Hindu Children in MP Madrasas : मध्य प्रदेश मदरसों में पढ़ रहे 200 से ज्यादा हिंदू बच्चे, शिक्षा विभाग ने खुद किया कबूल

Hindu Children in MP Madrasas

हाइलाइट्स मध्य प्रदेश में 55 मदरसों में से 29 अभी संचालित। संचालित मदरसों में 254 हिंदू बच्चे नामांकित। सीएम का आदेश था कि, मदरसों में नहीं होगी गैर-मुस्लिम बच्चों की पढ़ाई। Hindu Children in MP Madrasas : भोपाल। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में सरकारी रिकॉर्ड ने एक चौंकाने वाली हकीकत सामने ला दी है। यहां कुल 55 मदरसों में से 29 अभी संचालित हैं और इनमें 254 हिंदू बच्चे नामांकित हैं। यह आंकड़ा शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट से सामने आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 16 अगस्त 2024 को स्पष्ट आदेश दिया था कि मदरसों में गैर-मुस्लिम बच्चों की पढ़ाई नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद ज़मीन पर तैनात अधिकारियों की लापरवाही, सीएम के आदेशों को पलीता लगा रहे हैं। Rameshwar Sharma Statement : हिंदुओं पैदा करो तीन बच्चे…वंश बचाओ, BJP विधायक रामेश्वर शर्मा का विवादित बयान शिक्षा विभाग की रिपोर्ट में क्या सामने आया? शिक्षा विभाग ने जांच के बाद पुष्टि की है कि जिले में 26 मदरसे अनुदान न मिलने से बंद हो चुके हैं। बाकी 29 मदरसों में से 8 ऐसे हैं जहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के बच्चे पढ़ते हैं। इन 8 मदरसों में कुल 254 हिंदू बच्चे और 696 मुस्लिम बच्चे नामांकित हैं। शेष 21 मदरसों में केवल मुस्लिम बच्चे ही पढ़ रहे हैं। विभाग ने इन मदरसों को नोटिस जारी कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। MP Politics : जीतू पटवारी ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, एमपी में निवेश के दावों को बताया झूठा अंबाह विकासखंड का उदाहरण सबसे बड़ा अंबाह विकासखंड के खडियार गांव स्थित मदरसा आयशा इस्लामिया में सबसे ज्यादा हिंदू बच्चे पढ़ते हैं। यहां कुल 448 छात्रों में 135 हिंदू बच्चे शामिल हैं। बच्चों और अभिभावकों का कहना है कि पास में यही एक अच्छा स्कूल उपलब्ध है इसलिए वे यहां पढ़ाई करवा रहे हैं। यह बात RTE कानून के प्रावधानों पर सवाल उठाती है। RTE के अनुसार 1 से 3 किलोमीटर के दायरे में सरकारी स्कूल होना चाहिए। फिर भी ये बच्चे मदरसों में क्यों पढ़ रहे हैं? MP Viral Video : MBBS स्टूडेंट के साथ नशे में धुत छात्रों ने की मारपीट, सिर पर चोट, वीडियो वायरल NHRC सदस्य प्रियांक कानूनगो ने उठाए गंभीर सवाल राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने बताया कि मुरैना और शिवपुरी जिलों में सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों में लगभग 550 हिंदू बच्चों के दाखिले की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू बच्चों को कुरान और इस्लाम से जुड़े विषय पढ़ाकर धर्मांतरण की साजिश रची जा रही है। कानूनगो ने मांग की है कि ऐसे बच्चों को तुरंत सरकारी स्कूलों में भेजा जाए।   मदरसे में 550 हिंदू बच्चों के होने का अर्थ शिक्षा विभाग की नाकामी है। RTE एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप आबादी से 1 और 3 किलोमीटर में स्कूल खोले गए हैं,सरकारी विभाग जब स्कूल भर्ती अभियान चलाते हैं तो यह हिंदू बच्चे अदृश्य क्यों हो जाते हैं ? सरकार की नीति बनाने वाले NGO तो… pic.twitter.com/yozxm9SFG6 — प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) January 7, 2026 Bhopal Municipal Corporation fined : भोपाल नगर निगम पर 25 हजार का जुर्माना, जानिए उपभोक्ता फोरम ने क्यों लिया एक्शन मदरसा क्या होता है? मदरसा अरबी शब्द है जिसका मतलब ‘पढ़ने का स्थान’ है। यहां मुख्य रूप से इस्लामिक शिक्षा दी जाती है। इसमें कुरान, हदीस, तफसीर, फिकह और इस्लामिक इतिहास शामिल होता है। कुछ मदरसों में आधुनिक विषय जैसे गणित, विज्ञान, हिंदी और अंग्रेजी भी पढ़ाए जाते हैं। जानकारी के मुताबिक, पाठ्यक्रम तीन प्रकार के होते हैं – दीनिया (धार्मिक), आधुनिक और संयुक्त। मदरसों का संचालन एनजीओ, धार्मिक संगठन, दानदाता और निजी स्रोतों से होता है। सरकार भी कुछ मदरसों को अनुदान देती है। MP Cold Update : मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड , घने कोहरे से विजिबिलिटी जीरो, कई जिलों में स्कूल बंद असली समस्या सिस्टम की विफलता है यह मुद्दा केवल पाठ्यक्रम या धन का नहीं है। असली समस्या शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की नाकामी है। RTE कानून के तहत हर बच्चे को नजदीकी स्कूल में मुफ्त शिक्षा का अधिकार है। फिर भी हजारों हिंदू बच्चे मदरसों में क्यों पढ़ रहे हैं? विभाग स्कूल भर्ती अभियान चलाता है, लेकिन ये बच्चे उसमें दिखाई क्यों नहीं देते? क्या सरकारी स्कूलों की कमी या जागरूकता की कमी इसका कारण है? यह सवाल पूरे प्रदेश के सामने खड़ा है। Bhopal Student Suicide : गर्लफ्रेंड के इग्नोरेंस से तंग आकर पांचवीं मंजिल से कूदा MBBS छात्र विभाग ने क्या कदम उठाए? शिक्षा विभाग ने मुरैना के मदरसों को नोटिस जारी कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। विभाग का कहना है कि सभी हिंदू बच्चे अभिभावकों की सहमति से शासन द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ रहे हैं लेकिन विपक्ष और सामाजिक संगठन इसे गंभीर मानते हैं। वे मांग कर रहे हैं कि तुरंत जांच हो और हिंदू बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाया जाए। यह मामला शिक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है।

Rameshwar Sharma Statement : हिंदुओं पैदा करो तीन बच्चे…वंश बचाओ, BJP विधायक रामेश्वर शर्मा का विवादित बयान

Rameshwar Sharma Statement

हाइलाइट्स BJP विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा- कुटुंब के कुटुंब खत्म हो रहे। हिंदुस्तान को बचाना है तो तीन बच्चे जरूरी। तीन बच्चे होना अपराध नहीं है। Rameshwar Sharma Statement : भोपाल। भाजपा के वरिष्ठ विधायक और हुजूर सीट से विधायक रामेश्वर शर्मा ने एक बार फिर विवादित बयान देकर सुर्खियां बटोरी हैं। उन्होंने हिंदू परिवारों से अपील की है कि वे कम से कम तीन बच्चे पैदा करें। उनका कहना है कि कई परिवारों में बच्चे ही नहीं हो रहे, शादियां देर से हो रही हैं और पूरा वंश खत्म हो रहा है। तीन बच्चे होने से एक बेटी भी होगी, जिससे बहन, बुआ, मौसी जैसे रिश्ते कायम रहेंगे। MP Politics : जीतू पटवारी ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, एमपी में निवेश के दावों को बताया झूठा तीन बच्चे पैदा करना अपराध नहीं रामेश्वर शर्मा ने कहा, “तीन बच्चे पैदा करना अपराध नहीं है, बल्कि जरूरी है। जो लोग 5 से 25 बच्चे पैदा कर रहे हैं, उनसे हिंदुस्तान को बचाना है तो हिंदुओं को भी तीन बच्चे तो पैदा करने ही चाहिए।” उनका यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से वायरल हो रहा है। विपक्ष ने इसे सांप्रदायिक और जनसंख्या नियंत्रण नीति के खिलाफ बताया है। Sehore Temperature : कड़ाके की ठंड से अज्ञात बुजुर्ग की मौत, SBI एटीएम के सामने मिला शव JNU में हुई नारेबाजी पर तीखा हमला विधायक ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में हाल ही में लगे विवादित नारों पर भी जोरदार पलटवार किया। JNU में कुछ छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए थे। रामेश्वर शर्मा ने कहा, “दूसरे की कब्र खोदने से पहले अपनी कब्र सुनिश्चित कर लो। इन अर्बन नक्सलियों को बुद्धि का अजीर्ण हो गया है, जो कोर्ट और संविधान को चुनौती दे रहे हैं।” MP Handpump Inspection : 18 मौतों के बाद जागी सरकार, 6.50 लाख हैंडपंपों की बड़े पैमाने पर जांच उन्होंने आगे कहा कि गुंडे, बदमाश, अलगाववादी, आतंकी और नक्सली पर कार्रवाई माननीय न्यायालय तय करेगा। मोदी जी और अमित शाह जी के नेतृत्व में न आतंकवाद बर्दास्त होगा, न अलगाववाद और न नक्सलवाद। दिग्विजय सिंह पर सीधा निशाना विधायक ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह जैसे नेता अपनी बढ़ती उम्र के साथ आतंकवादियों के समर्थन में उतरते जा रहे हैं। मुस्लिम चाटुकारिता की नीति से हिंदुस्तान को धोखा देने का काम कर रहे हैं।

MP Politics : जीतू पटवारी ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, एमपी में निवेश के दावों को बताया झूठा

Jitu Patwari

हाइलाइट्स प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने लिखी पीएम मोदी को चिट्ठी। जीतू पटवारी ने पीएम से की एमपी सरकार की शिकायत। जीतू पटवारी ने कहा निवेश के नाम पर झूठ परोस रही सरकार।   MP Politics : भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली चिट्ठी लिखकर भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा की ताजा रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि एमपी सरकार निवेश के नाम पर जनता को झूठ परोस रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में प्रस्तावित निवेश में मध्य प्रदेश का हिस्सा सिर्फ 3.2 प्रतिशत है, जो कई राज्यों से काफी पीछे है। Sehore Temperature : कड़ाके की ठंड से अज्ञात बुजुर्ग की मौत, SBI एटीएम के सामने मिला शव बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट से झूठ बेनकाब जीतू पटवारी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट ने भाजपा के झूठ को बेनकाब कर दिया है! जिस निवेश क्रांति का शोर मचाया गया, वह सिर्फ कागजी साबित हुई!” उन्होंने रिपोर्ट की कटिंग्स भी शेयर कीं, जिसमें आंध्र प्रदेश 25.3 प्रतिशत के साथ टॉप पर है, उसके बाद ओडिशा, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्य हैं। मध्य प्रदेश दूर की सूची में है। MP Viral Video : MBBS स्टूडेंट के साथ नशे में धुत छात्रों ने की मारपीट, सिर पर चोट, वीडियो वायरल बड़े निवेश के दावे सिर्फ प्रचार तक सीमित कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी टैग करते हुए कहा कि निवेश के बड़े-बड़े दावे सिर्फ प्रचार तक सीमित रह गए। जमीनी हकीकत कुछ और है। पटवारी ने चिट्ठी में पीएम से अपील की है कि वे एमपी सरकार के इन झूठे दावों पर ध्यान दें और वास्तविक निवेश सुनिश्चित कराएं। MP Cold Update : मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड , घने कोहरे से विजिबिलिटी जीरो, कई जिलों में स्कूल बंद यह चिट्ठी ऐसे समय आई है जब प्रदेश सरकार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और अन्य कार्यक्रमों के जरिए निवेश लाने का दावा कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि पुरानी समिट्स में घोषित निवेश का बड़ा हिस्सा धरातल पर नहीं उतरा। अब नई रिपोर्ट से सरकार की पोल खुल गई है।

Sehore Temperature : कड़ाके की ठंड से अज्ञात बुजुर्ग की मौत, SBI एटीएम के सामने मिला शव

Sehore News

हाइलाइट्स मध्य प्रदेश में चल रही भीषण ठंड से बुजुर्ग की गई जान। SBI के एटीएम के सामने मिला शव । बुजुर्ग भिक्षावृत्ति से करता था गुजारा। Sehore Temperature : सीहोर। मध्य प्रदेश में चल रही भीषण ठंड ने एक और जान ले ली। बुधवार सुबह शहर के शुगर फैक्ट्री मार्ग पर विद्युत वितरण कंपनी कार्यालय के पास स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के एटीएम के सामने एक अज्ञात बुजुर्ग का शव मिला। MP Viral Video : MBBS स्टूडेंट के साथ नशे में धुत छात्रों ने की मारपीट, सिर पर चोट, वीडियो वायरल प्रारंभिक जांच में मौत की वजह अत्यधिक ठंड लगना बताई जा रही है। बुजुर्ग भिक्षावृत्ति करके गुजारा करते थे और अक्सर सड़क किनारे या खुले में सोया करते थे। बीती रात भी वे एटीएम के सामने सोए थे। सुबह जब काफी देर तक नहीं उठे तो राहगीरों को शक हुआ। पावर हाउस चौराहा क्षेत्र के लोगों ने पुलिस और नगर पालिका को सूचना दी। खबर मिलते ही क्षेत्र के पार्षद अजय पाल सिंह और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पार्षद ने बताया कि उन्हें कई लोगों के फोन आए थे और वे खुद भी मौके पर गए। उन्होंने ठंड को ही मौत की मुख्य वजह माना। MP Handpump Inspection : 18 मौतों के बाद जागी सरकार, 6.50 लाख हैंडपंपों की बड़े पैमाने पर जांच पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल बुजुर्ग की शिनाख्त नहीं हो पाई है और पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।

MP Viral Video : MBBS स्टूडेंट के साथ नशे में धुत छात्रों ने की मारपीट, सिर पर चोट, वीडियो वायरल

Bhopal MBBS student assault viral video

हाइलाइट्स MBBS के थर्ड ईयर के छात्र अमन त्रिपाठी के साथ मारपीट। RGPV के छात्र अश्विनी श्रीवास्तव और उसके साथियों ने की मारपीट। गांधीनगर पुलिस कर रही मामले की जांच। MP Viral Video : मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल के गांधीनगर इलाके में एक शर्मनाक घटना सामने आई है। गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) के MBBS थर्ड ईयर के छात्र अमन त्रिपाठी के साथ कुछ युवकों ने बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के छात्र अश्विनी श्रीवास्तव और उसके साथी नशे की हालत में थे। उन्होंने अमन को घेरकर लाठी-डंडों और मुक्कों से पीटा, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। MP Handpump Inspection : 18 मौतों के बाद जागी सरकार, 6.50 लाख हैंडपंपों की बड़े पैमाने पर जांच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल घटना के समय अमन के दोस्त मौके पर पहुंचे और किसी तरह उसे हमलावरों के चंगुल से छुड़ाकर बचाया। नहीं तो वारदात और भयानक हो सकती थी। मारपीट का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें आरोपी नशे में धुत होकर छात्र पर टूट पड़ते दिख रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अश्विनी और उसके साथी अमन को जमीन पर गिराकर पीट रहे हैं। अमन त्रिपाठी ने बताया कि यह मारपीट किसी पुरानी रंजिश या छोटी-मोटी कहासुनी के चलते हुई। फिलहाल वह अस्पताल में इलाज करा रहे हैं और उनकी हालत स्थिर है। सिर पर लगी चोट के कारण उन्हें टांके लगवाने पड़े। Bhopal Municipal Corporation fined : भोपाल नगर निगम पर 25 हजार का जुर्माना, जानिए उपभोक्ता फोरम ने क्यों लिया एक्शन पुलिस की जांच जारी घटना की सूचना मिलते ही गांधीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की है। मुख्य आरोपी अश्विनी श्रीवास्तव और उसके साथियों के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की धमकी और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान भी जुटा रही है। यहां देखिये वायरल वीडियो

MP Handpump Inspection : 18 मौतों के बाद जागी सरकार, 6.50 लाख हैंडपंपों की बड़े पैमाने पर जांच

Harda Contaminated Water

MP Handpump Inspection : भोपाल। मध्य प्रदेश में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से हुई 15 से 18 मौतों की त्रासदी के बाद आखिरकार सरकार हरकत में आई है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग ने प्रदेश भर में करीब 6 लाख 50 हजार हैंडपंपों की गुणवत्ता और सुरक्षा की व्यापक जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग ने इस के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार की है और इसे तत्काल प्रभाव से पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। Bhopal Municipal Corporation fined : भोपाल नगर निगम पर 25 हजार का जुर्माना, जानिए उपभोक्ता फोरम ने क्यों लिया एक्शन 20 जनवरी तक एक विशेष अभियान इसके साथ ही जल स्रोतों की हर महीने नियमित सफाई और रखरखाव के सख्त आदेश दिए गए हैं। दूषित पेयजल या पाइपलाइन लीकेज से जुड़ी किसी भी शिकायत का निराकरण अब 24 घंटे के अंदर करना अनिवार्य कर दिया गया है। 20 जनवरी तक एक विशेष अभियान चलाकर सभी हैंडपंपों और जल स्रोतों की जांच पूरी की जाएगी। इस अभियान में पानी के सैंपल लिए जाएंगे, हैंडपंपों की मरम्मत की जाएगी और दूषित स्रोतों को तुरंत सील करने की कार्रवाई होगी। MP Cold Update : मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड , घने कोहरे से विजिबिलिटी जीरो, कई जिलों में स्कूल बंद इंदौर की घटना ने पूरे प्रदेश में पेयजल सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। वहां सीवेज का पानी नर्मदा पाइपलाइन में मिलने से डायरिया का भयानक प्रकोप फैला। अब तक आधिकारिक रूप से 6 से 10 मौतें मानी जा रही हैं, लेकिन स्थानीय लोगों और विपक्ष के दावों के मुताबिक मौतों की संख्या 15 से 18 तक पहुंच चुकी है। सैकड़ों लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। इस त्रासदी के बाद सरकार ने न केवल इंदौर में अधिकारियों पर कार्रवाई की, बल्कि पूरे प्रदेश में पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने का बड़ा कदम उठाया है। Digvijay Singh Sehore Visit : दिग्विजय सिंह का मनरेगा मजदूरों से संवाद, बोले-शिवराज जी ने नहीं रखा गरीब मजदूरों का ध्यान हैंडपंपों की नियमित क्लोरीनेशन पीएचई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नई एसओपी में हैंडपंपों की नियमित क्लोरीनेशन, पानी की गुणवत्ता जांच और आसपास के क्षेत्र में सीवेज लीकेज की निगरानी शामिल है। ग्रामीण इलाकों में हैंडपंप मुख्य पेयजल स्रोत हैं, इसलिए इनकी सुरक्षा सबसे जरूरी है। विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान में कोई कोताही नहीं बरती जाए।

Bhopal Municipal Corporation fined : भोपाल नगर निगम पर 25 हजार का जुर्माना, जानिए उपभोक्ता फोरम ने क्यों लिया एक्शन

Bhopal Municipal Corporation fine

Bhopal Municipal Corporation fined : मध्य प्रदेश। भोपाल उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम ने भोपाल नगर निगम को बड़ा झटका दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत आवंटित एलआईजी फ्लैट का समय पर अधिपत्य (पजेशन) नहीं देने के मामले में फोरम ने निगम पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। फोरम ने यह भी निर्देश दिया कि शिकायतकर्ता को जल्द से जल्द फ्लैट का कब्जा सौंपा जाए। Indore Toxic Water : दूषित पानी से 17 मौतें, सरकारी आदेश में ‘घंटा’ विवाद का जिक्र करने पर SDM निलंबित LIG फ्लैट के लिए 2 लाख रुपये किये थे जमा यह मामला बागसेवनिया निवासी भगवान दास बंशकार का है। उन्होंने 18 अक्टूबर 2021 को PMAY योजना के अंतर्गत 12 नंबर स्टॉप के पास बने एलआईजी फ्लैट के लिए आवेदन किया था। उसी दिन बुकिंग अमाउंट के रूप में 2 लाख 20 हजार रुपये जमा कर दिए थे। इसके बाद निगम ने उन्हें 30 दिनों के अंदर अतिरिक्त 3 लाख 30 हजार रुपये जमा करने को कहा। फ्लैट की कुल कीमत 22 लाख रुपये तय हुई और बाकी राशि के लिए 10 महीने की आसान किस्तों का प्लान बनाया गया। Dr. Rashmi Verma Death : भोपाल AIIMS की डॉ रश्मि वर्मा की मौत, एनेस्थीसिया के हाई डोज से बिगड़ी थी हालत ढाई साल बाद भी निर्माण अधूरा भगवान दास ने सभी किस्तें समय पर जमा कीं। ढाई साल बीत जाने के बाद भी जब फ्लैट का पजेशन नहीं मिला तो वे मौके पर गए। वहां पहुंचकर उन्हें पता चला कि निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है। निराश होकर उन्होंने जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई। फोरम की बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों की जांच के बाद यह फैसला सुनाया। Digvijay Singh Sehore Visit : दिग्विजय सिंह का मनरेगा मजदूरों से संवाद, बोले-शिवराज जी ने नहीं रखा गरीब मजदूरों का ध्यान शिकायतकर्ता को मुआवजा फोरम ने अपने आदेश में साफ कहा कि निगम की लापरवाही से उपभोक्ता को मानसिक परेशानी और आर्थिक नुकसान हुआ है, इसलिए 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया जा रहा है, जो शिकायतकर्ता को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा। साथ ही, निगम को निर्देश दिया गया कि तय समय-सीमा में फ्लैट का अधिपत्य सौंपा जाए।

MP Cold Update : मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड , घने कोहरे से विजिबिलिटी जीरो, कई जिलों में स्कूल बंद

MP Cold Update

MP Cold Update : भोपाल। नए साल के पहले सप्ताह में मध्यप्रदेश भीषण ठंड और घने कोहरे की गिरफ्त में है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में शीतलहर और कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है। सुबह-शाम घना कोहरा छाने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। सड़कों पर वाहन रेंगते दिख रहे हैं, ट्रेनें घंटों लेट हो रही हैं और हवाई यातायात भी बाधित है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है। Bhopal Municipal Corporation fined : भोपाल नगर निगम पर 25 हजार का जुर्माना, जानिए उपभोक्ता फोरम ने क्यों लिया एक्शन ग्वालियर-चंबल अंचल सबसे ज्यादा प्रभावित है। दतिया, ग्वालियर, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में विजिबिलिटी कई जगहों पर 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। भोपाल, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, रीवा, जबलपुर, कटनी, सतना और शहडोल जैसे जिलों में भी सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे दिन की शुरुआत ही अंधेरे में हो रही है। तापमान ने कई रिकॉर्ड तोड़े हैं। राजधानी भोपाल में जनवरी का न्यूनतम तापमान पिछले 10 साल के रिकॉर्ड को चुनौती दे रहा है। यहां पारा 3.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। प्रदेश में सबसे कम तापमान राजगढ़ में 2 डिग्री दर्ज किया गया। उमरिया, शाजापुर, सीहोर और रीवा भी ठंड की चपेट में रहे। Dr. Rashmi Verma Death : भोपाल AIIMS की डॉ रश्मि वर्मा की मौत, एनेस्थीसिया के हाई डोज से बिगड़ी थी हालत घने कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनें 5-6 घंटे देरी से चल रही हैं। सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और शाजापुर में शीतलहर का विशेष अलर्ट जारी किया है। स्कूलों में अवकाश ठंड से बच्चों को बचाने के लिए कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इंदौर, रायसेन-नर्मदापुरम, ग्वालियर और मऊगंज में बुधवार को भी स्कूल नहीं खुलेंगे। भोपाल, धार, सीहोर, अनूपपुर, बड़वानी, मुरैना और खरगोन में स्कूल सुबह 9 बजे के बाद शुरू होने के निर्देश हैं। Indore Toxic Water : दूषित पानी से 17 मौतें, सरकारी आदेश में ‘घंटा’ विवाद का जिक्र करने पर SDM निलंबित अन्य जिलों में भी जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर फैसले ले रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण यह ठंड लंबे समय तक बनी रहेगी।

Dr. Rashmi Verma Death : भोपाल AIIMS की डॉ रश्मि वर्मा की मौत, एनेस्थीसिया के हाई डोज से बिगड़ी थी हालत

Dr. Rashmi Verma Death

Dr. Rashmi Verma Death : मध्य प्रदेश। एम्स भोपाल की इमरजेंसी एवं ट्रॉमा विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा का 24 दिन तक चले जीवन संघर्ष के बाद सोमवार को निधन हो गया। 11 दिसंबर को आत्महत्या के प्रयास के बाद वे ICU में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थीं। तमाम विशेषज्ञों की निगरानी और इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। एम्स के अनुसार, 5 जनवरी सुबह करीब 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। शव परिजनों को सौंप दिया गया। ब्रेन डैमेज मौत की मुख्य वजह बना। एनेस्थीसिया की हाई डोज से दिल रुकने के बाद मस्तिष्क को गंभीर क्षति पहुंची थी। Digvijay Singh Sehore Visit : दिग्विजय सिंह का मनरेगा मजदूरों से संवाद, बोले-शिवराज जी ने नहीं रखा गरीब मजदूरों का ध्यान एनेस्थीसिया ड्रग्स का हाई डोज डॉ. रश्मि ने मिडाजोलम और वेक्यूरोनियम जैसी एनेस्थीसिया ड्रग्स का हाई डोज लिया था। पति डॉ. मनमोहन शाक्य उन्हें बेहोशी की हालत में एम्स लेकर पहुंचे। पहुंचने से पहले 25 मिनट निकल चुके थे। दिल 7 मिनट तक रुका रहा। सीपीआर से हार्टबीट लौटी, लेकिन ब्रेन को ऑक्सीजन नहीं मिलने से ग्लोबल हाइपोक्सिक ब्रेन इंजरी हो गई। एमआरआई में यह पुष्टि हुई। रिकवरी की संभावना कम थी। डॉ. रश्मि प्रयागराज एमएलएन से एमबीबीएस और गोरखपुर बीआरडी से एमडी की थीं। Sehore Water Crisis : इंदौर के बाद अब सीहोर की बारी? लापरवाही से बार-बार फूट रही पानी की पाइपलाइन, नपा ने लिया एक्शन एम्स के अलावा एलएन और पीएमएस में सेवाएं दीं। 5 साल टीचिंग अनुभव। गरीब मरीजों की मदद के लिए जानी जाती थीं, कई बार इलाज खर्च खुद उठाती थीं। सीपीआर ट्रेनिंग की नोडल अधिकारी थीं। टॉक्सिक वर्क कल्चर पर सवाल घटना के बाद विभाग के कथित टॉक्सिक माहौल, प्रशासनिक दबाव और नोटिस सिस्टम पर सवाल उठे। 10 सितंबर को ‘सीरियस मिसकंडक्ट’ नोटिस मिला था। आपात बैठक में एचओडी हटाए गए, विभाग बांटा गया। हाई लेवल कमेटी गठित, रिपोर्ट अभी नहीं आई। एम्स समुदाय में शोक है। डॉ. रश्मि को समर्पित और मददगार बताया। जांच की मांग तेज है। Indore Toxic Water : दूषित पानी से 17 मौतें, सरकारी आदेश में ‘घंटा’ विवाद का जिक्र करने पर SDM निलंबित परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप यह घटना अस्पताल में दवा डोज और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठा रही है। परिजनों ने लापरवाही के आरोप लगाए हैं। जांच की मांग हो रही है। एम्स प्रबंधन ने शोक व्यक्त किया और जांच का आश्वासन दिया।  

Digvijay Singh Sehore Visit : दिग्विजय सिंह का मनरेगा मजदूरों से संवाद, बोले-शिवराज जी ने नहीं रखा गरीब मजदूरों का ध्यान

Digvijay Singh Sehore Visit

Digvijay Singh Sehore Visit : सीहोर। राज्यसभा सांसद और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह लगातार दूसरे दिन सीहोर जिले के दौरे पर रहे। इच्छावर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम खेरी में उन्होंने मनरेगा श्रमिकों से लंबा संवाद किया। केंद्र सरकार के नए कानून पर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को निशाने पर लिया। दिग्विजय ने आरोप लगाया कि नए कानून में गरीबों और मजदूरों का ध्यान नहीं रखा गया। कांग्रेस हमेशा मजदूरों-किसानों की लड़ाई लड़ती रही है। यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी। नए कानून में ज्यादा काम मिले, इसके लिए प्रयास होंगे। मजदूरों की आवाज मजबूती से उठाई जाएगी। Sehore Water Crisis : इंदौर के बाद अब सीहोर की बारी? लापरवाही से बार-बार फूट रही पानी की पाइपलाइन, नपा ने लिया एक्शन घर-घर जाकर सुनी समस्याएं रविवार रात खेरी गांव में विश्राम के बाद सोमवार सुबह दिग्विजय पैदल गांव की गलियों में निकले। घर-घर जाकर ग्रामीणों से बात की। लोगों ने पानी, सड़क, जलभराव, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की समस्याएं बताईं। दिग्विजय ने धैर्य से सुना और समाधान का भरोसा दिलाया। यह दौरा कांग्रेस के जमीनी संपर्क और संगठन मजबूत करने की पहल है। Bhopal Student Suicide : गर्लफ्रेंड के इग्नोरेंस से तंग आकर पांचवीं मंजिल से कूदा MBBS छात्र शिवराज पर तीखा हमला दिग्विजय ने कहा कि कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जो नया कानून बनाया, उसमें मजदूरों का हित नहीं देखा। कांग्रेस मजदूरों के साथ खड़ी रहेगी। मनरेगा श्रमिकों से संवाद में उन्होंने केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाए। कांग्रेस की रणनीति यह दौरा कांग्रेस की ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रियता दिखाता है। दिग्विजय सिंह लंबे समय से जमीनी स्तर पर संपर्क कर रहे हैं। मजदूर-किसान मुद्दों को उठाकर पार्टी को मजबूत करने की कोशिश है। Bhopal Power Outages : भोपाल में आज बिजली कटौती, इन इलाकों में होगा 5-6 घंटे पावर कट दिग्विजय का यह दौरा सीहोर में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा रहा है। ग्रामीणों की समस्याओं पर ध्यान आकर्षित हुआ है। कांग्रेस इसे बड़ा मुद्दा बना रही है।

Sehore Water Crisis : इंदौर के बाद अब सीहोर की बारी? लापरवाही से बार-बार फूट रही पानी की पाइपलाइन, नपा ने लिया एक्शन

Sehore Water Crisis

Sehore Water Crisis : सीहोर। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप है, लेकिन सीहोर में ब्रिज कॉर्पोरेशन की लापरवाही जनता को मुश्किल में डाल रही है। हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए बिना फिक्स ले-आउट के खुदाई से पेयजल और सीवेज लाइनें बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही हैं। जानकारी के मुताबिक, पिछले 8 दिनों से वार्ड 9 और 21 में नल नहीं खुले। लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। नगर पालिका तीन टैंकरों से काम चला रही है। खुदाई से सीवेज लाइन फूटने से अवधपुरी, चाणक्यपुरी और ड्रीम सिटी में गंदा पानी घरों के बाथरूम-टॉयलेट में लौट रहा है। Bhopal Student Suicide : गर्लफ्रेंड के इग्नोरेंस से तंग आकर पांचवीं मंजिल से कूदा MBBS छात्र बताया जा रहा है कि, यह पानी बोरिंग में रिस रहा है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। शनिवार को नगर पालिका ने निर्माण एजेंसी का जनरेटर जब्त कर काम रुकवा दिया। ब्रिज कॉर्पोरेशन की मनमानी उपयंत्री विजय कोली ने बताया कि ब्रिज कॉर्पोरेशन का ले-आउट फिक्स नहीं है। कभी यहां तो कभी वहां खुदाई करते हैं। पिछले दो महीनों में एक दर्जन बार पेयजल पाइपलाइन डैमेज हुई। Indore Toxic Water : दूषित पानी से 17 मौतें, सरकारी आदेश में ‘घंटा’ विवाद का जिक्र करने पर SDM निलंबित कॉर्पोरेशन ने पाइप शिफ्टिंग के लिए 85 लाख रुपये का एस्टीमेट एक साल पहले मांगा था, लेकिन राशि जमा नहीं की। बिना अनुमति खुदाई जारी रखी। चेतावनी के बावजूद सुधार न होने पर जनरेटर जब्त किया गया। घरों में गंदा पानी, स्वास्थ्य खतरा पार्षद प्रतिनिधि कमलेश कुशवाह ने कहा कि सीवेज बैक मारकर घरों में आ रहा है। कीचड़ और गंदा पानी पेयजल लाइन में मिलने का खतरा है। लोग बीमार पड़ रहे हैं। इंदौर जैसी त्रासदी का डर है। जिम्मेदार समन्वय की कमी दिखा रहे हैं। Bhopal Power Outages : भोपाल में आज बिजली कटौती, इन इलाकों में होगा 5-6 घंटे पावर कट प्रशासन की कार्रवाई नगर पालिका की जल और अतिक्रमण शाखा ने मौके पर पहुंचकर जनरेटर जब्त किया। काम रुकवा दिया। लेकिन लोग 8 दिन से परेशान हैं। टैंकर से पानी भरवाना पड़ रहा है।

Bhopal Student Suicide : गर्लफ्रेंड के इग्नोरेंस से तंग आकर पांचवीं मंजिल से कूदा MBBS छात्र

Bhopal suicide case

Bhopal Student Suicide : भोपाल। कोलार इलाके की प्रीमियम टावर कॉलोनी में एक दर्दनाक हादसा हुआ। एलएन मेडिकल कॉलेज के थर्ड ईयर एमबीबीएस छात्र सचिन सिंह (21) ने फ्लैट की पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच में सामने आया कि सचिन पिछले तीन महीनों से अपनी गर्लफ्रेंड (कॉलेज की साथ पढ़ने वाली छात्रा) द्वारा इग्नोर किए जाने से मानसिक तनाव और डिप्रेशन में था। Indore Toxic Water : दूषित पानी से 17 मौतें, सरकारी आदेश में ‘घंटा’ विवाद का जिक्र करने पर SDM निलंबित शनिवार को बालकनी से कूदने के बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। फ्लैट में उसके साथ तीन अन्य छात्र रहते थे। ये है पूरा मामला टीआई संजय सोनी के अनुसार, सचिन प्रीमियम टावर फेस-1 की पांचवीं मंजिल पर किराए के फ्लैट में रहता था। वह कॉलेज में साथ पढ़ने वाली छात्रा से नजदीक था, लेकिन तीन महीने से बातचीत बंद होने से डिप्रेशन में था। Jitu Patwari attacks BJP : मौतों पर सियासत नहीं, न्याय होना चाहिए, इंदौर में कांग्रेस का मेगा मार्च शनिवार को उसने बालकनी से कूदकर जान दे दी। गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन रविवार शाम मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। साथी छात्रों से पूछताछ की जा रही है। डिप्रेशन का कारण पुलिस की शुरुआती जांच में इग्नोरेंस और रिलेशनशिप ब्रेकअप जैसा तनाव कारण लग रहा है। युवा उम्र में रिलेशनशिप प्रॉब्लम्स से डिप्रेशन आम हो रहा है। ऐसे मामलों में काउंसलिंग और परिवार का सपोर्ट जरूरी है।