Diwali Special Story 2025 : दीपावली पर जगमगाएगा राजगढ़ का महालक्ष्मी मंदिर, 250 साल पुरानी गज लक्ष्मी की अनोखी कहानी

Rajgarh Mahalaxmi Temple

Diwali Special Story 2025 : राजगढ़। दीपावली का त्योहार नजदीक है। इस मौके पर राजगढ़ का महालक्ष्मी मंदिर सुर्खियों में है। यह मंदिर राजमहल के अंदर स्थित है। यहां माता गज लक्ष्मी की खूबसूरत प्रतिमा है। यह प्रतिमा श्वेत संगमरमर से बनी है। इसकी ऊंचाई करीब दो गज है। यह 250 साल से भी ज्यादा पुरानी है। दीपावली पर इस मंदिर में विशेष पूजा होती है। मंदिर को झूमरों और दीपों से सजाया जाता है। मंदिर का इतिहास कहा जाता है कि 1745 में राजा ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था। उनका मकसद था कि उनके राज्य में धन और समृद्धि बनी रहे। मंदिर बनने के बाद एक रहस्यमयी घटना हुई। एक व्यक्ति अचानक प्रकट हुआ। उसने राजा को माता लक्ष्मी की प्रतिमा दी। उसने कहा, “इस प्रतिमा को यहीं स्थापित करें।” इसके बाद वह व्यक्ति गायब हो गया। राजा ने पुरोहितों की मदद से प्रतिमा की स्थापना की। मंदिर को सजाने के लिए देश-विदेश से झूमर और सजावटी सामान मंगवाए गए। दीपावली पर विशेष सजावट हर साल दीपावली पर मंदिर को खास तरीके से सजाया जाता है। झूमरों की चमक और दीपों की रोशनी मंदिर को और आकर्षक बनाती है। इस दौरान माता का विशेष श्रृंगार होता है। शहर के लोग माता के दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर का माहौल शांत और दिव्य होता है। यह नजारा श्रद्धालुओं को सुकून देता है। मंदिर के पुजारी मनीष तिवारी 21 साल से माता की सेवा कर रहे हैं। उनका परिवार 8 पीढ़ियों से यह काम कर रहा है। मनीष बताते हैं, “इस प्रतिमा की स्थापना का रहस्य आज भी अनसुलझा है। पुराने लोग कहते हैं कि यह प्रतिमा कहां से आई, किसी को नहीं पता।” मनीष के मुताबिक, राजमहल बनने के साथ दो मंदिर बनाए गए थे। महालक्ष्मी मंदिर उनमें से एक है। मंदिर का महत्व यह मंदिर सिर्फ पूजा का स्थान नहीं है। यह राजगढ़ की संस्कृति और इतिहास का प्रतीक है। यह मंदिर आस्था का केंद्र है। दीपावली पर यहां श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है। मंदिर की सुंदरता और शांति सभी को आकर्षित करती है। दीपावली पर दर्शन का समय दीपावली के दिन मंदिर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है। श्रद्धालु माता के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर में साफ-सफाई और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाता है। Q : महालक्ष्मी मंदिर में माता की प्रतिमा कितनी पुरानी है? माता गज लक्ष्मी की प्रतिमा 250 साल से अधिक पुरानी है। Q : दीपावली पर मंदिर में क्या खास होता है? दीपावली पर मंदिर को झूमरों और दीपों से सजाया जाता है। माता का विशेष श्रृंगार और पूजा होती है। Q : मंदिर का निर्माण कब हुआ था? मंदिर का निर्माण 1745 में राजा ने करवाया था। Q : महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन का समय क्या है? दीपावली पर मंदिर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है। Q : मंदिर की प्रतिमा की स्थापना का रहस्य क्या है? कहा जाता है कि एक व्यक्ति ने राजा को प्रतिमा दी और फिर गायब हो गया। इसका रहस्य आज भी अनसुलझा है।

Sehore News : भाई-बहन की दुखद मौत, उल्टी से हालत बिगड़ी, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम

Sehore News

Sehore News : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के ग्राम कचनारिया में सोमवार को दो सगे भाई-बहन की अचानक मौत से पूरा गांव सदमे में डूब गया। 8 वर्षीय वंश और 2 वर्षीय अंशिका की तबीयत अचानक खराब हो गई। उल्टी होने के बाद हालत बिगड़ गई। परिवार ने पहले निजी डॉक्टर को दिखाया। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही दोनों की सांसें थम गईं। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। Diwali 2025 : सीहोर में दीवाली 2025 की तैयारी, पटाखा बाजार का जायजा लेने पहुंचे कलेक्टर और SP परिजनों के अनुसार, बच्चों को सुबह उल्टी हुई। पिता अखिलेश ने तुरंत नजदीकी निजी चिकित्सक को बुलाया। डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार किया। फिर आष्टा अस्पताल रेफर कर दिया। आष्टा में इलाज के बाद सीहोर जिला अस्पताल भेजा गया। रास्ते में ही दोनों की मौत हो गई। अखिलेश ने बताया, “केवल उल्टी की शिकायत थी। समझ नहीं आ रहा, कैसे इतनी जल्दी हालत बिगड़ गई।” अस्पताल ने पुलिस को सूचना दी। Diwali 2025 : देशभर में आज मनाई जा रही दीवाली, जानिए शुभ मुहूर्त और क्या बरतें सावधानी? पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमॉर्टम का इंतजार कर रही है। प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध परिस्थिति नहीं दिखी। लेकिन कारण स्पष्ट होने तक जांच जारी रहेगी। गांव में सन्नाटा पसर गया है। परिवार टूट चुका है। अखिलेश मजदूरी करते हैं। बच्चों की मौत ने सबको झकझोर दिया। प्रशासन ने परिवार को सहायता का आश्वासन दिया है। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठा रही है। ग्रामीण इलाकों में त्वरित इलाज की कमी दिख रही। डॉक्टरों ने कहा, उल्टी से डिहाइड्रेशन या संक्रमण हो सकता है। लेकिन पोस्टमॉर्टम से सच्चाई सामने आएगी।

Diwali 2025 : सीहोर में दीवाली 2025 की तैयारी, पटाखा बाजार का जायजा लेने पहुंचे कलेक्टर और SP

Diwali 2025

Diwali 2025 : सीहोर, मध्य प्रदेश। दीवाली की तैयारियों के बीच सीहोर के कलेक्टर बालागुरू के. और पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने बीएसआई ग्राउंड के पटाखा बाजार का निरीक्षण किया। अधिकारियों और पटाखा विक्रेताओं से सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था पर बात की। कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए। बाजार में सुरक्षा पहली प्राथमिकता बताई। Diwali 2025 : रूपचौदस पर महाकाल को लगाया उबटन, संध्या आरती में बाबा मनायेंगे दिवाली का पर्व कलेक्टर बालागुरू ने कहा कि बाजार में अग्निशमन यंत्र, पानी के टैंकर और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था हो। आपात स्थिति के लिए त्वरित कार्रवाई की योजना तैयार करें। दुकानों में तय मात्रा से ज्यादा पटाखे न रखे जाएं। दुकानों के बीच पर्याप्त दूरी रखी जाए। उन्होंने सभी विभागों से समन्वय के साथ काम करने को कहा। बाजार को सुरक्षित और व्यवस्थित चलाने पर जोर दिया। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने पुलिस को लगातार गश्त करने के निर्देश दिए। बाजार में आवागमन सुचारू रखने को कहा। पुलिसकर्मियों से पूरी मुस्तैदी की अपेक्षा की। निरीक्षण में एसडीएम तन्मय वर्मा, तहसीलदार डॉ. अमित सिंह और अन्य अधिकारी मौजूद थे। Diwali 2025 : देशभर में आज मनाई जा रही दीवाली, जानिए शुभ मुहूर्त और क्या बरतें सावधानी? सीहोर में दीवाली की खरीदारी शुरू हो चुकी है। पटाखा बाजार में भीड़ बढ़ रही। प्रशासन की कोशिश है कि त्योहार सुरक्षित हो। पिछले साल भी सीहोर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। इस बार और सतर्कता बरती जा रही।

Diwali 2025 : रूपचौदस पर महाकाल को लगाया उबटन, संध्या आरती में बाबा मनायेंगे दिवाली का पर्व

Baba Mahakal Diwali 2025

Diwali 2025 : उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के रूप चतुर्दशी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार हुआ। पुजारी परिवार की महिलाओं ने गर्म जल से स्नान कराया। सुगंधित उबटन लगाया। मंदिर दीपों से जगमगा उठा। भक्तों में उत्साह छा गया। सुबह भस्म आरती में भगवान को मां लक्ष्मी के स्वरूप में सजाया गया। भांग, चंदन और आभूषण पहनाए गए। केसर-चंदन का उबटन लगाकर गर्म जल से स्नान कराया। नए वस्त्र और सोने-चांदी के गहनों से राजसी श्रृंगार हुआ। अन्नकूट भोग लगाया गया। फुलझड़ी से आरती कर दीवाली उत्सव मनाया गया। मंदिर परिसर भक्ति में डूबा रहा। रूप चतुर्दशी पर पुजारी परिवार की महिलाओं को विशेष मौका मिला। साल में एक बार वे श्रृंगार में शामिल होती हैं। सुगंधित द्रव्यों से उबटन तैयार किया। कर्पूर आरती भी महिलाओं ने की। यह दृश्य भक्तों के लिए आनंदमयी था। पुजारी महेश ने बताया कि महाकाल को पहले अन्नकूट भोग लगता है। धान, खाजा, शक्करपारे, मूली और बैंगन की सब्जी अर्पित की गई। यह परंपरा उज्जैन में खास है। आमतौर पर गोवर्धन पूजा पर अन्नकूट लगता है। कार्तिक मास की सवारियां 27 अक्टूबर से शुरू होंगी। भगवान रजत पालकी में शिप्रा तट जाएंगे। सवारी 17 नवंबर तक चलेगी। 3 नवंबर को हरिहर मिलन सवारी होगी। यह उत्सव भक्तों को बांधे रखेगा।

Diwali 2025 : देशभर में आज मनाई जा रही दीवाली, जानिए शुभ मुहूर्त और क्या बरतें सावधानी?

Diwali 2025

Diwali 2025 : भोपाल। देशभर में आज दीवाली की धूम है। कार्तिक अमावस्या 20 अक्टूबर को शुरू होकर 21 अक्टूबर तक रहेगी। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा हो रही है। घरों में दीये जल रहे हैं। बाजार सजे हैं। लोग मिठाइयां और उपहार बांट रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में शर्तों के साथ पटाखों की अनुमति दी। भारत ही नहीं, नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस, सिंगापुर, मलेशिया, फिजी, और अमेरिका जैसे देशों में भी दीवाली का उत्साह है। दीवाली पांच दिन का त्योहार है। इसमें धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दीवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज शामिल हैं। नेपाल में इसे तिहार कहते हैं। विदेशों में भारतीय समुदाय इसे धूमधाम से मनाता है। पूजा का शुभ मुहूर्त संध्या में 7:08 से 8:18 बजे तक है। प्रदोष काल में 5:46 से 8:18 बजे और निशिता काल में 11:41 से 12:31 बजे तक पूजा शुभ है। उत्तराखंड के कार्बेट टाइगर रिजर्व में उल्लुओं की सुरक्षा बढ़ाई गई। अंधविश्वास में लोग उल्लुओं की बलि देते हैं। यह गैरकानूनी है। वन विभाग ने गश्त तेज की। उल्लू संरक्षित प्रजाति है। शिकार पर तीन साल की सजा हो सकती है। पूजा में क्या बरतें सावधानी? विद्वानों के अनुसार, दीपावली पर लक्ष्मी, गणेश व कुबेर के पूजन में विशेष सावधानी रखनी चाहिए। स्नान के बाद शुद्ध व सफेद वस्त्र धारण करें। इसके बाद चौकी पर लक्ष्मी, गणेश व कुबेर की मूर्ति को रखकर उसमें मौली बांधे। फिर चौकी पर छह चौमुखे व 26 छोटे घी के दीपक जलाएं। इसके बाद देवताओं को गंगाजल से स्नान कराने के बाद रोली, अक्षत, मिष्ठान, धूप, धान का लावा, मधु, सफेद मेवा, दीप आदि अर्पित करें। स्पेशल ट्रेनें खाली दीवाली पर देश के अलग-अलग हिस्सों में रहकर जीवनयापन करने वाले लोग अपने गांव लौट जाते हैं। ट्रेन ऐसे लोगों के लिए सबसे सुलभ साधन है। लेकिन दीवाली तो छोड़िए, किसी भी त्योहार पर महीनों तक ट्रेन की टिकटें नहीं मिल पाती हैं। इस असुविधा से बचने के लिए रेलवे स्पेशल ट्रेनें चलाता है, लेकिन फिर भी यात्री नियमित ट्रेनों पर तरजीह देते हैं। पूर्वोत्तर की ओर जाने वाली अधिकांश नियमित ट्रेनों में अगले एक माह तक सीटे फुल दिखाई दे रही है, जबकि स्‍पेशल ट्रेनों में सीटें खाली जा रही हैं। दीवाली से पहले ग्रेप 2 लागू दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ ही ग्रैप-GRAP का दूसरा चरण (बहुत खराब, एक्यूआई 301-400) रविवार की शाम को लागू कर दिया गया। आशंका यही है कि इसी रफ्तार से प्रदूषण यदि बढ़ता रहा तो जल्द ही ग्रेप का तीसरा चरण भी लागू किया जा सकता है। दिल्ली का AQI आज सुबह से बढ़ रहा है और दोपहर 4 बजे 296, जबकि शाम 7 बजे 302 दर्ज किया गया। आईएमडी और आईआईटीएम के पूर्वानुमान ने भी आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता में और खराबी की चेतावनी दी है। Q. दीवाली 2025 कब मनाई जा रही है? 20 अक्टूबर 2025 को। कार्तिक अमावस्या 20 से 21 अक्टूबर तक। Q. दीवाली पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? संध्या में 7:08 से 8:18 बजे। प्रदोष काल 5:46 से 8:18 बजे। निशिता काल 11:41 से 12:31 बजे। Q. दिल्ली में पटाखों पर क्या नियम? सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ बिक्री और उपयोग की अनुमति दी। Q. किन देशों में दीवाली मनाई जाती है? नेपाल (तिहार), श्रीलंका, मॉरीशस, सिंगापुर, मलेशिया, फिजी, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया। Q. उल्लुओं की सुरक्षा क्यों बढ़ी? दीवाली पर अंधविश्वास में बलि रोकने के लिए। कार्बेट में गश्त तेज। Q. दिल्ली में GRAP-2 कब लागू हुआ? 19 अक्टूबर 2025 की शाम। AQI 302 तक पहुंचा। Q. दीवाली पूजा के नियम क्या हैं? घर की सफाई, गंगाजल से पवित्र, लाल कपड़ा, गणेश-लक्ष्मी मूर्ति, दीये जलाएं। Q. रेलवे की स्पेशल ट्रेनें क्यों खाली? लोग नियमित ट्रेनों को तरजीह दे रहे। एक माह तक सीटें फुल। Q. उल्लू शिकार की सजा क्या है? भारतीय वन्य जीव अधिनियम 1972 के तहत तीन साल की सजा।