Lata Mangeshkar Award 2024 : सोनू निगम को मिला लता मंगेशकर सम्मान 2024, सीएम मोहन यादव ने की तारीफ

Singer Sonu Nigam Receives Lata Mangeshkar Award

Lata Mangeshkar Award 2024 : इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित लता मंगेशकर अलंकरण समारोह में मशहूर प्लेबैक सिंगर सोनू निगम को साल 2024 का प्रतिष्ठित लता मंगेशकर सम्मान से नवाजा गया। इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सोनू निगम करीब एक घंटे तक मौजूद रहे। सोनू ने दर्शकों की फरमाइश पर कई मधुर गीत गाए, जिससे पूरा माहौल संगीतमय हो गया। इस दौरान उन्होंने स्वर कोकिला लता मंगेशकर को याद करते हुए कहा कि वह उनके लिए मां के समान थीं और उनका आशीर्वाद आज भी उनके साथ है। यह सम्मान उनके लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि 30 साल पहले वे इसी समारोह में शामिल हुए थे, जब तलत महमूद को सम्मानित किया गया था। MP Crime News : पिता ने बेटे को चिकन देने किया इंकार, गुस्साए बेटे ने ले ली पिता की जान समारोह में गूंजी सोनू की मखमली आवाज इंदौर के इस समारोह में सोनू निगम की मधुर आवाज ने सभी का दिल जीत लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में उनकी तारीफ करते हुए कहा, “सोनू की मखमली आवाज के देश-विदेश में लाखों लोग कायल हैं।” समारोह में मध्य प्रदेश के संस्कृति मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हुए। उन्होंने मंच पर सोनू को गले लगाकर सम्मान व्यक्त किया। समारोह से एक दिन पहले शनिवार को लता मंगेशकर सुगम संगीत राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें युवा प्रतिभाओं ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। Pipariya News : CISF जवान के 2.5 लाख रुपए चोरी, 2 दिन से CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस सोनू निगम ने मंच से अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “30 साल पहले मैं इंदौर में इसी मंच पर था, जब तलत महमूद जी को यह सम्मान मिला था। आज उसी मंच पर मुझे यह पुरस्कार मिलना मेरे लिए भावुक और गर्व का पल है।” उन्होंने लता मंगेशकर को याद करते हुए कहा, “लता जी मेरे लिए मां थीं। उनकी सादगी, समर्पण और संगीत के प्रति जुनून मुझे हमेशा प्रेरित करता है।” पुरस्कार की चयन प्रक्रिया में बदलाव इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने बताया कि इस साल के लिए शंकर-एहसान-लॉय को 2024 का और सोनू निगम को 2025 का लता मंगेशकर सम्मान देने का निर्णय 8 सितंबर को लिया गया था। हालांकि, शंकर-एहसान-लॉय की अनुपस्थिति के कारण अंतिम समय में बदलाव किया गया । 2024 का सम्मान सोनू निगम को प्रदान किया गया। यह पुरस्कार मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 1984 से शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय, सुगम और फिल्म संगीत में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित करना है। Indore : इंदौर एयरपोर्ट पर यात्री को चूहे ने काटा, पेस्ट कंट्रोल PSI पर 500 और सफाई एजेंसी पर दो हजार का फाइन सोनू निगम का संगीतमय सफर सोनू निगम का संगीत से रिश्ता विरासत में मिला। उनके पिता अगम कुमार निगम एक जाने-माने गायक थे, जो शादियों और समारोहों में मंच पर प्रस्तुति दिया करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद, संगीत ने उनके घर में हमेशा खुशियां बिखेरीं। सोनू की संगीत यात्रा तब शुरू हुई, जब वे महज 4 साल के थे। एक बार उनके पिता मंच पर गा रहे थे, तभी सोनू रोते हुए गाने की जिद करने लगे। यह देखकर सभी हैरान रह गए, क्योंकि इससे पहले सोनू ने कभी गाना नहीं गाया था। लोगों के कहने पर माता-पिता ने उन्हें मंच पर जाने दिया। सोनू ने अपने पिता के साथ मोहम्मद रफी का मशहूर गाना “क्या हुआ तेरा वादा” गाया। उनकी मासूम और मधुर आवाज ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उस दिन उनके माता-पिता को एहसास हुआ कि सोनू में असाधारण प्रतिभा है। इसके बाद, सोनू ने पिता के साथ मेलों, शादियों और छोटे-बड़े आयोजनों में गाना शुरू किया। उनकी प्रारंभिक शिक्षा पिता से ही मिली, जिसने उनके संगीत के जुनून को और मजबूत किया। Betul News : अयोध्या-रामेश्वरम ट्रेन से गिरा युवक, बैतूल के पास मिला शव, चेन्नई में करता था होटल मैनेजमेंट का काम हालांकि, बचपन में सोनू वैज्ञानिक बनने का सपना भी देखते थे, लेकिन संगीत का आकर्षण इतना गहरा था कि वे इससे कभी दूर नहीं हो पाए। आज वे बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय गायकों में से एक हैं, जिनकी आवाज ने लाखों दिलों को छुआ है। 1984 में हुई लता मंगेशकर सम्मान की शुरुआत मध्य प्रदेश सरकार ने 1984 में लता मंगेशकर के सम्मान में इस पुरस्कार की शुरुआत की थी। “स्वर कोकिला” और “भारत रत्न” से सम्मानित लता मंगेशकर के नाम पर यह पुरस्कार संगीत की दुनिया में उत्कृष्टता को पहचानने का प्रतीक है। हर साल, भारतीय शास्त्रीय, सुगम और फिल्म संगीत में योगदान देने वाले कलाकारों को इस सम्मान से नवाजा जाता है। इस साल सोनू निगम का चयन इस बात का प्रमाण है कि उनकी आवाज और समर्पण ने संगीत प्रेमियों के दिलों में विशेष स्थान बनाया है।

MP Crime News : पिता ने बेटे को चिकन देने किया इंकार, गुस्साए बेटे ने ले ली पिता की जान

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MP Crime News : शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र में एक ऐसी घटना घटी है, जो न केवल एक परिवार को बर्बाद कर गई, बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर रही है। एक बेटे का पल भर का गुस्सा उसके अपने पिता की जिंदगी छीन ले गया। मामला जमुआ गांव का है, जहां वृद्ध सुदामा बैगा ने घर पर चिकन बनाया था। लेकिन जब बेटे करण बैगा ने उसे खाने की जिद की और पिता ने मना कर दिया, तो विवाद इतना भड़क गया कि करण ने पास पड़ा डंडा उठा लिया और पिता पर वार करना शुरू कर दिया। सिर पर लगी गंभीर चोटों से सुदामा बैगा की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना 28 सितंबर 2025 को हुई, जब परिवार के बीच छोटी-सी बात ने खूनी रूप ले लिया। चिकन के एक टुकड़े ने बिगाड़ दिया सबकुछ सोहागपुर के जमुआ गांव में रहने वाले सुदामा बैगा एक साधारण किसान थे। उम्र के इस पड़ाव पर वे अपने छोटे-छोटे सुखों में गुजारते थे। एक दिन उन्होंने घर पर चिकन बनाया, शायद किसी विशेष अवसर पर या बस स्वाद के लिए। उनका बेटा करण बैगा, जो परिवार से अलग रहता था और अपना खाना खुद बनाता था, अचानक पिता के बने चिकन पर नजर पड़ गई। Sehore News : बुधनी घाट पर स्नान के दौरान तीन युवक डूबे, एक रेस्क्यू; दो की तलाश जारी करण ने जिद पकड़ ली कि उसे चिकन खाना है लेकिन सुदामा ने साफ मना कर दिया। वजह जो भी रही हो—शायद चिकन पहले से ही खत्म हो चुका था या पिता ने कोई और तर्क दिया—लेकिन यह इनकार करण के गुस्से का कारण बन गया। विवाद शब्दों से शुरू हुआ, लेकिन जल्द ही हाथापाई में बदल गया। करण, जो शायद उस पल में क्रोध के आवेश में था, ने पास में रखा डंडा उठा लिया। सुदामा ने शायद रोकने की कोशिश की, लेकिन बेटे का गुस्सा रुकने का नाम न ले सका। डंडे के बार-बार वार से सिर फट गया और खून से सन सुदामा जमीन पर गिर पड़े। पड़ोसी बताते हैं कि चीखें सुनकर वे दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सुदामा की सांसें थम चुकी थीं। परिवार के अन्य सदस्यों का रोना-धोना देखकर गांव में सन्नाटा छा गया। यह नजारा किसी को भी झकझोर दे, जहां बेटा अपने पिता का खून बहा रहा हो। MP Politics : ब्लैकमेलर्स की लिस्ट पर नेता प्रतिपक्ष की आपत्ति, बोले- ब्लैकमेलर्स की लिस्ट नहीं, शिकायतें दबाने वाले अफसरों की कुंडली बनाएं गुस्से ने छीनी पिता की सांसें घटना के चश्मदीदों के मुताबिक, करण का गुस्सा इतना तीव्र था कि उसे अपने कृत्य का अहसास भी न हुआ। डंडे से पहला वार सिर पर ही लगा, जिससे खोपड़ी फट गई। सुदामा ने दर्द से कराहते हुए बेटे को रोकने की कोशिश की, लेकिन करण रुका नहीं। लगातार वारों से सुदामा की हालत नाजुक हो गई। खून की धार बहने लगी, और कुछ ही मिनटों में उनकी आंखें बंद हो गईं। करण को भी शायद बाद में होश आया, लेकिन तब तक पिता का शव ठंडा पड़ चुका था। परिवार में यह विवाद नया नहीं था। पड़ोसी कहते हैं कि करण और सुदामा के बीच कभी-कभार छोटे-मोटे झगड़े होते रहते थे, लेकिन कभी सोचा न था कि यह जिद इतनी घातक साबित होगी। सुदामा बैगा आदिवासी समुदाय से थे। Indore : इंदौर एयरपोर्ट पर यात्री को चूहे ने काटा, पेस्ट कंट्रोल PSI पर 500 और सफाई एजेंसी पर दो हजार का फाइन आरोपी बेटे पर कसा शिकंजा घटना की जानकारी मिलते ही सोहागपुर थाने की पुलिस टीम गांव पहुंची। थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे ने मौके का मुआयना किया। सुदामा का शव बरामद किया गया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत का कारण सिर की चोटें बताई गई हैं। आरोपी करण बैगा को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में करण ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया, “चिकन न मिलने की छोटी-सी बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि बेटे ने पिता की हत्या कर दी। आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ की जा रही है। परिवार के बयान दर्ज हो चुके हैं, और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।”

Sehore News : बुधनी घाट पर स्नान के दौरान तीन युवक डूबे, एक रेस्क्यू; दो की तलाश जारी

Three youths drowned while bathing at Budhni Ghat

Sehore News : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित बुधनी नर्मदा घाट पर एक ऐसी घटना घटी है, जो हर किसी के दिल को छू गई है। रविवार की सुबह, जब सूरज की पहली किरणें नर्मदा नदी के पवित्र जल पर पड़ रही थीं, तब तीन युवकों का स्नान करने का उत्साह दुखांत में बदल गया। दीवानगंज, रायसेन के ये तीनों दोस्त सलकनपुर देवी धाम की यात्रा पर निकले थे। रास्ते में बुधनी घाट की प्राकृतिक सुंदरता ने उन्हें आकर्षित किया और वे नदी में स्नान करने रुक गए। गहरे पानी में उतरते ही तीनों युवक डूबने लगे। स्थानीय लोगों की तत्परता से एक युवक को तो बचा लिया गया, लेकिन दो अन्य अभी भी लापता हैं। आज सोमवार को भी उनका कोई सुराग नहीं मिला है और बचाव अभियान पूरे जोर-शोर से चल रहा है। Pipariya News : CISF जवान के 2.5 लाख रुपए चोरी, 2 दिन से CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस दरअसल, रविवार सुबह तीनों युवक—नीलेश साहू (25 वर्ष), योगेश साहू (25 वर्ष) और तोरण यादव (25 वर्ष)—अपने दोस्तों के साथ धार्मिक यात्रा पर थे। सलकनपुर मंदिर की दर्शन यात्रा के दौरान वे बुधनी घाट पर रुके। नर्मदा नदी का पानी हमेशा की तरह शांत और आमंत्रित लग रहा था, लेकिन इसके नीचे छिपी गहराई ने इन युवकों को लपेट लिया। जैसे ही वे गहरे पानी में गए, बहाव ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीणों ने फौरन मदद की कोशिश की। तोरण यादव को तो समय रहते किनारे खींच लिया गया, लेकिन नीलेश और योगेश नदी की गोद में समा गए। तोरण ने बताया कि वे तीनों मजाक-मजाक में दूर चले गए थे, लेकिन अचानक पानी का वेग बढ़ गया। MP Politics : ब्लैकमेलर्स की लिस्ट पर नेता प्रतिपक्ष की आपत्ति, बोले- ब्लैकमेलर्स की लिस्ट नहीं, शिकायतें दबाने वाले अफसरों की कुंडली बनाएं पुलिस और रेस्क्यू टीम की तलाश जारी सूचना पाते ही बुधनी थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी चैन सिंह रघुवंशी ने तुरंत गोताखोरों की एक टीम बुलाई और बचाव कार्य शुरू करा दिया। रविवार शाम तक सर्च ऑपरेशन चला, लेकिन कोई क्लू नहीं मिला। रात के अंधेरे में काम रुक गया, लेकिन सोमवार सुबह सूर्योदय के साथ ही फिर से अभियान तेज हो गया। एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) को भी अलर्ट कर दिया गया है। वे भोपाल से अपनी मशीनरी लेकर आ रहे हैं। Bhopal : चार सालों में भोपाल में हेलमेट न होने से हुई 543 की मौत, फ्री हेलमेट के लिए भिड़े लोग थाना प्रभारी चैन सिंह रघुवंशी ने बताया कि नदी के बहाव को ध्यान में रखते हुए तलाश का दायरा बढ़ाया जा रहा है। स्थानीय मछुआरों और ग्रामीणों की मदद से डोंगी पर सवार होकर गोताखोर गहराई में उतर रहे हैं। उन्होंने कहा मौसम साफ है, जो रेस्क्यू के लिए मददगार साबित हो रहा। लेकिन नर्मदा का तेज बहाव चुनौती पेश कर रहा है।

Pipariya News : CISF जवान के 2.5 लाख रुपए चोरी, 2 दिन से CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

Pipariya News

Pipariya News : पिपरिया। नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में एक चौंकाने वाली चोरी की घटना सामने आई है, जिसमें दिल्ली सीआईएसएफ के जवान शंकरलाल पटेल की बाइक से 2.5 लाख रुपये नकद चोरी हो गए। यह घटना 26 सितंबर 2025 की सुबह लगभग 10:30 बजे हुई है। MP Politics : ब्लैकमेलर्स की लिस्ट पर नेता प्रतिपक्ष की आपत्ति, बोले- ब्लैकमेलर्स की लिस्ट नहीं, शिकायतें दबाने वाले अफसरों की कुंडली बनाएं जब शंकरलाल ने बैंक से 3 लाख रुपये निकाले और उनमें से 2.5 लाख रुपये एक सफेद रूमाल में लपेटकर अपनी बाइक के साइड बैग में रख दिए। इसके बाद, वे पिपरिया में महिंद्रा शोरूम के बाहर अपनी बाइक खड़ी करके अंदर चले गए। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने उनके बैग से पैसे चुरा लिए। पुलिस की तफ्तीश और सीसीटीवी फुटेज की जांच घटना की सूचना मिलते ही पिपरिया पुलिस हरकत में आ गई और मामले की गहन जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस घटनास्थल के साथ-साथ पिपरिया और सोहागपुर के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच कर रही है। Bhopal : चार सालों में भोपाल में हेलमेट न होने से हुई 543 की मौत, फ्री हेलमेट के लिए भिड़े लोग यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या बैंक से पैसे निकालते समय कोई संदिग्ध व्यक्ति शंकरलाल की रेकी कर रहा था। इसके अलावा, चूंकि जवान अपनी बाइक धुलवाने के लिए सोहागपुर भी गए थे, इसलिए वहां के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित सुरागों पर काम किया जा रहा है ताकि चोरों का पता लगाया जा सके।