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Raisen Protest : रायसेन में विहिप-बजरंग दल ने कलेक्ट्रेट में दिया ज्ञापन, गोमांस टैक्स फ्री के फैसले से भड़के

Raisen Protest

Cow Slaughter Raisen Protest : रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में नवरात्रि की धूम के बीच गोसंरक्षण का मुद्दा गरमाया हुआ है। गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। करीब 100 कार्यकर्ताओं की यह रैली शांतिपूर्ण रही, लेकिन मांगों की तीखी धार ने प्रशासन को हिलाकर रख दिया।

कार्यकर्ताओं ने गोहत्या के आरोपियों पर NSA लगाने, अवैध कब्जे हटाने और हाल ही में जारी गोमांस पर कर मुक्ति अधिसूचना को रद्द करने की जोरदार अपील की। उनका कहना है कि यह फैसला हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा है, और गोसंरक्षण वर्ष मनाने वाली सरकार की नीतियों से मेल नहीं खाता।

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गोहत्या के आरोपियों पर NSA की मांग

कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में रायसेन जिले के ग्राम मउचांदपुर में कुछ दिन पहले हुई गोहत्या की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह दर्दनाक घटना समाज को झकझोरने वाली है, और कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं। मांग की गई कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई की जाए।

साथ ही, आरोपियों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमणों को चिह्नित कर तत्काल हटाया जाए। VHP के एक कार्यकर्ता ने कहा, “गोहत्या सिर्फ अपराध नहीं, हमारी आस्था पर हमला है। NSA से कड़ा संदेश जाएगा।”

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गोमांस पर टैक्स मुक्ति का कड़ा विरोध

ज्ञापन का एक मुख्य बिंदु हाल ही में जारी सरकारी अधिसूचना का विरोध था, जिसमें गोमांस को कर मुक्त करने की बात कही गई है। कार्यकर्ताओं ने तर्क दिया कि यह मध्य प्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के खिलाफ है, और इससे समाज में असंतोष फैल सकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक ओर गोसंरक्षण वर्ष मना रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसी अधिसूचना से हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है।

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कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में और भी कई मांगें रखीं, जो गोसंरक्षण को मजबूत करने पर केंद्रित हैं:

  • कसाईखानों की निगरानी के लिए जिला और राज्य स्तर पर समितियों का गठन किया जाए।
  • गोमूत्र और गोबर से बने उत्पादों (जैसे दीपक, अगरबत्ती, जैविक खाद) को टैक्स मुक्त किया जाए, ताकि गौशालाएं आत्मनिर्भर बन सकें।
  • किसी भी वाहन या स्थान पर गोमांस मिलने पर जांच उच्च स्तर के पुलिस अधिकारियों से कराई जाए, और सख्त कार्रवाई हो।

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