Rajgarh News : राजगढ़, मध्य प्रदेश। राजगढ़ जिले के खिलचीपुर नगर में प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत मिशन की एक बड़ी विफलता सामने आ रही है। झालावाड़ नाके के पास सोमवारिया मार्ग पर वार्ड नंबर 4 में बना सार्वजनिक शौचालय आठ साल से बंद पड़ा है। लाखों रुपये की लागत से बना यह परिसर अब गंदगी का अड्डा बन गया है। स्थानीय लोग गुस्से में हैं। वे कहते हैं कि स्वच्छता के नाम पर सिर्फ कागजों पर खेल हो रहा है।
निर्माण साल 2016-17 में हुआ था। खिलचीपुर नगर पालिका ने नई दिल्ली की लोकप्रिय सेवा संस्थान से यह काम कराया। कुल खर्च आया 12 लाख 96 हजार रुपये। लेकिन पूरा होने के बाद इसे कभी जनता के लिए खोला ही नहीं गया। जिम्मेदार संस्था ने ताला जड़ दिया।
फिर परिसर छोड़ दिया। तब से यह जगह जंगलराज का शिकार है। आसपास गंदगी का ढेर लगा रहता है। दुर्गंध से लोग परेशान हैं। खुले में शौच जाना पड़ता है। इससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय निवासी राजू मालवीय ने सवाल किया। “इसे बंद रखना था तो इतना पैसा क्यों बर्बाद किया? हम तो खुले में ही रहते हैं।” अन्य लोग भी सहमत हैं। उनका कहना है कि शौचालय बंद होने से महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हैं।
स्वच्छ भारत मिशन का मकसद ही खत्म हो गया। नगर पालिका पर लापरवाही का आरोप लग रहा है। रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं। निगरानी भी गायब।
यह समस्या सिर्फ खिलचीपुर तक नहीं। पूरे देश में ऐसी योजनाएं फेल हो रही हैं। सरकार ने करोड़ों खर्च किए। लेकिन जमीन पर कुछ नहीं। विशेषज्ञ कहते हैं कि निर्माण के बाद संचालन पर ध्यान देना चाहिए। वरना पैसा व्यर्थ जाता है।
स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं। तुरंत शौचालय खोलें। साफ-सफाई करें। दोषियों पर कार्रवाई हो। नगर पालिका ने कहा कि जल्द जांच होगी। लेकिन लोग विश्वास नहीं कर रहे। वे कहते हैं कि वादे तो बहुत होते हैं। अमल कब होगा?