी। पुलिस ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। Sehore News : सीहोर में बायोमेट्रिक हाजिरी का बोझ, 10 किमी दूर दौड़ें कर्मचारी, नई ऐप से सिर्फ 20% उपस्थिति विजयनगर पुलिस के अनुसार, घटना सोमवार को हुई। आरोपी की पहचान मेघदूत नगर निवासी रामरतन चौहान के बेटे राजीव के रूप में हुई है, जिसने दर्शन के दौरान दानपात्र तोड़ दिया और नकदी ले गया। उसी शाम, भमोरी निवासी गणेश कालदाते मंदिर गए और उन्होंने देखा कि दानपेटी का ताला टूटा हुआ था। उन्हें किसी गड़बड़ी का शक हुआ और उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देखी, जिसमें चोरी साफ़ दिखाई दे रही थी। MP News : मुस्लिम बाहुल्य इलाके में चला बुलडोजर, महाकाल 24 मीटर मार्ग चौड़ीकरण के लिए 12 मकान जमींदोज गणेश ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसने जाँच शुरू की और फुटेज के ज़रिए राजीव की पहचान की। मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान, राजीव ने चोरी करना कबूल कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राजीव अक्सर सयाजी चौक इलाके में घूमता रहता है और उस पर पहले भी चोरी के आरोप में मामला दर्ज किया जा चुका है। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर हैरानी जताई और कहा कि उनके मंदिर में ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई।

Sehore News : सीहोर में बायोमेट्रिक हाजिरी का बोझ, 10 किमी दूर दौड़ें कर्मचारी, नई ऐप से सिर्फ 20% उपस्थिति

Face attendance system became a problem in Sehore

Sehore News : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में नगरीय निकायों में एक नवंबर से शुरू हुई फेस रिकग्निशन आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम ने कर्मचारियों को मुश्किल में डाल दिया है। शासन ने पारदर्शिता बढ़ाने के नाम पर यह ऐप लागू किया लेकिन व्यावहारिक दिक्कतों ने इसे सिरदर्द बना दिया। सफाईकर्मी और ऑफिस स्टाफ दोनों असमंजस में हैं। उन्हें ड्यूटी स्थल से दूर नपा कार्यालय पहुंचना पड़ रहा है। MP News : मुस्लिम बाहुल्य इलाके में चला बुलडोजर, महाकाल 24 मीटर मार्ग चौड़ीकरण के लिए 12 मकान जमींदोज नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेशभर में यह प्रणाली चालू की। कर्मचारियों को मोबाइल पर ‘आधार फेस आरडी’ ऐप से हाजिरी लगानी है। जिला मुख्यालय में लोकेशन सिर्फ नगर पालिका कार्यालय की फीड है। इसलिए सुबह 10 बजे सबको वहां आना जरूरी। सफाईकर्मी हो या इंजीनियर, कोई छूट नहीं। इससे समय और पैसे की बर्बादी हो रही। कर्मचारियों की मुख्य शिकायत दूरी की है। सीहोर नपा के कई स्टाफ शहर से 10 किलोमीटर दूर काहिरी डेम, भगवानपुरा डेम, जमोनिया डेम, इंटकवेल या पानी की टंकियों पर तैनात हैं। रोज हाजिरी के लिए इतनी दूर आना-जाना पड़ रहा। एक सफाईकर्मी ने कहा, “ड्यूटी पर पहुंचते ही वापस कार्यालय भागना पड़ता। इससे काम प्रभावित होता।” वे सुझाव देते हैं कि दरोगा क्षेत्र में ही सफाईकर्मियों की हाजिरी हो। डेम वाले स्टाफ वहीं से दर्ज करें। ताकि यात्रा न हो। MP News : हरदा में 277 सामुदायिक स्वच्छता परिसर बने प्रदर्शनी, 9.10 करोड़ की लागत से बनाकर लगाया ताला यह सिस्टम पारदर्शिता के लिए तो ठीक है लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। सोमवार को सिर्फ 20-25 फीसदी कर्मचारियों की अटेंडेंस लगी। बाकी नेटवर्क डाउन या ऐप की खराबी से चूक गए। सीएमओ सुधीर सिंह ने माना कि परेशानी है। उन्होंने कहा, “नया ऐप होने से 15-20 मिनट लग जाते। इंटरनेट सर्वर अक्सर डाउन रहता।” कई सफाईकर्मियों के पास स्मार्टफोन नहीं। कीपैड फोन हैं या मोबाइल ही नहीं। अशिक्षित महिला स्टाफ के लिए तो यह पहेली। वे कहतीं, “ऐप समझ ही नहीं आता। मदद कौन करे?” कर्मचारी यूनियन ने शासन को पत्र लिखा। मांग है कि लोकेशन फीड हर ड्यूटी पॉइंट पर जोड़ें। या पुरानी सिस्टम बहाल करें। सीएमओ ने आश्वासन दिया। कहा, “व्यवहारिक दिक्कतें शासन तक पहुंचाई जा रही। जल्द समाधान होगा।” लेकिन फिलहाल कर्मचारी परेशान। एक स्टाफ ने बताया, “सुबह उठकर 10 किमी साइकिल चलाओ। हाजिरी लगाओ। फिर ड्यूटी पर दौड़ो।”

MP News : मुस्लिम बाहुल्य इलाके में चला बुलडोजर, महाकाल 24 मीटर मार्ग चौड़ीकरण के लिए 12 मकान जमींदोज

12 houses razed to the ground for widening the Mahakal Road

MP News : उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में बुधवार को बेगमबाग क्षेत्र में उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) की बड़ी कार्रवाई हुई। मुस्लिम बाहुल्य इलाके में 12 अवैध मकानों और दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई तड़के सुबह सात बजे शुरू हुई। लगभग आठ बजे जेसीबी और पोकलेन मशीनें गरजने लगीं। हरिफाटक मार्ग से महाकाल घाटी मार्ग को पूरी तरह बंद करना पड़ा। भारी पुलिस बल तैनात रहा। स्थानीय लोगों ने विरोध किया। लेकिन प्रशासन ने वरिष्ठ नागरिकों से बातचीत कर स्थिति संभाल ली। कार्रवाई शांतिपूर्ण रही। Sehore News : जेल प्रहरी अजय पठारिया की तालाब से शव बरामद, 18 घंटे से चलाया जा रहा था रेस्क्यू ऑपरेशन UDA के सीईओ संदीप सोनी ने बताया कि यह लीज़ डीड के उल्लंघन पर पांचवीं कार्रवाई है। तीन प्लॉट्स को तोड़कर बनाए गए 12 निर्माण (मकान और दुकानें) को निशाना बनाया गया। चार पोकलेन, तीन जेसीबी मशीनें और नगर निगम के 50 से ज्यादा कर्मचारी लगे। भारी पुलिस फोर्स ने सुरक्षा सुनिश्चित की। सोनी ने कहा कि हाईकोर्ट से स्टे हटने के बाद यह एक्शन लिया गया। बेगमबाग में 1985 में 34 प्लॉट्स 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिए थे। नियम साफ थे- न बेचना, न व्यावसायिक उपयोग। लेकिन कई ने प्लॉट काटे। दुकानें-होटल खोलीं। लीज का भुगतान भी बंद कर दिया। इसी उल्लंघन पर कार्रवाई हुई। 24 अक्टूबर को सभी 12 परिवारों को अंतिम नोटिस दिया गया था। इससे पहले इसी इलाके में 27 निर्माण गिराए जा चुके। कुल 60 से ज्यादा अवैध स्ट्रक्चर हटाकर जमीन UDA के कब्जे में ली जाएगी। खाली जगह पर सिंहस्थ कुंभ 2028 के लिए 24 मीटर चौड़ी सड़क बनेगी। MP High Court : इमरान-यामी की ‘हक’ रिलीज से पहले हाईकोर्ट में घमासान, शाह बानो परिवार की आपत्ति पर फैसला सुरक्षित महाकाल मंदिर तक श्रद्धालुओं का सुगम मार्ग तैयार होगा। सोनी ने जोर देकर कहा कि यह विकास के लिए जरूरी है। अवैध कब्जे हटाने से शहर की सुंदरता बढ़ेगी। लेकिन कुछ लोगों के पास अभी भी हाईकोर्ट से स्टे है। उनकी कार्रवाई लंबित रहेगी। जिन मकानों पर बुलडोजर चला: भूखंड क्र. 26 : सैयद लियाकत अली और रोशनी बी के दो निर्माण। भूखंड क्र. 48 : साजिद अहमद खान, रईस मोहम्मद, अब्दुल खालिक, मोहम्मद अयूब, मोहम्मद नासिर, अकेला बी, एजाज अहमद के सात निर्माण। भूखंड क्र. 63 : अनीशा बी, अब्दुल नासिर, उवैस शेख, आयशा बी, फेमिदा के तीन निर्माण। Bhopal News : भोपाल के पास 488 पेड़ों की अवैध कटाई पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार की दलील खारिज, ASI को नोटिस ये सभी प्लॉट्स आवासीय थे लेकिन दुकानें चला रही थीं। लीज रद्द हो चुकी। परिवारों को नोटिस के बाद भी हटने का मौका दिया गया लेकिन कार्रवाई जरूरी हो गई। स्थानीय लोगों ने सुबह उठते ही मशीनें देखीं। घबराहट फैली। कुछ ने रोड जाम करने की कोशिश की लेकिन एसपी नितेश भार्गव और एसडीएम एलएन गर्ग ने समझाया। वरिष्ठजनों से बात की। विरोध शांत हो गया।

Sehore News : जेल प्रहरी अजय पठारिया की तालाब से शव बरामद, 18 घंटे से चलाया जा रहा था रेस्क्यू ऑपरेशन

Sehore News

Sehore News : मध्य प्रदेश। सीहोर के मंडी थाना क्षेत्र के जमोनिया तालाब में मंगलवार शाम को डूबे जिला जेल प्रहरी अजय पठारिया का शव बुधवार को मिल गया। 18 घंटे से ज्यादा की मेहनत के बाद SDRF की टीम ने गहरे पानी से शव बाहर निकाला। पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। यह घटना इलाके में सनसनी फैला रही है। MP News : हरदा में 277 सामुदायिक स्वच्छता परिसर बने प्रदर्शनी, 9.10 करोड़ की लागत से बनाकर लगाया ताला अजय पठारिया जिला जेल में तैनात थे। मंगलवार को शाम करीब पांच बजे वे पुलिस लाइन की एक महिला आरक्षक के साथ जमोनिया तालाब पर घूमने पहुंचे। तालाब किनारे मौसम सुहाना था। अचानक अजय नहाने के लिए पानी में उतर गए। लेकिन गहराई का अंदाजा न होने से वे डूब गए। चीख-पुकार मच गई। महिला आरक्षक ने तुरंत मदद मांगी। घटना की खबर लगते ही स्थानीय गोताखोर और पुलिस टीम रवाना हुई। मंगलवार शाम को तलाश शुरू हुई। लेकिन धुंधलका होने से रात होते ही ऑपरेशन रोकना पड़ा। अंधेरे में खोज जोखिम भरी थी। तालाब का पानी गहरा और कीचड़ भरा है। रात भर परिजन अस्पताल के बाहर चिंता में डूबे रहे। अजय के परिवार को सूचना दे दी गई। MP News : रुखसार बनी वंशिका, हिंदू प्रेमी से मंदिर में रचाई शादी, नवरात्रि में छुपकर जाती थी मंदिर बुधवार सुबह सात बजे एसडीआरएफ की टीम ने जोरदार तलाश शुरू की। गोताखोरों ने डाइविंग गियर पहन लिया। ड्रोन और सॉनार मशीनों से लोकेशन ट्रैक की गई। तालाब के गहरे हिस्से पर फोकस रहा। लगातार प्रयासों के बाद सुबह 11 बजे शव बरामद हो गया। टीम ने सावधानी से बाहर निकाला। शव को एम्बुलेंस में लादा गया। पुलिस ने बताया कि अजय 35 साल के थे। मूल रूप से सागर जिले के रहने वाले। जेल में दो साल से सेवा दे रहे थे। घटना में कोई संदेह नहीं। सिर्फ दुर्घटना लग रही। महिला आरक्षक को भी सदमा लगा। वह सुरक्षित है। एसपी ने टीम की तारीफ की। कहा कि समय पर पहुंचे। वरना और मुश्किल हो जाती।

MP News : हरदा में 277 सामुदायिक स्वच्छता परिसर बने प्रदर्शनी, 9.10 करोड़ की लागत से बनाकर लगाया ताला

277 community sanitation complexes built in Harda

MP News : हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले में स्वच्छ भारत मिशन की चमक फीकी पड़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच रोकने के लिए 9 करोड़ 10 लाख रुपये खर्च कर बने 277 सामुदायिक स्वच्छता परिसर आज ताले लगे शोपीस बन चुके हैं। निर्माण के बाद से इनका उपयोग ही नहीं हो पाया। वजह साफ है- ताले खुले ही नहीं। ग्रामीणों को राहत देने का सपना अधूरा रह गया। जिले के जनपदों में बिखरे ये परिसर धूल खा रहे हैं। MP High Court : इमरान-यामी की ‘हक’ रिलीज से पहले हाईकोर्ट में घमासान, शाह बानो परिवार की आपत्ति पर फैसला सुरक्षित यह योजना ग्राम पंचायतों की मांग पर शुरू हुई थी। उद्देश्य था गांवों में साफ-सफाई बढ़ाना लेकिन जगह और उपयोगिता पर कोई प्लानिंग नहीं हुई। कुल 277 परिसरों में से 185 को 3 लाख 43 हजार रुपये प्रति यूनिट की दर से बनाया गया। इसकी कुल लागत 6 करोड़ 34 लाख रुपये पड़ी। बाकी 92 परिसर 3 लाख रुपये प्रति यूनिट में बने। इन पर 2 करोड़ 76 लाख रुपये खर्च हुए लेकिन अब ये सिर्फ दिखावे के लिए खड़े हैं। MP News : रुखसार बनी वंशिका, हिंदू प्रेमी से मंदिर में रचाई शादी, नवरात्रि में छुपकर जाती थी मंदिर एक किसान रामलाल ने कहा, “मुख्य सड़क पर यह परिसर है। राहगीरों को बहुत जरूरत है। लेकिन ताला लटक रहा है। साल भर से बंद है।” पास ही की महिलाओं ने जोड़ा, “बच्चों को ले जाना मुश्किल होता। खुले में जाना पड़ता है। ताला खोल दो तो गांव में स्वच्छता आए।” सिरकम्बा गांव में भी यही हाल। ग्रामीणों ने बताया, “निर्माण के समय तो जश्न हुआ। लेकिन अब ताले जंग खा रहे। कोई देखभाल नहीं।” यह समस्या सिर्फ हरदा तक सीमित नहीं। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, सिद्धार्थनगर, मीरजापुर और हरदोई जैसे जिलों में भी स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालय अनुपयोगी पड़े हैं। वहां भी ताले लगे हैं। पानी-बिजली की कमी है। ग्रामीण खुले में शौच को मजबूर। मध्य प्रदेश में हरदा इसका नया उदाहरण है। Bhopal News : भोपाल के पास 488 पेड़ों की अवैध कटाई पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार की दलील खारिज, ASI को नोटिस स्वच्छ भारत अभियान के प्रभारी अधिकारी रजनीश शुक्ला ने समस्या मानी। उन्होंने कहा, “मेंटेनेंस बड़ी दिक्कत है। ग्रामीण क्षेत्रों में शुल्क नहीं मिलता। लोग पैसे देने से कतराते इसलिए परिसर बंद रहते। शहरी इलाकों में यह काम करता।” प्रभारी अधिकारी शुक्ला ने कहा, “सार्वजनिक आयोजनों पर तो इन्हें खोल देते लेकिन रोजाना संभव नहीं। फंडिंग और जागरूकता बढ़ानी होगी।” उनका यह बयान बताता है कि योजना की कमजोरी साफ-सफाई में नहीं। बल्कि फंड मैनेजमेंट में है। MP News : देश का पहला हाई-टेक वन्य जीव कैप्चर अभियान, हेलीकॉप्टर से पकड़े गए 846 कृष्णमृग और 67 नीलगाय जिला प्रशासन ने कहा कि जल्द सर्वे होगा लेकिन वादे पुराने हैं। स्वच्छ भारत मिशन 2014 से चल रहा। अब 2025 में भी यही हाल है। केंद्र सरकार का लक्ष्य ओपन डिफिकेशन फ्री था लेकिन ग्रामीण इलाकों में असफलता साफ दिख रही। एनजीओ ने अपील की कि लोकल पार्टिसिपेशन बढ़े। ग्रामीणों को ट्रेनिंग दो। तभी ये परिसर काम आएंगे।

MP High Court : इमरान-यामी की ‘हक’ रिलीज से पहले हाईकोर्ट में घमासान, शाह बानो परिवार की आपत्ति पर फैसला सुरक्षित

Indore High Court

MP High Court : इंदौर। इमरान हाशमी और यामी गौतम अभिनीत फिल्म ‘हक’ रिलीज होने से पहले ही विवादों के घेरे में फंस गई है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने बुधवार को इसकी याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया। याचिका शाह बानो के परिजनों ने दायर की थी। वे फिल्म पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह फिल्म शाह बानो के जीवन पर आधारित है। लेकिन बिना सहमति बनाई गई। इससे परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच रही है। जस्टिस प्रणव वर्मा की अदालत ने दोनों पक्षों के तर्क सुने। अब फैसला किसी भी समय आ सकता है। MP News : रुखसार बनी वंशिका, हिंदू प्रेमी से मंदिर में रचाई शादी, नवरात्रि में छुपकर जाती थी मंदिर फिल्म में ऐसा क्या? शाह बानो का नाम सुनते ही 1985 का ऐतिहासिक केस याद आ जाता है। उन्होंने अपने पति के तलाक के बाद गुजारा भत्ता मांगा था। सुप्रीम कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया लेकिन मुस्लिम पर्सनल लॉ पर बहस छिड़ गई। फिल्म ‘हक’ इसी मुद्दे को छूती है। तीन तलाक, गुजारा भत्ता और मुस्लिम महिलाओं के संघर्ष पर बनी यह कहानी कथित तौर पर शाह बानो की जिंदगी से प्रेरित है। इमरान हाशमी एक वकील की भूमिका में हैं। यामी गौतम पीड़ित महिला बनी हैं। फिल्म 8 नवंबर को रिलीज होनी है। लेकिन यह विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा। परिजनों ने अदालत में शिकायत की। कहा कि फिल्म में शाह बानो के जीवन को गलत तरीके से दिखाया गया है। कोई अनुमति नहीं ली गई। इससे न सिर्फ शाह बानो की छवि खराब हो रही। बल्कि पूरे परिवार को बदनामी झेलनी पड़ रही है। Bhopal News : भोपाल के पास 488 पेड़ों की अवैध कटाई पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार की दलील खारिज, ASI को नोटिस याचिकाकर्ताओं ने मांग की कि फिल्म का प्रसारण रोका जाए। सेंसर बोर्ड की मंजूरी को भी चुनौती दी। उनका तर्क था कि बोर्ड ने संवेदनशील मुद्दों को नजरअंदाज कर दिया। परिवार के एक सदस्य ने कहा, “हमारी मां ने समाज के लिए लड़ाई लड़ी। लेकिन उनकी कहानी को तोड़-मरोड़कर पेश करना अन्याय है।” कोर्ट ने पहली सुनवाई में ही फिल्म प्रोड्यूसर्स को नोटिस भेजा। जवाब मांगा। निर्माताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट अजय बगड़िया ने पक्ष रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘हक’ किसी खास व्यक्ति पर आधारित नहीं। यह न्यायिक फैसले और महिलाओं के संघर्ष की सामान्य कहानी है। बगड़िया ने तर्क दिया कि फिल्म सेंसर बोर्ड के कड़े परीक्षण से गुजरी। बोर्ड ने हर सीन को बारीकी से देखा। फिर रिलीज की अनुमति दी। MP News : देश का पहला हाई-टेक वन्य जीव कैप्चर अभियान, हेलीकॉप्टर से पकड़े गए 846 कृष्णमृग और 67 नीलगाय निर्माता का कहना है कि शाह बानो का नाम फिल्म में कहीं नहीं आता। यह सिर्फ प्रेरणा है। न कि बायोपिक। वकील ने अदालत को आश्वस्त किया कि फिल्म सत्य को नुकसान नहीं पहुंचाती। बल्कि सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाती है। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने गर्मागर्म बहस की। परिजनों के वकील ने कहा कि बिना सहमति फिल्म बनाना निजता का उल्लंघन है। जबकि निर्माताओं ने संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला दिया। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार। MP News : पं. धीरेंद्र शास्त्री पर अपमानजनक टिप्पणी से भड़की कपीश सेना, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन जस्टिस वर्मा ने सवाल किए। पूछा कि क्या फिल्म में वास्तविक घटनाओं का इस्तेमाल हुआ। दोनों पक्षों ने दस्तावेज पेश किए। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। अब सस्पेंस बना हुआ है। फिल्म के डायरेक्टर ने कहा कि हमारा मकसद जागरूकता फैलाना है। न कि किसी को ठेस पहुंचाना।

MP News : रुखसार बनी वंशिका, हिंदू प्रेमी से मंदिर में रचाई शादी, नवरात्रि में छुपकर जाती थी मंदिर

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MP News : धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में एक मुस्लिम लड़की ने सनातन धर्म अपनाकर हिंदू युवक से वैदिक रीति से शादी कर ली। रुखसार नाम की युवती ने अपना नाम बदलकर वंशिका रख लिया। उसने श्री रामचरितमानस को जीवन का मार्गदर्शक बनाने का संकल्प लिया। यह शादी सोशल मीडिया की दोस्ती से प्यार में बदली। वंशिका के परिवार ने विरोध किया लेकिन उसकी जिद ने सब बदल दिया। मंगलवार को खंडवा के महादेवगढ़ मंदिर में यह विवाह संपन्न हुआ। Bhopal News : भोपाल के पास 488 पेड़ों की अवैध कटाई पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार की दलील खारिज, ASI को नोटिस धार के धरमपुरी इलाके की रहने वाली वंशिका ने बताया कि बचपन से ही सनातन धर्म में उसकी गहरी रुचि थी। घर में अकेले बिंदी लगाती। साड़ी पहनकर घूमती। नवरात्रि के दौरान मंदिर जाकर मां दुर्गा के दर्शन करती। मां को यह सब पसंद नहीं था। वह हमेशा रोकती लेकिन वंशिका कहती, “मैं हिंदू ही बनूंगी। अगर कहीं और शादी हुई तो मर जाऊंगी।” परिवार ने उसकी इस जिद को गंभीरता से नहीं लिया। धीरे-धीरे समय बीता। 27 नवंबर को निकाह तय हुआ। वंशिका के परिवार ने उसकी बढ़ती सनातन रुचि देखी। फिर भी मुस्लिम रीति से निकाह तय कर दिया लेकिन वंशिका ने साफ मना कर दिया। वह तैयार नहीं हुई। सोशल मीडिया पर बनी दोस्ती ने रास्ता दिखाया। खंडवा के उंडेल गांव का विशाल राजपूत उसका दोस्त था। चैट से बातें बढ़ीं। प्यार हो गया। वंशिका ने फैसला लिया कि विशाल से ही शादी करेगी। परिवार को बताया लेकिन वे मानने को तैयार नहीं। फिर भी वह अड़ी रही। MP News : देश का पहला हाई-टेक वन्य जीव कैप्चर अभियान, हेलीकॉप्टर से पकड़े गए 846 कृष्णमृग और 67 नीलगाय यह शादी हरिहर मिलन दिवस पर हुई। हरिहर मिलन का अर्थ है शिव-पार्वती का मिलन। यह दिन प्रेम और एकता का प्रतीक है। महादेवगढ़ मंदिर में वैदिक मंत्रों के बीच फेरे लिए गए। वंशिका ने लाल साड़ी पहनी। मंगलसूत्र धारण किया। मांग में सिंदूर भरा। विशाल ने वचन दिया कि जीवन भर साथ निभाएंगे। मंदिर के पुजारी ने आशीर्वाद दिया। विवाह में विशाल के परिवार वाले शामिल हुए। वंशिका के कुछ रिश्तेदार भी पहुंचे लेकिन ज्यादातर परिवार ने बहिष्कार किया। Ujjain News : कार्तिक पूर्णिमा पर शिप्रा में लाखों श्रद्धालु ने लगाई आस्था की डुबकी, रामघाट पर स्नान-दीपदान का महापर्व शादी के बाद नवदंपति को श्री रामचरितमानस भेंट की गई। वंशिका ने किताब स्वीकार की। कहा, “मैं इसे रोज पढ़ूंगी। रामचरितमानस के अनुसार जीवन जियूंगी। भक्ति और धर्म का पालन करूंगी।”

Bhopal News : भोपाल के पास 488 पेड़ों की अवैध कटाई पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार की दलील खारिज, ASI को नोटिस

Jabalpur High Court

Bhopal News : भोपाल। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजपुर-बैरसिया रोड चौड़ीकरण के नाम पर 488 पेड़ों की बिना अनुमति कटाई पर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सच्चर और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान सरकार के जवाब पर नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि प्रत्यारोपण के नाम पर पेड़ों को काटकर उनके तने जमीन में गाड़ दिए गए हैं। यह भरपाई नहीं है। MP News : भाई के बाद बहन की भी जहरीली गैस से मौत, माता-पिता की हालत गंभीर पीठ ने 253 कथित प्रत्यारोपित पेड़ों की जीपीएस लोकेशन वाली तस्वीरें पेश करने का सख्त निर्देश दिया। साथ ही, हस्तक्षेपरकर्ता नितिन सक्सेना के आवेदन को मंजूर कर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को नोटिस जारी किया। एएसआई से भी जवाब मांगा गया है। मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी। यह जनहित याचिका अखबार की एक खबर पर अदालत ने स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज की थी। खबर में खुलासा हुआ था कि रायसेन जिले के लोक निर्माण विभाग ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के नियमों का पालन किए बिना पेड़ कटवाए। MP News : देश का पहला हाई-टेक वन्य जीव कैप्चर अभियान, हेलीकॉप्टर से पकड़े गए 846 कृष्णमृग और 67 नीलगाय विभाग ने न तो 9 सदस्यीय समिति का गठन किया। न ही वृक्ष अधिकारी से मंजूरी ली। नियमों के मुताबिक, पेड़ कटाई से पहले ऐसी समिति की सहमति जरूरी है। बिना अनुमति कटाई पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है। हाईकोर्ट ने पहले ही इस पर रोक लगाई थी। अब सरकार की सफाई पर सवाल उठे हैं। सुनवाई में राज्य सरकार के वकील ने दावा किया कि कलेक्टर ने 448 पेड़ों के स्थानांतरण की मंजूरी दी थी। बाकी पेड़ों की भरपाई के लिए 10 गुना अधिक रोपण किया जाएगा। साथ ही, 253 पेड़ पहले ही प्रत्यारोपित हो चुके हैं। लेकिन अदालत ने इन दलीलों को खारिज कर दिया। MP News : पं. धीरेंद्र शास्त्री पर अपमानजनक टिप्पणी से भड़की कपीश सेना, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन पीठ ने कहा कि पेश तस्वीरों से साफ है। प्रत्यारोपण नहीं हुआ। पेड़ों को काटकर तने ही गाड़े गए हैं। कुछ तनों पर नए अंकुर उग रहे हैं। यह दिखावा मात्र है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वास्तविक प्रत्यारोपण साइटों की वीडियो रिकॉर्डिंग और जीपीएस प्रमाण मांगे हैं। अगर झूठ पाया गया, तो सख्त कार्रवाई होगी।

MP News : भाई के बाद बहन की भी जहरीली गैस से मौत, माता-पिता की हालत गंभीर

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MP News : ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सबको सदमे में डाल दिया है। जडेरुआ इलाके में किराए के मकान में रहने वाले एक परिवार पर कहर टूट पड़ा। मकान मालिक ने गेहूं की बोरियों में सल्फास की गोलियां डाल रखी थीं। रात को इनसे निकली जहरीली गैस ने पूरे घर को चैंबर बना दिया। चार साल के मासूम वैभव की मौके पर ही मौत हो गई। इलाज के दौरान 16 साल की बहन क्षमा शर्मा ने भी दम तोड़ दिया। माता-पिता सत्येंद्र शर्मा और रजनी शर्मा की हालत गंभीर है। दोनों को ICU में रखा गया है। MP News : देश का पहला हाई-टेक वन्य जीव कैप्चर अभियान, हेलीकॉप्टर से पकड़े गए 846 कृष्णमृग और 67 नीलगाय जानकारी के मुताबिक, मामले में पुलिस ने मंगलवार देर रात करीब 2 बजे मकान मालिक श्रीकृष्ण यादव पर गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। घटना के बाद से ही पुलिस ने उसे गोला का मंदिर थाने में हिरासत में रखा था। परिवार के साथ रहते थे सत्येंद्र शर्मा, पत्नी रजनी, बड़ी बेटी क्षमा और छोटा बेटा वैभव। मकान मालिक शिवकुमार यादव ने घर के एक हिस्से में 250 क्विंटल गेहूं स्टोर किया था। घुन से बचाने के लिए उन्होंने बोरियों में 50 सल्फास गोलियां मिला दीं। भिंड जिले के गोहद से लाई गई यह दवा रात में गैस छोड़ने लगी। MP News : पं. धीरेंद्र शास्त्री पर अपमानजनक टिप्पणी से भड़की कपीश सेना, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन गैस इतनी घनी हो गई कि कमरे में सांस लेना मुश्किल हो गया। सबसे पहले वैभव की हालत बिगड़ी। वह सोते-सोते ही बेहोश हो गया। परिवार के चिल्लाने की आवाज पर पड़ोसी जागे और सबको निजी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां वैभव को मृत घोषित कर दिया। क्षमा ने दूसरे दिन सुबह अंतिम सांस ली। सत्येंद्र की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि सत्येंद्र की पांच बेटियां हैं। बरसों की मन्नत से वैभव जैसा इकलौता बेटा हुआ था। वह परिवार का चमकता सितारा था। अब सब कुछ उजड़ गया। दादी ने कहा कि वैभव की हंसी घर में गूंजती रहती। आज वह सदा के लिए चुप हो गया। परिजन अस्पताल के बाहर फूट-फूटकर रो रहे हैं। रिश्तेदारों ने मकान मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बिना बताए ऐसी खतरनाक दवा रखना गुनाह है। Ujjain News : कार्तिक पूर्णिमा पर शिप्रा में लाखों श्रद्धालु ने लगाई आस्था की डुबकी, रामघाट पर स्नान-दीपदान का महापर्व फोरेंसिक विशेषज्ञों ने सैंपल लिए। गेहूं की बोरियों से सल्फास की गोलियां बरामद हुईं। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी। एसपी डॉ. इंद्रा सिंह ने बताया कि रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी। मकान मालिक शिवकुमार यादव फरार है। उनकी तलाश में टीमें लगी हैं। प्रारंभिक जांच में साफ है कि सल्फास की अधिक मात्रा से गैस बनी। यह गैस सांस, पेट दर्द और बेहोशी का कारण बनती है। खासकर बच्चों के लिए घातक साबित हुई।

MP News : देश का पहला हाई-टेक वन्य जीव कैप्चर अभियान, हेलीकॉप्टर से पकड़े गए 846 कृष्णमृग और 67 नीलगाय

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High-Tech Wildlife Capture Operation MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश ने वन्यजीव संरक्षण में एक अनोखा कदम उठाया है। राज्य में पहली बार हाई-टेक कैप्चर अभियान चलाया गया। इसमें 846 कृष्णमृग और 67 नीलगायों को बिना चोट पहुंचाए पकड़ा गया। सभी जानवरों को सुरक्षित अभयारण्यों में छोड़ दिया गया। यह अभियान किसानों की फसलों को बचाने और वन्यजीवों की रक्षा दोनों के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। मुख्यमंत्री ने इसे ‘सेवा भाव और संरक्षण का बेमिसाल उदाहरण’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह कदम न सिर्फ जंगली जानवरों की जान बचाता है। बल्कि किसानों की मेहनत की रक्षा भी करता है। दीपावली के दौरान भी वनकर्मियों ने रात-दिन एक कर दिया। उनकी मेहनत की मुख्यमंत्री ने खुलकर तारीफ की। यह अभियान 10 दिनों तक चला। दक्षिण अफ्रीका की विशेषज्ञ टीम ने इसमें अहम भूमिका निभाई। Ujjain News : कार्तिक पूर्णिमा पर शिप्रा में लाखों श्रद्धालु ने लगाई आस्था की डुबकी, रामघाट पर स्नान-दीपदान का महापर्व हेलीकॉप्टर और बोमा तकनीक ने कमाल कर दिखाया। रॉबिन्सन-44 हेलीकॉप्टर से पहले खेतों का हवाई सर्वे किया गया। फिर बोमा बाड़ लगाई गई। यह घास और जाल से बनी फनल जैसी संरचना है। जानवरों को डराए बिना उन्हें धीरे-धीरे अभयारण्य की ओर ले जाया गया। किसी जानवर को बेहोश करने की जरूरत नहीं पड़ी। इससे पूरी प्रक्रिया प्राकृतिक और सुरक्षित रही। दक्षिण अफ्रीका की कंजरवेशन सॉल्यूशंस कंपनी के 15 विशेषज्ञों ने मध्य प्रदेश की वन टीम को ट्रेनिंग दी। पकड़े गए जानवरों को गांधीसागर, कूनो और नौरादेही अभयारण्यों में छोड़ा गया। नीलगायों को गांधीसागर के 64 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बसाया गया। शाजापुर, उज्जैन और आसपास के जिलों के किसान अब राहत की सांस ले रहे हैं। पहले ये जानवर फसलें रौंद देते थे। अब ऐसी घटनाओं में भारी कमी आई है। वन विभाग ने एक ट्रेंड टीम तैयार की है। यह भविष्य में अन्य जिलों में ऐसे अभियान चला सकेगी। MP News : पं. धीरेंद्र शास्त्री पर अपमानजनक टिप्पणी से भड़की कपीश सेना, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन अभियान में मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक शुभरंजन सेन ने नेतृत्व किया। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक उत्तम शर्मा, मुख्य वन संरक्षक एम.आर. बघेल और विशेषज्ञ डॉ. कार्तिकेय की भूमिका सराहनीय रही। शाजापुर कलेक्टर रिजु बाफना ने बताया कि इमलीखेड़ा गांव में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट से 45 कृष्णमृग पहले ही गांधीसागर पहुंच चुके थे। यह देश का पहला ऐसा पायलट प्रोजेक्ट है। जहां हेलीकॉप्टर से हिरणों को हांका गया। MP News : SIR में लापरवाही करने पर बड़ी कार्रवाई, डोर-टू-डोर सर्वे में नहीं पहुंचे बीएलओ, कलेक्टर ने किया बर्खास्त मुख्यमंत्री ने वनकर्मियों से कहा कि ‘जियो और जीने दो’ की नीति अपनाएं। यह अभियान मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने की दिशा में बड़ा कदम है। राज्य सरकार वन्यजीवों के लिए पर्याप्त भोजन और जगह सुनिश्चित कर रही है। किसानों को नुकसान से बचाने के लिए ऐसे प्रयास जारी रहेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक पूरे देश के लिए मॉडल बनेगी। वन क्षेत्रों में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

Ujjain News : कार्तिक पूर्णिमा पर शिप्रा में लाखों श्रद्धालु ने लगाई आस्था की डुबकी, रामघाट पर स्नान-दीपदान का महापर्व

Millions devotees took holy dip in Shipra River on Kartik Purnima

Ujjain News : उज्जैन। कार्तिक पूर्णिमा का पावन पर्व बुधवार को उज्जैन में धूमधाम से मनाया जा रहा है। सुबह से ही शिप्रा नदी के रामघाट पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं। देश के कोने-कोने से आए भक्त पवित्र स्नान कर रहे हैं। स्नान के बाद दान-पुण्य का सिलसिला भी शुरू हो गया है। शाम को रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर दीपदान होगा। शिप्रा नदी को मोक्षदायिनी माना जाता है। रामघाट, नरसिंह घाट और दत्त अखाड़ा घाट हर जगह भक्तों की भीड़ है। सुबह चार बजे से स्नान शुरू हुआ। यह क्रम शाम तक चलेगा। भक्त नदी में डुबकी लगाकर पापों से मुक्ति की कामना कर रहे हैं। MP News : पं. धीरेंद्र शास्त्री पर अपमानजनक टिप्पणी से भड़की कपीश सेना, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन पंडित राजेश जोशी ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा का खास महत्व है। देव उठनी एकादशी से देव दिवाली तक यह पर्व चलता है। शाम को नदी में दीपदान करने से यम यातना से छुटकारा मिलता है। यह मान्यता सदियों पुरानी है। उज्जैन के अलावा वाराणसी, हरिद्वार और नर्मदा तट पर भी यही परंपरा है। पौराणिक कथाओं में इस दिन को देवताओं को प्रसन्न करने वाला बताया गया है। श्रद्धालु स्नान, दान और पूजा से पुण्य कमाते हैं। कई भक्त परिवार के साथ आए हैं। बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी नदी किनारे दिख रहे हैं। घाटों पर फूल, अगरबत्ती और प्रसाद की दुकानें सजी हैं। शाम चार बजे से दीपदान शुरू होगा। भक्त मिट्टी के दीये जलाकर शिप्रा में प्रवाहित करेंगे। यह दृश्य बेहद मनोरम होता है। नदी दीपों की रोशनी से जगमगाती है। पिछले सालों की तरह इस बार भी लाखों दीये जलाए जाएंगे। MP News : SIR में लापरवाही करने पर बड़ी कार्रवाई, डोर-टू-डोर सर्वे में नहीं पहुंचे बीएलओ, कलेक्टर ने किया बर्खास्त भीड़ को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। घाटों पर बचाव दल तैनात किए गए हैं। एसडीईआरएफ और होमगार्ड के जवान मौजूद हैं। वे भक्तों को गहरे पानी में जाने से रोक रहे हैं। माइक से लगातार चेतावनी दी जा रही है। पुलिस बल भी तैनात है। ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त की गई है। बाहर से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग बनाई गई है। मेडिकल टीम और एम्बुलेंस तैयार हैं। कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। उज्जैन के महाकाल मंदिर में भी विशेष पूजा हो रही है। कई श्रद्धालु स्नान के बाद बाबा महाकाल के दर्शन करेंगे। यह पर्व आस्था और संस्कृति का संगम है। भक्तों का कहना है कि शिप्रा स्नान से मन शुद्ध होता है। Narmadapuram News : थाने में पुलिस पिटाई का वीडियो वायरल, आरोपी युवकों को बेल्ट-डंडे से पीटा, एसपी ने SDOP को सौंपी जांच कार्तिक पूर्णिमा हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। इस बार यह पर्व और खास है क्योंकि मौसम सुहावना है। श्रद्धालु खुशी-खुशी हिस्सा ले रहे हैं। शाम का दीपदान मुख्य आकर्षण रहेगा। प्रशासन ने अपील की है कि नियमों का पालन करें। प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें। नदी को स्वच्छ रखें। यह पर्व पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है। उज्जैन एक बार फिर आस्था की राजधानी बना हुआ है।

MP News : पं. धीरेंद्र शास्त्री पर अपमानजनक टिप्पणी से भड़की कपीश सेना, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

Pt. Dhirendra Shastri

MP News : भोपाल। बागेश्वर धाम के प्रमुख संत पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणियां हो रही हैं। इसे बर्दाश्त न करने का फैसला भोपाल की कपीश सेना बागेश्वर धाम सुंदरकांड शिष्य मंडल ने लिया है। संगठन ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर के प्रतिनिधि को सौंपा। इसमें दोषियों पर तत्काल प्रतिबंध और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। MP News : SIR में लापरवाही करने पर बड़ी कार्रवाई, डोर-टू-डोर सर्वे में नहीं पहुंचे बीएलओ, कलेक्टर ने किया बर्खास्त संगठन के सदस्यों का कहना है कि संतों का अपमान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। ऐसी टिप्पणियां समाज में नफरत फैलाती हैं इसलिए इन्हें रोकना जरूरी है। ज्ञापन में स्पष्ट लिखा है कि अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने वालों को बेनकाब किया जाए। साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी बढ़ाई जाए। मंडल प्रभारी चरण सेवक दीपक गुप्ता ने कहा कि बाबा धीरेंद्र महाराज लाखों भक्तों के आस्था के केंद्र हैं। उनके खिलाफ कोई भी गलत बयान असहनीय है। हम सरकार से अपील करते हैं कि ऐसे अपराधियों पर तुरंत एक्शन लें। Bhopal News : डिस्पोजल कप में चाय-कॉफ़ी पीना जानलेवा, हो सकता है कैंसर, इस स्टडी में हुए चौकानें वाले खुलासे आकाश श्रीवास्तव ने जोड़ा कि यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति पर हमला है। हमें एकजुट होकर इसका मुकाबला करना होगा। इस अवसर पर भास्कर तनपुरे, राहुल मरमट जैसे कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।