Harda News : कलेक्ट्रेट में बजरंग सेना का धरना प्रदर्शन, गौ माता की रक्षा और कचरा ग्राउंड फेंसिंग की मांग

Harda News : हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले में बजरंग सेना के कार्यकर्ताओं ने गौवंश की सुरक्षा और मुक्तिधाम के पास कचरा ग्राउंड पर फेंसिंग की मांग को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। संगठन को घंटा घर चौक पर धरने की अनुमति न मिलने के कारण कार्यकर्ता सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने नारे लगाए और प्रशासन पर दबाव बनाया। धरना अभी भी जारी है। इस प्रदर्शन से शहर में हलचल मच गई है। Sehore News : भैरुंदा जंगल में वन माफिया का खौफनाक हमला, लोहे की रॉड से पीटे वनकर्मी दो गंभीर बजरंग सेना के प्रदेशाध्यक्ष उमेश प्रजापति ने बताया कि जिले में रोजाना सैकड़ों बेसहारा गौ माताएं सड़कों पर घूमती रहती हैं। खासकर नेशनल हाईवे पर हरदा से हंडिया तक इनकी संख्या बहुत ज्यादा है। इनके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। गौ माताएं गंभीर रूप से घायल हो रही हैं। कई बार तो जनहानि भी हो जाती है। प्रजापति ने कहा कि संगठन ने पहले भी कलेक्टर को इस समस्या से अवगत कराया था। लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। Sehore News : RTI एक्टिविस्ट पर हमला करने के मामले में कोई प्रोग्रेस नहीं, पुलिस हमलावरों का अब तक सुराग नहीं लगा पाई उन्होंने कलेक्टर के पुराने आदेश का जिक्र किया। कलेक्टर ने गौवंश को सड़क पर छोड़ने वाले पशुपालकों पर प्रतिबंध लगाया था। लेकिन जिले में इसका पालन नहीं हो रहा। प्रजापति ने नगर पालिका पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शहर के मुक्तिधाम के पास कचरा फेंका जाता रहता है। निराश्रित गौ माताएं वहां कचरा और पॉलीथिन खा लेती हैं। इससे उनकी मौत हो जाती है। बजरंग सेना ने नगर पालिका से इस कचरा ग्राउंड पर तार फेंसिंग लगाने की मांग की थी। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। MYH Rat Bites : MY हॉस्पिटल चूहा कांड की जांच रिपोर्ट में डीन और अधीक्षक पर भारी आरोप, लापरवाही ने ली मासूमों की जान प्रदर्शनकारियों ने गौ माताओं की हत्या करने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अपील की कि गौ माताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें। खुले में घूम रही गौ माताओं को गौशालाओं में शिफ्ट किया जाए। साथ ही नगर निगम की जिम्मेदारी तय की जाए। प्रजापति बोले, “गौ माता हमारी संस्कृति का आधार हैं। उनकी रक्षा न करना अपराध है। प्रशासन जागे, वरना आंदोलन तेज होगा।”
Sehore News : भैरुंदा जंगल में वन माफिया का खौफनाक हमला, लोहे की रॉड से पीटे वनकर्मी दो गंभीर

Sehore News : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भैरुंदा क्षेत्र में वन माफियाओं का कहर फिर टूट पड़ा। रविवार रात जूनापानी रोड पर अवैध लकड़ी कटाई रोकने गई वन विभाग की टीम पर 8 से 10 माफियाओं ने लोहे की रॉड और डंडों से बेरहमी से हमला कर दिया। इस घटना में बीट गार्ड काशीराम अहिरवार और सुरक्षाकर्मी बलराम जाट गंभीर रूप से जख्मी हो गए। हमलावर मौके से फरार हो गए। गोपालपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। Sehore News : RTI एक्टिविस्ट पर हमला करने के मामले में कोई प्रोग्रेस नहीं, पुलिस हमलावरों का अब तक सुराग नहीं लगा पाई घटना रात करीब 10 बजे घटी। लाड़कुई रेंज के बीट गार्ड काशीराम अहिरवार, सुरक्षाकर्मी बलराम जाट, किशन और नवल सिंह बारेला को मुखबिर से सूचना मिली। जंगल में कुछ लोग अवैध लकड़ी काट रहे थे। टीम मौके पर पहुंची। वहां चार गाड़ियां और दर्जन भर से ज्यादा लोग दिखे। वनकर्मियों को देखते ही माफियाओं ने भागने के बजाय हमला बोल दिया। घायल सुरक्षाकर्मी बलराम जाट ने बताया, “हम जूनापानी जंगल पहुंचे। चार गाड़ियां खड़ी थीं। माफिया हमें घेर लिए। लोहे की रॉड से सिर और पसलियां तोड़ दीं। हम चिल्लाए, लेकिन उन्होंने नहीं सुना।” बीट गार्ड काशीराम अहिरवार बोले, “हमने रोकने की कोशिश की। तभी डंडों की बौछार शुरू हो गई। कमर और कंधा चूरन हो गया। बचने के लिए जद्दोजहद की, लेकिन संख्या में ज्यादा होने से कुछ न कर सके।” Cough Syrup Case : मासूमों की मौत पर कांग्रेस का आक्रोश, राजेंद्र शुक्ला को ‘नरभक्षी’ कहकर की इस्तीफे की मांग हमले के बाद टीम के साथी घायलों को गोपालपुर पुलिस की मदद से भैरुंदा सिविल अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर देखते हुए दोनों को इंदौर रेफर करने की तैयारी है। बाकी दो वनकर्मी सुरक्षित हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। वन विभाग ने भी उच्च अधिकारियों को सूचित किया।
Sehore News : RTI एक्टिविस्ट पर हमला करने के मामले में कोई प्रोग्रेस नहीं, पुलिस हमलावरों का अब तक सुराग नहीं लगा पाई

RTI Activist Attacked Sehore News : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के गुड़भेला गांव के पास एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक आरटीआई एक्टिविस्ट पर दो बाइक सवार बदमाशों ने बेरहमी से हमला कर दिया। सोमवार शाम करीब 6 बजे यह घटना घटी। इंदौर की ओर जा रही कार को रोककर हमलावरों ने लाठियों से पीटाई की। पीड़ित को गंभीर चोटें आईं। प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें भोपाल के अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। Cough Syrup Case : मासूमों की मौत पर कांग्रेस का आक्रोश, राजेंद्र शुक्ला को ‘नरभक्षी’ कहकर की इस्तीफे की मांग घटना की पूरी कहानी ऐसी है। ग्वालियर के रहने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट पंजाब सिंह गुर्जर भोपाल से इंदौर जा रहे थे। उन्होंने रास्ते में एक कार में लिफ्ट ले ली। हेलमेट पहने दो युवक बाइक पर कार का पीछा कर रहे थे। गुड़भेला के पास मौका पाकर उन्होंने कार रोकी। फिर पंजाब सिंह को बाहर खींचा और लाठियों से जमकर पिटाई शुरू कर दी। हमलावरों ने कार चालक या अन्य यात्रियों को हाथ तक नहीं लगाया। पीड़ित जब जमींन पर गिर पड़े, तो बदमाश कार की चाबी निकालकर भाग निकले। Indoor Factory Fire : कलर बनाने वाली फैक्ट्री में भयंकर आग, केमिकल से भरे ड्रमों में हुए तेज धमाके पुलिस को सूचना मिली तो तुरंत मौके पर पहुंची। घायल को सीहोर के अस्पताल ले जाया गया। वहां से हालत बिगड़ने पर भोपाल शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि सिर और शरीर पर गहरी चोटें हैं। अभी खतरा टला नहीं है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि हमलावरों ने पंजाब सिंह के पास रखे करीब 30 हजार रुपये, दो मोबाइल फोन और कार की फाइलों को छुआ तक नहीं। इससे साफ है कि मकसद लूटपाट नहीं था। बल्कि यह सुनियोजित हमला लगता है। Bhopal News : MP में एक और स्टेट हाईवे की सड़क धंसी, भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे पर हुआ 20 फीट गहरा गड्ढा पुलिस को शक है कि बदमाश भोपाल से ही पीछा कर रहे थे। वे मौका ताड़कर गुड़भेला में वारदात को अंजाम दे चुके। सीसीटीवी फुटेज और आसपास के गवाहों से सुराग जुटाए जा रहे हैं। पंजाब सिंह एक्टिविस्ट हैं। वे भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए आरटीआई दाखिल करते रहते हैं। क्या यह हमला उनकी इस मुहिम से जुड़ा है? यह सवाल उठ रहा है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। एसपी सीहोर ने कहा कि दोषियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा। उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया गया।
Cough Syrup Case : मासूमों की मौत पर कांग्रेस का आक्रोश, राजेंद्र शुक्ला को ‘नरभक्षी’ कहकर की इस्तीफे की मांग

Cough Syrup Case : इंदौर। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में जहरीले कफ सिरप पीने से 23 मासूम बच्चों की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस हृदयविदारक घटना के विरोध में मंगलवार को इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला को ‘नरभक्षी’ करार देते हुए उनका तत्काल इस्तीफा मांगा। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के पुतले पर नरमुंडों की माला चढ़ाकर सांकेतिक विरोध जताया। यह प्रदर्शन रीगल चौराहे पर आयोजित किया गया। MYH Rat Bites : MY हॉस्पिटल चूहा कांड की जांच रिपोर्ट में डीन और अधीक्षक पर भारी आरोप, लापरवाही ने ली मासूमों की जान जिला कांग्रेस सेवादल के कार्यवाहक अध्यक्ष विवेक खंडेलवाल ने बताया कि कोल्ड्रिफ नामक कफ सिरप में मिले जहरीले रसायनों ने अब तक 23 बच्चों की जान ले ली। यह सिरप तमिलनाडु की एक कंपनी द्वारा बनाया गया था। जांच में पाया गया कि इसमें स्याही और पेंट में इस्तेमाल होने वाले इंडस्ट्रियल ग्रेड के केमिकल्स डाले गए थे। कंपनी के खिलाफ 350 से ज्यादा खामियां सामने आई हैं। लाइसेंस निलंबित हो चुका है। लेकिन सरकार की लापरवाही ने इस संकट को बढ़ावा दिया। Bhopal News : MP में एक और स्टेट हाईवे की सड़क धंसी, भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे पर हुआ 20 फीट गहरा गड्ढा खंडेलवाल ने कहा कि इतनी बड़ी त्रासदी के बावजूद मंत्री इस्तीफा नहीं दे रहे। यह सरकार लाशों पर राजनीति कर रही है। संवेदनाएं मर चुकी हैं। छिंदवाड़ा में 18 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई, जबकि बैतूल में कम से कम दो और मामले दर्ज हैं। सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंच चुका है। वहां सीबीआई जांच की मांग की गई है। सरकार ने मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा दिया, लेकिन दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई। डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार किया गया, जो बच्चों को यह सिरप लिखते थे। Bhopal Breaking News : दिलीप बिल्डकॉन पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की रेड, तीन ठिकानों पर छानबीन जारी प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने नारे लगाए – ‘राजेंद्र शुक्ला इस्तीफा दो, मासूमों का कत्लर हो!’। कांग्रेस का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की निगरानी की कमी से यह हादसा हुआ। अन्य जिलों में भी सिरप जब्ती अभियान चल रहा है। विपक्ष ने विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने का ऐलान किया है।
MYH Rat Bites : MY हॉस्पिटल चूहा कांड की जांच रिपोर्ट में डीन और अधीक्षक पर भारी आरोप, लापरवाही ने ली मासूमों की जान

MYH Rat Bites : इंदौर, मध्य प्रदेश। इंदौर के एमवाय अस्पताल में चूहों के हमले से दो नवजात बच्चियों की मौत का मामला अब नई मोड़ ले चुका है। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के सीईओ और जांच कमेटी के चेयरमैन डॉ. योगेश भरसट ने दैनिक भास्कर को बताया कि विभागीय जांच पूरी हो चुकी है। गोपनीय रिपोर्ट संभागायुक्त को सौंपी गई है। इसमें एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया और अस्पताल प्रभारी डॉ. अशोक यादव को मुख्य रूप से दोषी ठहराया गया है। Indoor Factory Fire : कलर बनाने वाली फैक्ट्री में भयंकर आग, केमिकल से भरे ड्रमों में हुए तेज धमाके यह घटना सितंबर 2025 में घटी थी। अस्पताल के एनआईसीयू में भर्ती दो मासूमों को चूहों ने काट लिया। इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। शुरुआत में अस्पताल प्रबंधन ने मौत का कारण संक्रमण बताया। लेकिन जांच से साफ हुआ कि पेस्ट कंट्रोल की लापरवाही ही असली वजह थी। डॉ. भरसट ने कहा कि रिपोर्ट में कई गंभीर खुलासे हैं। संभागायुक्त ही पूरी डिटेल बता सकेंगे। जांच के मुख्य निष्कर्ष रिपोर्ट में पाया गया कि अस्पताल की सफाई और पेस्ट कंट्रोल की पूरी जिम्मेदारी डीन और अधीक्षक पर थी। आउटसोर्स कंपनी एजाइल के काम की निगरानी और भुगतान का दायित्व भी इन्हीं का था। लेकिन दोनों ने जांच टीम को दस्तावेज ही नहीं सौंपे। नोटशीट और भुगतान रिकॉर्ड गायब थे। सवाल उठता है कि डीन ने ऐसा क्यों किया? Bhopal News : MP में एक और स्टेट हाईवे की सड़क धंसी, भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे पर हुआ 20 फीट गहरा गड्ढा बार-बार रिमाइंडर के बावजूद पेस्ट कंट्रोल नहीं हुआ। कंपनी ने कागजों पर काम दिखाया, लेकिन बिना जांच के करोड़ों का भुगतान कर दिया गया। इंचार्ज सिस्टर ने 7 जनवरी 2025 को ही चूहों की शिकायत पर पत्र लिखा था। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। कंपनी मैनेजर प्रदीप रघुवंशी के बयान से पता चला कि पेस्ट कंट्रोल ठीक से नहीं किया गया। Bhopal Breaking News : दिलीप बिल्डकॉन पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की रेड, तीन ठिकानों पर छानबीन जारी घटना के बाद भी कर्मचारियों के फोन पर कंपनी ने जवाब नहीं दिया। पहली बच्ची के मामले में तुरंत एक्शन लेते तो दूसरी मौत रोकी जा सकती थी। वरिष्ठ डॉक्टरों ने समय पर जांच नहीं की। सिर्फ रेजिडेंट डॉक्टरों ने देखा। सिस्टर ने बताया कि वेंटिलेटर के रिकॉर्ड भी छिपाए गए। अगर ये सामने आते तो और लापरवाही उजागर होती। Chhath Puja 2025 : कब है छठ पूजा? भोपाल के 52 घाटों पर पूजा की तैयारी, जानिए नहाए- खाए से लेकर सूर्योदय अर्घ्य का शुभ मुहूर्त रिपोर्ट कहती है कि प्रबंधन पूरी तरह विफल रहा। डीन और अधीक्षक ने सही जानकारी समय पर नहीं दी। हाईकोर्ट ने भी इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। 15 सितंबर तक स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई थी।
Indoor Factory Fire : कलर बनाने वाली फैक्ट्री में भयंकर आग, केमिकल से भरे ड्रमों में हुए तेज धमाके

Indoor Factory Fire : इंदौर, मध्य प्रदेश। इंदौर के सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार देर रात एक रंग बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग के साथ जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। यह घटना रात करीब 3 बजे एमपीडी नामक फैक्ट्री में हुई। फैक्ट्री में रंग बनाने के लिए कई तरह के रसायनों का उपयोग होता है। इन रसायनों के कारण ड्रमों में बार-बार विस्फोट हुए। Bhopal News : MP में एक और स्टेट हाईवे की सड़क धंसी, भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे पर हुआ 20 फीट गहरा गड्ढा सूचना मिलते ही लक्ष्मीबाई नगर और सांवेर रोड से दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग इतनी भयानक थी कि दमकल कर्मियों को इसे काबू करने में काफी मुश्किल हुई। रात में नगर निगम ने जेसीबी मशीन मंगवाई। आसपास की दीवारें तोड़कर पानी डाला गया। बचाव कार्य में तेजीनगर निगम ने 9 फायर फाइटर वाहन तैनात किए। देपालपुर, बेटमा, महू, पीथमपुर और सांवेर से भी दमकल गाड़ियां बुलाई गईं। अब तक 90 पानी के टैंकर आग बुझाने में इस्तेमाल हुए। पीथमपुर से फोम की पांच गाड़ियां भी लाई गईं। एसडीआरएफ की टीम ने बचाव कार्य में मदद की। पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। Bhopal News : वन भूमि अतिक्रमण के साधारण मामले कोर्ट से होंगे वापस, जिला स्तरीय समितियां लेंगी फैसले फैक्ट्री में रखा कच्चा माल और रसायन आग में जलकर राख हो गए। कुछ हिस्सों से अभी भी धुआं निकल रहा है। आग के कारणों की जांच जारी है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए। Q. सांवेर रोड पर आग किस फैक्ट्री में लगी? आग सांवेर रोड स्थित एमपीडी नामक रंग बनाने वाली फैक्ट्री में लगी। Q. फैक्ट्री में आग का कारण क्या था? आग का सटीक कारण अभी जांच के दायरे में है, लेकिन रसायनों के कारण आग भयानक हुई। Q. आग बुझाने के लिए क्या किया गया? 9 फायर फाइटर वाहन, 90 पानी के टैंकर और फोम गाड़ियों का उपयोग किया गया। जेसीबी से दीवारें तोड़ी गईं। Q. आग बुझाने में किन-किन क्षेत्रों की दमकल गाड़ियां शामिल थीं? देपालपुर, बेटमा, महू, पीथमपुर, और सांवेर से दमकल गाड़ियां बुलाई गईं। Q. फैक्ट्री में आग से क्या नुकसान हुआ? कच्चा माल और रसायन जलकर राख हो गए।