Raisen Protest : रायसेन में विहिप-बजरंग दल ने कलेक्ट्रेट में दिया ज्ञापन, गोमांस टैक्स फ्री के फैसले से भड़के

Raisen Protest

Cow Slaughter Raisen Protest : रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में नवरात्रि की धूम के बीच गोसंरक्षण का मुद्दा गरमाया हुआ है। गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। करीब 100 कार्यकर्ताओं की यह रैली शांतिपूर्ण रही, लेकिन मांगों की तीखी धार ने प्रशासन को हिलाकर रख दिया। कार्यकर्ताओं ने गोहत्या के आरोपियों पर NSA लगाने, अवैध कब्जे हटाने और हाल ही में जारी गोमांस पर कर मुक्ति अधिसूचना को रद्द करने की जोरदार अपील की। उनका कहना है कि यह फैसला हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा है, और गोसंरक्षण वर्ष मनाने वाली सरकार की नीतियों से मेल नहीं खाता। MP News : सीहोर जिला शिक्षा विभाग की लापरवाही, सहभागिता प्रमाण पत्र में कलेक्टर का दिया गलत नाम गोहत्या के आरोपियों पर NSA की मांग कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में रायसेन जिले के ग्राम मउचांदपुर में कुछ दिन पहले हुई गोहत्या की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह दर्दनाक घटना समाज को झकझोरने वाली है, और कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं। मांग की गई कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई की जाए। साथ ही, आरोपियों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमणों को चिह्नित कर तत्काल हटाया जाए। VHP के एक कार्यकर्ता ने कहा, “गोहत्या सिर्फ अपराध नहीं, हमारी आस्था पर हमला है। NSA से कड़ा संदेश जाएगा।” MP UG Counseling 2025 : ऑल इंडिया कोटा और स्टेट कोटा द्वितीय चरण का शेड्यूल जारी, 26 सितंबर से शुरू पंजीकरण गोमांस पर टैक्स मुक्ति का कड़ा विरोध ज्ञापन का एक मुख्य बिंदु हाल ही में जारी सरकारी अधिसूचना का विरोध था, जिसमें गोमांस को कर मुक्त करने की बात कही गई है। कार्यकर्ताओं ने तर्क दिया कि यह मध्य प्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के खिलाफ है, और इससे समाज में असंतोष फैल सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक ओर गोसंरक्षण वर्ष मना रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसी अधिसूचना से हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है। Sewer Toxic Gas : सफाई के दौरान 3 कर्मचारी बेहोश, एक की मौत- दो गंभीर, सुरक्षा उपकरणों की कमी पर सवाल कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में और भी कई मांगें रखीं, जो गोसंरक्षण को मजबूत करने पर केंद्रित हैं: कसाईखानों की निगरानी के लिए जिला और राज्य स्तर पर समितियों का गठन किया जाए। गोमूत्र और गोबर से बने उत्पादों (जैसे दीपक, अगरबत्ती, जैविक खाद) को टैक्स मुक्त किया जाए, ताकि गौशालाएं आत्मनिर्भर बन सकें। किसी भी वाहन या स्थान पर गोमांस मिलने पर जांच उच्च स्तर के पुलिस अधिकारियों से कराई जाए, और सख्त कार्रवाई हो।

MP News : सीहोर जिला शिक्षा विभाग की लापरवाही, सहभागिता प्रमाण पत्र में कलेक्टर का दिया गलत नाम

Sehore Collector Name Wrong on Certificate MP News

Sehore Collector Name Wrong on Certificate MP News : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले का शिक्षा विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार शर्मिंदगी भरी वजह से। राज्य स्तरीय सुब्रोतो मुखर्जी फुटबाल प्रतियोगिता 2025 में भाग लेने वाले शहडोल संभाग के प्रतिभागी मोहम्मद अल्हम को मिले प्रमाण पत्र पर कलेक्टर का नाम गलत लिखा गया है। जहां ‘श्री बालागुरू के.’ (IAS) होना चाहिए था, वहां विभाग ने बालगुरू के.’ लिख दिया। यह छोटी-सी चूक ने न केवल विभाग की लापरवाही को उजागर किया, बल्कि एक उभरते खिलाड़ी के दिल को भी तोड़ दिया। प्रतिभागी का कहना है कि इतने बड़े आयोजन में भाग लेने का गर्व तो था, लेकिन प्रमाण पत्र देखकर निराशा हुई। MP UG Counseling 2025 : ऑल इंडिया कोटा और स्टेट कोटा द्वितीय चरण का शेड्यूल जारी, 26 सितंबर से शुरू पंजीकरण कलेक्टर का नाम ‘बालगुरू’ बन गया ‘बालगुरू’ सुब्रोतो मुखर्जी कप, जो 1960 से चल रहा है, स्कूल स्तर का एक प्रतिष्ठित फुटबाल टूर्नामेंट है। इसमें राज्य स्तर पर भाग लेना किसी उपलब्धि से कम नहीं। शहडोल से मोहम्मद अल्हम ने राज्य स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया और प्रमाण पत्र मिला। लेकिन प्रमाण पत्र पर अन्य अधिकारियों के नाम – जैसे आलोक शर्मा, बृजेश शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी संजय सिंह तोमर – सही हैं, जबकि ‘कलेक्टर सीहोर एवं अध्यक्ष’ के स्थान पर ‘ बालगुरू के.’ लिखा है। असल नाम ‘बालागुरू के.’ (IAS) है, जो सीहोर के कलेक्टर हैं। Sewer Toxic Gas : सफाई के दौरान 3 कर्मचारी बेहोश, एक की मौत- दो गंभीर, सुरक्षा उपकरणों की कमी पर सवाल मोहम्मद ने कहा, “मैंने इतनी मेहनत की, लेकिन प्रमाण पत्र पर कलेक्टर साहब का नाम ही गलत। यह मेरी उपलब्धि पर दाग लगा देता है।” यह चूक विभाग की हड़बड़ी या सॉफ्टवेयर एरर से हुई लगती है, लेकिन इसका असर प्रतिभागी के भविष्य पर पड़ सकता है। कलेक्टर का नाम भी नहीं पता? सीहोर जिला शिक्षा विभाग पर यह पहली बार नहीं है जब लापरवाही सामने आई। पिछले साल भी प्रमाण पत्रों में गलतियां हुईं। स्थानीय लोगों का कहना है, “विभाग को अपने जिले के सबसे बड़े अधिकारी का नाम भी सही से नहीं आता, तो बच्चों का भविष्य कैसे संभालेंगे?” MP News : PDS गेहूं की कालाबाजारी पर प्रशासन की कार्रवाई, टीम ने 435 क्विंटल अनाज किया जब्त गौरतलब है कि, 28 जनवरी 2025 को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित समारोह में नवागत कलेक्टर बालागुरु ने औपचारिक रूप से कार्यभार संभाला था। बालागुरु 2015 बैच के IAS अधिकारी हैं। इससे पहले वे जल निगम भोपाल में अतिरिक्त प्रबंध संचालक के रूप में पदस्थ थे।

MP UG Counseling 2025 : ऑल इंडिया कोटा और स्टेट कोटा द्वितीय चरण का शेड्यूल जारी, 26 सितंबर से शुरू पंजीकरण

MP UG Counseling 2025

MP UG Counseling 2025 : भोपाल। मध्य प्रदेश में भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (NCISM) और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH) के निर्देशों के अनुक्रम में संचालनालय आयुष द्वारा आयुष यूजी (आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान) काउंसलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। नीट यूजी 2025 के पात्र उम्मीदवारों के लिए ऑल इंडिया कोटा (15%) और स्टेट कोटा के द्वितीय चरण की प्रक्रिया 26 सितंबर से शुरू हो रही है। प्रदेश में 9 शासकीय आयुष मेडिकल कॉलेज समेत 60 से अधिक कॉलेजों में 5,000 से ज्यादा यूजी सीटें उपलब्ध हैं। छात्रों को एमपी ऑनलाइन या संचालनालय आयुष की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। यह काउंसलिंग NEET UG 2025 स्कोर पर आधारित है और रिक्त सीटों के लिए च्वाइस फिलिंग महत्वपूर्ण होगी। ऑल इंडिया कोटा (15%) काउंसलिंग शेड्यूल: निजी आयुर्वेद कॉलेजों के लिए यह काउंसलिंग NCISM/NCH मान्यता प्राप्त निजी आयुर्वेद कॉलेजों की 15% ऑल इंडिया कोटा सीटों के लिए है। पात्र उम्मीदवार एमपी ऑनलाइन के माध्यम से आवेदन करेंगे। चरण तिथि विवरण पंजीकरण 26 सितंबर से 28 सितंबर 2025 ऑनलाइन पंजीकरण और फीस जमा। रिक्त सीटों की स्थिति और मेरिट प्रकाशन 29 सितंबर 2025 रिक्त सीटें और मेरिट लिस्ट जारी। चॉइस फिलिंग, लॉकिंग और एडिट 30 सितंबर से 02 अक्टूबर 2025 कॉलेज/कोर्स चयन, लॉक और संशोधन। सीट आवंटन 04 अक्टूबर 2025 मेरिट के आधार पर सीट अलॉटमेंट। अभिलेख सत्यापन और अस्थाई प्रवेश 06 अक्टूबर से 07 अक्टूबर 2025 पं. खुशीलाल शर्मा सरकारी आयुर्वेद कॉलेज, भोपाल में सत्यापन। प्रवेश निरस्तीकरण 06 अक्टूबर से 07 अक्टूबर 2025 अलॉटेड सीट निरस्त करने की अंतिम तिथि। स्टेट कोटा द्वितीय चरण काउंसलिंग शेड्यूल: सभी आयुष कॉलेजों के लिए यह चरण शासकीय, स्वशासी और निजी मान्यता प्राप्त आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान कॉलेजों की स्टेट कोटा सीटों के लिए है। नीट यूजी 2025 के पात्र उम्मीदवार ही आवेदन कर सकेंगे। चरण तिथि विवरण ऑनलाइन पंजीकरण 26 सितंबर से 28 सितंबर 2025 एमपी ऑनलाइन पर पंजीकरण और फीस। हेल्प सेंटर्स पर अभिलेख सत्यापन 27 सितंबर से 29 सितंबर 2025 दस्तावेजों (नीट स्कोरकार्ड, 10वीं/12वीं मार्कशीट, आधार, कैटेगरी सर्टिफिकेट आदि) की जांच। रिक्त सीटों की स्थिति और मेरिट प्रकाशन 01 अक्टूबर 2025 उपलब्ध सीटें और मेरिट लिस्ट जारी। चॉइस फिलिंग, लॉकिंग 02 अक्टूबर से 05 अक्टूबर 2025 कॉलेज/कोर्स चयन और लॉकिंग। सीट आवंटन 08 अक्टूबर 2025 मेरिट आधारित अलॉटमेंट। महाविद्यालयों में अस्थाई प्रवेश 09 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2025 निर्धारित कॉलेज में दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा। प्रवेश निरस्तीकरण 09 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2025 अलॉटेड सीट रद्द करने की अंतिम अवधि। महत्वपूर्ण निर्देश NEET UG 2025 में क्वालीफाई उम्मीदवार ही आवेदन कर सकते हैं। ऑल इंडिया कोटा के लिए निजी आयुर्वेद कॉलेजों की 15% सीटें उपलब्ध। एमपी ऑनलाइन पोर्टल या संचालनालय आयुष वेबसाइट (ayush.mp.gov.in) पर रजिस्ट्रेशन करें। हेल्प सेंटर्स पर दस्तावेज सत्यापन अनिवार्य। NEET एडमिट कार्ड, स्कोरकार्ड, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू), डोमिसाइल सर्टिफिकेट। द्वितीय चरण में शासकीय (9 कॉलेज), स्वशासी और निजी (कुल 60+ कॉलेज) में 5,000+ सीटें उपलब्ध। संचालनालय आयुष हेल्पलाइन – 0755-2550926। वेबसाइट पर अपडेट चेक करें। वर्जन संचालनालय आयुष द्वारा काउंसलिंग में आनलाइन पंजीयन सुविधा प्रथमत: तीनों चरणों में देने से सभी पात्र छात्र लाभान्वित होंगे तथा प्रवेश में पारदर्शिता बनी रहेगी। छात्र ध्यान रखें कि आयुर्वेद, होम्योपैथी , यूनानी कॉलेजों में नीट क्वालीफॉयड आधार पर शासन द्वारा निर्धारित काउंसलिंग से प्रवेश ही वैध हैं। – डॉ राकेश पाण्डेय, राष्ट्रीय प्रवक्ता – आयुष मेडिकल एसोसिएशन

Bhopal News : ड्यूटी के दौरान नायब तहसीलदार की हार्ट अटैक से मौत, एयरपोर्ट पर लगी थी ड्यूटी

Deputy Tehsildar Dinesh Sahu dies

Govindpura Naib Tehsildar Dinesh Sahu Dies Bhopal News : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार दिनेश साहू (उम्र 52 वर्ष) की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई। घटना बुधवार सुबह (24 सितंबर 2025) एयरपोर्ट पर ड्यूटी के दौरान हुई, जब वे पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओ.पी. रावट की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात थे। जानकारी के मुताबिक, नायब तहसीलदार दिनेश साहू को सीने में तेज दर्द हुआ और साथी कर्मचारियों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। Sewer Toxic Gas : सफाई के दौरान 3 कर्मचारी बेहोश, एक की मौत- दो गंभीर, सुरक्षा उपकरणों की कमी पर सवाल गोविंदपुरा एसडीएम रवीशकुमार श्रीवास्तव समेत कई अधिकारी अस्पताल पहुंचे। दिनेश साहू के परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। पोस्टमॉर्टम के बाद शव सौंप दिया गया। यह घटना सरकारी कर्मचारियों के बीच बढ़ते हार्ट अटैक मामलों पर चिंता बढ़ा रही है। एयरपोर्ट से अस्पताल का सफर नायब तहसीलदार दिनेश साहू की ड्यूटी पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओ.पी. रावट के दौरे के दौरान एयरपोर्ट पर लगी थी। सुबह करीब 8 बजे वे ड्यूटी पर पहुंचे और रावट की सुरक्षा व्यवस्था में लगे। अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। साथी कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें एमवाय अस्पताल ले जाया। MP News : PDS गेहूं की कालाबाजारी पर प्रशासन की कार्रवाई, टीम ने 435 क्विंटल अनाज किया जब्त डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। एसडीएम श्रीवास्तव ने बताया, “साहू का परिवार भोपाल में ही रहता है। उनके दो बेटे हैं, जो घटना के तुरंत बाद आ गए। हम उनके परिवार के साथ हैं।” तहसीलदार सौरभ वर्मा ने कहा, “साहू का व्यवहार सराहनीय था। उनकी कमी खलेगी।” राजस्व निरीक्षक से नायब तहसीलदार तक नायब तहसीलदार दिनेश साहू करीब दो साल पहले राजस्व निरीक्षक से नायब तहसीलदार पदोन्नत हुए थे। पदोन्नति के बाद पहले टीकमगढ़ तहसील में तैनाती मिली, फिर ट्रांसफर पर भोपाल के गोविंदपुरा तहसील में आए। हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया ने बताया, “साहू बैरागढ़ में राजस्व निरीक्षक रह चुके हैं। उनका अच्छा व्यवहार था। काम को लेकर हमेशा गंभीर रहते थे।”

Sewer Toxic Gas : सफाई के दौरान 3 कर्मचारी बेहोश, एक की मौत- दो गंभीर, सुरक्षा उपकरणों की कमी पर सवाल

Satna Sewer Gas Leak Death Tragedy

Satna Sewer Gas Leak Death Tragedy : सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले में सीवर सफाई के दौरान जहरीली गैस का जहर फिर फैल गया। कृपालपुर इलाके में त्रिवेणी पैलेस के पास गुरुवार दोपहर (25 सितंबर 2025) को तीन सफाई कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर में उतरे, और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी घातक गैस की चपेट में आ गए। एक कर्मचारी की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने रस्सी और ऑक्सीजन सिलेंडर से उन्हें बाहर निकाला, लेकिन देरी से इलाज संभव न हो सका। यह घटना चार दिनों में सतना का दूसरा ऐसा हादसा है, जो मैनुअल स्कैवेंजिंग पर प्रतिबंध के बावजूद सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी को उजागर कर रही है। जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन कर्मचारियों के परिवारों का गुस्सा भड़क रहा है। MP News : PDS गेहूं की कालाबाजारी पर प्रशासन की कार्रवाई, टीम ने 435 क्विंटल अनाज किया जब्त बिना PPE उतरे कर्मचारी, गैस ने ली जान त्रिवेणी पैलेस के पास सीवर चेंबर की सफाई का काम विराट कंपनी के तीन कर्मचारी कर रहे थे। दोपहर करीब 2 बजे वे बिना गैस मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर या अन्य सुरक्षा उपकरणों के उतरे। अचानक जहरीली गैस (मुख्य रूप से H2S) ने उन्हें घेर लिया और तीनों बेहोश होकर गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शी रामू पटेल ने बताया, “सीवर से बदबू आ रही थी, लेकिन कंपनी ने मजबूरी दिखाई। हमने एंबुलेंस से सिलेंडर और रस्सी लाकर उन्हें खींचा। एक तो ऊपर आते ही मर गया।” मृतक की पहचान रामेश्वर प्रजापति (35 वर्ष) के रूप में हुई, जबकि घायल हरि प्रसाद (28) और सुरेश यादव (32) को सतना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने कहा, “गैस से फेफड़े क्षतिग्रस्त हो गए। दो की हालत क्रिटिकल है।” परिवार ने आरोप लगाया कि कंपनी ने सस्ते में काम करवाने के लिए सुरक्षा नजरअंदाज की। Narmadapuram News : धरना-जुलूस पर प्रशासन की सख्ती, पूर्व अनुमति अनिवार्य नहीं तो… कार्रवाई की चेतावनी चार दिनों में दूसरा हादसा यह सतना में सीवर गैस का दूसरा हादसा है। 22 सितंबर को महादेव रोड पर क्रिस्तुकुला स्कूल के पास पीसी स्नेहिल कंपनी के दो कर्मचारी आदर्श शुक्ला (25) और किशन वर्मा (30) सीवर लाइन साफ कर रहे थे। दोपहर 12 बजे जहरीली गैस से दोनों बेहोश हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकाला और एसडीएम राहुल सिलड़िया ने अपनी गाड़ी से जिला अस्पताल पहुंचाया। दोनों को वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन खतरा टला। शुक्ला ने कहा, “बिना मास्क उतर गए। गैस ने सांस रोक ली।” Sehore Railway Overbridge Dispute : सर्विस लेन की मांग को लेकर देवी दुर्गा को ज्ञापन, निवासी बोले- अब हाईकोर्ट में देंगे दस्तक सिलड़िया ने कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं। सतना में मैनुअल सफाई पर प्रतिबंध है, लेकिन कंपनियां सस्ते मजदूरों से काम करवाती हैं। जांच के आदेश सतना कलेक्टर अंकित भगोरिया ने कहा, “घटना दुखद है। कंपनी पर EC एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।” एसडीएम सिलड़िया ने जांच टीम गठित की है, जो PPE की कमी और गैस डिटेक्टर की अनुपस्थिति पर रिपोर्ट देगी। परिवार ने मुआवजा मांगा।  

MP News : PDS गेहूं की कालाबाजारी पर प्रशासन की कार्रवाई, टीम ने 435 क्विंटल अनाज किया जब्त

PDS wheat blackmarketing

PDS Wheat Blackmarketing MP News : ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में गरीबों के लिए सरकारी राशन (PDS) का गेहूं प्राइवेट गोदामों में गायब होकर कालाबाजारी का शिकार बन रहा था, इसका पर्दाफाश जिला प्रशासन ने कर दिया। ट्रांसपोर्ट नगर की पार्किंग नंबर 6 में स्थित एक प्राइवेट गोदाम पर जिला आपूर्ति नियंत्रक अरविंद सिंह भदौरिया के नेतृत्व में छापेमारी की। छापेमारी में 860 बोरी (435.17 क्विंटल) PDS गेहूं जब्त कर लिया गया। इसकी अनुमानित कीमत 11 लाख 70 हजार 238 रुपये है। जांच में पता चला कि यह अनाज रायसेन जिले से नागरिक आपूर्ति निगम के सरकारी गोदाम के लिए लाया गया था, लेकिन कहीं न कहीं यह प्राइवेट गोदाम में पहुंच गया। MP Breaking News : भोपाल में छत से गिरीं मां-बेटी की मौत , टहलने का बोलकर गई थी महिला ट्रांसपोर्ट नगर में संदेह के घेरे में गोदाम ट्रांसपोर्ट नगर ग्वालियर का व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र है, जहां कई गोदाम हैं। यह प्राइवेट गोदाम लंबे समय से संदेह के घेरे में था। मुखबिर की सूचना पर जिला आपूर्ति नियंत्रक अरविंद सिंह भदौरिया ने टीम बनाकर मंगलवार (24 सितंबर 2025) को दबिश दी। गोदाम में PDS के बैग्स भरे पड़े थे, जो गरीबों के लिए सब्सिडी पर वितरित होने वाले गेहूं के थे। जिला आपूर्ति नियंत्रक भदौरिया ने कहा, “यह कार्रवाई PDS की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की गई। अनाज खाली कराने की पूरी जांच होगी, और दोषियों पर EC एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई होगी।” गोदाम मालिक फरार है और पुलिस उसकी तलाश में है। Sehore Railway Overbridge Dispute : सर्विस लेन की मांग को लेकर देवी दुर्गा को ज्ञापन, निवासी बोले- अब हाईकोर्ट में देंगे दस्तक जांच में खुलासा हुआ कि गेहूं रायसेन से ग्वालियर के सरकारी गोदाम के लिए आया था, लेकिन रास्ते में या गोदाम पहुंचने से पहले ही डायवर्ट हो गया। यह PDS में आम समस्या है, जहां अनाज ट्रांसपोर्टर या गोदाम कर्मचारियों की मिलीभगत से बाजार में बिक जाता है। ग्वालियर में 540 फेयर प्राइस शॉप्स हैं, जो मासिक 60,000 क्विंटल राशन वितरित करती हैं, लेकिन स्टॉक की कमी की शिकायतें आम हैं। करोड़ों का घोटाला मध्य प्रदेश में PDS घोटाले पुराने हैं। 2025 में ग्वालियर में ही 7 करोड़ रुपये के व्हीट-राइस चोरी का मामला सामने आया था, जहां POS मशीनों पर फर्जी एंट्री कर अनाज डायवर्ट किया जाता था। 2022 में भी ग्वालियर में 2400 बोरी PDS अनाज प्राइवेट गोदामों से जब्त हुआ था। Indore Airport Rat Case : डॉक्टर हटाए गए, आज से चूहों के खिलाफ मुहिम, कांग्रेस की मांग- सफाई एजेंसी को करें ब्लैकलिस्ट… राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली और पंजाब में भी ऐसे मामले पकड़े गए, जहां FCI गोदामों से अनाज चोरी होकर ब्लैक मार्केट में बिकता है। भदौरिया ने कहा, “यह अनाज गरीबों का है। कालाबाजारी रोकने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।” जब्त अनाज को सरकारी गोदाम में लौटाया जाएगा।

MP Breaking News : भोपाल में छत से गिरीं मां-बेटी की मौत , टहलने का बोलकर गई थी महिला

Mother and daughter die after falling from a rooftop in Bhopal

MP Breaking News : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के निशातपुरा इलाके में स्थित राजवंश कॉलोनी मित्तल कॉलेज के पास किराए के मकान से बुधवार रात (24 सितंबर 2025) करीब 10 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक महिला और उनकी एक साल की बेटी संदिग्ध हालात में दूसरी मंजिल की छत से गिर गईं। पीपुल्स हॉस्पिटल में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात पहले मां, फिर बेटी ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना पर कोहेफिजा थाने की पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और गुरुवार को दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। पति ज्ञानेंद्र सिसोदिया का कहना है कि यह हादसा था, लेकिन पुलिस को संदेह है। Sehore Railway Overbridge Dispute : सर्विस लेन की मांग को लेकर देवी दुर्गा को ज्ञापन, निवासी बोले- अब हाईकोर्ट में देंगे दस्तक वॉक पर निकली मां-बेटी वेंटिलेशन से फिसलीं मृतका गौरी सिसोदिया (30 वर्ष) राजवंश कॉलोनी के एक किराए के फ्लैट में पति ज्ञानेंद्र, बेटी ओनी (1 वर्ष) और अन्य परिजनों के साथ रहती थीं। ज्ञानेंद्र प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के साथ एक शराब कंपनी में मेंटेनेंस जॉब करते हैं और मूल रूप से सीहोर के निवासी हैं। बुधवार रात खाना खाने के बाद गौरी ने बेटी को गोद में लेकर ‘वॉक’ का बहाना कर छत पर जाने की बात कही। कुछ ही मिनटों बाद नीचे रहने वालों को गिरने की आवाज सुनाई दी। बाहर निकलने पर देखा कि गौरी और ओनी खून से लथपथ जमीन पर पड़ी हैं। ज्ञानेंद्र ने बताया, “बुआ के घर से लौटे थे। मैंने गौरी को मल्टी के नीचे उतारा और पास की दुकान पर 5 मिनट रुका। दुकानदार ने नंबर मांगा, एक्सचेंज किया। इसी बीच भाभी का कॉल आया – ‘जल्दी आओ, हादसा हो गया।’ पहुंचा तो भाभी बच्ची को गोद में लिए रो रही थीं, और गौरी बेसुध पड़ी थी। Pachmarhi News : पचमढ़ी में भालू ने आदिवासी को बनाया शिकार, गंभीर हालत में बुजुर्ग को बल्ली- चादर की डोली में पहुंचाया हॉस्पिटल बताया गया कि वेंटिलेशन वाले ओपन स्पेस के बीच गौरी बेटी को बाउंड्री पर बिठा रही थी। बच्ची छिटककर गिरी, तो गौरी भी पीछे से कूद पड़ी।” आनन-फानन में दोनों को भानपुर के पीपुल्स हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां पहले गौरी, फिर ओनी ने दम तोड़ा। तीन साल की शादीशुदा जिंदगी ज्ञानेंद्र (32 वर्ष) ने भावुक होकर कहा, “तीन साल पहले अरेंज मैरिज हुई। गौरी गृहिणी थी, ओनी हमारा पहला बच्चा। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए भोपाल आए थे। आज सब छिन गया।” परिवार ने बताया कि गौरी खुशमिजाज थीं और कोई विवाद नहीं था। लेकिन पुलिस को संदेह है – वेंटिलेशन स्पेस से गिरना संभव है या नहीं? एक चश्मदीद ने कहा, “आवाज तेज थी, लेकिन कोई चीख नहीं सुनाई दी।” बच्चे अब दादा-दादी के पास हैं, जो सदमे में हैं। Harda News : घुटने के ऑपरेशन के बाद महिला HIV पॉजिटिव, अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप, बेटा बोला- इंफेक्टेड ब्लड लगाया पोस्टमॉर्टम से पता चलेगी सच्चाई कोहेफिजा थाने के एएसआई रामप्रसाद भारती ने कहा, “घटना संदिग्ध है। कोई चश्मदीद नहीं मिला। हर एंगल से जांच हो रही है।” पुलिस ने मल्टी के मकान मालिक, पड़ोसियों और परिवार के बयान दर्ज किए। सीसीटीवी फुटेज चेक हो रहा है, लेकिन रात का समय होने से क्लियर नहीं। गुरुवार को पीपुल्स हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम होगा, जिसकी रिपोर्ट से हादसा या अन्य कारण साफ होगा। भारती ने जोड़ा, “पति का बयान लिया, लेकिन विकलांग होने से कोई संदेह नहीं। फिर भी, पूरी जांच होगी।” फिलहाल, मर्ग कायम है।

Sehore Railway Overbridge Dispute : सर्विस लेन की मांग को लेकर देवी दुर्गा को ज्ञापन, निवासी बोले- अब हाईकोर्ट में देंगे दस्तक

Sehore Railway Overbridge Dispute

Sehore Railway Overbridge Dispute : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास बन रहे रेलवे ओवरब्रिज (ROB) को लेकर विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ठेकेदार ब्रिज के एक तरफ ही सर्विस लेन बना रहा है, जिससे आवागमन बाधित होगा और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाएगा। कई बार जिला अधिकारियों को ज्ञापन देने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर निराश निवासियों ने बुधवार (24 सितंबर 2025) को मां दुर्गा मंदिर में जाकर पंडित जी को ज्ञापन सौंपा। उनकी मांग है कि ब्रिज के दोनों तरफ एप्रोच रोड (सर्विस लेन) बने। अब वे कलेक्टर को आखिरी चेतावनी देकर हाईकोर्ट जाने की योजना बना रहे हैं। Narmadapuram News : धरना-जुलूस पर प्रशासन की सख्ती, पूर्व अनुमति अनिवार्य नहीं तो… कार्रवाई की चेतावनी एक तरफा सर्विस लेन से आवागमन की मुश्किल हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सीहोर शहर का एक प्रमुख आवासीय क्षेत्र है, जहां 5,000 से ज्यादा परिवार रहते हैं। रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण 2023 से चल रहा है, जिसका उद्देश्य रेल क्रॉसिंग को बंद कर ट्रैफिक सुगम बनाना था। लेकिन ठेकेदार (जो रेलवे के पैनल में है) ब्रिज के एक तरफ ही सर्विस लेन बनाने पर अड़ा हुआ है। निवासियों का कहना है कि इससे कॉलोनी की मुख्य सड़क से कनेक्टिविटी टूट जाएगी। एक निवासी ने बताया, “ब्रिज के एक तरफ लेन बनेगी, तो दूसरी तरफ वाहन कैसे पहुंचेंगे? दुर्घटनाएं निश्चित हैं।” Pachmarhi News : पचमढ़ी में भालू ने आदिवासी को बनाया शिकार, गंभीर हालत में बुजुर्ग को बल्ली- चादर की डोली में पहुंचाया हॉस्पिटल निवासियों ने कई बार एसडीएम, कलेक्टर और लोक निर्माण विभाग को ज्ञापन दिए, लेकिन ठेकेदार का डिजाइन बदला नहीं गया। एक पूर्व अधिकारी ने कहा, “रेलवे का कहना है कि बजट की कमी है, लेकिन कॉलोनी वालों की सुरक्षा का क्या?” विवाद के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है, और कॉलोनी में ट्रैफिक जाम बढ़ गया है। मां दुर्गा अधिकारियों को ‘सद्बुद्धि दो निराशा में निवासियों ने बुधवार को सीहोर के प्रसिद्ध मां दुर्गा मंदिर में जाकर पंडित जी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा, “अधिकारियों की सद्बुद्धि के लिए मां से प्रार्थना की। ब्रिज दोनों तरफ एप्रोच रोड के बिना अधूरा है।” Harda News : घुटने के ऑपरेशन के बाद महिला HIV पॉजिटिव, अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप, बेटा बोला- इंफेक्टेड ब्लड लगाया मंदिर में आरती के बाद पंडित जी ने आशीर्वाद दिया और कहा, “मां दुर्गा न्याय की रक्षा करेंगी।” इस कदम ने सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां लोग इसे ‘जनता का आखिरी सहारा’ बता रहे हैं। कॉलोनी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने कहा, “ज्ञापन निष्फल रहा, अब मां दुर्गा ही न्याय देंगी।” हाईकोर्ट जाने की योजना निवासियों ने कलेक्टर को अंतिम ज्ञापन सौंपा है, और यदि 7 दिनों में समाधान न हुआ तो हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे। आरडब्ल्यूए ने कहा, “ओवरब्रिज की डिजाइन शुरू से ही गलत थी। MP Crime News : बैतूल में अकाउंटेंट का फंदे पर लटका मिला शव, हत्या और आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी पुलिस रेलवे और ठेकेदार की मनमानी से जनता परेशान है।” विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों तरफ एप्रोच रोड अनिवार्य है, वरना सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन होगा। कलेक्टर ने कहा, “मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द समाधान निकलेगा।”  

Narmadapuram News : धरना-जुलूस पर प्रशासन की सख्ती, पूर्व अनुमति अनिवार्य नहीं तो… कार्रवाई की चेतावनी

Narmadapuram Collector Office

Administration Tightens Restrictions on Processions Narmadapuram News :नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में अब कोई भी धरना, प्रदर्शन, जुलूस, पदयात्रा, वाहन रैली या ज्ञापन बिना प्रशासन की पूर्व अनुमति के नहीं हो सकेगा। अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी राजीव रंजन पाण्डेय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 (1)(3) के तहत यह सख्त आदेश 24 सितंबर 2025 को जारी किया। आदेश के तहत कलेक्ट्रेट परिसर में ज्ञापन देने के लिए अधिकतम 5 लोग ही प्रवेश कर सकेंगे, और हथियार, लाठी-डंडा, पेट्रोल या ज्वलनशील पदार्थ लाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। भारी और व्यावसायिक वाहनों की एंट्री भी वर्जित है। उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई होगी। Vidisha News : पुलिसकर्मी पर पत्नी हत्या का गंभीर आरोप, जिला अस्पताल में भारी झड़प ससुराल पक्ष ने मृतक को बताया मानसिक बीमार यह आदेश शासकीय आयोजनों और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों, पुलिस या मजिस्ट्रेटों पर लागू नहीं होगा। नर्मदापुरम में यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कलेक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाया गया है। क्या-क्या अनिवार्य, क्या प्रतिबंधित? 1. ज्ञापन के लिए 5 लोगों की सीमा: आयोजक सहित केवल 5 लोग कलेक्ट्रेट परिसर में ज्ञापन देने जा सकेंगे। इनके नाम, पता और मोबाइल नंबर पहले से जमा करने होंगे। 2. पूर्व अनुमति अनिवार्य: कोई भी सभा, जुलूस, रैली, धरना, प्रदर्शन या पदयात्रा बिना पुलिस और सक्षम अधिकारी (एसडीएम) की अनुमति के आयोजित नहीं होगी। Pachmarhi News : पचमढ़ी में भालू ने आदिवासी को बनाया शिकार, गंभीर हालत में बुजुर्ग को बल्ली- चादर की डोली में पहुंचाया हॉस्पिटल 3. प्रतिबंधित वस्तुएं: कलेक्ट्रेट परिसर में लाठी-डंडा, हथियार, पत्थर, पटाखे, पेट्रोल या अन्य ज्वलनशील पदार्थ लाना सख्त मना है। 4. वाहन प्रतिबंध: भारी वाहन (ट्रक, बस) और व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित है। 5. शासकीय छूट: यह आदेश सरकारी आयोजनों, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों, पुलिस बल और मजिस्ट्रेटों पर लागू नहीं होगा। अपर कलेक्टर राजीव रंजन पाण्डेय ने कहा, “यह आदेश कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कलेक्ट्रेट परिसर में अव्यवस्था रोकने के लिए है। सभी संगठनों से अनुपालन की अपेक्षा है।” आदेश को जिले के सभी थानों, तहसील कार्यालयों और संबंधित विभागों के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं।  BNS 223 के तहत सजा आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई होगी, जिसमें जुर्माना और सजा का प्रावधान है। यह धारा गैर-कानूनी सभा या अनधिकृत गतिविधियों को रोकने के लिए बनाई गई है। अपर कलेक्टर ने चेतावनी दी, “कोई भी संगठन या व्यक्ति नियम तोड़ेगा, तो सख्त कार्रवाई होगी।” Harda News : घुटने के ऑपरेशन के बाद महिला HIV पॉजिटिव, अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप, बेटा बोला- इंफेक्टेड ब्लड लगाया नर्मदापुरम में क्यों जरूरी हुआ यह कदम? नर्मदापुरम (पूर्व में होशंगाबाद) में हाल के महीनों में धरना-प्रदर्शन और जुलूसों की संख्या बढ़ी है। सामाजिक संगठनों, किसान यूनियनों और स्थानीय समूहों द्वारा कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन देने की घटनाएं आम हो गई हैं। कई बार भीड़, शोर और अव्यवस्था से प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुआ। सूत्रों के अनुसार, कुछ प्रदर्शनों में लाठी-डंडों का इस्तेमाल और तनाव की स्थिति बनी थी। इस आदेश से प्रशासन का मकसद सुरक्षा बढ़ाना और अनियंत्रित भीड़ को रोकना है।

Vidisha News : पुलिसकर्मी पर पत्नी हत्या का गंभीर आरोप, जिला अस्पताल में भारी झड़प ससुराल पक्ष ने मृतक को बताया मानसिक बीमार

Jabalpur Crime News

Vidisha News : विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की पुलिस लाइन क्वार्टर में बुधवार सुबह (24 सितंबर 2025) एक दर्दनाक घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया। गुलाबगंज थाने में पदस्थ कांस्टेबल राजेश रघुवंशी की पत्नी रानी रघुवंशी (उम्र 38 वर्ष) का शव फंदे पर लटका मिला। मृतिका की बहन विनीता रघुवंशी ने सीधे राजेश पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि वह रानी को प्रताड़ित करता था और गला दबाकर मार डाला। दूसरी ओर ससुराल वाले दावा कर रहे हैं कि रानी मानसिक रूप से बीमार थी और यह आत्महत्या है। घटना के बाद जिला अस्पताल में हंगामा मच गया, जहां बहन ने शव पर पोस्टमॉर्टम न करने की कोशिश की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है, और जांच जारी है। रानी के दो बच्चे- 15 वर्षीय बेटी और 9 वर्षीय बेटा- सदमे में हैं। Betul Murder Case Solved : बैतूल ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, 350 रुपए के लिए कर दी दोस्त की हत्या ये है पूरा मामला सुबह करीब 7 बजे राजेश ड्यूटी पर जाने की तैयारी कर रहे थे। रानी ने बच्चों को स्कूल भेज दिया, लेकिन जब वे लौटे तो बेडरूम में फंदे पर लटका शव देखकर चीखें गूंज उठीं। शव को कुर्सी पर चढ़कर फंदा लगाया गया था। परिवार ने तुरंत गुलाबगंज थाने को सूचना दी। थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। रानी की बहन विनीता, जो पास के गांव में रहती हैं, अस्पताल पहुंचीं और शव देखते ही रोते हुए राजेश पर आरोप लगाए। विनीता ने कहा, “राजेश गुलाबगंज में ड्यूटी पर था, तो घर पर क्यों? रानी को गला दबाकर मारा गया। फंदा लगाना संभव नहीं।” हंगामे के दौरान विनीता ने शव को छुआ, जिससे पोस्टमॉर्टम में देरी हुई। Indore Airport Rat Case : डॉक्टर हटाए गए, आज से चूहों के खिलाफ मुहिम, कांग्रेस की मांग- सफाई एजेंसी को करें ब्लैकलिस्ट… हत्या’ या ‘मानसिक बीमारी’? विनीता ने अस्पताल में चिल्लाते हुए कहा, “रानी को राजेश मारता-पीटता था। बच्चे डरते थे। यह हत्या है, और आरोपी को सजा मिलेगी।” उन्होंने सवाल उठाया कि ड्यूटी पर होने के बावजूद राजेश घर पर कैसे था। दूसरी ओर, राजेश के मामा रामअवतार रघुवंशी ने आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने बताया, “रानी डिप्रेशन से पीड़ित थी। भोपाल में इलाज चल रहा था। सुबह बच्चे स्कूल गए, राजेश ड्यूटी पर चले गए, तब रानी ने यह कदम उठाया। कोई विवाद नहीं था।” रामअवतार ने विनीता को ‘झूठा आरोप लगाने वाली’ बताया। बच्चे सदमे में हैं – बेटी ने कहा, “मां बीमार थीं, लेकिन कभी इतना गंभीर नहीं लगा।” Faizan Machli Arrested : कुख्यात अपराधी फैजान मछली गिरफ्तार, ड्रग तस्कर यासीन से जुड़े मछली के तार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार सीएसपी अतुल सिंह ने कहा, “पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके पर जांच की। शव का पोस्टमॉर्टम विदिशा जिला अस्पताल में कराया गया। परिजनों के बयान दर्ज हो रहे हैं।” प्रारंभिक जांच में फंदे के निशान आत्महत्या की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन विनीता के आरोपों से हत्या का एंगल भी खुला है। पुलिस ने राजेश का मोबाइल और कॉल रिकॉर्ड्स चेक किए हैं। सिंह ने जोड़ा, “ड्यूटी का समय सत्यापित हो रहा है। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी।” फिलहाल मर्ग कायम है।

Betul Murder Case Solved : बैतूल ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, 350 रुपए के लिए कर दी दोस्त की हत्या

Betul Murder Case Solved

Betul Murder Case Solved : बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के सूरगांव गांव में 17 सितंबर को खेत के पास लहूलुहान हालत में मिले युवक देवराव की हत्या का राज पुलिस ने मात्र चार दिनों में सुलझा लिया है। यह अंधा कत्ल लग रहा था, लेकिन बाजार थाना पुलिस की सतर्कता और सूझबूझ से मुख्य आरोपी कचरया बेनाइत (उर्फ कचरू पिता मधू बेनाइत) को गिरफ्तार कर लिया गया। चौंकाने वाली बात – हत्या महज 350 रुपये के उधार विवाद में हुई। आरोपी ने हत्या में इस्तेमाल हंसिया और खून से सने कपड़े कुएं में छिपा दिए थे, लेकिन पुलिस ने उसके मेमोरेंडम पर बरामद कर लिया। एसपी वीरेंद्र जैन ने जांच टीम को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। Pachmarhi News : पचमढ़ी में भालू ने आदिवासी को बनाया शिकार, गंभीर हालत में बुजुर्ग को बल्ली- चादर की डोली में पहुंचाया हॉस्पिटल हत्या का पूरा कच्चा चिट्ठा 17 सितंबर को सूरगांव के खेत के पास देवराव (उम्र 28 वर्ष) का शव मिला। शरीर पर सिर, गर्दन, छाती और हाथों पर गहरे चाकू के घाव थे। शुरुआत में पुलिस को हत्या का कोई सुराग नहीं मिला, लेकिन घटनास्थल पर पहुंची एफएसएल टीम (अंजना धुर्वे) ने साफ कर दिया कि यह हादसा नहीं, सुनियोजित कत्ल है। देवराव और कचरया दोनों उसी गांव के थे और घटना वाले दिन दोनों खेत में काम कर रहे थे। विवाद की जड़ – देवराव ने कचरया से 350 रुपये उधार लिए थे, जो कई बार मांगने पर भी नहीं लौटाए। Harda News : घुटने के ऑपरेशन के बाद महिला HIV पॉजिटिव, अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप, बेटा बोला- इंफेक्टेड ब्लड लगाया बहस इतनी बढ़ गई कि गुस्से में कचरया ने पास पड़ा हंसिया उठाकर देवराव पर कई वार कर दिए। मौके पर ही देवराव की मौत हो गई। कचरया ने शव को खेत किनारे छिपा दिया और खुद गांव में घूमता रहा, ताकि संदेह न हो। एसपी वीरेंद्र जैन ने तुरंत जांच टीम गठित की, जिसमें एएसपी कमला जोशी और एसडीओपी सुनील लता शामिल थे। डॉग स्क्वॉड और सीन ऑफ क्राइम यूनिट ने सुराग जुटाए। उंगली की चोट बनी कचरया की कमजोरी हत्या के बाद कचरया ने खुद को सामान्य दिखाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की नजर उसकी दाहिनी उंगली की गहरी चोट पर पड़ी। शक होने पर थाना प्रभारी नीरज पाल और उपनिरीक्षक इरफान कुरैशी ने उसे हिरासत में लिया। सख्त पूछताछ में कचरया ने तीन दिन बाद अपना गुनाह कबूल कर लिया। Rewa News : CMHO कार्यालय में लेखापाल की मौज, कांग्रेस का ‘सरकारी दामाद’ तंज, तस्वीरें वायरल उसने बताया, “देवराव ने अपमानजनक शब्द कहे, तो गुस्से में हंसिया से वार कर दिया।” उसके बताए स्थान से हंसिया और खून से सने कपड़े कुएं से बरामद हो गए। कचरया को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। एसपी ने 10 हजार इनाम की घोषणा एसपी वीरेंद्र जैन ने बाजार थाना पुलिस की तारीफ की। उन्होंने कहा, “यह अंधे कत्ल का तेजी से खुलासा एक मिसाल है।” जांच टीम को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की गई। साइबर सेल की भूमिका भी सराहनीय रही, जिसने कॉल रिकॉर्ड्स से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की। जैन ने ग्रामीणों से अपील की कि मामूली विवादों को बातचीत से सुलझाएं।

Pachmarhi News : पचमढ़ी में भालू ने आदिवासी को बनाया शिकार, गंभीर हालत में बुजुर्ग को बल्ली- चादर की डोली में पहुंचाया हॉस्पिटल

Pachmarhi Bear Attack News

Bear Attack Pachmarhi News : पचमढ़ी। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी क्षेत्र में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) के काजीघाट जंगल में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात (23-24 सितंबर 2025) को एक दर्दनाक घटना घटी। नींबूखट गांव के आदिवासी शंकरलाल नर्रे (उम्र 55 वर्ष) पर फीमेल भालू ने हमला कर दिया। शंकरलाल लुहान (पेड़ों की लार) और गोंद इकट्ठा करने गए थे, जब भालू ने उन पर झपट्टा मारा। घायल शंकरलाल रातभर जंगल में दर्द से कराहते रहे। बुधवार सुबह उनकी पत्नी ने पचमढ़ी पहुंचकर ग्रामीणों को सूचना दी। वनकर्मियों और ग्रामीणों ने बल्ली-चादर की डोली बनाकर 5 किलोमीटर पहाड़ी रास्ता पैदल तय कर उन्हें बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार के बाद नर्मदापुरम जिला अस्पताल रेफर किया गया। Indore Airport Rat Case : डॉक्टर हटाए गए, आज से चूहों के खिलाफ मुहिम, कांग्रेस की मांग- सफाई एजेंसी को करें ब्लैकलिस्ट… लुहान इकट्ठा करने गई शाम, रातभर का दर्द शंकरलाल नर्रे और उनकी बुजुर्ग पत्नी मंगलवार दोपहर काजीघाट जंगल में लुहान और गोंद इकट्ठा करने गए थे। यह आदिवासी समुदाय का पारंपरिक आजीविका स्रोत है, जहां पेड़ों से निकलने वाली लार और गोंद को बाजार में बेचा जाता है। शाम ढलते ही वे एक पेड़ के पास पहुंचे, जहां फीमेल भालू अपने दो बच्चों के साथ थी। शंकरलाल ने बताया, “मैं पेड़ पर चढ़ने ही वाला था कि भालू ने पीछे से हमला कर दिया। उसने पैर पकड़ लिया। मैंने धक्का देकर छुड़ाया, लेकिन वह घायल हो गया।” Harda News : घुटने के ऑपरेशन के बाद महिला HIV पॉजिटिव, अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप, बेटा बोला- इंफेक्टेड ब्लड लगाया भालू के हमले से शंकरलाल का पैर फैक्चर हो गया और वे चलने में असमर्थ हो गए। रातभर जंगल में अंधेरे में दर्द से तड़पते रहे। पत्नी ने उन्हें संभाला, लेकिन मदद के लिए चिल्लाती रहीं। सुबह होते ही पत्नी पैदल पचमढ़ी के नींबूखट गांव पहुंची और ग्रामीणों को जगाया। शंकरलाल का परिवार गरीब है, और जंगल ही उनकी जीविका का आधार है। बल्ली- चादर की डोली में 5 किमी पैदल सूचना मिलते ही नींबूखट के ग्रामीण और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) के वनकर्मी हरकत में आ गए। सहायक संचालक संजीव शर्मा ने बताया, “घायल आदिवासी जंगल में लुहान इकट्ठा करने गया था। हमले की खबर सुबह मिली। फॉरेस्ट नाकेदार प्रवीण मिश्रा, फिरोज खान, चौकीदार ललित और बुधवान समेत ग्रामीणों ने बल्ली-चादर से डोली बनाई। 5 किलोमीटर पहाड़ी रास्ता पैदल तय कर उन्हें बाहर लाए।” Supreme Court : MP OBC 27% आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की तल्खी, ‘हम तैयार हैं, आप नहीं’, सुनवाई 8 अक्टूबर को पचमढ़ी सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद शंकरलाल को नर्मदापुरम जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने कहा, “पैर का फैक्चर गंभीर है, लेकिन जान खतरे से बाहर है।” ग्रामीणों ने वन विभाग की तारीफ की, लेकिन कहा कि जंगल में आदिवासियों के लिए सुरक्षा उपाय कम हैं। पचमढ़ी और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के जंगलों में भालू, तेंदुए और सांपों के हमले आम हो गए हैं। सहायक संचालक संजीव शर्मा ने कहा, “भालू अपने बच्चों के साथ थे, इसलिए आक्रामक हो गए। आदिवासी जंगल पर निर्भर हैं, लेकिन जागरूकता की कमी से खतरा बढ़ता है।”