Strictness on no Helmet-Seat Belt in Vidisha : विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सड़कों पर तेज दौड़ती गाड़ियों , बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट की गाड़ियों पर सख्ती से कार्रवाई हुई है। इसके तहत पुलिस ने 1414 वाहन चालकों को कठघरे में खड़ा कर दिया और जुर्माने के रूप में 5 लाख 16 हजार 500 रुपये वसूल लिए। विदिशा जिले में यह मुहिम 22 सितंबर तक जारी रहेगी। 8 से 14 सितंबर तक चले पहले चरण में ही पुलिस ने 5 लाख 16 हजार रुपए चालान वसूला है।
पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के सख्त निर्देशों पर यह अभियान जोर-शोर से चल रहा है। पहले हफ्ते में सबसे ज्यादा कार्रवाई तेज रफ्तार, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों पर हुई। ये छोटी-छोटी लापरवाहियां अक्सर बड़े हादसों का कारण बन जाती हैं और विदिशा पुलिस ने इन्हें बख्शा नहीं। लेकिन यहीं नहीं रुकी।
नाबालिग ड्राइवरों को गाड़ी पकड़ते ही पकड़ा गया, जो जिले की सड़कों पर खतरा बन रहे हैं। मोबाइल फोन पर बातें करते हुए वाहन चलाने वाले ‘मल्टीटास्कर्स’ को भी चालान थमा दिया गया। नशे में धुत ड्राइवरों पर तो खास नजर रही- ये लोग न सिर्फ खुद, बल्कि पूरे परिवार को जोखिम में डाल देते हैं।
इसके अलावा गलत दिशा में वाहन दौड़ाने वालों, ओवरलोडिंग वाले ट्रकों, और बिना लाइसेंस, फिटनेस या परमिट के गाड़ियां चलाने वालों को भी सजा मिली। विदिशा की सड़कें, जो कभी अनियंत्रित हो जाती थीं, अब पुलिस की निगरानी में हैं। यह अभियान सिर्फ दंड नहीं, बल्कि जागरूकता का भी माध्यम बन रहा है। स्थानीय लोग कह रहे हैं, “पहले तो चालान से डर लगता था, अब तो नियमों का पालन करने की आदत पड़ रही है।”
स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता
अभियान का एक सकारात्मक पहलू यह रहा कि पुलिस टीमों ने जिले भर के स्कूलों और कॉलेजों का दौरा किया। वहां छात्रों को सड़क सुरक्षा के बुनियादी नियम सिखाए गए। हेलमेट का महत्व, सीट बेल्ट कैसे जान बचाता है और नशे में ड्राइविंग के घातक परिणाम- ये सब बातें बच्चों के दिलो-दिमाग में बिठाई गईं। एक स्कूल छात्र ने कहा, “पुलिस अंकल ने बताया कि एक छोटी सी गलती पूरी जिंदगी बदल सकती है। अब हम दोस्तों को भी समझाते हैं।”
इसके साथ ही, पुलिस ने राहवीर योजना, हिट एंड रन पीड़ित प्रतिकर योजना और कैशलेस ट्रीटमेंट योजना की जानकारी भी साझा की। ये योजनाएं हादसों के शिकार लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती हैं।
MP News : उमंग सिंघार के लिए गूंजे सीएम के नारे, नेता प्रतिपक्ष बोले -2028 अभी तो दूर है, भाइयों!
विदिशा के युवा अब न सिर्फ नियमों के पालनकर्ता बन रहे हैं, बल्कि जागरूक नागरिक भी। यह कदम भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रख रहा है, जहां सड़कें मौत के सौदागर न बनें।
यह अभियान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे, एसडीओपी और यातायात प्रभारी आशीष राय के नेतृत्व में सुचारू रूप से चल रहा है। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने जनता से अपील की है, “अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें। एक छोटी सी सावधानी लाखों जिंदगियां बचा सकती है।”