Sehore News : सीहोर में महीने में दो बार बिजली बिल, गुस्साए उपभोक्ताओं ने कंपनी कार्यालय को घेरा

Electricity Bill Twice Sehore : सीहोर, मध्य प्रदेश। स्मार्ट मीटर की उम्मीदों ने सीहोर के बिजली उपभोक्ताओं के लिए मुसीबतें खड़ी कर दी हैं। बुधवार को सैकड़ों लोग बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों पर जमकर भड़ास निकाली। दोहरी बिलिंग और तकनीकी खामियों ने लोगों की जेब ढीली कर दी है। दरअसल, सीहोर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली उपभोक्ताओं की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। बुधवार 10 सितंबर को बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। उनका आरोप था कि स्मार्ट मीटर के जरिए एक ही महीने में दो बार बिजली बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। Vidisha News : जिला अस्पताल में नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश, पीड़िता को ले गया टॉयलेट और… कई उपभोक्ताओं ने बताया कि मीटर लगने के बाद से बिजली व्यवस्था में दिक्कतें शुरू हो गई थीं, लेकिन अब दोहरी बिलिंग ने हालात को असहनीय बना दिया है। जब उन्होंने कंपनी अधिकारियों से इस बारे में जवाब मांगा, तो कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला। स्मार्ट मीटर की जगह बढ़ी परेशानी सीहोर शहर में विद्युत वितरण कंपनी पिछले कुछ महीनों से स्मार्ट मीटर लगाने का काम कर रही है। कंपनी का दावा था कि इन मीटरों से समय पर रीडिंग, सटीक बिल, और ऑनलाइन पेमेंट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि हकीकत इसके उलट है। उन्हें बार-बार मीटर अपने आप कट होने, दोहरी बिलिंग, और तकनीकी गड़बड़ियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे स्मार्ट मीटर की जगह परेशानी बढ़ गई है। Narmadapuram News : नर्मदापुरम SNCU में नवजात शिशु की मौत, परिवार ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप बिजली कंपनी के चक्कर लगाने को मजबूर स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि कई बार मीटर अचानक बंद हो जाता है, जिससे बिजली गुल हो जाती है। शिकायत करने के बावजूद कई दिनों तक इसे ठीक नहीं किया जाता। अब एक ही महीने में दो बिल आने से उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे गया है। कंपनी की सुविधा के दावों के बावजूद, लोग बिजली कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने को मजबूर हैं। Harda News : त्रैमासिक के बाद शिक्षकों को कार्ययोजना बनाने का निर्देश, अधिकारी करेंगे समीक्षा अधिकारियों का असंतोषजनक रवैया बिजली बिल की शिकायत लेकर पहुंचे उपभोक्ताओं ने बताया कि कार्यालय में मौजूद अधिकारियों ने उनकी समस्याओं का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इससे नाराजगी और बढ़ गई। उपभोक्ताओं ने मांग की कि इस गड़बड़ी की तत्काल जांच हो और दोषी तकनीकी स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कुछ लोगों ने चेतावनी दी कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।
Vidisha News : जिला अस्पताल में नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश, पीड़िता को ले गया टॉयलेट और…

Vidisha News : विदिशा, मध्य प्रदेश। विदिशा जिला चिकित्सालय में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है, जो 10 सितंबर 2025 को दोपहर के समय घटित हुआ। पीड़िता अपने बीमार परिजनों की देखभाल के लिए कैजुअल्टी वार्ड में मौजूद थी। वहीं, आरोपी युवक के भी रिश्तेदार उसी वार्ड में भर्ती थे। आरोपी ने पहले नाबालिग की मदद का बहाना बनाकर उसका भरोसा जीता। दोपहर के वक्त जब परिजन सो रहे थे, आरोपी ने पीड़िता को बहला-फुसलाकर वार्ड के पास बने टॉयलेट में ले गया। वहां उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म की कोशिश की। पीड़िता की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे बचा लिया। उन्होंने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। Narmadapuram News : नर्मदापुरम SNCU में नवजात शिशु की मौत, परिवार ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप कोतवाली पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। टीआई आनंद राज ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस आरोपी की उम्र और पहचान से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। पीड़िता को चिकित्सीय जांच के लिए भेजा गया है, और परिवार को सहारा देने के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था की जा रही है। MP Heavy Rain Alert : रायसेन में डेढ़ घंटे झमाझम बारिश से डूबीं सड़कें, जानिये आज कैसा रहेगा मौसम यह घटना जिला चिकित्सालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। परिजनों का कहना है कि वार्ड में पर्याप्त निगरानी नहीं थी, जिसका फायदा आरोपी ने उठाया। पुलिस ने जांच तेज कर दी है, और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह मामला POCSO अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है, जिसके तहत आरोपी के खिलाफ कड़ी सजा हो सकती है।
Narmadapuram News : नर्मदापुरम SNCU में नवजात शिशु की मौत, परिवार ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप

Newborn Baby Dies in Narmadapuram SNCU : नर्मदापुरम। नई जिंदगी की शुरुआत ही दुखद अंत में बदल गई। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिला अस्पताल में एक नवजात शिशु की मौत ने परिवार को तोड़ दिया है। जन्म के महज एक दिन बाद SNCU वार्ड में हुई इस घटना ने परिजनों को आक्रोशित कर दिया। परिवार वालों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। नर्मदापुरम जिला अस्पताल के SNCU वार्ड में भर्ती एक नवजात शिशु की मंगलवार, 9 सितंबर 2025 को दोपहर 3 बजे मौत हो गई। शिशु का जन्म सोमवार को ही हुआ था। इस घटना ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया। नवजात के पिता रोहित मेहरा ने बताया कि बच्चे को जन्म के तुरंत बाद SNCU में रखा गया था, लेकिन मिलने की अनुमति नहीं दी गई। MP Heavy Rain Alert : रायसेन में डेढ़ घंटे झमाझम बारिश से डूबीं सड़कें, जानिये आज कैसा रहेगा मौसम माखननगर के कोठारिया गांव की निवासी ज्योति मेहरा (27), पत्नी रोहित मेहरा, को सोमवार दोपहर 1:30 बजे नॉर्मल डिलीवरी से 2.8 किलोग्राम वजन का बच्चा पैदा हुआ। जन्म के बाद बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने पर SNCU में भर्ती किया गया। परिजनों को कांच के पार से ही बच्चे को देखने दिया गया लेकिन अंदर जाकर मिलने की इजाजत नहीं मिली। आज दोपहर जब परिवार मिलने पहुंचा, तो डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की मौत हो चुकी है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। बच्चे के चाचा दिनेश मेहरा ने कहा कि जन्म के बाद डॉक्टरों ने बताया था कि बच्चे के फेफड़ों में समस्या है। लेकिन मिलने की जिद करने पर ही मौत की खबर दी गई। परिवार ने RMO डॉ. गजेंद्र यादव से शिकायत की। Harda News : त्रैमासिक के बाद शिक्षकों को कार्ययोजना बनाने का निर्देश, अधिकारी करेंगे समीक्षा SNCU के ड्यूटी डॉक्टर और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रितुराज सिंह ने स्पष्ट किया कि बच्चा जन्म के समय रोया नहीं था। उसके मुंह में गंदा पानी फेफड़ों में चला गया था, जिससे ऑक्सीजन सैचुरेशन नहीं आ रही थी। डॉक्टरों ने सीपीआर और अन्य उपाय किए, लेकिन बच्चा बच नहीं सका। परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। वे अस्पताल में चीखे-चिल्लाए और लापरवाही का आरोप लगाते रहे। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति संभाली। बच्चे का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। परिवार ने मांग की कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि सभी प्रयास किए गए, लेकिन बच्चे की हालत गंभीर थी।
MP Heavy Rain Alert : रायसेन में डेढ़ घंटे झमाझम बारिश से डूबीं सड़कें, जानिये आज कैसा रहेगा मौसम

MP Heavy Rain Alert : रायसेन, मध्य प्रदेश। बारिश का मौसम जब कहर बन जाए, तो शहर की सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं। मध्य प्रदेश के रायसेन शहर में मंगलवार शाम से शुरू हुई तेज बारिश ने ऐसा ही नजारा पेश किया। महामाया चौक पर दो फीट पानी, बिजली ठप और जलमग्न सड़कों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। लेकिन यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती- डिंडौरी, नर्मदापुरम और इटारसी तक बारिश का असर दिख रहा है। रायसेन शहर में मंगलवार 9 सितंबर 2025 को शाम 5 बजे से जोरदार बारिश शुरू हो गई, जो डेढ़ घंटे तक चली। भारी बारिश ने शहर की सड़कों को जलमग्न कर दिया। महामाया चौक पर नगर पालिका कार्यालय के सामने दो फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप्प पड़ गया। इस दौरान तेज हवाएं चलीं और बिजली की चमक भी देखी गई। 33 केवी लाइन में तकनीकी खराबी के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत के बाद फॉल्ट ठीक किया। Harda News : त्रैमासिक के बाद शिक्षकों को कार्ययोजना बनाने का निर्देश, अधिकारी करेंगे समीक्षा यह बारिश रायसेन में तीन दिन बाद हुई। इस साल 1 जून से 9 सितंबर 2025 तक जिले में औसत 1197.1 मिलीमीटर की तुलना में 1428 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो औसत से ज्यादा है। सबसे अधिक बारिश उदयपुरा तहसील में 1986 मिलीमीटर और गैरतगंज में 1326 मिलीमीटर हुई। अच्छी बारिश से जिले के सभी डैम और तालाब लबालब भर गए। हलाली डैम के गेट सोमवार, 8 सितंबर को शाम 5 बजे बंद कर दिए गए। राज्य के अन्य हिस्सों में भी मौसम का असर दिखा। भोपाल में आज सुबह से धूप खिली रही। डिंडौरी में सुबह साढ़े दस बजे मूसलाधार बारिश हुई, जिसने वहां के लोगों को चौंका दिया। नर्मदापुरम के पिपरिया और आसपास के इलाकों में रुक-रुककर बारिश जारी है। रायसेन में देर शाम फिर बारिश की संभावना जताई जा रही है। Betul News : 10 रुपए का प्रिंटआउट 170 में…सड़क निर्माण के बिना हड़पे लाखों रुपए, बैतूल कलेक्टर से शिकायत मौसम विभाग ने बुधवार, 10 सितंबर 2025 को मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों में इन इलाकों में ढाई से साढ़े चार इंच तक पानी गिर सकता है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि मानसून ट्रफ मध्य प्रदेश के ऊपर से गुजर रही है, जबकि अन्य सिस्टम दूर हैं, जिससे कुछ जिलों में बारिश का सिलसिला बना हुआ है। इटारसी में तवा डैम के कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश से जलस्तर 1165.80 फीट तक पहुंच गया। इसके मद्देनजर आज सुबह 7:30 बजे से डैम के तीन गेट 5-5 फीट खोल दिए गए। 26,034 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यह कदम बाढ़ से बचाव के लिए उठाया गया है। रायसेन में जलभराव से लोग परेशान हैं।
Harda News : त्रैमासिक के बाद शिक्षकों को कार्ययोजना बनाने का निर्देश, अधिकारी करेंगे समीक्षा

हरदा। मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग ने माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा जारी कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के टाइम टेबल के बाद शिक्षकों को बेहतर रिजल्ट सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। त्रैमासिक परीक्षा के परिणाम आने के बाद, 25 सितंबर 2025 तक सभी शिक्षकों को अपनी योजना जमा करनी होगी। इस योजना में कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान, सुधारात्मक कक्षाओं का आयोजन, और विषयवार समीक्षा शामिल होगी। जिला शिक्षा अधिकारी डीएस रघुवंशी ने बताया कि परीक्षा परिणाम का आकलन कर स्कूलवार समीक्षा होगी, जिसमें शिक्षकों को कमजोर बच्चों पर फोकस करने और परीक्षा पैटर्न के आधार पर पढ़ाई करने के निर्देश दिए जाएंगे। Harda News : गोसाई मंदिर में श्राद्ध पक्ष तर्पण, 26 साल पुरानी परंपरा में 200 से ज्यादा लोग हुए शामिल शिक्षा विभाग का लक्ष्य पिछले साल के रिजल्ट से बेहतर प्रदर्शन करना है। 2026 की 12वीं परीक्षा 7 फरवरी से 3 मार्च तक और 10वीं की 11 फरवरी से 2 मार्च तक होगी। महज पांच महीने शेष रहने के कारण हर स्कूल को अपनी रणनीति स्पष्ट करनी होगी। योजना में छात्रवार डाटा, कमजोर छात्रों पर फोकस, विषयवार समीक्षा, परीक्षा पैटर्न आधारित अध्यापन, और मॉनिटरिंग का उल्लेख अनिवार्य है। संयुक्त संचालक स्तर के अधिकारी कार्ययोजना की समीक्षा करेंगे। विभाग ने स्कूल, शिक्षकों, अतिथि शिक्षकों और प्राचार्यों की जिम्मेदारी तय कर दी है। अगर कोई स्कूल लापरवाही बरतेगा तो जवाबदेही तय होगी। Bhopal News : भोपाल POCSO कोर्ट जज कुमुदिनी पटेल को हाईकोर्ट ने फटकारा, जानिए क्या है पूरा मामला जिला शिक्षा अधिकारी डीएस रघुवंशी ने कहा कि त्रैमासिक परीक्षा अगले हफ्ते समाप्त हो जाएगी, उसके बाद रिजल्ट का विश्लेषण होगा। फिर स्कूलों में शिक्षण की स्थिति का पता चलेगा। अच्छा रिजल्ट देने के लिए कार्ययोजना मांगी गई है। हरदा के स्कूलों में अब शिक्षकों पर दबाव बढ़ेगा, लेकिन अगर योजना सही ढंग से लागू हुई, तो रिजल्ट में सुधार की उम्मीद है।
Harda News : गोसाई मंदिर में श्राद्ध पक्ष तर्पण, 26 साल पुरानी परंपरा में 200 से ज्यादा लोग हुए शामिल

मध्य प्रदेश। हरदा के गोलापुरा मोहल्ले में एक ऐसी परंपरा है, जो पिछले 26 सालों से लोगों के दिलों में बस गई है। गोसाई मंदिर में श्राद्ध पक्ष के दौरान निशुल्क सामूहिक तर्पण का आयोजन हर साल 16 दिनों तक चलता है, जो पितरों के प्रति श्रद्धा और आस्था का प्रतीक बन चुका है। इस अनोखी पहल ने न सिर्फ ग्रामीणों को जोड़ा, बल्कि उनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव भी लाया है। हरदा जिले के गोलापुरा मोहल्ले में स्थित गोसाई मंदिर में पिछले 26 सालों से एक अनूठी परंपरा जारी है। श्राद्ध पक्ष के दौरान यहां निशुल्क सामूहिक तर्पण का आयोजन होता है, जो पूरे 16 दिनों तक चलता है। इस पवित्र कार्य की शुरुआत साल 2000 में हुई थी और तब से यह धार्मिक आयोजन हर साल बढ़ते जज्बे के साथ मनाया जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित विवेक मिश्र इस तर्पण को विधि-विधान से कराते हैं, जो इसे और खास बनाता है। Betul News : 10 रुपए का प्रिंटआउट 170 में…सड़क निर्माण के बिना हड़पे लाखों रुपए, बैतूल कलेक्टर से शिकायत जब यह परंपरा शुरू हुई थी, तब सिर्फ 30 लोग इसमें हिस्सा लेते थे। लेकिन आज यह संख्या 200 से भी अधिक हो गई है, जो इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है। पंडित मिश्र बताते हैं कि शुरू में लोगों में तर्पण को लेकर कई भ्रांतियां थीं। जब उन्हें इसके धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के बारे में समझाया गया, तो उनकी रुचि बढ़ने लगी। वे कहते हैं कि अश्विन मास के कृष्ण पक्ष के 16 दिन पितृपक्ष कहलाते हैं। इस दौरान मुख्य तिथियों पर श्राद्ध किया जाता है, जबकि तर्पण हर रोज होता है, जो पितरों की आत्मा की शांति के लिए जरूरी माना जाता है। Bhopal News : भोपाल POCSO कोर्ट जज कुमुदिनी पटेल को हाईकोर्ट ने फटकारा, जानिए क्या है पूरा मामला इस आयोजन से जुड़े श्याम शर्मा पिछले 10 सालों से नियमित रूप से तर्पण में भाग ले रहे हैं। वे कहते हैं कि इससे परिवार में सुख-समृद्धि आती है और पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। पंडित मिश्र गरुड़ पुराण का हवाला देते हुए कहते हैं कि पितृकार्य को देवकार्य से भी अधिक महत्व दिया गया है। उनकी मान्यता है कि हर व्यक्ति, चाहे वह कितना ही गरीब क्यों न हो, तिल, जौ और चावल मिले जल से तिलांजलि देकर पितरों को संतुष्ट कर सकता है। अगर यह भी संभव न हो, तो दक्षिण दिशा की ओर मुख करके श्रद्धा के साथ पितरों का स्मरण करने से भी वे प्रसन्न होते हैं। ग्रामीणों की बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि पितरों के प्रति सम्मान और श्रद्धा आज भी जीवित है।
Betul News : 10 रुपए का प्रिंटआउट 170 में…सड़क निर्माण के बिना हड़पे लाखों रुपए, बैतूल कलेक्टर से शिकायत

Betul Corruption : बैतूल, मध्य प्रदेश। भ्रष्टाचार का काला साया एक बार फिर ग्रामीण भारत पर मंडराने लगा है। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की ठानी ग्राम पंचायत में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो ग्रामीणों के विश्वास को तोड़ रहा है। कलेक्टर की जनसुनवाई में ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और उपयंत्री के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। फोटोकॉपी से लेकर मनरेगा तक, हर कदम पर धन का गबन और काम की अनदेखी ने सवाल खड़े कर दिए हैं। बैतूल जिले के आमला क्षेत्र में स्थित ठानी ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है। 9 सितंबर 2025, मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और उपयंत्री के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराईं। Bhopal News : भोपाल POCSO कोर्ट जज कुमुदिनी पटेल को हाईकोर्ट ने फटकारा, जानिए क्या है पूरा मामला आरोप है कि पंचायत ने एक साधारण फोटोकॉपी और प्रिंटआउट के लिए 170 रुपये प्रति कॉपी का बिल बनाकर सरकारी पैसे की लूट की। यह खुलासा सरकारी पोर्टल की जाँच से हुआ, जो इस गड़बड़ी की पोल खोलता है। ग्राम बुचनवाड़ी में सीसी नाली निर्माण के लिए 6 लाख 17 हजार रुपये स्वीकृत हुए थे। फरवरी 2025 में इनमें से 3 लाख 88 हजार 900 रुपये निकाल लिए गए, लेकिन आज तक सितंबर 2025 में भी काम शुरू नहीं हुआ। इसी तरह, सोखता गड्ढे के लिए 77 हजार रुपये जारी किए गए, मगर गड्ढा बनाने का नामोनिशान नहीं है। आंगनवाड़ी सुधार के लिए 1 लाख 39 हजार रुपये स्वीकृत हुए। ग्रामीणों का कहना है कि घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सस्ते में काम निपटाया गया, जिससे सुधार का ढोंग रच दिया गया। Betul Suicide Case : दुआओं में याद रखना… प्रेम प्रसंग में होटल संचालक ने की आत्महत्या मनरेगा में भी भ्रष्टाचार की पोल खुली। मजदूरों के फर्जी नाम मस्टररोल में डालकर भुगतान कर लिया गया, जो मेहनतकशों के साथ धोखा है। नल-जल योजना 2022-23 के तहत पाइपलाइन और ट्रांसफॉर्मर लगाने का दावा किया गया, लेकिन आज तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों की प्यास अधूरी रह गई। पिछले 2-3 सालों से ग्राम सभा का आयोजन नहीं हुआ, फिर भी रिकॉर्ड में इसे दिखाया गया, जो पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। डिजिटल सेंटर पॉइंट के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान दर्शाया गया, लेकिन वहां कोई काम नहीं हुआ। यह सारा खेल ग्रामीणों के भरोसे को तोड़ रहा है। कलेक्टर की जनसुनवाई में हुई शिकायतों के बाद अब जांच की उम्मीद जगी है, मगर ग्रामीणों में गुस्सा और निराशा साफ दिख रही है।
Bhopal News : भोपाल POCSO कोर्ट जज कुमुदिनी पटेल को हाईकोर्ट ने फटकारा, जानिए क्या है पूरा मामला

High Court reprimanded Bhopal POCSO court judge Kumudini Patel : मध्य प्रदेश। भोपाल के शाहजहांनाबाद में 5 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के POCSO मामले में जज कुमुदिनी पटेल का फैसला अब उन्हें मुश्किल में डाल सकता है। ट्रायल कोर्ट ने मुख्य आरोपी अतुल निहाले को फांसी की सजा तो सुना दी, लेकिन आरोपी की मां बसंती बाई और बहन चंचल को साक्ष्य छुपाने के लिए दी गई सजा में गड़बड़ी सामने आई। Raisen News : रायसेन में प्रधान आरक्षक की हार्ट अटैक से मौत, कुर्सी पर बैठे-बैठे हुए बेहोश आदेश के पैरा 145 में एक-एक साल की सजा का उल्लेख था, लेकिन अंतिम तालिका में दो-दो साल लिखा गया। जुर्माना न देने पर अंदर की सजा 1 महीने और बाहर की 3 महीने कर दी गई। यह केस 27 सितंबर 2024 को शुरू हुआ और 10 मार्च 2025 को फैसला आया। हाईकोर्ट ने इसे जज की लापरवाही माना। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह की डिवीजन बेंच ने रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया कि यह मामला चीफ जस्टिस के पास जाए, ताकि प्रशासनिक कार्रवाई हो सके। बेंच ने नोट किया कि पैरा 145 में बसंती और चंचल की वृद्धावस्था और बच्चों का जिक्र था, लेकिन पेज 78-79 की टेबल में सजा दो साल दिखाई गई। वारंट भी दो साल का तैयार किया गया। Betul News : बैतूल के एसपी का ट्रांसफर, झारिया की जगह वीरेंद्र जैन को मिली कमान पहले भी ऐसे मामले देखे गए हैं। 2022 में भोपाल POCSO केस में सजा 10 साल लिखी गई, लेकिन आदेश में 7 साल था। हाईकोर्ट ने स्पष्टीकरण लिया, फैसला सुधारा, और जज को चेतावनी दी। 2019 में इंदौर मर्डर केस में सजा आजीवन लिखी, लेकिन अवधि गलत थी। सुप्रीम कोर्ट तक अपील हुई, लेकिन केवल संशोधन हुआ। 2024 में ग्वालियर रेप केस में आरोपी का नाम गलत था, हाईकोर्ट ने सुधार किया, लेकिन ट्रायल दोबारा नहीं चला। रितम खाटे सुप्रीम कोर्ट वकील: सीआरपीसी धारा 362 के तहत फैसला लिखने के बाद बदलना मुश्किल है। धारा 465 से सुधार संभव है, लेकिन 80% मामलों में केस बरकरार रहता है। अगर गड़बड़ी आरोपी के पक्ष में साबित हुई, तो राहत मिल सकती है, लेकिन पूरा केस खत्म नहीं होगा। MP Government Loan : लाड़ली बहनों और सेवा पर्व के लिए MP सरकार फिर लेगी 4 हजार करोड़ का लोन, कुल कर्ज 4.53 लाख करोड़ के पार सीपी श्रीवास्तव भोपाल वकील: फैसला रेक्टीफाई या क्लेरिफाई हो सकता है। धारा 201 और सिविल प्रक्रिया ऑर्डर 20 रूल 3 से जज स्वयं सुधार सकते हैं। सुप्लीमेंट्री जजमेंट से मूल तारीख बनी रहेगी। ट्रायल दोबारा नहीं चलेगा। दोनों ने कहा कि जज पर कार्रवाई दुर्व्यवहार साबित होने पर ही होती है। लापरवाही पर एडवर्स एंट्री रिकॉर्ड में आ सकती है, प्रमोशन प्रभावित हो सकता है। 90% मामलों में चेतावनी ही मिलती है।