Chhatarpur Murder Case : छतरपुर में मर्डर केस में SP को नोटिस, सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- BJP विधायक को क्यों नहीं किया गिरफ्तार

Supreme Court on Chhatarpur Murder Case : भोपाल। छतरपुर जिले की राजनगर विधानसभा सीट से जुड़े एक सनसनीखेज हत्या मामले ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा लिया है। 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायक कुंवर विक्रम सिंह के ड्राइवर सलमान खान की कथित हत्या के मामले में अदालत ने वर्तमान भाजपा विधायक अरविंद पटेरिया और छतरपुर एसपी को नोटिस जारी किया है। मृतक की पत्नी राजिया अली की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर एसपी से जवाब तलब किया है। साथ ही, डीजीपी, मुख्य सचिव और सीबीआई डायरेक्टर को भी स्टेटस रिपोर्ट के साथ बुलाया गया है। Bhopal News : स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान की हकीकत, केंद्रों पर डॉक्टर-स्टाफ गायब, कागजों तक सीमित PM का सपना चुनावी रंजिश में ड्राइवर की हत्या 17 नवंबर 2023 को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के ठीक एक दिन पहले, राजनगर सीट पर कांग्रेस विधायक कुंवर विक्रम सिंह (जिन्हें नातीराजा भी कहा जाता है) और भाजपा उम्मीदवार अरविंद पटेरिया के समर्थकों के बीच सुबह करीब तीन बजे झड़प हो गई। यह झड़प कथित तौर पर वोटरों को लुभाने के लिए नकदी और शराब बांटने के आरोपों से शुरू हुई। कांग्रेस के अनुसार, पटेरिया के काफिले ने विक्रम सिंह के ड्राइवर सलमान खान (34 वर्ष) की गाड़ी को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई। सलमान खजुराहो नगर निगम का कांग्रेसी पार्षद भी था। कांग्रेस नेता विक्रम सिंह नातीराजा की शिकायत पर खजुराहो थाने में पटेरिया समेत 18 लोगों के खिलाफ IPC की धाराओं 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), 147 (दंगा), 149 (अवैध सभा), 294 (अश्लीलता) और 506 (धमकी) के तहत FIR दर्ज की गई। FIR में आरोप था कि पटेरिया के समर्थकों ने जानबूझकर गाड़ी से सलमान को कुचला। Burhanpur News : रिश्वतकांड के बाद वनपाल ने खुद को गोली मारी, 6 दिन पहले लोकायुक्त ने किया था ट्रैप घटना के दो दिन बाद, 19 नवंबर को, भाजपा नेता नीरज चतुर्वेदी की शिकायत पर क्रॉस FIR दर्ज हुई, जिसमें विक्रम सिंह नातीराजा और उनके 12 साथियों पर पटेरिया पर फायरिंग करने का आरोप लगाया गया। हालांकि, पुलिस ने घटनास्थल पर फायरिंग का कोई सबूत नहीं पाया। जांच में इस्तेमाल बताई गई गाड़ी जब्त कर मैकेनिकल, FSL और बैलिस्टिक परीक्षण कराया गया। चित्रपट एसपी अमित संगी ने शुरुआत में इसे ‘क्लैश में दुर्घटना’ बताया था, लेकिन FIR के बाद जांच जारी रही। सुप्रीम कोर्ट में याचिका मृतक सलमान की पत्नी राजिया अली ने, वकील वरुण ठाकुर के माध्यम से, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि डेढ़ साल से ज्यादा समय बीत गया, लेकिन मुख्य आरोपी पटेरिया की गिरफ्तारी नहीं हुई। भाजपा विधायक अरविंद पटेरिया ने चुनाव जीतकर राजनगर से विधायक बनने के बाद मध्य प्रदेश सरकार से Y+ सुरक्षा प्राप्त कर ली है, जिसका दुरुपयोग कर पुलिस-प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। Navratri 2025 : सलकनपुर मंदिर में उमड़ी माता के भक्तों की भीड़, जानिए क्या है मंदिर का इतिहास राजिया ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस आरोपी को संरक्षण दे रही है, जबकि उनके परिवार को समझौते का दबाव झेलना पड़ रहा है। याचिकाकर्ता ने मांग की कि अपराध क्रमांक 321/2023 की जांच स्थानीय पुलिस से हटाकर सीबीआई या स्वतंत्र SIT को सौंपी जाए। साथ ही, परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए पटेरिया, छतरपुर एसपी, डीजीपी, मुख्य सचिव और सीबीआई डायरेक्टर को नोटिस जारी किया। अदालत ने स्टेटस रिपोर्ट मांगी है, और गिरफ्तारी न होने पर एसपी से स्पष्टीकरण तलब किया। अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।
Bhopal News : स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान की हकीकत, केंद्रों पर डॉक्टर-स्टाफ गायब, कागजों तक सीमित PM का सपना

Healthy Women Empowered Family Campaign Bhopal News : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में महिलाओं के स्वास्थ्य और परिवार सशक्तिकरण के नाम पर शुरू हुआ ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’ अब लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 सितंबर को धार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लॉन्च किया गया था। यह अभियान 2 अक्टूबर तक चलना है। अभियान महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को मजबूत करने का वादा करता है लेकिन पांचवें दिन (22 सितंबर) सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का जायजा लेने पर डॉक्टरों से लेकर स्टाफ तक की अनुपस्थिति ने सारी उम्मीदें तोड़ दीं। पहले दिन 140 केंद्रों पर 20 हजार जांच का दावा किया गया था, लेकिन अब अभियान बैनरों और कागजों तक सिमट गया लगता है। MP News : 24 घंटे बाद नदी में मिला बच्ची का शव, मामूलिया विसर्जन में डूबे थे 6 बच्चे, 5 का किया था रेस्क्यू अभियान का शानदार आगाज 17 सितंबर को पीएम मोदी ने धार से इस अभियान की शुरुआत की, जो 2018 से चली आ रही एक वार्षिक पहल है। इसका मकसद महिलाओं के लिए पहुंच, गुणवत्ता वाली देखभाल और जागरूकता बढ़ाना है, खासकर पोषण, एनीमिया, गर्भावस्था और कैंसर जैसी समस्याओं पर। अभियान को आठवें राष्ट्रीय पोषण माह से जोड़ा गया है, ताकि स्वस्थ आदतों को जन आंदोलन बनाया जाए। पहले दिन भोपाल में स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया कि 140 केंद्रों पर 20 हजार लोगों की जांच हुई, जिसमें महिलाओं के साथ पुरुषों को भी फायदा पहुंचाने पर जोर दिया गया। पीएम ने जनप्रतिनिधियों से अपील की थी कि वे खुद जांच कराएं और लोगों को केंद्रों पर लाएं। लेकिन पांच दिनों में ही यह उत्साह फीका पड़ गया, और अभियान की हकीकत सामने आ गई। Navratri Garba Festival 2025 : हिंदू हज नहीं जाते तो ‘वे’ गरबा में न आएं…मुस्लिमों की ‘नो एंट्री’ विवाद पर बाबा बागेश्वर का बड़ा बयान सोमवार को अभियान का पांचवां दिन था, जब सरकारी केंद्रों पर आंखों की समस्याओं (नेत्रहीनता नियंत्रण), बुजुर्गों की देखभाल, मुंह-दांत के रोग (ओरल हेल्थ) और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने का प्लान था। सीएमएचओ कार्यालय से आदेश जारी हुए थे कि इन क्षेत्रों में नियमित से ज्यादा फोकस हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही थी। भोपाल के कई केंद्रों पर पहुंचने पर न केवल मरीजों की भीड़ गायब थी, बल्कि डॉक्टर और स्टाफ भी नदारद मिले। यह स्थिति न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है, बल्कि अभियान के मूल उद्देश्य – ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ को मजाक बना रही है। Bhopal News : रंजीत ऑटोमोबाइल्स पर ED का बड़ा एक्शन, 27.30 करोड़ की संपत्ति कुर्क; बैंक ऑफ बड़ौदा से किया था फ्रॉड कोलार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सन्नाटा यह केंद्र मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते लोगों के लिए जाना जाता है, जहां मन कक्ष में डॉक्टर परामर्श देते हैं। पांचवें दिन मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस था, लेकिन सुबह साढ़े 11 बजे पहुंचने पर कक्ष पूरी तरह खाली मिला। न डॉक्टर थे, न स्टाफ, और न ही कोई मरीज। एक स्थानीय महिला ने बताया, “हम तो सुबह से इंतजार कर रही थीं, लेकिन कोई नहीं आया। अभियान का प्रचार तो हुआ, लेकिन व्यवस्था कहां?” यह नजारा देखकर लगता है कि मानसिक स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील समस्या पर भी विभाग सो रहा है। Navratri Garba Festival 2025 : गरबा पंडालों पर लिखा- जिहादियों का आना वर्जित, भोपाल में लगाए विवादित होर्डिंग्स 1100 क्वार्टर संजीवनी क्लिनिक में जांच कक्ष बंद दोपहर 12 बजे के करीब मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक पहुंचे तो नेत्र जांच कक्ष और नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (कैंसर) परामर्श कक्ष में ताला लगा था। स्टाफ गायब था, और मरीज भटक रहे थे। यहां सोमवार को नेत्रहीनता और कैंसर पर विशेष कैंप का प्लान था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। एक बुजुर्ग ने शिकायत की, “आंखों की जांच के लिए आए थे, लेकिन डॉक्टर तो छुट्टी पर लगते हैं।” ये केंद्र महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं, जहां एनीमिया और कैंसर स्क्रीनिंग होती है, लेकिन लापरवाही से ये सुविधाएं बेकार साबित हो रही हैं।
MP News : 24 घंटे बाद नदी में मिला बच्ची का शव, मामूलिया विसर्जन में डूबे थे 6 बच्चे, 5 का किया था रेस्क्यू

MP News : दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में पितृपक्ष के दौरान सिंध नदी के सनकुआं घाट पर एक ऐसी त्रासदी घटी, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। रविवार सुबह मामूलिया (पितृ विसर्जन की रस्म) के लिए नदी किनारे पहुंचे छह मासूम बच्चों का नदी की तेज धारा ने निगल लिया। ग्रामीणों की बहादुरी से पांच बच्चों को बचा लिया गया, लेकिन 10-12 साल की सिमरन नाम की एक बच्ची लापता हो गई। 24 घंटे की मशक्कत के बाद सोमवार को एसडीआरएफ की टीम ने उसका शव बरामद कर लिया। Navratri Garba Festival 2025 : हिंदू हज नहीं जाते तो ‘वे’ गरबा में न आएं…मुस्लिमों की ‘नो एंट्री’ विवाद पर बाबा बागेश्वर का बड़ा बयान रविवार सुबह सनकुआं घाट पर पितृपक्ष की रस्म ‘मामूलीया’ के लिए गांव के बच्चे नदी पहुंचे। मामूलीया एक पारंपरिक रस्म है, जिसमें पितरों के लिए तर्पण और विसर्जन किया जाता है। उत्साह में दो बच्चे घाट के फिसलन भरे किनारे पर पहुंचे और नदी में गिर पड़े। उन्हें बचाने दौड़े अन्य चार बच्चे भी धारा में बहने लगे। देखते ही देखते छह बच्चे नदी के पानी में फंस गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर छलांग लगाई और पांच बच्चों को किनारे खींच लाया। लेकिन सिमरन तेज बहाव में बह गई। ग्रामीणों ने तुरंत चिल्लाकर मदद मांगी, लेकिन शुरुआती घंटों में कोई आधिकारिक सहायता नहीं पहुंची। Navratri Garba Festival 2025 : गरबा पंडालों पर लिखा- जिहादियों का आना वर्जित, भोपाल में लगाए विवादित होर्डिंग्स घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम दतिया पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। नदी की गहराई और तेज धारा के कारण तलाश मुश्किल थी। गोताखोरों ने घंटों पानी में डुबकी लगाई, लेकिन रविवार को सफलता नहीं मिली। सोमवार सुबह फिर सर्चिंग तेज हुई और दोपहर तक सिमरन का शव नदी से करीब 2-3 किलोमीटर दूर बरामद हो गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। एसडीआरएफ के एक अधिकारी ने कहा, “धारा तेज थी, लेकिन हमने लगातार प्रयास किया।” सिमरन के परिवार ने शव देखते ही फूट-फूटकर रोया। गांव में शोक माहौल है, और लोग एक-दूसरे को सांत्वना दे रहे हैं।
Navratri Garba Festival 2025 : हिंदू हज नहीं जाते तो ‘वे’ गरबा में न आएं…मुस्लिमों की ‘नो एंट्री’ विवाद पर बाबा बागेश्वर का बड़ा बयान

Bageshwar Baba on Muslims ‘No Entry’ at Navratri Garba Festival 2025 : मध्य प्रदेश। प्रदेश में नवरात्रि की धूम के बीच गरबा आयोजनों पर ‘मुसलमानों की नो एंट्री’ का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। अब इस बहस में बागेश्वर धाम के विवादास्पद पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एंट्री मार ली है। छतरपुर जिले के राजनगर विधानसभा क्षेत्र के लवकुशनगर में मां बम्बर बैनी माता के दर्शन के दौरान बाबा ने गरबा संचालकों से सख्त सलाह दी – पंडालों के प्रवेश द्वार पर गोमूत्र रखा जाए, ताकि ‘सच्चे भक्त’ ही अंदर घुस सकें। गोमूत्र से ‘पवित्र’ प्रवेश लवकुशनगर के मां बम्बर बैनी माता मंदिर में दर्शन के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने गरबा आयोजकों को संबोधित करते हुए कहा, “जब हम उनके (मुस्लिमों) हज यात्रा में नहीं जाते, तो उन्हें भी हमारे माता की आराधना और गरबा में नहीं आना चाहिए। ये हमारा पवित्र त्योहार है, इसे अपवित्र न होने दें।” Burhanpur News : रिश्वतकांड के बाद वनपाल ने खुद को गोली मारी, 6 दिन पहले लोकायुक्त ने किया था ट्रैप उन्होंने गोमूत्र को हिंदू परंपरा का पवित्र तत्व बताते हुए अपील की कि हर पंडाल के गेट पर इसका प्रबंध हो, ताकि केवल ‘सच्चे हिंदू’ ही अंदर प्रवेश कर सकें। बाबा के साथ भाजपा विधायक अरविंद पटैरिया भी मौजूद थे, जिन्होंने इस अपील का समर्थन किया। शास्त्री का यह बयान 22 सितंबर 2025 को दिया गया, जो नवरात्रि की शुरुआत के ठीक समय पर आया, जब पूरे राज्य में गरबा का जोर है। बता दें कि, यह बयान मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और दमोह जैसे जिलों में चल रहे गरबा विवादों के बीच आया है, जहां हिंदू संगठनों ने तिलक लगाना, कलावा बांधना और आधार कार्ड चेक करने की गाइडलाइंस जारी की हैं। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल जैसे संगठनों का दावा है कि ये कदम ‘लव जिहाद’ और ‘गरबा जिहाद’ रोकने के लिए जरूरी हैं। Navratri Garba Festival 2025 : गरबा पंडालों पर लिखा- जिहादियों का आना वर्जित, भोपाल में लगाए विवादित होर्डिंग्स भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने हाल ही में चिंता जताई थी कि कुछ लोग हिंदू महिलाओं को लुभाने के लिए तिलक-कलावा का इस्तेमाल कर गरबा में घुस सकते हैं। इंदौर में भाजपा जिला अध्यक्ष ने तो गोमूत्र को ‘प्रसाद’ के रूप में बांटने का सुझाव दिया था, जिसे राज्य भाजपा प्रमुख वीडी शर्मा ने ‘व्यक्तिगत राय’ बता कर किनारे कर दिया। लेकिन शास्त्री का बयान इस विवाद को नई ऊंचाई दे रहा है, जहां अब धार्मिक प्रतीकों के साथ-साथ ‘पवित्र तरल’ का मुद्दा जोड़ दिया गया है।
Burhanpur News : रिश्वतकांड के बाद वनपाल ने खुद को गोली मारी, 6 दिन पहले लोकायुक्त ने किया था ट्रैप

Forest officer shoots himself after bribery scandal : बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में भ्रष्टाचार के एक मामले ने त्रासदी का रूप ले लिया है। धुलकोट रेंज के डिप्टी रेंजर (वनपाल) कृष्ण कुमार बर्मन ने सोमवार को अपने लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली। जानकारी के मुताबिक, कुछ ही दिनों पहले इंदौर लोकायुक्त ने उन्हें रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। फिलहाल, बर्मन गंभीर हालत में नेपानगर के अस्पताल में भर्ती हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक सुसाइड नोट में उन्होंने पांच लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है। 3 हजार रुपये की घूस ने उलट दिया सबकुछ 16 सितंबर को इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने एक ट्रैप ऑपरेशन चलाया, जिसमें वनपाल कृष्ण कुमार बर्मन को 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया। शिकायतकर्ता सदाशिव डावर ने बताया था कि उन्हें ग्राम पंचायत से वन क्षेत्र का पट्टा मिला हुआ था, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत घर बनवाना था। Fertilizer Crisis : मध्य प्रदेश में रूला रही खाद, इछावर में रात भर इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटे किसान डिप्टी रेंजर बर्मन ने परमिशन देने के लिए 4 हजार रुपये की घूस मांगी। लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही बर्मन ने 3 हजार रुपये लिए, उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया, लेकिन बर्मन को जमानत मिलने के बाद घर लौटाया गया। इसके बाद सोमवार दोपहर नेपानगर के न्यू कॉलोनी में नेपा लिमिटेड के मकान में रहने वाले बर्मन ने अचानक खुद को गोली मार ली। गोली की तेज आवाज सुनकर पूरे इलाके में दहशत फैल गई। पड़ोसी और परिजन दौड़े-दौड़े पहुंचे, तो बर्मन खून से लथपथ पड़े थे। परिवार ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। नेपानगर थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि गोली उनके लाइसेंसी रिवॉल्वर से चली, जो वन विभाग की ड्यूटी के लिए जारी की गई थी। पुलिस का कहना है कि कोई बाहरी हमला नहीं लग रहा, बल्कि यह आत्महत्या ही है। लेकिन सुसाइड नोट की वजह से मामला और जटिल हो गया है। MP Crime News : पति के सामने बदमाशों ने पत्नी को चाकू से गोदा, जानिए क्या है पूरा मामला वायरल सुसाइड नोट में 5 लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे सुसाइड नोट में बर्मन ने पांच लोगों – जिनमें वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कुछ स्थानीय प्रभावशाली व्यक्ति शामिल बताए जा रहे हैं – पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नोट में दावा किया गया है कि रिश्वत के मामले में उन्हें फंसाया गया और विभाग में ऊपर से दबाव बनाया जा रहा था। Navratri Garba Festival 2025 : गरबा पंडालों पर लिखा- जिहादियों का आना वर्जित, भोपाल में लगाए विवादित होर्डिंग्स उन्होंने लिखा है कि “भ्रष्टाचार का जाल इतना गहरा है कि ईमानदार आदमी जीवित नहीं रह सकता।” हालांकि, पुलिस और लोकायुक्त अधिकारियों ने अभी तक नोट की सत्यता की पुष्टि नहीं की है। नेपानगर थाने के इंस्पेक्टर ने कहा, “नोट की जांच फोरेंसिक टीम कर रही है। अगर यह असली साबित हुआ, तो नई FIR दर्ज होगी।”
Fertilizer Crisis : मध्य प्रदेश में रूला रही खाद, इछावर में रात भर इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटे किसान

Fertilizer Shortage in Ichhawar : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र में किसानों को खाद की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। खाद की कमी से फसल की बुवाई ठप है। स्थानीय सोसायटी के बाहर रात-सुबह की कतारें, लेकिन आपूर्ति नाममात्र। रातभर लाइन में लगने के बाद भी किसानों को सुबह एक बोरी भी खाद नहीं मिल पा रही है। Navratri Garba Festival 2025 : गरबा पंडालों पर लिखा- जिहादियों का आना वर्जित, भोपाल में लगाए विवादित होर्डिंग्स इछावर के किसान सुबह से शाम तक खेतों में हल चलाते, लेकिन रात होते ही सोसायटी की ओर दौड़ लगाते है। एक किसान ने बताया, “रात 10 बजे से नंबर लगाते हैं, सुबह 5 बजे तक जागते रहते है और सुबह पता चलता है स्टॉक खत्म। कल दो बोरी चाहिए थीं, लेकिन एक भी न मिली।” सोसायटी में यूरिया, DAP जैसी खादों की मांग आसमान छू रही, लेकिन आपूर्ति आधी-अधूरी है। इछावर में तो हालात और बुरे – बारिश के बाद खेत तैयार, लेकिन बुवाई रुकी। एक बुजुर्ग किसान बोले, “गेहूं-सरसों की बुवाई का समय है, लेकिन खाद न मिली तो क्या बोएं? सरकार ने MSP बढ़ाया, लेकिन खाद की किल्लत ने सब बर्बाद कर दिया।” New GST Rates : जीएसटी में कटौती आज लागू, क्या LPG सिलेंडर के दाम भी घटे हैं? राज्य के कृषि विभाग की रिपोर्ट्स बताती हैं कि 2025 के रबी सीजन में DAP की मांग 50 लाख टन से ज्यादा है, लेकिन सप्लाई 40 लाख टन के आसपास ही हो रही है। कारण? अंतरराष्ट्रीय बाजार में फॉस्फोरस की कीमतें आसमान पर और आयात में देरी। इछावर के एक अन्य किसान ने कहा, “सोसायटी में स्टॉक कम, ब्लैक मार्केट में 400 रुपये बोरी! हम तो गरीब, कहां से खरीदें?” कृषि विभाग का हेल्पलाइन 1800-180-1551 पर कॉल करें, लेकिन वहां भी जवाब ‘जल्द आएगा’।
Navratri Garba Festival 2025 : गरबा पंडालों पर लिखा- जिहादियों का आना वर्जित, भोपाल में लगाए विवादित होर्डिंग्स

Navratri Garba Festival 2025 : भोपाल, मध्य प्रदेश। नवरात्रि की भक्ति की लहर में गरबा की धुनें गूंज रही हों, लेकिन भोपाल में पंडाल के बाहर लगे विवादित होर्डिंग ने माहौल को गरमा दिया है। अवधपुरी इलाके में श्री कृष्ण सेवा समिति के गरबा पंडाल के बाहर लगाए गए विवादित होर्डिंग ने माहौल गरमा दिया है। हिंदू संगठनों द्वारा लगाए गए इन पोस्टरों पर लिखा है “जिहादियों का आना सख्त मना है, पकड़े जाने पर घर वापसी कराई जाएगी”। अवधपुरी के श्री कृष्ण सेवा समिति के गरबा पंडाल की है। नवरात्रि शुरू होते ही पंडाल सज गया, लेकिन बाहर लगे होर्डिंग ने हवा गरम कर दी। पोस्टरों पर साफ लिखा – “जिहादियों का आना सख्त मना है, पकड़े जाने पर घर वापसी कराई जाएगी।” समिति ने पंडाल में प्रवेश के लिए पांच नियम तय किए, जो परंपरा का हवाला देकर लगाए गए। पहला, माथे पर तिलक लगाना। दूसरा, हाथों में कलावा बांधना। तीसरा, आधार कार्ड की जांच – नाम, पता चेक। चौथा, गंगाजल-गोमूत्र का आचमन। पांचवां, वराह देवता और मां दुर्गा की तस्वीर को नमन। अध्यक्ष गोपाल तोमर ने कहा कि , “जो सनातन धर्म में विश्वास रखते हैं, मां-बहनों का सम्मान करते हैं, देवी को देवी मानते हैं, उनका हार्दिक स्वागत। परंपराओं का अपमान करने वालों को रोकने के लिए ये नियम। जो गंगाजल पीता है, कलावा बांधता है, तिलक लगाता है, वराह देवता को प्रणाम कर सकता है – उन सबका सनातन में स्वागत। नहीं तो पकड़े जाने पर घर वापसी और अगर न माने तो जूते-चप्पल, लाठी का स्वागत।”
Breaking News : Air India प्लेन क्रैश की रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, कहा- पायलट की गलती बताना…

Supreme Court on Air India Plane Crash Report : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एयर इंडिया के AI-171 विमान हादसे को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस घटना को महज ‘पायलट की गलती’ करार देना दुर्भाग्यपूर्ण है। अदालत ने इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से जवाब तलब किया है। सुप्रीम कोर्ट की तीखी फटकार सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने PIL पर नोटिस जारी किया। प्रशांत भूषण ने कहा, “100 दिन से ज्यादा हो गए, लेकिन पूरी रिपोर्ट नहीं। DGCA के तीन अधिकारी जांच टीम में, कंफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट?” उन्होंने वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट का हवाला दिया, जो सूत्रों से पायलट एरर की कहानी फैला रही। जस्टिस सूर्यकांत ने फटकार लगाई, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जांच गोपनीय रखनी चाहिए, वरना पॉडकास्ट रूम में थ्योरी बनेंगी। अगर बाद में क्लीन चिट मिली, तो परिवार का क्या?” भूषण ने जोर दिया, “फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर सार्वजनिक करो, विशेषज्ञ जांचें। पायलट अनुभवी थे, विमान की खामियां DGCA ने नजरअंदाज कीं।” कोर्ट ने सहमति जताई कि निष्पक्ष जांच जरूरी, लेकिन अटकलों से बचने को कहा। केंद्र, DGCA, AAIB से 4 हफ्ते में जवाब मांगा। PIL याचिकाकर्ता सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन (NGO) ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट चुनिंदा थी – एकमात्र सर्वाइवर (40 वर्षीय व्यवसायी विश्वशकुमार रमेश, लेस्टर, यूके) का बयान गायब। AAIB ने 12 जुलाई को रिपोर्ट दी, लेकिन फुल डेटा छिपाया। भूषण ने चेतावनी दी, “बोइंग 787 में उड़ने वाले यात्री अब भी खतरे में।” कोर्ट ने माना कि पारदर्शिता जरूरी, लेकिन गोपनीयता भी। एयर इंडिया ने फ्लाइट नंबर AI-171 रिटायर कर दिया, और ताटा सन्स ने ‘AI-171 मेमोरियल ट्रस्ट’ बनाया – पीड़ित परिवारों के लिए। लेकिन सवाल बरकरार – क्या AAIB की जांच निष्पक्ष है? क्या हुआ था 12 जून को? अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लंदन गेटविक जा रही AI-171 फ्लाइट में 230 यात्री (13 बच्चे, 2 शिशु) और 12 क्रू मेंबर्स सवार थे। टेकऑफ के महज 32 सेकंड बाद विमान अनियंत्रित हो गया और 1.7 किमी दूर बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में धड़ाम से गिर पड़ा। AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट (12 जुलाई 2025) में कहा गया कि फ्यूल कंट्रोल स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ हो गए, इंजन थ्रस्ट बंद हो गया। कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर में कैप्टन सुमीत सबरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर के बीच बातचीत: “तुमने इसे कट क्यों किया?” “मैंने नहीं किया।” इससे पायलट एरर की अटकलें जोर पकड़ीं। लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया – ‘जांच रिपोर्ट आने से पहले ही मीडिया ने फैला दिया, परिवारों पर क्या गुजरेगी?’
MP Crime News : पति के सामने बदमाशों ने पत्नी को चाकू से गोदा, जानिए क्या है पूरा मामला

MP Crime News : खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में बदमाशों ने देर रात सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। जानकारी के मुताबिक, यहां कुछ बदमाशों ने पति के सामने उसकी पत्नी को चाकुओं से गोंदा और बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। इतना ही नहीं बदमाशों ने युवक को अधमरा करके छोड़ा और भाग गए। ये है पूरा मामला रविवार रात डिगरिस के किराना दुकानदार महेंद्र पटेल को पेट में तेज दर्द हुआ। वे अपनी पत्नी सविता के साथ बाइक पर खंडवा शहर के अस्पताल की ओर निकले। महेंद्र ने रात 11:25 बजे अपने साढू चंद्रहास लाडे को फोन कर आने की सूचना दी। लेकिन गांव से बाहर निकलते ही रास्ते में बदमाशों का जुलूस आ गया। उन्होंने दंपती को घेर लिया, मारपीट शुरू कर दी। सविता पर चाकू से हमला – गले का मंगलसूत्र खींचा और घाव इतना गहरा कि मौके पर दम तोड़ दिया। महेंद्र को भी चाकू मारा गया, महेंद्र खून से लथपथ होकर गिर पड़े। गंभीर हालत में महेंद्र ने चंद्रहास को फोन किया। चंद्रहास दौड़े लेकिन तब तक देर हो चुकी। महेंद्र को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों का कहना है कि उनकी हालत नाजुक है, लेकिन जान बचाने की पूरी कोशिश हो रही। महेंद्र और सविता का जीवन तो मेहनत की मिसाल था। डिगरिस में किराना दुकान चलाते, सविता हाथ बंटातीं। छोटी-छोटी खुशियां बुनते, लेकिन रंजिश ने सब उजाड़ दिया। प्रारंभिक जांच में पुलिस को लूटपाट का शक है, लेकिन व्यवसायिक दुश्मनी की आशंका भी। पदम नगर थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या (IPC 302) और लूट (IPC 395) की धाराओं में FIR दर्ज हो गई। एसपी मनोज कुमार राय ने कहा, “जांच तेज है। CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और गवाहों से सुराग मिल रहे। बदमाशों को 24 घंटे में पकड़ लेंगे।”
New GST Rates : जीएसटी में कटौती आज लागू, क्या LPG सिलेंडर के दाम भी घटे हैं?

LPG Gas Cylinder Price : सरकार ने 3 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक में बड़ा फैसला लिया था, जिसमें सरकार ने जीएसटी स्लैब में बदलाव किया था। यह बदलाव 22 सितंबर यानी आज से लागू हो रहा है। इसमें दूध-दही से लेकर कारों तक की कीमतों में कटौती आएगी। आइए जानते हैं LPG गैस सिलेंडर पर लगने वाली GST के बारे में….क्या एलपीजी सिलेंडर के दाम भी कम हुए हैं? Vidisha News : वन विकास निगम ने लटेरी मसूडी में 30 हेक्टेयर भूमि से फसलें जलाई, 5 जेसीबी से हटाया कब्जा जीएसटी सुधार का LPG गैस सिलेंडर की कीमत में कुछ फर्क नहीं पड़ेगा। सरकार ने LPG गैस सिलेंडर पर लगने वाली GST रेट में कुछ भी बदलाव नहीं किया है। घरेलू LPG गैस सिलेंडर और कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर पर अलग अलग दरों से GST लगती है। बता दें घरेलू सिलेंडर पर 5 प्रतिशत और कॉमर्शियल LPG गैस सिलेंडर पर 18 प्रतिशत GST लगता है। आज 22 सितंबर को क्या हैं एलपीजी सिलेंडर के रेट कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर: दिल्ली में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर आज 1580 रुपये, कोलकाता में 1684 रुपये, मुंबई में 1531.50 रुपये है और चेन्नई में 1738 रुपये में मिल रहा है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर: भारत में इंडियन ऑयल के डेटा के आधार पर एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की कीमतों की बात करें तो आज14.2 किग्रा वाला घरेलू सिलेंडर दिल्ली में ₹853, मुंबई में ₹852.50 और लखनऊ में ₹890.50 में मिल रहा है। वहीं भोपाल में घरेलू रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) की कीमत ₹858.50 है। पिछले महीने की तुलना में रसोई गैस की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। New GST Rates : टीवी-वॉशिंग मशीन से कार-बाइक तक सस्ती, लग्जरी चीजें होंगी महंगी, जानिये पूरी लिस्ट अभी कितना जीएसटी लगता है? सरकार घरेलू सिलेंडर यानी रसोई गैस वाले सिलेंडर और कमर्शियल यूज वाले सिलेंडर पर अलग-अलग जीएसटी रेट लगाती है। घरेलू सिलेंडर पर 5% जीएसटी वसूला जाता है तो वहीं कमर्शियल यूज वाले सिलेंडर पर 18% GST लगता है। जीएसटी काउंसिल की तरफ से एलपीजी सिलेंडर पर GST रेट में बदलाव का ऐलान नहीं किया गया है, जिसका मतलब है कि एलपीजी पर जीएसटी नहीं कम होगा। ये प्रोडक्ट्स हो रहे सस्ते GST काउंसिल मीटिंग में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई वाली जीएसटी परिषद के फैसले ने 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से सबसे बड़ा बदलाव किया। काउंसिल ने डेली आवश्यक वस्तुओं (FMCG) और स्वास्थ्य सेवा उत्पादों से लेकर शिक्षा सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कृषि उपकरण, बीमा और ऑटोमोबाइल तक जैसी वस्तुओं पर GST रेट को घटा दिया। सिर्फ तंबाकू जैसे सिन प्रोडक्ट्स पर जीएसटी रेट 40 फीसदी करने का ऐलान किया। इसमें इस बार कोल्ड ड्रिंग्स को भी रखा गया है। सुपर लग्जरी कारों पर भी जीएसटी रेट को 40 फीसदी कर दिया गया है।
Vidisha News : वन विकास निगम ने लटेरी मसूडी में 30 हेक्टेयर भूमि से फसलें जलाई, 5 जेसीबी से हटाया कब्जा

Vidisha News : विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के लटेरी क्षेत्र में मंगलवार को वन विकास निगम ने ग्राम मसूडी में 30 हेक्टेयर वन भूमि से अवैध कब्जे हटाए है। इतना ही खेतों में लगी मक्का की फसल भी नष्ट की है। शहरखेड़ा में यह कार्रवाई जारी है। वन विभाग का दावा है कि, यह लंबे समय से चली आ रही जंग है। वन विकास निगम की टीम ने ग्राम मसूडी और शहरखेड़ा में संयुक्त अभियान चलाया। मसूडी में निगम की 30 हेक्टेयर जमीन पर अवैध खेती का कब्जा था – सालों से ग्रामीणों ने जंगल काटकर मक्का और अन्य फसलें उगा रखी थीं। टीम ने 5 जेसीबी, 3 ट्रैक्टरों की मदद से फसलें जला दीं और कब्जे को साफ कर दिया। इस अभियान में 10 पुलिसकर्मी, वन विभाग के 10 कर्मचारी, निगम के 10 स्टाफ, 10 चौकीदार और राजस्व विभाग का अमला शामिल रहा। एक वन अधिकारी ने बताया, “यह भूमि वन विकास निगम की थी, लेकिन माफिया ने काट-छांट कर खेती में बदल दिया। अब इसे हरा-भरा बनाने का समय है।” मसूडी का काम पूरा हो गया, लेकिन शहरखेड़ा में जंगल काटने वालों के खिलाफ जंग जारी है। निगम अधिकारियों का कहना है, “बुधवार को अभियान और तेज होगा।” वन विभाग के अनुसार, लटेरी के जंगल लंबे समय से वन माफिया का शिकार बने हुए हैं। सालों से पेड़ काटे जा रहे, भूमि पर कब्जे हो रहे। ग्रामीण भी आर्थिक मजबूरी में खेती करने लगे, लेकिन यह पर्यावरण के लिए घातक साबित हो रहा। एक दर्जन से ज्यादा वाहनों ने देर शाम तक काम किया। वन विकास निगम के संभागीय प्रबंधक ने कहा, “अतिक्रमण हटाना जरूरी है, ताकि जंगल वापस लौटें।” यह कार्रवाई जिले के अन्य क्षेत्रों के लिए भी चेतावनी है। लेकिन स्थानीय ग्रामीणों का कहना है, “हमें वैकल्पिक जमीन दो, तभी हम सहयोग करेंगे।”
Navratri 2025 : सलकनपुर मंदिर में उमड़ी माता के भक्तों की भीड़, जानिए क्या है मंदिर का इतिहास

Salkanpur Temple Devotees Crowds Navratri 2025 : सीहोर, मध्य प्रदेश। सीहोर में शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो गया है। मां बिजासन देवी धाम सलकनपुर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक थी कि सलकनपुर के आसपास कई मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। आइये जानते है क्या है सलकनपुर का विजयासन धाम का इतिहास और महत्त्व मंदिर का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व विजयासन धाम की गाथा श्रीमद् भागवत से शुरू होती है। पुजारी प्रभुदयाल महंत बताते हैं कि प्राचीन काल में दैत्य रक्तबीज के आतंक से त्रस्त देवताओं ने मां भगवती की शरण ली। मां ने विंध्याचल पर्वत पर विकराल रूप धारण कर रक्तबीज का संहार किया। देवताओं ने उनकी विजय की स्तुति की, और वह आसन विजयासन धाम कहलाया। मां का यह रूप आज भी भक्तों को विजय का आशीर्वाद देता है। कई परिवार मां को अपनी कुलदेवी मानते हैं, और नवरात्रि में 21 घंटे दर्शन की सुविधा भक्तों के लिए वरदान है। बंजारों की श्रद्धा और मंदिर निर्माण मंदिर के निर्माण की कहानी 450 साल पुरानी है। मान्यता है कि बंजारे, जो पशु व्यापारी थे, इस क्षेत्र से गुजर रहे थे। रात में विश्राम के दौरान उनके पशु गायब हो गए। खोजते-खोजते एक छोटी बच्ची मिली, जिसने मां विजयासन के दर्शन की सलाह दी। बंजारों ने पूजा की और चमत्कार! उनके पशु वापस मिल गए। श्रद्धा में डूबे बंजारों ने मंदिर बनवाया, जो आज लाखों की आस्था का केंद्र है। यह कथा भक्तों को जोड़ती है, क्योंकि मां की कृपा हर यात्री पर बरसती है। चौसट योगिनियों का चमत्कार पुजारी प्रभुदयाल के अनुसार, प्राचीन समय में हिंसक जानवरों और चौसट योगिनियों के डर से लोग इस पर्वत पर कम आते थे। राजा विक्रमादित्य के वंशज सुधन्वा, मां के परम भक्त, ने नर्मदा के उत्तर तट पर विशेष अर्चना की। बाद में स्वामी भद्रानंद जी ने तपस्या कर चौसट योगिनियों के लिए स्थान बनाया। मंदिर के पास एक धूना स्थापित हुआ, जहां अभिमंत्रित चिमटा तंत्र शक्ति से तली में रखा गया। इस धूने की भभूत भक्तों का मुख्य प्रसाद है, जो चमत्कारिक मानी जाती है। मंदिर की भव्यता और सुंदरता विजयासन धाम की सादगी हर भक्त को मोहती है। गर्भगृह में मां विजयासन की स्वयंभू प्रतिमा के साथ मां सरस्वती, महालक्ष्मी और बाल गणेश विराजित हैं। मंदिर के द्वार पर हनुमान जी और सामने भैरव बाबा की मूर्तियां हैं। 400 साल से जल रही दो अखंड ज्योतियां – एक नारियल तेल से, दूसरी घी से – सूर्य-चंद्रमा की तरह अटल हैं। पास ही खोखली माता का मंदिर है, जहां बच्चे की खांसी ठीक करने की प्रार्थना होती है। स्थानीय लोग कहते हैं, “यहां मां हर मुराद पूरी करती हैं।” नवरात्रि की तैयारियां और नई सुविधाएं इस नवरात्रि, 21 घंटे दर्शन का इंतजाम है। 1401 सीढ़ियों का रास्ता भक्ति का प्रतीक, तो रोप-वे सुगमता का। इस साल खास – निजी वाहन भी पहाड़ी तक जा सकेंगे। 95% पूरा हो चुका देवलोक जल्द भक्तों के लिए खुलेगा, जिसमें भव्य सुविधाएं होंगी। प्रशासन ने सुरक्षा, पार्किंग और मेडिकल व्यवस्था को मजबूत किया है, ताकि लाखों भक्तों को कोई परेशानी न हो। एक भक्त ने कहा, “मां के दर्शन से मन शांत, जीवन विजयी बनता है।”