Ratapani Tiger Reserve : टाइगर लवर्स के लिए खुशखबरी, 10 अक्टूबर को खुलेंगे रातापानी रिजर्व के गेट

Ratapani Tiger Reserve : रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित रातापानी टाइगर रिजर्व, जो भारत का 57वां और राज्य का 8वां टाइगर रिजर्व है, प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव उत्साही लोगों के लिए एक नया स्वर्ग साबित होने वाला है। यहां 90 से अधिक बाघों का विशाल कुनबा निवास करता है, लेकिन जंगल सफारी की शुरुआत 1 अक्टूबर की बजाय 10 अक्टूबर तक स्थगित कर दी गई है। अधीक्षक सुनील भारद्वाज ने कहा, “पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया। सड़कों की मरम्मत तेजी से चल रही है।” यह रिजर्व विंध्य पर्वतमाला की प्राकृतिक सुंदरता, सागौन के घने जंगलों और समृद्ध इतिहास का संगम है, जहां एडवेंचर और विरासत का अनोखा मिश्रण मिलता है। बारिश ने रोकी सफारी रातापानी टाइगर रिजर्व के गेट 1 अक्टूबर से खुलने की उम्मीद थी, लेकिन भारी वर्षा ने सड़कों को नुकसान पहुंचा दिया। अधीक्षक सुनील भारद्वाज ने स्पष्ट किया, “जलभराव और सड़कों की खराब स्थिति से पर्यटकों को खतरा हो सकता था। इसलिए सफारी 10 अक्टूबर के आसपास शुरू होगी।” वन विभाग की टीम सड़कों की मरम्मत में जुटी है, ताकि पर्यटक सुरक्षित सफारी का आनंद ले सकें। यह निर्णय पर्यावरण और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया, जो रिजर्व की प्रबंधन क्षमता को दर्शाता है। 90 बाघों का साम्राज्य रातापानी टाइगर रिजर्व 1271 वर्ग किलोमीटर में फैला है, जिसमें 763 वर्ग किलोमीटर कोर क्षेत्र और 507 वर्ग किलोमीटर बफर जोन शामिल है। यह विंध्याचल पर्वतमाला की पहाड़ियों, पठारों, घाटियों और मैदानों से घिरा है, जहां सागौन के घने जंगल प्रमुख हैं। यहां 90 से अधिक बाघ निवास करते हैं, जो इसे टाइगर लवर्स के लिए स्वर्ग बनाते हैं। बाघों के अलावा तेंदुए, सुस्त भालू, सांभर हिरण, चीतल, नीलगाय, जंगली सुअर और धोले जैसे जानवर आसानी से दिख जाते हैं। पक्षियों की 150 से अधिक प्रजातियां, जैसे पैराडाइज फ्लाईकैचर (मध्य प्रदेश का राज्य पक्षी), कोपर्स्मिथ बर्बेट, ब्लैक ड्रोंगो और बंगाल वल्चर, रिजर्व को जीवंत बनाती हैं। बारना जलाशय और रातापानी डैम जैसे जल स्रोत प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करते हैं। सर्दियों में सारस क्रेन, पेंटेड स्टॉर्क और ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क यहां दिखते हैं। रिजर्व सूखे और नम पर्णपाती वनों से भरा है, जहां टीक (सागौन) 55% क्षेत्र कवर करता है। रानी दुर्गावती का महल रातापानी सिर्फ वन्यजीवों का घर नहीं, बल्कि इतिहास का खजाना भी है। कोर क्षेत्र में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भिंभेटका रॉक शेल्टर्स हैं, जहां 30,000 वर्ष पुरानी पाषाण युग की गुफा चित्रकारी है। रानी दुर्गावती का प्राचीन महल और द्वितीय विश्व युद्ध के जर्मन कैदी शिविर (POW कैंप) जैसे स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। गिन्नौरगढ़ किला, केरी महादेव और झोलियापुर डैम भी रिजर्व के भीतर हैं। यह विविधता एडवेंचर और इतिहास प्रेमियों को लुभाती है। भोपाल से मात्र 50-60 किमी रातापानी रायसेन, सीहोर और भोपाल जिलों की सीमाओं पर फैला है। भोपाल हवाई अड्डे से 50-60 किमी दूर, यह शहरवासियों के लिए आदर्श है। दिल्ली-मुंबई हाईवे से जुड़ा होने से पहुंच आसान है। रिजर्व 1976 में वन्यजीव अभयारण्य घोषित हुआ, और 2024 में टाइगर रिजर्व बना। NTCA की मंजूरी से संरक्षण मजबूत हुआ।
MP Crime News : मोहल्ले में घूमती रहती थी माँ, क्रूर बेटे ने सब्बल से कर दी हत्या

MP Crime News : मध्य प्रदेश। 70 वर्षीय बुजुर्ग मुन्नीबाई पाटिल की हत्या उनके ही बेटे संतोष पाटिल ने कर दी। वजह? मां की मोहल्ले में समय बिताने की आदत। इससे आरोपी बेटा नाराज था और बेटे का गुस्सा फूट पड़ा। 26 सितंबर 2025 को संतोष ने मां पर सब्बल से हमला कर दिया। मौत को छिपाने के लिए सीढ़ियों से गिरने का बहाना बनाया लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने सच्चाई उजागर कर दी। पुलिस ने बेटे को गिरफ्तार कर लिया और मामला BNSS की धारा 103(1) के तहत दर्ज हो गया। यह मामला मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के कुंडीपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम बोरिया का बताया जा रहा है। Ajab- Gajab MP : 6 भैंस चोरी, किसान ने SP से लगाई गुहार, बोला- तीन गर्भवती थीं और छोटा बछड़ा भी मां की आदत से बेटे का गुस्सा मुन्नीबाई पाटिल एक साधारण गृहिणी थीं, जो घर के कामों से फुर्सत पाकर मोहल्ले के अन्य घरों में जाकर समय बिताती थीं। पड़ोसियों से गपशप करना उन्हें सुकून देता था। लेकिन उनके बेटे संतोष पाटिल को यह आदत बिल्कुल पसंद नहीं थी। संतोष का मानना था कि मां को घर पर ही रहना चाहिए। इस छोटी-सी बात को लेकर घर में अक्सर झगड़े होते थे। Dussehra 2025 : आयोजन से पहले जला दिया रावण, युवक-युवती कार से पहुंचे और … पड़ोसी बताते हैं कि संतोष की नाराजगी बढ़ती जा रही थी, लेकिन किसी ने सोचा न था कि यह गुस्सा हत्या तक पहुंच जाएगा। मुन्नीबाई की उम्र 70 वर्ष थी, और वे संतोष का इकलौता सहारा थीं। संतोष खुद एक मजदूर था, और परिवार की जिम्मेदारी संभालता था। लेकिन मां की स्वतंत्रता उसे चुभ रही थी। 26 सितंबर को भी मुन्नीबाई मोहल्ले में किसी के घर बैठकर लौटीं। संतोष ने फिर टोका, लेकिन इस बार विवाद इतना भड़का कि संतोष ने पास पड़े सब्बल को उठा लिया। उसने मां पर कई वार किए, और मुन्नीबाई की सांसें थम गईं। हत्या के बाद संतोष ने शव को छिपाने के लिए सीढ़ियों के पास ले जाकर रख दिया और पुलिस को बताया कि मां गिर गई थीं। लेकिन सच्चाई छिप न सकी। Paddy Procurement : धान खरीदी पंजीकरण की प्रक्रिया 10 अक्टूबर तक, आधार से लिंक बैंक खाते में ही होगा भुगतान पोस्टमॉर्टम ने खोला राज कुंडीपुरा थाना प्रभारी महेंद्र भगत ने बताया कि 26 सितंबर को डायल 112 पर सूचना मिली कि ग्राम बोरिया में एक महिला की घर से गिरने से मौत हो गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मर्ग जांच शुरू की। शव का पंचनामा किया गया और जिला अस्पताल छिंदवाड़ा में पोस्टमॉर्टम कराया। रिपोर्ट ने सबको हैरान कर दिया- मौत गिरने से नहीं, बल्कि भारी वस्तु से हमले से हुई। डॉक्टरों ने सिर पर चोटें और आंतरिक क्षति का उल्लेख किया। पुलिस को पड़ोसियों से जानकारी मिली कि संतोष और मुन्नीबाई के बीच अक्सर विवाद होता था। शक के आधार पर संतोष से पूछताछ की गई। संतोष ने टूटकर कबूल किया, “मां की आदत से तंग आ गया था। विवाद में गुस्से में सब्बल से मार दिया। फिर डरकर सीढ़ियों के पास रख दिया।” Paddy Procurement : धान खरीदी पंजीकरण की प्रक्रिया 10 अक्टूबर तक, आधार से लिंक बैंक खाते में ही होगा भुगतान थाना प्रभारी ने कहा, “यह दिल दहला देने वाला कबूलनामा था। संतोष ने सोचा था कि गिरने का बहाना बन जाएगा।” अपराध क्रमांक 652/2025 में BNSS की धारा 103(1) (हत्या) के तहत केस दर्ज हुआ। संतोष को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
Dussehra 2025 : आयोजन से पहले जला दिया रावण, युवक-युवती कार से पहुंचे और …

Dussehra 2025 : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दशहरा उत्सव की तैयारियों के बीच एक शरारती घटना ने आयोजकों को परेशान कर दिया। आशिमा मॉल के पास दशहरा मैदान पर लगे 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले में गुरुवार सुबह (2 अक्टूबर 2025) करीब 6 बजे तीन नशे में धुत युवकों ने आग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक एसयूवी से उतरकर दो युवक और एक युवती ने पुतले में आग लगाई और फरार हो गए। इस घटना से आयोजन समिति में हड़कंप मच गया, लेकिन उन्होंने तुरंत नया पुतला तैयार कराने का काम शुरू कर दिया। शाम को होने वाले दशहरा कार्यक्रम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मिसरोद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान कर ली है और तलाश तेज कर दी है। यह घटना दशहरा उत्सव की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ी करती है, जहां शरारती तत्वों ने परंपरा को चुनौती दी। एसयूवी से उतरे युवक भोपाल के आशिमा मॉल के पास स्थित दशहरा मैदान पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले तैयार थे। सुबह 6 बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले लोग जब मैदान पर पहुंचे, तो उन्हें आग की लपटें दिखीं। इलाके की पार्षद जितेंद्र शुक्ला ने बताया, “एक एसयूवी से दो युवक और एक युवती उतरे। वे नशे की हालत में थे। उन्होंने पुतले में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी और भाग गए।” प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मिसरोद थाने की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाई। लेकिन पुतला पूरी तरह जल चुका था। सीसीटीवी से पहचान मिसरोद थाना प्रभारी ने बताया कि आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। फुटेज में आरोपी युवक और युवती साफ दिख रहे हैं। प्रभारी ने कहा, “तीनों नशे में थे। एसयूवी का नंबर ट्रेस हो गया है। जल्द गिरफ्तार करेंगे।” आयोजन समिति ने कहा, “हम नया 51 फीट पुतला तैयार करा रहे हैं। शाम 6 बजे चल समारोह और 8 बजे दहन होगा।” सिंगर दीपिका और पीयूष की प्रस्तुतियां होंगी।
Dussehra 2025 : इस गांव में शुभ कार्य के पहले गणेश नहीं रावण बाबा को करते हैं आमंत्रित, जानिए रहस्य

Dussehra 2025 : विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के नटेरन तहसील में स्थित रावणाग्राम (रावन पंचायत) गांव धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का अनोखा केंद्र है। यहां परमारकालीन (11वीं शताब्दी) प्राचीन रावण बाबा मंदिर स्थित है, जहां रावण की 10 फीट लंबी लेटी हुई विशाल प्रतिमा विराजमान है। गांव के ब्राह्मण परिवार खुद को रावण के कन्याकुब्ज ब्राह्मण वंशज मानते हैं, और वे रावण को विद्या, वीरता और ज्ञान के देवता के रूप में पूजते हैं। दशहरा पर जहां देशभर में रावण का पुतला जलाया जाता है, वहीं यहां रावण बाबा को शुभ कार्यों का पहला निमंत्रण दिया जाता है। यह परंपरा 500 वर्षों से चली आ रही है, जो सांप्रदायिक सद्भाव और रामायण की गहन व्याख्या की मिसाल है। गांव के लोग रावण को लंका का राजा नहीं, बल्कि शिव भक्त और विद्वान के रूप में सम्मान देते हैं। MP Crime News : हत्यारे पिता पुत्र गिरफ्तार, नाबालिग बेटे ने हत्या को आत्महत्या बताने रची थी साजिश, ऐसे खुला राज मंदिर का ऐतिहासिक महत्व रावणाग्राम गांव विदिशा से करीब 40 किमी दूर है, और इसका नाम ही रावण के सम्मान में पड़ा है। मंदिर में स्थापित प्रतिमा परमार वंश (11वीं शताब्दी) की है, जो लेटी हुई अवस्था में है। स्थानीय किंवदंतियों के अनुसार, रावण कन्याकुब्ज ब्राह्मण थे, जो कन्नौज क्षेत्र से जुड़े थे। गांव के ब्राह्मण परिवार इस वंश से खुद को जोड़ते हैं, और रावण को कुलदेवता मानते हैं। मंदिर के पुजारी, बताते हैं, “रावण शिव का परम भक्त था। हम उसे बुराई का प्रतीक नहीं, बल्कि ज्ञान का सागर मानते हैं। दशहरा पर हम रावण का पूजन करते हैं, न कि पुतला जलाते।” Paddy Procurement : धान खरीदी पंजीकरण की प्रक्रिया 10 अक्टूबर तक, आधार से लिंक बैंक खाते में ही होगा भुगतान मंदिर की स्थापना 500 वर्ष पूर्व हुई मानी जाती है। प्रतिमा को कभी सीधा करने की कोशिश की गई, लेकिन जेसीबी में आग लग गई। एक यज्ञ के दौरान संत ने प्रसाद न चढ़ाया, तो तेज आंधी-बारिश आ गई। माफी मांगकर प्रसाद अर्पित करने पर यज्ञ संपन्न हुआ। ये कथाएं रावण बाबा की शक्ति का प्रमाण मानकर सुनी जाती हैं। शुभ कार्यों का पहला निमंत्रण ग्रामीणों की परंपरा अनोखी है। किसी भी शुभ कार्य—विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश—से पहले रावण बाबा को पहला निमंत्रण दिया जाता है। शादी का पहला कार्ड मंदिर में रखा जाता है। विवाह की शुरुआत प्रतिमा की नाभि में तेल चढ़ाकर होती है। पंडित तिवारी कहते हैं, “बाबा को आमंत्रित करने से कार्य सिद्ध होता है। वे परिवार के रक्षक हैं।” दशहरा पर गांव में विशेष पूजन और भंडारा होता है, जहां रावण को फल, मिठाई और वस्त्र चढ़ाए जाते हैं। ब्राह्मण परिवार रावण को राम का सौतेला भाई मानते हैं, और उनकी पूजा राम भक्ति का हिस्सा बताते हैं। Dussehra 2025 : भोपाल में जलेगा 105 फीट का रावण, छोला की 79 साल पुरानी परंपरा यह मंदिर सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक है। दशहरा पर रावण का पुतला न जलाकर पूजन करने से गांव में एकता का संदेश जाता है। ग्रामीण कहते हैं, “रावण विद्वान था, उसकी भक्ति अनन्य थी। बुराई का प्रतीक बनाकर हम इतिहास को तोड़ मरोड़ते हैं।” विदिशा जिले में मंदसौर के साथ यह एकमात्र जगह है जहां रावण को पूजा जाता है। मंदिर पर्यटकों के लिए आकर्षण है, और नवरात्रि पर भक्तों का तांता लगता है।
Paddy Procurement : धान खरीदी पंजीकरण की प्रक्रिया 10 अक्टूबर तक, आधार से लिंक बैंक खाते में ही होगा भुगतान

Paddy Procurement Registration : हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 15 सितंबर 2025 से आरंभ हो गई है। यह प्रक्रिया 10 अक्टूबर 2025 तक चलेगी, जिसमें किसान अपनी फसल बेचने के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा कर पंजीकरण करा सकेंगे। जिला प्रशासन ने किसानों की सुविधा के लिए तीन निःशुल्क पंजीकरण केंद्र स्थापित किए हैं, ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त खर्च के प्रक्रिया पूरी कर सकें। पंजीकरण केंद्रों की व्यवस्था जिला आपूर्ति अधिकारी वासुदेव भदौरिया ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए जिले में तीन निःशुल्क पंजीकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं। ये केंद्र हैं: सेवा सहकारी समिति मर्यादित – गोंदागांवखुर्द – निःशुल्क पंजीकरण और दस्तावेज सत्यापन आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित – आलमपुर – आधार लिंकिंग और बैंक विवरण अपडेट सेवा सहकारी समिति मर्यादित – रूपीपरेटिया | पूर्ण सहायता, हेल्पडेस्क उपलब्ध ये केंद्र सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक कार्यरत रहेंगे, और वहां प्रशिक्षित कर्मचारी किसानों को मार्गदर्शन देंगे। भदौरिया ने कहा, “किसान इन केंद्रों पर जाकर आसानी से पंजीकरण करा सकते हैं। हमारा लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हों।” अन्य केंद्रों पर पंजीकरण 50 रुपये शुल्क के साथ निःशुल्क केंद्रों के अलावा, किसान कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), एमपी ऑनलाइन कियोस्क, साइबर कैफे और अन्य सुविधा केंद्रों पर भी पंजीकरण करा सकते हैं। इन केंद्रों पर 50 रुपये का निर्धारित शुल्क लगेगा, जो सेवाओं की लागत को कवर करेगा। जिला कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे नजदीकी केंद्र चुनें, ताकि प्रक्रिया में देरी न हो। एक किसान ने कहा, “निःशुल्क केंद्रों ने हमारी मदद की। अब धान बेचने का रास्ता साफ हो गया।” आवश्यक दस्तावेज पंजीकरण के लिए किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज साथ लाने होंगे: भूमि संबंधी जानकारी: खतौनी, खसरा नंबर और फसल क्षेत्रफल का प्रमाण-पत्र। आधार नंबर: पहचान के लिए अनिवार्य। आधार से लिंक मोबाइल नंबर: OTP सत्यापन के लिए। आधार से लिंक बैंक खाता नंबर: भुगतान सीधे खाते में होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बेची गई फसल का भुगतान केवल आधार से लिंक बैंक खातों में ही किया जाएगा। इससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और किसानों को तुरंत लाभ मिलेगा। यदि खाता लिंक नहीं है, तो पंजीकरण के समय ही लिंकिंग की जा सकती है। जिला आपूर्ति अधिकारी ने अपील की, “किसान भाइयों, पंजीकरण समय पर कराएं। समर्थन मूल्य पर धान बेचकर लाभ उठाएं।”
MP Crime News : हत्यारे पिता पुत्र गिरफ्तार, नाबालिग बेटे ने हत्या को आत्महत्या बताने रची थी साजिश, ऐसे खुला राज

MP Crime News : मध्य प्रदेश। धार जिले के अमझेरा थाना क्षेत्र के ग्राम लेडगांव में एक प्रेम प्रसंग ने क्रूर हत्या का रूप ले लिया। 9 सितंबर 2025 को एक युवती शिवानी की संदिग्ध मौत के पीछे उसके नाबालिग प्रेमी और उसके पिता की साजिश का खुलासा हुआ। प्रेमी ने शादी के दबाव से तंग आकर शिवानी का गला घोंट दिया, और पिता की मदद से शव को फांसी के फंदे पर लटका दिया, ताकि मामला आत्महत्या का लगे। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने सच्चाई उजागर कर दी। पुलिस ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया। शादी के दबाव ने तोड़ा सब्र यह दर्दनाक घटना 8-9 सितंबर 2025 की है। शिवानी, जो धार शहर में अपनी मां के साथ रहती थी, पिछले 5-6 महीनों से नाबालिग युवक से प्रेम संबंध में थी। 8 सितंबर को वह उसके घर लेडगांव चली गई। लेकिन प्रेमी ने शादी का दबाव सहन न किया। Bhopal Road Accident : बेरसिया में रफ्तार बरपाया कहर, UP परिवार की बाइक कुचली, पति-पत्नी-बेटे की मौत एडिशनल एसपी पारुल बेलापुरकर ने बताया, “युवती बार-बार शादी की बात उठाती थी, जिससे प्रेमी नाराज हो गया। 9 सितंबर को उसने गला घोंटकर हत्या कर दी।” हत्या के बाद पिता राजेश ने मदद की और शव को घर के अंदर फंदे पर लटका दिया, ताकि आत्महत्या का शक हो। परिजनों को सूचना मिली तो गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आत्महत्या का केस दर्ज किया, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने राज खोल दिया। डॉक्टरों ने पाया कि गला घोंटने से मौत हुई, फांसी बाद में लगाई गई। एसपी मयंक अवस्थी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एडिशनल एसपी को जांच सौंपी। बेलापुरकर ने कहा, “पिता-पुत्र की पूछताछ से साजिश सामने आई। बाल अपचारी ने कबूल किया कि शादी का दबाव था।” Bhopal Suicide Case : राम सीता हनुमान जी के पास जाना है…परिवार से ये कहकर इंजीनियर युवती ने लगाई फांसी पिता-पुत्र गिरफ्तार धार पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। नाबालिग प्रेमी और उसके पिता राजेश को गिरफ्तार कर लिया गया। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNSS) की धारा 103(1) (हत्या) और अन्य प्रावधानों के तहत दर्ज हुआ। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां रिमांड मिली। एसपी अवस्थी ने कहा, “यह बाल अपराध का मामला है, इसलिए किशोर न्याय बोर्ड को भी सूचित किया। लेकिन हत्या साबित होने पर सजा होगी।” जांच में कोई अन्य साजिश नहीं मिली। Ajab- Gajab MP : 6 भैंस चोरी, किसान ने SP से लगाई गुहार, बोला- तीन गर्भवती थीं और छोटा बछड़ा भी परिवार का रोना देखकर गांव वाले स्तब्ध हैं। शिवानी की मां ने कहा, “बेटी खुश थी, लेकिन प्रेम ने उसकी जान ले ली। न्याय मिलना चाहिए।” लेडगांव जैसे छोटे गांव में यह पहला बड़ा हत्याकांड है।
Bhopal Road Accident : बेरसिया में रफ्तार बरपाया कहर, UP परिवार की बाइक कुचली, पति-पत्नी-बेटे की मौत

Bhopal Road Accident : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दर्दनाक हादसा हो गया है। बेरसिया थाना इलाके में देर रात को एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार एक परिवार को कुचल दिया। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के रहने वाले इस परिवार में पति, पत्नी और उनका मात्र 6 वर्षीय मासूम बेटा मौके पर ही दर्दनाक मौत के शिकार हो गए। जानकारी के मुताबिक, परिवार तरावली मां हरि सिद्धि देवी मंदिर से दर्शन कर लौट रहा था, जब कार ने बाइक को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि चालक ने बाइक को 50 मीटर तक घसीट लिया। इस दौरान बाइक सवार के पैंट की जेब में रखा मोबाइल फोन भी ब्लास्ट हो गया। कार चालक फरार हो गया और पुलिस ने शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। Bhopal Suicide Case : राम सीता हनुमान जी के पास जाना है…परिवार से ये कहकर इंजीनियर युवती ने लगाई फांसी मंदिर दर्शन से लौटते वक्त हादसा यह दुखद घटना बेरसिया थाना क्षेत्र के करोंद रोड पर घटी। मृतक पति का नाम रामू (35 वर्ष) था, जो भोपाल के करोंद क्षेत्र में किराए के कमरे में रहकर मेहनत-मजदूरी करता था। उसकी पत्नी सुनीता (32 वर्ष) और 6 वर्षीय बेटा छोटू परिवार के साथ तरावली मां हरि सिद्धि देवी मंदिर दर्शन के लिए गए थे। दर्शन कर लौटते समय रामू बाइक चला रहे थे, और परिवार खुशी से घर की ओर बढ़ रहा था। लेकिन रात करीब 9 बजे एक तेज रफ्तार कार ने पीछे से बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक 50 मीटर तक घसीट ली गई। इस दौरान रामू की पैंट की जेब में रखा मोबाइल फोन गर्म होकर ब्लास्ट हो गया, जिसकी आवाज ने हादसे को और भयावह बना दिया। Ajab- Gajab MP : 6 भैंस चोरी, किसान ने SP से लगाई गुहार, बोला- तीन गर्भवती थीं और छोटा बछड़ा भी मौके पर तीनों की मौत हो गई। छोटू की मासूमियत देखकर राहगीरों के आंसू बह निकले। एक चश्मदीद ने बताया, “कार की स्पीड 100 किमी/घंटा से ज्यादा थी। टक्कर के बाद चालक भाग गया। हमने एम्बुलेंस बुलाई, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।” परिवार का एक अन्य सदस्य, जो पास में था ने शवों को अस्पताल पहुंचाया। बेरसिया थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार के निशान चेक किए। चालक की पहचान अभी नहीं हुई, लेकिन CCTV फुटेज से सुराग मिलने की उम्मीद है। UP के जालौन से भोपाल कमाने आए रामू का परिवार उत्तर प्रदेश के जालौन जिले का रहने वाला था। वे भोपाल आकर करोंद में किराए के कमरे में रहते थे और मजदूरी से गुजारा करते थे। रामू मेहनती इंसान था, जो परिवार के लिए दिन-रात एक कर देता था। सुनीता घर संभालतीं और छोटू को स्कूल भेजतीं। Vidisha News : DJ की तेज आवाज से डॉग को Heart Attack, अंतिम यात्रा के बाद पुलिस स्टेशन पहुंचा मामला मंदिर दर्शन परिवार की धार्मिक परंपरा का हिस्सा था। रामू के भाई ने रोते हुए कहा, “भाई कमाने आया था, लेकिन मौत ने सब छीन लिया। छोटू तो अभी खेलना भी सीखा था।” जालौन से परिजन भोपाल पहुंचे, और शवों का अंतिम संस्कार कराया गया। परिवार ने पुलिस से चालक को जल्द पकड़ने की गुहार लगाई। फरार चालक की तलाश बेरसिया थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। तीनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसमें टक्कर से मौत की पुष्टि हुई। मोबाइल ब्लास्ट का रहस्य अभी अनसुलझा है- संभवतः टक्कर की गर्मी से बैटरी फटी। पुलिस ने कार के नंबर ट्रेस करने शुरू कर दिए हैं। प्रभारी ने कहा, “चालक की पहचान जल्द हो जाएगी। IPC की धारा 304A (लापरवाही से मौत) के तहत केस दर्ज है।” एसपी ने विशेष टीम गठित की है। NCRB के अनुसार, MP में 2024 में 20,000 से अधिक रोड एक्सीडेंट हुए।
Bhopal Suicide Case : राम सीता हनुमान जी के पास जाना है…परिवार से ये कहकर इंजीनियर युवती ने लगाई फांसी

Bhopal Suicide Case : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कोलार थाना इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है। 27 वर्षीय इंजीनियर युवती कीर्ति द्विवेदी ने अपने नेताजी कॉलोनी स्थित घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन परिवार के अनुसार कीर्ति लंबे समय से मानसिक तनाव में थी और राम-सीता-हनुमान जी के आने की बातें करती रहती थी। जानकारी के मुताबिक, घटना मंगलवार देर रात की है, जब कीर्ति की मां आरती से लौटकर दरवाजा तोड़ने पर बेटी को फंदे पर लटका पाईं। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। कीर्ति इंदौर की निजी कंपनी में काम करती थीं और बीटेक के बाद वर्क फ्रॉम होम पर भोपाल रहती थीं।
Dussehra 2025 : भोपाल में जलेगा 105 फीट का रावण, छोला की 79 साल पुरानी परंपरा

Dussehra 2025 : भोपाल। मध्य प्रदेश में दशहरा 2025 ऐतिहासिक और भव्य होने जा रहा है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में 2 अक्टूबर को रावण दहन के साथ उत्सव चरम पर होगा। भोपाल के कोलार में 105 फीट का रावण जलाया जाएगा, जबकि इंदौर और उज्जैन में देशप्रेम की थीम रंग भरेगी। भोपाल के छोला दशहरा मैदान में 79 साल पुरानी परंपरा के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि होंगे। एमपी नगर में ‘नशासुर’ पुतला दहन और नशा मुक्ति प्रदर्शनी होगी। राजपूत समाज का शस्त्र पूजन और छात्रवृत्ति वितरण भी खास रहेगा। कोलार में 105 फीट का रावण राजधानी भोपाल में दशहरा उत्सव कई स्थानों पर भव्य होगा। कोलार, छोला, शाहजहांनाबाद, नेहरू नगर, करोंद, अवधपुरी, भेल, टीटी नगर, जहांगीराबाद, कलियासोत और एमपी नगर में रावण दहन के आयोजन होंगे। कोलार बंजारी मैदान: यहां 105 फीट ऊंचा रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले तैयार किए गए हैं। समिति सचिव रविन्द्र यति ने बताया कि 22 साल से यह आयोजन हो रहा है, और राजस्थान के कलाकार 18 साल से पुतले बना रहे हैं। आतिशबाजी और भक्ति भजनों से मैदान गूंजेगा। छोला दशहरा मैदान: 79 साल पुरानी परंपरा के तहत 51 फीट का रावण, 45 फीट के कुंभकर्ण और मेघनाद जलाए जाएंगे। दोपहर 2 बजे बांके बिहारी मंदिर से चल समारोह निकलेगा, जिसमें नासिक ढोल, पुलिस बैंड, अखाड़ा करतब और नृत्य मंडलियां शामिल होंगी। रात 8:30 बजे रावण दहन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि होंगे। शाहजहांनाबाद: रामनगर कॉलोनी से शाम 4 बजे शोभायात्रा निकलेगी, जिसमें राम-सीता की झांकी और अशोक वाटिका होगी। ठक्कर बाबा कॉलोनी में 25 फीट का रावण जलाया जाएगा। एमपी नगर: गायत्री शक्तिपीठ में सुबह 8 बजे 24 कुंडीय यज्ञ होगा। ‘नशासुर’ पुतला जलाकर नशा मुक्ति का संदेश दिया जाएगा। नशा मुक्ति प्रदर्शनी भी लगेगी। नेहरू नगर : खुशीलाल मैदान में रावण दहन और आतिशबाजी होगी। प्रशासन ने सुरक्षा और तैयारियों का जायजा लिया। इंदौर में शस्त्र पूजन और देशप्रेम की थीम इंदौर में दशहरा उत्सव को देशप्रेम से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शस्त्र पूजन करेंगे। रावण दहन के साथ देशभक्ति गीत और सैन्य सम्मान की प्रस्तुतियां होंगी। शहर के दशहरा मैदान में 80 फीट का रावण तैयार है। आयोजकों ने कहा, “इस बार सैनिकों को समर्पित थीम है।” आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र होंगे। उज्जैन में देशप्रेम की थीम उज्जैन की धार्मिक नगरी में रावण दहन के साथ देशप्रेम की थीम होगी। महाकाल मंदिर के पास दशहरा मैदान में 70 फीट का रावण जलाया जाएगा। भक्ति नृत्य और रामलीला मंचन होगा। स्थानीय समिति ने कहा, “महाकाल की कृपा से उत्सव भव्य होगा।” पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। ग्वालियर में शाही शोभायात्रा ग्वालियर में दशहरा ऐतिहासिक अंदाज में मनाया जाएगा। फूल बाग मैदान में 60 फीट का रावण दहन होगा। शाही शोभायात्रा में राजपूताना परंपराएं झलकेंगी। रामलीला और सांस्कृतिक नृत्य होंगे। प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा बढ़ाई। राजपूत समाज का शस्त्र पूजन मध्य प्रदेश राजपूत समाज भोपाल के चार इमली में सुबह 10:30 बजे महाराणा प्रताप भवन में शस्त्र पूजन और प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित करेगा। पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, सांसद दिग्विजय सिंह और विधायक अजय सिंह शामिल होंगे। मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। यह आयोजन राजपूत परंपराओं को जीवंत करेगा। प्रशासन की तैयारी दशहरा उत्सव में नशा मुक्ति जैसे सामाजिक संदेश भी दिए जा रहे हैं। प्रशासन ने सभी मैदानों पर सीसीटीवी, पुलिस तैनाती और अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित की है। भोपाल पुलिस आयुक्त ने कहा, “लाखों लोग सुरक्षित उत्सव का आनंद लेंगे।” यह दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत के साथ सामाजिक जागरूकता का प्रतीक बनेगा।