Narmadapuram Murder Case : बुधनी बुलाकर युवक की नियोजित हत्या, तीनों आरोपी गिरफ्तार

Narmadapuram Murder Case : मध्य प्रदेश। नर्मदापुरम जिले के सेमरी हरचंद गांव के 22 वर्षीय युवक पीयूष कुशवाह की बुधनी में शुक्रवार शाम चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। हमलावरों ने पुरानी रंजिश को खत्म करने के बहाने उसे बुलाया और पेट में चाकू घोंप दिया। घटना इतनी भयानक थी कि पीयूष खून से लथपथ हो गया। उसके दोस्तों ने तुरंत उसे नर्मदापुरम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन लगभग 12 घंटे के संघर्ष के बाद शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। पीयूष की मौत की खबर फैलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार वाले सदमे में हैं और स्थानीय लोग इसे एक सुनियोजित साजिश बता रहे हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की और तीनों आरोपी रातोंरात गिरफ्तार किये हैं। MP News : नर्मदापुरम में DAP-यूरिया कालाबाजारी का खुलासा, तहसीलदार ने पकड़ा, अफसरों की 4 सदस्यीय टीम जांच में मृतक के भाई ने पुलिस को बताया कि आरोपी जीतू उर्फ जितेंद्र कुशवाह ने पुरानी रंजिश को सुलझाने के लिए पीयूष को फोन किया था। भरोसा करके पीयूष अपने दोस्तों राहुल ठाकुर और खोपसिंह के साथ बुधनी पहुंचा। लेकिन ओवर ब्रिज के नीचे पहुंचते ही हमला हो गया। आरोपी जीतू, दिनेश बेले और अनिल कुशवाह ने झगड़ा शुरू कर दिया। गुस्से में जीतू ने पीयूष के पेट में चाकू मार दिया। हमलावरों ने मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की, लेकिन दोस्तों की चीखें सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। राहुल और खोपसिंह ने घायल पीयूष को तुरंत नर्मदा अस्पताल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की। लेकिन गंभीर चोटों के कारण शनिवार सुबह करीब 8 बजे पीयूष की सांसें थम गईं। परिवार का कहना है कि पीयूष एक मेहनती युवक था, जो गांव में छोटा-मोटा काम करता था, और इस तरह की मौत ने सबको हिलाकर रख दिया। MP News : आदिवासियों का उग्र विरोध, अभयारण्य-बांध प्रोजेक्ट से विस्थापन के खिलाफ हरदा-बैतूल में धरना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों- जितेंद्र कुशवाह, अनिल कुशवाह और दिनेश बेले- को रात में ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बुधनी थाना प्रभारी चैन सिंह रघुवंशी ने बताया कि हत्या की वजह एक लड़की से जुड़ी पुरानी रंजिश थी। आरोपी लंबे समय से पीयूष से दुश्मनी रखते थे और इस बार बहाने से बुलाकर साजिश रच ली। पुलिस ने मौके से चाकू बरामद कर लिया है, और गवाहों के बयान दर्ज कर लिए हैं। रघुवंशी ने कहा, “मामला संवेदनशील है, इसलिए हमने आईपीसी की हत्या की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी पूछताछ में पूरी घटना कबूल चुके हैं।” थाना प्रभारी ने इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की है, ताकि कोई तनाव न फैले। एसपी नर्मदापुरम ने भी कहा कि दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी, और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। Robotic Surgery : भोपाल AIIMS में शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी, 30 करोड़ की लागत में लगेगा दुनिया का सबसे एडवांस रोबोटिक सिस्टम शनिवार दोपहर पीयूष का शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में पेट की गहरी चोटों को मौत का कारण बताया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि बुधनी जैसे छोटे कस्बों में पुरानी रंजिशें अक्सर हिंसा का रूप ले लेती हैं, और युवाओं को सतर्क रहने की जरूरत है।
MP News : नर्मदापुरम में DAP-यूरिया कालाबाजारी का खुलासा, तहसीलदार ने पकड़ा, अफसरों की 4 सदस्यीय टीम जांच में

Narmadapuram Fertilizer Black Marketing : नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश। नर्मदापुरम जिले के बांद्राभान रोड पर घानाबाड़ के पास स्थित मोहन खंडेलवाल की दुकान से कालाबाजारी के शक में जब्त डीएपी और यूरिया के स्टॉक की जांच तेज हो गई है। एसडीएम नीता कोरी ने 11 सितंबर को इसकी जांच के लिए चार सदस्यीय दल गठित किया था। शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे यह टीम दुकान पर पहुंची। बीते 3 सितंबर से सील लगी दुकान की ताला खुलवाकर टीम ने 170 बोरियों का स्टॉक चेक किया, जिसमें यूरिया की 78 बोरी और डीएपी की 92 बोरी शामिल हैं। दुकानदार से खरीद संबंधी दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई। लगभग एक घंटे की जांच के बाद दुकान में फिर ताला लगाकर सील कर दी गई। यह कार्रवाई नर्मदापुरम में किसानों की खाद किल्लत के बीच एक बड़ा कदम है, जहां कई किसान लंबी कतारों में परेशान हो रहे हैं। MP News : आदिवासियों का उग्र विरोध, अभयारण्य-बांध प्रोजेक्ट से विस्थापन के खिलाफ हरदा-बैतूल में धरना जिले में डीएपी और यूरिया की कमी से किसान खरीफ सीजन में फसल बोने के लिए तरस रहे हैं। इसी बीच कुछ दुकानदार मौके का फायदा उठाकर कालाबाजारी कर रहे हैं। 3 सितंबर को इसी शक पर एसडीएम नीता कोरी के निर्देश पर ग्रामीण तहसीलदार दिव्यांशु नामदेव ने घानाबाड़ दुकान पर छापा मारा था। छापे में पता चला कि दुकान पर अवैध तरीके से खाद अधिक दामों पर बेची जा रही थी। मौके पर 170 बोरी जब्त की गई और दुकान को राजस्व अधिकारी (आरआई) व पटवारियों की मौजूदगी में सील कर दिया गया। दुकानदार मोहन खंडेलवाल ने खुद स्वीकार किया कि उसने डबल लॉक गोदाम नर्मदापुरम से डीएपी और यूरिया खुद के उपयोग के लिए खरीदा था लेकिन कुछ किसानों को 300 रुपये प्रति बोरी के दाम पर बेचकर ‘मदद’ की। Raisen News : रात में सड़कों पर गायों का ‘चमकदार’ पहरा, रायसेन में हिंदू युवा संगठन की अनोखी पहल से बचेगी जान अब जांच टीम दो मुख्य सवालों पर फोकस कर रही है: – अगर दुकानदार का उद्देश्य किसानों की मदद करना था, तो निर्धारित दाम से ज्यादा पैसे क्यों वसूले? – क्या उसके पास डीएपी और यूरिया बेचने का वैध लाइसेंस है? अगर लाइसेंस नहीं मिला, तो एफआईआर दर्ज हो सकती है। कृषि उप संचालक जे.आर. हेडाऊ ने बताया कि कालाबाजारी के शक में ग्रामीण तहसीलदार ने स्टॉक जब्त किया। जांच दल में ग्रामीण तहसीलदार दिव्यांशु नामदेव, सहकारिता निरीक्षक आर.के. कातुलकर, कृषि विभाग के एसएडीओ राजकुमार उइके और पटवारी यशवंत कुमार शामिल हैं। हेडाऊ ने कहा, “खाद बेचने की जानकारी सामने आई है। Robotic Surgery : भोपाल AIIMS में शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी, 30 करोड़ की लागत में लगेगा दुनिया का सबसे एडवांस रोबोटिक सिस्टम अगर लाइसेंस नहीं है, तो अपराधिक मामला दर्ज होगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर वैधानिक कार्रवाई होगी।” यह जांच नर्मदापुरम जैसे जिलों में खाद संकट की पृष्ठभूमि में हो रही है, जहां किसान लंबी कतारों में टोकन के लिए तरस रहे हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों को चेतावनी दी थी कि खाद वितरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
MP News : आदिवासियों का उग्र विरोध, अभयारण्य-बांध प्रोजेक्ट से विस्थापन के खिलाफ हरदा-बैतूल में धरना

Tribals Fierce Opposition : मध्य प्रदेश। हरदा जिले के रहटगांव में प्रस्तावित डॉ. राजेंद्र प्रसाद वन अभयारण्य, मोरंड-गंजाल बांध परियोजना और सतपुड़ा गो अभयारण्य के खिलाफ आदिवासियों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया। हरदा, बैतूल और नर्मदापुरम जिलों से सैकड़ों आदिवासी दोपहर में तेजाजी चौक पर इकट्ठा हुए। यहां 1 से 3 बजे तक एक जोरदार जनसभा हुई, जिसमें वक्ताओं ने परियोजनाओं के खिलाफ आवाज बुलंद की। इसके बाद कलेक्ट्रेट तक एक विशाल रैली निकाली गई और डेढ़ घंटे तक कलेक्ट्रेट गेट पर धरना दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने बैनर, नारे और पारंपरिक ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी एकजुटता दिखाई, जो दूर से ही सनसनी फैला रही थी। Raisen News : रात में सड़कों पर गायों का ‘चमकदार’ पहरा, रायसेन में हिंदू युवा संगठन की अनोखी पहल से बचेगी जान जयस (जन आदोलन संघर्ष संगठन) के जिला संरक्षक धनसिंह भलावी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पूरा हरदा जिला ग्रीन बेल्ट सूची में आता है, यानी यह पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र है। फिर भी आदिवासियों को जबरन विस्थापित करने की साजिश रची जा रही है। भलावी ने चेतावनी दी, “विस्थापन के बाद न घर मिलेगा, न नौकरी। मिलेगा तो सिर्फ पुलिस का डंडा और प्रशासन का अंडा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि आदिवासी इस भूमि के मूल निवासी हैं, यहां उनके पुरखों की हड्डियां गड़ी हैं, फिर भी उन्हें किराएदार बना दिया गया है। आंदोलन में जयस जिलाध्यक्ष सत्यनारायण सुचार, राकेश काकोडिया, राहुल पवारे, महेंद्र काशिव, सुमित्रा चौहान समेत बड़ी संख्या में आदिवासी शामिल हुए। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने इसे और मजबूत बनाया। Robotic Surgery : भोपाल AIIMS में शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी, 30 करोड़ की लागत में लगेगा दुनिया का सबसे एडवांस रोबोटिक सिस्टम मोरंड-गंजाल बांध परियोजना से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले 42 गांवों के निवासी चिंतित हैं। यह परियोजना नर्मदा नदी की सहायक नदियों मोरंड और गंजाल पर बनने वाली है, जो हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल और खंडवा जिलों को प्रभावित करेगी। ग्रामीणों का कहना है कि इससे हजारों पेड़ कटेंगे, आदिवासी विस्थापित होंगे और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचेगा। बिना ग्राम सभा की अनुमति के यह काम नियमों का उल्लंघन है। पुराने आंकड़ों के मुताबिक, इस परियोजना से 199 गांवों की 64 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, लेकिन डूब क्षेत्र में 2250 हेक्टेयर जंगल और चार लाख से ज्यादा पेड़ नष्ट हो सकते हैं। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने भी चेतावनी दी है कि इससे सतपुड़ा और मेलघाट टाइगर रिजर्व के बाघ आवास जलमग्न हो सकते हैं, जिससे जैव विविधता पर खतरा मंडराएगा। Vidisha Minor Rape Case : विदिशा में डेढ़ साल की बच्ची से दुष्कर्म, पीड़िता की बुआ की शिकायत पर हुई कार्रवाई डॉ. राजेंद्र प्रसाद वन अभयारण्य 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में 8 पंचायतों की जमीन पर प्रस्तावित है। भलावी ने पूर्व सांसद संजय शाह पर बिना अनुमति सहमति देने का गंभीर आरोप लगाया और परियोजना को तुरंत निरस्त करने की मांग की। सतपुड़ा गो अभयारण्य का विस्तार भी इसी क्षेत्र में हो रहा है, जो आदिवासियों की आजीविका को प्रभावित करेगा। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें परियोजनाओं पर रोक लगाने, ग्राम सभा की सहमति लेने और विस्थापितों के लिए उचित पुनर्वास की मांग की गई। प्रशासन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आश्वासन दिया लेकिन आदिवासियों का कहना है कि जब तक परियोजनाएं रद्द न हों, आंदोलन जारी रहेगा।
Raisen News : रात में सड़कों पर गायों का ‘चमकदार’ पहरा, रायसेन में हिंदू युवा संगठन की अनोखी पहल से बचेगी जान

Radium Belts are Being Worn on Cows : रायसेन, मध्य प्रदेश। रायसेन जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए एक अनोखी पहल की शुरुआत हो गई है। हिंदू युवा संगठन ने शुक्रवार रात से सड़कों पर बैठने वाली गायों के गले में रेडियम बेल्ट बांधने का अभियान शुरू किया। यह अभियान सागर तिराहे से पठारी तक के व्यस्त मार्ग पर शुरू हुआ, जहां रात में गायों के कारण अक्सर वाहन चालकों को परेशानी होती है। पहले दिन ही एसडीएम मनीष शर्मा ने खुद उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने गायों के गले में रेडियम बेल्ट बांधकर अभियान को हरी झंडी दिखाई। एसडीएम ने कहा, “यह पहल सड़क सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। रेडियम बेल्ट की चमक से गायें रात में दूर से ही वाहन चालकों को नजर आ जाएंगी, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी।” यह देखकर स्थानीय लोग भी प्रभावित हुए और कई ने खुद हाथ बंटाने की पेशकश की। Robotic Surgery : भोपाल AIIMS में शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी, 30 करोड़ की लागत में लगेगा दुनिया का सबसे एडवांस रोबोटिक सिस्टम जानकारी के मुताबिक, अभियान 8 दिनों तक चलेगा और संगठन के प्रमुख बृजेश चावला ने बताया कि पहले दिन ही लगभग 100 गायों को रेडियम बेल्ट पहनाई गई। संगठन ने कुल 150 बेल्ट मंगवाई हैं, जिन्हें शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर घूमने या बैठने वाली गायों के गले में लगाया जाएगा। बृजेश चावला ने कहा, “हमारा मकसद सिर्फ गायों की रक्षा नहीं, बल्कि ड्राइवरों और राहगीरों की जान बचाना भी है। रायसेन जैसे क्षेत्रों में सड़कें व्यस्त हैं, और रात में गायों को देख न पाने से कई हादसे हो चुके हैं। यह बेल्ट सस्ती और प्रभावी है, जो चमकती हुई दूर तक दिखाई देती है।” अभियान के दौरान टीम ने गायों को पकड़ने में भी सावधानी बरती, ताकि उन्हें कोई नुकसान न पहुंचे। Vidisha Minor Rape Case : विदिशा में डेढ़ साल की बच्ची से दुष्कर्म, पीड़िता की बुआ की शिकायत पर हुई कार्रवाई इस कार्यक्रम में तहसीलदार भरत मंड्रे, हिंदू युवा संगठन के प्रमुख दीपक ठाकुर, शुभम बेदी, सौरभ जाट, धर्मेंद्र ठाकुर, आकाश लोधी, शुभम शर्मा और केशव ठाकुर सहित पूरी टीम मौजूद रही। सभी ने मिलकर गायों को बेल्ट बांधने में मदद की। यह पहल सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के साथ-साथ पशु कल्याण को भी बढ़ावा देगी। रायसेन में हाल के वर्षों में गायों से जुड़ी दुर्घटनाएं बढ़ी हैं, खासकर हाईवे पर। संगठन का कहना है कि यह अभियान सफल होने पर अन्य जिलों में भी फैलाया जाएगा। स्थानीय ट्रैफिक पुलिस ने भी इसका समर्थन किया है और कहा कि इससे रात के समय वाहन चालकों को सतर्क रहने में मदद मिलेगी।
Robotic Surgery : भोपाल AIIMS में शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी, 30 करोड़ की लागत में लगेगा दुनिया का सबसे एडवांस रोबोटिक सिस्टम

Bhopal AIIMS Robotic Surgery : भोपाल, मध्य प्रदेश। भोपाल का अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) मेडिकल क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने जा रहा है। जल्द ही यहां दा विंची रोबोटिक सर्जरी सिस्टम स्थापित होगा। इसके बाद भोपाल एम्स मध्य भारत का पहला सरकारी अस्पताल बन जाएगा, जहां रोबोटिक आर्म्स से जटिल सर्जरी की जाएंगी। इस सिस्टम की लागत करीब 30 करोड़ रुपये है, और यह यूरोलॉजी विभाग से अपनी शुरुआत करेगा। इस तकनीक से भोपाल के डॉक्टर न सिर्फ स्थानीय मरीजों की सर्जरी करेंगे, बल्कि दुनिया के किसी भी हिस्से में बैठकर ऑपरेशन कर सकेंगे। MP High Court on Live Streaming : MP हाई कोर्ट ने लगाई लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक, यूट्यूब और मेटा को भेजा नोटिस रोबोटिक सिस्टम कैसे काम करेगा? यह सिस्टम तीन हिस्सों में काम करता है: एक कंसोल, दो रोबोटिक आर्म्स और एक मोबाइल रोबोटिक आर्म। डॉक्टर कंसोल से कमांड देंगे, और ऑपरेशन थिएटर में मौजूद रोबोटिक आर्म्स सर्जरी को अंजाम देंगे। खास बात यह है कि मोबाइल आर्म को दुनिया के किसी भी अस्पताल में ले जाया जा सकता है, जिससे भोपाल का डॉक्टर विदेश में भी सर्जरी कर सकेगा। यह तकनीक प्रोस्टेट कैंसर, पेशाब की थैली का कैंसर और किडनी कैंसर जैसे जटिल ऑपरेशनों को आसान बनाएगी। Tikamgarh News : मां-बेटे ने तहसील कार्यालय के बाहर की आत्महत्या की कोशिश, बोले- मकान जलने का नहीं दिया मुआवजा प्रशिक्षित डॉक्टर और हाई-टेक सिस्टम एम्स के यूरोलॉजी विभाग के डॉ. केतन मेहरा ने ऑस्ट्रिया से रोबोटिक सर्जरी का विशेष प्रशिक्षण लिया है। उनकी अगुवाई में यूरोलॉजी विभाग से इसकी शुरुआत होगी, और बाद में न्यूरोसर्जरी, कार्डियोलॉजी जैसे अन्य विभागों में भी इसका विस्तार होगा। रोबोटिक आर्म का कैमरा मानव आंख से 10 गुना ज्यादा संवेदनशील है। इसका हाई डेफिनिशन थ्रीडी विजन सिस्टम डॉक्टर को शरीर के सबसे बारीक हिस्सों को देखने और सटीक सर्जरी करने में मदद करता है। यह तकनीक उन जगहों पर भी पहुंच सकती है, जहां सामान्य सर्जरी से पहुंचना मुश्किल है। मरीजों को क्या फायदे? छोटे चीरे, कम दर्द: सर्जरी छोटे छेदों से होगी, जिससे बड़े कट की जरूरत नहीं पड़ेगी। कम रक्तस्राव: मरीज का खून कम बहेगा, जिससे रिकवरी तेज होगी। जटिल सर्जरी आसान: कैंसर जैसे जटिल ऑपरेशन में डॉक्टर को ज्यादा सटीकता मिलेगी। सुरक्षा और विश्वसनीयता: यह तकनीक मरीजों के लिए सुरक्षित और प्रभावी है। Vidisha Minor Rape Case : विदिशा में डेढ़ साल की बच्ची से दुष्कर्म, पीड़िता की बुआ की शिकायत पर हुई कार्रवाई मांग क्यों बढ़ रही? एम्स भोपाल के डिप्टी डायरेक्टर संदेश जैन का कहना है कि आजकल बीमारियां जटिल हो रही हैं, और मरीजों को कम जोखिम वाली सर्जरी चाहिए। रोबोटिक सर्जरी पारंपरिक तरीकों से ज्यादा सटीक और सुरक्षित है, जिसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। यह तकनीक न सिर्फ मरीजों को फायदा देगी, बल्कि मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा देगी। हाल ही में भोपाल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रिया भावे चित्तावर ने इतिहास रचते हुए दुनिया की सबसे लंबी दूरी की रोबोटिक सर्जरी की। उन्होंने दिल्ली में बस में बैठकर कंसोल से कमांड दिए और भोपाल के आईसीयू में रोबोटिक आर्म के जरिए हिस्टेरेक्टॉमी (बच्चेदानी निकालने की सर्जरी) पूरी की। यह उपलब्धि भोपाल एम्स की तकनीकी ताकत को दर्शाती है।
Vidisha Minor Rape Case : विदिशा में डेढ़ साल की बच्ची से दुष्कर्म, पीड़िता की बुआ की शिकायत पर हुई कार्रवाई

Vidisha Minor Rape Case : विदिशा। कुरवाई की अदालत ने डेढ़ साल की एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कृत्य के आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला पीड़िता के परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो घटना के बाद से सदमे में जी रहा था। घटना 12 नवंबर 2024 की सुबह की है, जब बच्ची की बुआ ने थाना पठारी में शिकायत दर्ज कराई। बुआ ने बताया कि वह अपनी भाभी की डिलीवरी के कारण बच्ची को अपने गांव ले आई थी। सुबह करीब 8 बजे वह बर्तन साफ कर रही थी, जबकि बच्ची बरामदे में खेल रही थी। अचानक बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर बुआ दौड़ी, तो आरोपी बच्ची के साथ अपराध करते पकड़ा गया। आरोपी को देखते ही वह मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। Tikamgarh News : मां-बेटे ने तहसील कार्यालय के बाहर की आत्महत्या की कोशिश, बोले- मकान जलने का नहीं दिया मुआवजा पुलिस ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए पॉक्सो एक्ट (बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से सुरक्षा अधिनियम) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। जांच में तत्कालीन थाना प्रभारी विमलेश राय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने साक्ष्य इकट्ठा किए, गवाहों के बयान दर्ज किए और आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडिशनल डीपीओ मनीष कथोरिया ने कोर्ट में पैरवी की, जिन्हें सहायक उपनिदेशक जे.एस. तोमर का मार्गदर्शन मिला। अदालत ने साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया। MP Fertilizer Issue : खाद के लिए किसानों पर पुलिस ने भांजी लाठियां, NHRC को दो हफ्ते में रिपोर्ट देंगे चीफ सेक्रेट्री, डीजीपी सजा अलग-अलग धाराओं में बांटी गई: बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की एक धारा में 10 साल, धारा 332(ए) में 1 साल, और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में 20-20 साल का कठोर कारावास। कुल मिलाकर, यह सजा आरोपी की जिंदगी को बर्बाद करने वाली साबित होगी।
Tikamgarh News : मां-बेटे ने तहसील कार्यालय के बाहर की आत्महत्या की कोशिश, बोले- मकान जलने का नहीं दिया मुआवजा

Mother and Son Tried to Commit Suicide in Tikamgarh : टीकमगढ़, मध्य प्रदेश। टीकमगढ़ जिले की मोहनगढ़ तहसील में शुक्रवार को एक दिल दहलाने वाली घटना घटी, जब कंचनपुरा गांव के घंसू प्रजापति के परिवार ने मुआवजे की मांग में आत्महत्या का प्रयास किया। कुछ समय पहले उनके मकान में आग लग गई थी, जिसके बाद राजस्व विभाग ने सर्वे कर नुकसान का आकलन किया। परिवार का दावा है कि 30-40 हजार रुपये के नुकसान के बदले महज 8 हजार रुपये का मुआवजा तय किया गया, जो बिल्कुल अपर्याप्त था। इस अन्याय से तंग आकर वे डिप्टी कमिश्नर मनोज द्विवेदी के तहसील निरीक्षण के दौरान उनसे मिलने पहुंचे। लेकिन कर्मचारियों ने उन्हें रोक दिया, जिससे मामला भड़क गया। MP High Court on Live Streaming : MP हाई कोर्ट ने लगाई लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक, यूट्यूब और मेटा को भेजा नोटिस घटना की शुरुआत तब हुई जब घंसू की पत्नी शीला प्रजापति ने हताशा में फांसी लगाने का प्रयास किया। देखते ही देखते उनके बेटे जितेंद्र ने मां से रस्सी छीन ली और खुद तहसील कार्यालय के एक पिलर से लटकने की कोशिश की। जितेंद्र ने रस्सी को पिलर पर बांधा और गले में डाल लिया, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप कर उसे बचा लिया। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि पूरे कार्यालय में सनसनी फैल गई। परिवार के इस कदम ने अधिकारियों को झकझोर दिया, और आखिरकार उन्हें डिप्टी कमिश्नर से मिलने दिया गया। डिप्टी कमिश्नर मनोज द्विवेदी ने परिवार से पूरा मामला सुना। उन्होंने आगजनी की घटना का विवरण लिया और तुरंत राहत राशि जारी करने का आश्वासन दिया। परिवार को समझाया गया कि जल्द ही उचित मुआवजा मिलेगा, और इसकी प्रक्रिया तेज की जाएगी। लेकिन यह घटना परिवार की पुरानी पीड़ा को फिर से उजागर कर गई। Rajgarh Acid Attack : राजगढ़ में पिता-पुत्र ने 6 लोगों पर किया एसिड अटैक, जानिए क्या है पूरा मामला बताया जा रहा है कि 22 मार्च को भी जितेंद्र के पिता घंसू ने तहसील कार्यालय में ही मुआवजे की मांग को लेकर आत्महत्या का प्रयास किया था। उस समय भी वे आगजनी के बाद मिलने वाले मुआवजे से नाराज थे। परिवार का कहना है कि सर्वे में नुकसान का सही आकलन नहीं हुआ और छोटी रकम से उनका घर दोबारा बनाना असंभव है।
MP High Court on Live Streaming : MP हाई कोर्ट ने लगाई लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक, यूट्यूब और मेटा को भेजा नोटिस

MP High Court Imposed Ban on Live Streaming : जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने क्रिमिनल कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह फैसला जबलपुर के अरिहंत तिवारी और विदित शाह की याचिका के बाद आया, जिन्होंने शिकायत की कि कोर्ट की कार्यवाही के वीडियो सोशल मीडिया पर गलत तरीके से अपलोड हो रहे हैं। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि इन वीडियो को यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर शॉर्ट क्लिप्स बनाकर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है, जिससे न्यायपालिका की छवि धूमिल हो रही है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने इसे गंभीर मामला माना और अंतरिम रोक का आदेश दे दिया। अगली सुनवाई 25 सितंबर 2025 को होगी। Rajgarh Acid Attack : राजगढ़ में पिता-पुत्र ने 6 लोगों पर किया एसिड अटैक, जानिए क्या है पूरा मामला याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में कहा कि क्रिमिनल मामलों की लाइव स्ट्रीमिंग के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। कई बार ये क्लिप्स भ्रामक और अपमानजनक तरीके से एडिट की जाती हैं, जो कोर्ट की अवमानना का कारण बन रही हैं। उनका कहना है कि यह न केवल न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, बल्कि आम जनता में कोर्ट के प्रति गलत धारणा बनाता है। याचिका में मांग की गई कि हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार आईटी को ऐसी गतिविधियों की नियमित निगरानी करने और सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया जाए। हाई कोर्ट ने इस मामले में कई पक्षकारों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें केंद्र सरकार का सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (नई दिल्ली), मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और रजिस्ट्रार आईटी (जबलपुर), यूट्यूब के डायरेक्टर और शिकायत अधिकारी सूरज राय (बेंगलुरु), और मेटा प्लेटफार्म के डायरेक्टर और शिकायत अधिकारी अमृता कौशिक (गुरुग्राम) शामिल हैं। कोर्ट ने इन सभी से जवाब मांगा है कि आखिर ऐसी सामग्री को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए। MP Controversial Statement : नेपाल जैसे हालात हिंदुस्तान में भी…गुना विधायक पन्नालाल के बयान से बवाल, बीजेपी लेगी एक्शन? याचिकाकर्ताओं ने अधिकारियों पर लापरवाही का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि जिन्हें सोशल मीडिया पर निगरानी की जिम्मेदारी दी गई थी, उन्होंने अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया। नतीजा यह है कि भ्रामक और अपमानजनक वीडियो बेरोकटोक प्रसारित हो रहे हैं। एक उदाहरण में, क्रिमिनल केस की सुनवाई का एक हिस्सा काटकर गलत संदर्भ में पेश किया गया, जिससे कोर्ट की टिप्पणियों को गलत समझा गया। लाइव स्ट्रीमिंग शुरू करने का मकसद था कि आम जनता को कोर्ट की कार्यवाही तक पहुंच मिले, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल अब कोर्ट की गरिमा पर भारी पड़ रहा है।
Rajgarh Acid Attack : राजगढ़ में पिता-पुत्र ने 6 लोगों पर किया एसिड अटैक, जानिए क्या है पूरा मामला

Rajgarh Acid Attack : राजगढ़, मध्य प्रदेश। राजगढ़ के जलालपुरा गांव के पास आगरा-मुंबई हाईवे पर गुरुवार रात करीब 9 बजे एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। एक बाइक और कार की टक्कर के बाद विवाद इतना भड़क गया कि बाइक सवार पिता-पुत्र ने मौजूद लोगों पर एसिड फेंक दिया। इस हमले में छह लोग बुरी तरह झुलस गए। सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि जलन के घाव गहरे हैं, और इंफेक्शन का खतरा बना हुआ है। परिवार वाले अस्पताल के बाहर बेचैन हैं, प्रार्थना कर रहे हैं कि उनके अपनों को बचा लिया जाए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। कालीपीठ थाने की टीम ने एसिड अटैक, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी फूल सिंह यादव और उसके बेटे अभिषेक यादव पहले फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया। Bhopal News : रेप-लव जिहाद के आरोपियों के घर चला बुलडोजर, भोपाल पुलिस फोर्स के साथ प्रशासन ने हटाया अतिक्रमण एसपी राजगढ़ ने बताया कि आरोपी पूछताछ में पूरी घटना कबूल चुके हैं। अब अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है। यह घटना हाईवे पर बढ़ते विवादों को रोकने के लिए ट्रैफिक नियमों पर सख्ती की जरूरत बताती है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि रॉन्ग साइड ड्राइविंग ने इस हादसे को जन्म दिया, और अगर समय रहते विवाद सुलझा लिया होता तो शायद यह न होता। कैसे हुई विवाद की शुरुआत ? मिली जानकारी के अनुसार, फूल सिंह यादव अपनी बाइक पर गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से आ रहा था। तभी सामने से आ रही कार से उसकी बाइक टकरा गई। बाइक सवार को हल्की चोटें आईं, लेकिन वह गुस्से में आ गया। कार चालक ने तुरंत माफी मांगी और कहा कि वह इलाज का खर्चा उठाएगा तथा बाइक के नुकसान की भरपाई भी करेगा। लेकिन बाइक सवार को शक हुआ कि कार वाला भाग जाएगा, इसलिए उसने कार की चाबी मांग ली। चालक के मना करने पर बहस शुरू हो गई। मामला और बिगड़ गया जब सुआहेड़ी गांव से कार चालक के परिचित लोग शांत करने पहुंचे। तभी बाइक सवार का रिश्तेदार नीलेश शिवहरे भी आ गया और गाली-गलौज करने लगा। इसी गर्मागर्मी में फूल सिंह और अभिषेक एसिड लेकर लौटे और मौजूद लोगों पर हमला बोल दिया। यह हमला इतना घातक था कि पीड़ितों के चेहरे, पीठ, हाथ-पैर और सीने तक झुलस गए। MP Fertilizer Issue : खाद के लिए किसानों पर पुलिस ने भांजी लाठियां, NHRC को दो हफ्ते में रिपोर्ट देंगे चीफ सेक्रेट्री, डीजीपी हमले में झुलसे लोगों की सूची इस प्रकार है, जो इस घटना की भयावहता को दर्शाती है: – गोपाल गुर्जर (22 वर्ष): पीठ बुरी तरह झुलसी, दर्द से कराह रहे हैं। – भंवर सिंह गुर्जर (32 वर्ष): पीठ और गाल पर गंभीर जलन, सर्जरी की नौबत। – रामगोपाल गुर्जर (26 वर्ष): हाथ और पैर झुलसे, चलने-फिरने में दिक्कत। – राजू गुर्जर (30 वर्ष): पीठ पर गहरे घाव, इंफेक्शन से खतरा। – बनेसिंह गुर्जर (35 वर्ष): सीना और चेहरा झुलसा, सांस लेने में तकलीफ। – कमल सिंह गुर्जर: हल्की जलन, लेकिन मानसिक आघात गहरा। ये सभी पीड़ित गुर्जर समुदाय से हैं और कार चालक के परिचित बताए जा रहे हैं। परिवार वाले आरोप लगा रहे हैं कि आरोपी जानबूझकर एसिड का इस्तेमाल किया, जो एक सुनियोजित हमला था। पुलिस ने एसिड की बोतल बरामद कर ली है और फॉरेंसिक जांच करा रही है। एसपी ने कहा कि ऐसे अपराधों पर जीरो टॉलरेंस होगी, और आरोपी को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
MP Fertilizer Issue : खाद के लिए किसानों पर पुलिस ने भांजी लाठियां, NHRC को दो हफ्ते में रिपोर्ट देंगे चीफ सेक्रेट्री, डीजीपी

MP Fertilizer Issue : भोपाल। मध्य प्रदेश में खाद की भयानक कमी और इसके चलते लाइनों में खड़े किसानों पर हुए लाठीचार्ज व पुलिस बल प्रयोग के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया और मध्य प्रदेश सहित सभी राज्यों के मुख्य सचिवों व पुलिस महानिदेशकों (DGP) को नोटिस भेज दिया है। आयोग ने इन घटनाओं की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, साथ ही किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाने का आदेश दिया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय से भी दो सप्ताह में रिपोर्ट तलब की गई है। यह कार्रवाई NHRC के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली बेंच ने की है, जो मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 12 के तहत मामले को ले लिया। अधिनियम की धारा 13 के अनुसार, आयोग को जांच के लिए सिविल कोर्ट जैसे अधिकार मिले हैं। नोटिस में साफ कहा गया है कि NHRC का कर्तव्य है देश के हर व्यक्ति के मानवाधिकारों की रक्षा करना। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि शिकायतकर्ता ने बताया कि देशभर में खाद की किल्लत से खरीफ फसलें बर्बाद हो रही हैं। किसान पहले से ही आर्थिक तंगी में हैं, ऊपर से यह कमी उन्हें चिंता और निराशा की दलदल में धकेल रही है। Bhopal News : रेप-लव जिहाद के आरोपियों के घर चला बुलडोजर, भोपाल पुलिस फोर्स के साथ प्रशासन ने हटाया अतिक्रमण शिकायत में खुलासा हुआ कि समय पर खाद न मिलने से किसान गुस्से में हैं। खासकर गरीब किसान, जो सीमित संसाधनों से जूझ रहे हैं, अपनी फसलों को बचाने के लिए तरस रहे हैं। शिकायतकर्ता ने NHRC से हस्तक्षेप की गुहार लगाई और यूरिया-डीएपी का तत्काल वितरण सुनिश्चित करने, कमी के कारणों की जांच करने की मांग की। आयोग के पास पहुंचे वीडियो लिंक्स में दिखाया गया है कि कैसे पुलिस ने खाद के इंतजार में लाइनों में खड़े किसानों पर लाठीचार्ज किया। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, जो आरोपों को साबित करते नजर आते हैं। आयोग का मानना है कि ये घटनाएं पीड़ितों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं। मध्य प्रदेश में यह समस्या सबसे ज्यादा तीव्र है। रीवा जिले में 3 सितंबर 2025 को किसानों पर लाठीचार्ज की घटना ने हंगामा मचा दिया। किसान रातभर लाइनों में खड़े रहे, लेकिन टोकन न मिलने पर विरोध करने पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। वीडियो में दिखा कि कई किसान घायल हुए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए, लेकिन कमी बनी हुई है। MP Controversial Statement : नेपाल जैसे हालात हिंदुस्तान में भी…गुना विधायक पन्नालाल के बयान से बवाल, बीजेपी लेगी एक्शन? भिंड, सतना, खरगोन जैसे जिलों में भी लंबी क्वॉल और ब्लैकमार्केटिंग की शिकायतें हैं। विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे सरकार की नाकामी बताया, कहा कि केंद्र और राज्य के बीच तालमेल न होने से किसान लाठियां खा रहे हैं। आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ ने भी नाराजगी जताई। NHRC ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, जिलाधिकारियों व संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की जांच करने को कहा गया है। यूरिया और डीएपी का समय पर वितरण सुनिश्चित करें। सभी DGP को आदेश है कि किसानों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न हो – न लाठीचार्ज, न अपमानजनक व्यवहार। अगर ऐसी घटना हुई तो उसकी रिपोर्ट दें। केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों को भी किसानों को बिना परेशानी के खाद उपलब्ध कराने का जिम्मा सौंपा गया है। दो सप्ताह में पूरी रिपोर्ट आयोग को सौंपनी होगी।
Bhopal News : रेप-लव जिहाद के आरोपियों के घर चला बुलडोजर, भोपाल पुलिस फोर्स के साथ प्रशासन ने हटाया अतिक्रमण

Bulldozers Ran on Houses of Rape Love Jihad Accused in Bhopal : मध्य प्रदेश। भोपाल में कॉलेज की छात्राओं से बलात्कार और लव जिहाद के आरोप में पकड़े गए फरहान, साद और साहिल के गैरकानूनी घरों पर जिला प्रशासन ने आज बुलडोजर चलाया। इस एक्शन से पहले शुक्रवार को इन मकानों के चारों तरफ बैरिकेडिंग लगा दी गई थी, ताकि कोई हंगामा न हो। शनिवार की सुबह ठीक 5 बजे अर्जुन नगर इलाके में भारी पुलिस फोर्स के साथ अधिकारी पहुंचे और अतिक्रमण हटाने का काम शुरू कर दिया। याद रहे, आरोपियों की तरफ से कोर्ट में याचिका डाली गई थी, लेकिन अदालत ने कार्रवाई पर कोई रोक नहीं लगाई। गोविंदपुरा के एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सब कुछ नियमों के मुताबिक हो रहा है। पुलिस की सख्त निगरानी में सरकारी जमीन पर बने इन अवैध कब्जों को ढहाया गया। फरहान की पेशी की वजह से उसके घर पर अभी कार्रवाई टाल दी गई है। सुबह 11 बजे कोर्ट में हाजिरी के बाद ही उसके मकान को गिराया जाएगा। पूरे इलाके में पुलिस की भारी तैनाती है, जिससे कोई विवाद न फैले। MP Fertilizer Issue : खाद के लिए किसानों पर पुलिस ने भांजी लाठियां, NHRC को दो हफ्ते में रिपोर्ट देंगे चीफ सेक्रेट्री, डीजीपी इससे पहले गोविंदपुरा तहसीलदार सौरभ वर्मा ने आरोपियों को नोटिस भेजे थे और 4 सितंबर तक कब्जा खाली करने का वक्त दिया था। लेकिन उनके परिवार वालों ने कोई कदम नहीं उठाया, इसलिए शनिवार को बुलडोजर एक्शन लिया गया। मामले में फरहान, साद, साहिल, नबील, अली और अबरार पर आरोप हैं कि उन्होंने प्राइवेट कॉलेज की लड़कियों से रेप किया और धर्म बदलने के लिए दबाव डाला। केस अभी कोर्ट में चल रहा है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को मिली शिकायतों के मुताबिक, इन लड़कों ने पहले छात्राओं से दोस्ती की, फिर उनके साथ जबरदस्ती की। अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और निकाह के लिए मजबूर किया। पीड़िताओं का कहना है कि आरोपियों ने अपनी सच्ची पहचान छिपाई थी। आयोग मानता है कि यह एक सोची-समझी साजिश है, जिसमें दूसरे राज्यों तक कनेक्शन हो सकते हैं। Betul News : युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर लगाई आग, डॉक्टर ने भोपाल किया रेफर; पत्नी से विवाद के बाद उठाया कदम अब जानिए आरोपियों की क्राइम हिस्ट्री: फरहान खान: इस गैंग का सरगना, जो हिंदू लड़कियों को फंसाने में माहिर था। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कई लड़कियों का शोषण किया। साहिल खान: पन्ना का मूल निवासी, अशोका गार्डन में डांस क्लास चलाता था। हिंदू लड़कियों को टारगेट करके रेप किया। उसके फोन में कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए। अली खान: जून 2024 में अशोका गार्डन के एक होटल में छात्रा से दुष्कर्म किया। वीडियो बनाकर फरहान को सौंपा। जुलाई में मिलने के बहाने बुलाया, जहां फरहान पहले से मौजूद था और वीडियो की धमकी से गलत काम किया। साद: मैकेनिक है और फरहान का साथी। 500-500 रुपये के लालच में लड़कियों को इधर-उधर ले जाता था। फरहान के इशारे पर उन्हें जबरन गांजा पिलाने का काम भी करता था। अबरार: कोलकाता से आया था, भोपाल में पढ़ाई के लिए। लेकिन पढ़ाई छोड़कर भाग गया। गिरफ्तारी के लिए टीम कोलकाता गई है। उसके कमरे में एक लड़की से रेप हुआ। नबील: बिहार का निवासी, पढ़ाई बीच में छोड़कर चला गया। लड़कियों को बदनाम करने में शामिल। एक टीम बिहार भेजी गई है।