Betul Student Suicide : फर्स्ट ईयर के छात्र ने लगाई फांसी, बैंक में मिलने वाली थी अनुकंपा नियुक्ति

Betul Student Suicide : बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में एक दर्दनाक घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया। कोतवाली थाना क्षेत्र के सदर इलाके में बुधवार शाम एक फर्स्ट ईयर के छात्र ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान प्रिंस माथनकर (19 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने जांच शुरू कर दी। आज जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम हो रहा है। ये है पूरा मामला प्रिंस माथनकर सदर क्षेत्र के पटेल वार्ड में ब्रह्माकुमारी आश्रम के पीछे रहता था। वह फर्स्ट ईयर का छात्र था। बुधवार शाम को उसने घर में फांसी लगा ली। थाना प्रभारी नीरज पाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का सटीक कारण सामने नहीं आया। लेकिन परिजनों के बयानों से पता चला कि प्रिंस बाइक खरीदना चाहता था। Diwali Bhai Dooj 2025 : भाईदूज पर क्या है तिलक लगाने के नियम, जान लीजिये सही वास्तु नियम और दिशा परिवार ने इनकार कर दिया था। इससे वह बेहद नाराज था। घटना के समय उसकी मां और छोटा भाई भंडारे में गए थे। घर लौटने पर उन्होंने प्रिंस को फांसी पर लटका पाया। तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि प्रिंस का फोन लॉक है। अभी तक खुल नहीं सका। इससे ज्यादा जानकारी मिलने की उम्मीद है। प्रिंस परिवार का बड़ा बेटा था। उसके पिता दो साल पहले मिलानपुर के पास सड़क हादसे में मारे गए थे। पिता सेंट्रल बैंक में सब स्टाफ थे। प्रिंस को अनुकंपा नियुक्ति मिलने वाली थी। यह प्रक्रिया चल रही थी। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। प्रिंस की पढ़ाई और भविष्य को लेकर सब चिंतित थे। Pravesh Agrawal Death : कांग्रेस नेता प्रवेश अग्रवाल की दम घुटने से मौत, पत्नी वेंटिलेटर पर, पुलिस इन्वेस्टिगेशन शुरू मां ने बताया कि प्रिंस खुशमिजाज था। बाइक का मुद्दा छोटा था लेकिन वह उदास रहने लगा था। छोटा भाई स्कूल जाता है। घर में अब सिर्फ मां और भाई ही बचे हैं। पड़ोसी कहते हैं कि प्रिंस पढ़ाई में अच्छा था। कॉलेज के दोस्तों ने शोक व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर भी लोग प्रिंस को याद कर रहे हैं। परिवार ने कहा कि बेटे की मौत से सब उजड़ गया। पुलिस की कार्रवाई कोतवाली पुलिस ने मौके का मुआयना किया। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। फिर भी गहन जांच चल रही है। थाना प्रभारी ने कहा कि फोन खुलते ही चैट और मैसेज चेक किए जाएंगे। अगर कोई बाहरी दबाव था, तो पता चलेगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। बैतूल एसपी ने मामले को संवेदनशील बताया। युवाओं में तनाव पर जागरूकता अभियान चलाने की योजना है।
Diwali Bhai Dooj 2025 : भाईदूज पर क्या है तिलक लगाने के नियम, जान लीजिये सही वास्तु नियम और दिशा

Diwali Bhai Dooj 2025 : भोपाल। भाई दूज का पर्व आज 23 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। तिथियों के बदलाव के कारण इस बार यह त्योहार 22 की जगह 23 अक्टूबर को आया है। इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और तरक्की की कामना करती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तिलक लगाने के लिए वास्तु नियमों का पालन जरूरी है? ज्योतिषाचार्य पंडित राम गोविंद शास्त्री और पंडित सनत कुमार खम्परिया ने तिलक की सही दिशा और विधि के बारे में बताया। इन नियमों को अपनाने से भाई-बहन का रिश्ता मजबूत होता है और यम का भय भी दूर रहता है। Pravesh Agrawal Death : कांग्रेस नेता प्रवेश अग्रवाल की दम घुटने से मौत, पत्नी वेंटिलेटर पर, पुलिस इन्वेस्टिगेशन शुरू तिलक के लिए सही दिशा भाई दूज पर तिलक लगाते समय दिशा का विशेष ध्यान रखें। पंडित राम गोविंद शास्त्री के अनुसार, भाई का चेहरा उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। वहीं, बहन का चेहरा उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा की ओर हो। इन दिशाओं में तिलक करना शुभ माना जाता है। इससे भाई की तरक्की के योग बनते हैं। साथ ही भाई-बहन के बीच प्रेम बढ़ता है। तिलक का सही समय ज्योतिषाचार्य पंडित सनत कुमार खम्परिया बताते हैं कि भाई दूज का तिलक किसी भी समय लगाया जा सकता है। कोई विशेष मुहूर्त की जरूरत नहीं है। दिनभर में कभी भी यह पूजा की जा सकती है। बस वास्तु नियमों का पालन जरूरी है। Attack On Police : धरमपुर गांव में पुलिस पर कुल्हाड़ी-लाठियों से हमला, थानेदार का सिर फूटा, एक की हुई गिरफ्तारी तिलक की सही विधि भाई दूज पर तिलक की विधि भी खास है। बहनें जमीन पर आटा या गोबर से चौक बनाएं। चौक इस तरह बनाएं कि भाई का चेहरा उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा में आए। लकड़ी के पाटे पर भाई को बिठाएं। बहन भी आसन या पाटे पर बैठें। फिर भाई के माथे पर तिलक लगाएं। उनके हाथ में कलावा बांधें। दीपक जलाकर आरती करें। मिठाई खिलाएं और लंबी उम्र की कामना करें। कुर्सी या सोफे की जगह जमीन पर बैठना ज्यादा शुभ है। इन बातों का रखें ध्यान भाई और बहन दोनों को काले रंग के कपड़ों से बचना चाहिए। यह अशुभ माना जाता है। भाईदूज पर आपसी प्रेम बनाए रखें। किसी भी तरह का विवाद टालें। अगर संभव हो, तो बहनें तिलक से पहले व्रत रखें। तिलक के बाद ही कुछ खाएं। भाई जो भी गिफ्ट दे, उसका आदर करें। उसे प्रेम से स्वीकार करें। Narmadapuram News : पुरानी रंजिश में खूनी संघर्ष, पांच पर हमला, मुख्य आरोपी ने फांसी लगाकर किया सुसाइड भाई दूज का महत्व भाई दूज भाई-बहन के प्यार का प्रतीक है। इस दिन तिलक लगाने से रिश्ते मजबूत होते हैं। वास्तु नियमों का पालन करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। यह त्योहार न केवल आध्यात्मिक बल्कि भावनात्मक रूप से भी खास है। यम और यमुना की कथा से जुड़ा यह पर्व भाई की सुरक्षा और समृद्धि की कामना करता है। क्यों खास है यह पर्व? पंडित राम गोविंद शास्त्री बताते हैं कि सही दिशा और विधि से तिलक करने से जीवन में सुख-शांति आती है। यह भाई-बहन के बीच विश्वास को बढ़ाता है। साथ ही यम का भय नहीं सताता। सोशल मीडिया पर भी लोग भाई दूज की तस्वीरें और संदेश साझा कर रहे हैं। यह पर्व हर साल उत्साह से मनाया जाता है।
Pravesh Agrawal Death : कांग्रेस नेता प्रवेश अग्रवाल की दम घुटने से मौत, पत्नी वेंटिलेटर पर, पुलिस इन्वेस्टिगेशन शुरू

Congress leader Pravesh Agrawal death: मध्य प्रदेश। इंदौर शहर में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नर्मदा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवेश अग्रवाल की आग लगने से दम घुटने की वजह से मौत हो गई। यह हादसा उनके कार शोरूम के ऊपरी हिस्से में बने पेंटहाउस में हुआ। उनकी पत्नी श्वेता अग्रवाल की हालत नाजुक बनी हुई है। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। बड़ी बेटी सौम्या (15) भी गंभीर रूप से झुलस गई। छोटी बेटी मायरा (10) को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। Attack On Police : धरमपुर गांव में पुलिस पर कुल्हाड़ी-लाठियों से हमला, थानेदार का सिर फूटा, एक की हुई गिरफ्तारी हादसे की पूरी कहानी घटना सुबह करीब 5 बजे लसूड़िया क्षेत्र में घटी। प्रवेश अग्रवाल का महिंद्रा कार शोरूम है। शोरूम के ऊपर पेंटहाउस में पूरा परिवार रहता था। आग लगने के समय घर में प्रवेश, श्वेता, सौम्या और मायरा मौजूद थे। अचानक धुआं पूरे घर में फैल गया। प्रवेश ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने पहले पत्नी और छोटी बेटी को बाहर निकाला। फिर बड़ी बेटी को बचाने की कोशिश की। लेकिन धुएं की वजह से वे खुद फंस गए। सौम्या भी कमरे में बंद हो गई। पड़ोसी और गार्ड ने चीख-पुकार सुनकर मदद की पुकार सुनी। उन्होंने श्वेता और मायरा को सुरक्षित बाहर निकाला। लेकिन प्रवेश और सौम्या को धुएं से बेहोश पाया गया। दमकल टीम और पुलिस तुरंत पहुंची। दोनों को अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्रवेश को मृत घोषित कर दिया। सौम्या का इलाज चल रहा है। उसकी हालत चिंताजनक है। श्वेता को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। MP IPS Transfer : मध्यप्रदेश में 7 सीनियर IPS के ट्रांसफर, यहां देखिये पूरी लिस्ट कैसे लगी आग ? लसूड़िया थाने के प्रभारी तारेश सोनी ने बताया कि आग पेंटहाउस के मंदिर से शुरू हुई। वहां अखंड दीपक जल रहा था। पास ही स्टोर रूम था। संभवतः दीपक की वजह से आग भड़की। यह तेजी से बेडरूम और स्टोर तक फैल गई। पूरा सामान जल गया। फॉरेंसिक टीम ने मौके का मुआयना किया। सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। पुलिस ने शॉर्ट सर्किट की आशंका को भी खारिज नहीं किया। दमकल विभाग ने आग बुझाने में दो घंटे लगाए। घटना की सूचना मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पहुंचे। उन्होंने परिवार से मुलाकात की। सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, “यह दुखद खबर सुनकर स्तब्ध हूं। प्रवेश मेरे करीबी थे। उनकी आत्मा को शांति मिले। परिवार को हर संभव मदद देंगे।” कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि दी। इंदौर में शोक की लहर दौड़ गई। Viral Video : दिवाली पर सोन पापड़ी मिले तो भड़क गए एम्प्लॉई, फैक्ट्री के गेट के बाहर कर दिया ये काम प्रवेश अग्रवाल कौन थे? प्रवेश अग्रवाल इंदौर के प्रमुख उद्योगपति थे। वे महिंद्रा कार शोरूम चलाते थे। राजनीति में सक्रिय थे। कमलनाथ के कोर टीम में शामिल रहे। देवास की राजनीति में उनका प्रभाव था। उन्होंने देवास विधानसभा टिकट मांगा था। पत्नी के लिए महापौर टिकट का प्रयास किया। लेकिन टिकट नहीं मिला। नर्मदा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते थे। उनका निधन पार्टी के लिए बड़ी क्षति है। श्वेता ने बताया कि धुआं इतना घना था कि कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। गार्ड ने तुरंत 100 नंबर पर कॉल किया। पड़ोसियों ने दरवाजे तोड़े। दमकल वाहन 10 मिनट में पहुंचे। लेकिन देर हो चुकी थी। Chhath Puja 2025 : सजे-धजे 150 घाटों पर सूर्य उपासना, नहाय-खाय से शुरू होगी छठ पूजा 2025 की भव्य शुरुआत डॉक्टरों का कहना है कि धुआं ज्यादा खतरनाक होता है। सांस नली में चला जाता है। सौम्या के फेफड़ों में जलन है। श्वेता की सांसें कमजोर हैं। मायरा को डिस्चार्ज कर दिया गया। पुलिस ने मौके पर निशानदेही की। कोई संदिग्ध परिस्थिति नहीं मिली। फिर भी गहन जांच होगी। थाना प्रभारी ने कहा, “परिवार को हर सहायता देंगे। आग के स्रोत की पुष्टि होगी।”
Attack On Police : धरमपुर गांव में पुलिस पर कुल्हाड़ी-लाठियों से हमला, थानेदार का सिर फूटा, एक की हुई गिरफ्तारी

Attack On Police : मध्य प्रदेश। पन्ना में पुलिस टीम पर ग्रामीणों का जानलेवा हमला हुआ। यह घटना बृजपुर थाना क्षेत्र के गजना धरमपुर गांव में बुधवार रात साढ़े 8 बजे घटी। हत्या के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस पर 40-50 ग्रामीणों ने कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों से हमला कर दिया। थाना प्रभारी महेंद्र सिंह भदौरिया और आरक्षक राम निरंजन कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों का सिर फूट गया। उन्हें सतना के बिड़ला अस्पताल में भर्ती किया गया। हमले में पुलिस की दो राइफलें भी लूट ली गईं। MP IPS Transfer : मध्यप्रदेश में 7 सीनियर IPS के ट्रांसफर, यहां देखिये पूरी लिस्ट ये है पूरा मामला पुलिस टीम आरोपी पंचम यादव को गिरफ्तार करने गांव पहुंची। पंचम यादव पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज है। जैसे ही टीम गांव में घुसी, आरोपी के समर्थकों और ग्रामीणों ने विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते भीड़ ने पुलिस को घेर लिया। ग्रामीणों ने कुल्हाड़ी से थाना प्रभारी पर वार किया। आरक्षक पर भी लाठी-डंडों की बरसात हुई। थाना प्रभारी और आरक्षक को कुछ देर के लिए बंधक भी बना लिया गया। बाकी 8 पुलिसकर्मी हथियार छोड़कर भाग निकले। उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया। Viral Video : दिवाली पर सोन पापड़ी मिले तो भड़क गए एम्प्लॉई, फैक्ट्री के गेट के बाहर कर दिया ये काम घटना की सूचना मिलते ही पन्ना एसपी निवेदिता नायडू भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने हालात काबू किए। मुख्य आरोपी पंचम यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। एसपी ने बताया कि हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। घायलों की हालत स्थिर है, लेकिन थाना प्रभारी के सिर की चोट गंभीर है। पुलिस ने हमलावरों की पहचान शुरू कर दी है। कई नामजद आरोपी फरार हैं। एसपी ने कहा कि गांव में शांति बहाल है। लेकिन निगरानी बढ़ा दी गई। घायल पुलिसकर्मियों का इलाज चल रहा है। Ladli Behna Yojana : लाड़ली बहना योजना में बड़ा अपडेट, इस महीने अक्टूबर में फिर आएगा खाते में पैसा डॉक्टरों ने बताया कि सिर की चोटों के कारण खतरा बरकरार है। यह घटना पुलिस महकमे में सदमा पहुंचा रही है। अफसरों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान ऐसी हिंसा बर्दाश्त नहीं। पन्ना प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि कानून का पालन करें। आरोपी को जल्द कोर्ट में पेश किया जाएगा। यह मामला हत्या के प्रयास और पुलिस पर हमले के तहत दर्ज हो गया। जिले में अतिरिक्त फोर्स तैनात रहेगी।
MP IPS Transfer : मध्यप्रदेश में 7 सीनियर IPS के ट्रांसफर, यहां देखिये पूरी लिस्ट

MP IPS Transfer : भोपाल। मध्य प्रदेश शासन ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। बुधवार की आधी रात को गृह विभाग ने सात सीनियर आईपीएस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी कर दिए। इनमें एडीजी और आईजी स्तर के अफसरों की भूमिकाओं में बड़े बदलाव हुए हैं। यह फेरबदल तत्काल प्रभाव से लागू हो गया। शासन का मानना है कि इससे विभाग में बेहतर कार्यप्रणाली बनेगी। प्रमुख बदलावों पर नजर सबसे पहले बात एडीजी राजाबाबू सिंह की। वे पहले प्रशिक्षण, शिकायत और मानवाधिकार का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। अब उनकी जिम्मेदारी सिर्फ एडीजी प्रशिक्षण तक सीमित हो गई। शिकायत और मानवाधिकार का प्रभार छीन लिया गया। यह बदलाव विभाग में सतर्कता का संकेत दे रहा है। इसके अलावा, आईजी इरशाद वली को नया दायित्व मिला। उन्हें एसएएफ भोपाल रेंज और एसएएफ पुलिस मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। यह नियुक्ति सुरक्षा बलों की तैयारियों को मजबूत करेगी। एडीजी देव प्रकाश गुप्ता को कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी गईं। वे अब मानव अधिकार, शिकायत पीएचक्यू के साथ सामुदायिक पुलिसिंग, आरटीआई, को-ऑपरेटिव फ्रॉड, लोक सेवा गारंटी, पुलिस मैन्युअल, आरएंडडी और पुलिस सुधार का प्रभार देखेंगे। यह एक बड़ा दायरा है। एडीजी नारकोटिक्स केपी व्यंकटेश्वर राव को भी नया काम मिला। उन्हें तकनीकी सेवाएं पीएचक्यू का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। यह बदलाव ड्रग्स कंट्रोल और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सकारात्मक कदम लगता है। आईजी स्तर पर भी हलचल रही। ईओडब्ल्यू भोपाल के आईजी सुशांत सक्सेना को आईजी इन्वेस्टिगेशन पीएचक्यू भेजा गया। चैत्रा एन को आईजी एससीआरबी पीएचक्यू का प्रभार मिला। वहीं, कुमार सौरभ को आईजी एसआईएसएफ के साथ आजाक आईजी का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया। मध्य प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में कई ऐसे तबादले हो चुके हैं। सितंबर में 20 आईपीएस अफसर बदले गए थे। अक्टूबर की शुरुआत में भी 6 अधिकारियों के ट्रांसफर हुए। यह सिलसिला जारी है। गृह विभाग का फोकस अब कानून-व्यवस्था पर ज्यादा लग रहा है।
Viral Video : दिवाली पर सोन पापड़ी मिले तो भड़क गए एम्प्लॉई, फैक्ट्री के गेट के बाहर कर दिया ये काम

Viral Video : दीपावली का त्योहार नजदीक है। कर्मचारी पूरे साल बोनस का इंतजार करते हैं। लेकिन हरियाणा के सोनीपत की एक फैक्ट्री में बोनस को लेकर अनोखा विवाद सामने आया है। कर्मचारियों को बोनस में नकद या गिफ्ट वाउचर की उम्मीद थी। इसके बजाय उन्हें सोन पापड़ी के डिब्बे दिए गए। इससे नाराज कर्मचारियों ने सोन पापड़ी के डिब्बे फैक्ट्री के गेट पर फेंक दिए। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। Narmadapuram News : पुरानी रंजिश में खूनी संघर्ष, पांच पर हमला, मुख्य आरोपी ने फांसी लगाकर किया सुसाइड वायरल वीडियो की कहानी यह वीडियो सोनीपत की एक फैक्ट्री का बताया जा रहा है। इसमें कर्मचारी गुस्से में सोन पापड़ी के डिब्बे फेंकते नजर आ रहे हैं। एक स्थानीय न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों को दीपावली पर बोनस देने का वादा किया गया था। लेकिन बोनस के नाम पर उन्हें सोन पापड़ी दी गई। इससे कर्मचारी भड़क गए। वीडियो को 6 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं। इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं हो सकी है। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग कर्मचारियों के गुस्से को सही ठहरा रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “कर्मचारी पूरे साल मेहनत करते हैं। दीपावली पर अच्छे बोनस की उम्मीद रहती है। Ladli Behna Yojana : लाड़ली बहना योजना में बड़ा अपडेट, इस महीने अक्टूबर में फिर आएगा खाते में पैसा सोन पापड़ी देना मजाक है।” एक अन्य यूजर ने कहा, “कंपनी को कर्मचारियों की मेहनत का सम्मान करना चाहिए।” कुछ लोग बोनस के लिए कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, कुछ लोगों ने कर्मचारियों के व्यवहार की आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, “खाने की बर्बादी गलत है। बोनस न देना कंपनी का फैसला हो सकता है। इसे विनम्रता से स्वीकार करना चाहिए।” एक अन्य यूजर ने कहा, “बोनस देना जरूरी नहीं है। यह कंपनी की मर्जी है। कर्मचारियों को शिकायत नहीं करनी चाहिए।” कर्मचारियों की नाराजगी कर्मचारियों का कहना है कि वे पूरे साल मेहनत करते हैं। दीपावली पर उन्हें अच्छे बोनस की उम्मीद थी। सोन पापड़ी मिलने से उन्हें निराशा हुई। उनका कहना है कि कंपनी ने उनका अपमान किया है। कुछ कर्मचारियों ने विरोध के लिए डिब्बे फेंकने का तरीका चुना। NEET UG 2025 : इंदौर हाईकोर्ट ने दी मेडिकल छात्रा को बड़ी राहत, तीसरे राउंड काउंसलिंग में हिस्सा लेने की अनुमति कंपनी का पक्ष कंपनी की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह स्पष्ट नहीं है कि बोनस में सोन पापड़ी देने का फैसला क्यों लिया गया। कुछ लोग मानते हैं कि छोटी कंपनियों के लिए नकद बोनस देना मुश्किल हो सकता है। दीपावली पर बोनस देना कई कंपनियों की परंपरा है। यह कर्मचारियों के लिए खुशी का मौका होता है। लेकिन इस बार सोनीपत की इस घटना ने चर्चा छेड़ दी है। लोग बोनस की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। Q. सोनीपत फैक्ट्री में बोनस विवाद का कारण क्या है? कर्मचारियों को दीपावली बोनस में नकद या गिफ्ट वाउचर की जगह सोन पापड़ी दी गई, जिससे वे नाराज हो गए। Q. सोनीपत फैक्ट्री का वीडियो क्यों वायरल हुआ? कर्मचारियों ने बोनस में मिली सोन पापड़ी के डिब्बे फैक्ट्री के गेट पर फेंक दिए, जिसका वीडियो वायरल हो गया। Q. सोनीपत फैक्ट्री में कर्मचारियों ने क्या किया? कर्मचारियों ने गुस्से में सोन पापड़ी के डिब्बे फैक्ट्री के गेट पर फेंक दिए। Q. वायरल वीडियो को कितने लोग देख चुके हैं? वीडियो को 6 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं। Q. सोशल मीडिया पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया है? कुछ लोग कर्मचारियों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ ने खाने की बर्बादी की आलोचना की है।