Satna GST Raid : सतना में मोहनी ट्रेडर्स समेत 5 फर्मों पर GST छापा, करोड़ों की टैक्स चोरी की आशंका

Satna GST Raid : सतना, मध्य प्रदेश। सतना में जीएसटी विभाग की टीमों ने ड्रायफ्रूट के प्रमुख कारोबारियों के ठिकानों पर अचानक धावा बोल दिया। जानकारी के मुताबिक, असिस्टेंट कमिश्नर के नेतृत्व में जीएसटी सर्किल वन की टीम ने शहर और औद्योगिक क्षेत्र के 5-6 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे। संदेह है कि इन फर्मों ने करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी की है। सोमवार सुबह से ही जीएसटी विभाग की टीम एक्शन मोड में आ गई। जिन फर्मों पर छापे पड़े, उनमें मोहनी ट्रेडर्स, संजय ड्रायफ्रूट्स और सुनील ट्रेडिंग कंपनी प्रमुख हैं। ये फर्में सतना शहर के श्वेतांबर जैन मंदिर के पास, जय स्तंभ चौक (इलाहाबाद बैंक के पास), टिकुरिया टोला, खेरमाई रोड और स्टेशन रोड जैसे व्यस्त इलाकों में। इन जगहों पर ड्रायफ्रूट का कारोबार जोरों पर रहता है, जहां थोक से लेकर खुदरा तक सब कुछ होता है। Sidhi News : सीधी में लेडी हेड कॉन्स्टेबल की बेरहमी से हत्या, बेटी बोली- पापा को फांसी दो! इसके अलावा, औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्ट्री पर भी टीम ने दबिश दी। सभी ठिकानों पर एक ही समय पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी गई। लगभग 15-20 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने दस्तावेजों, स्टॉक और रिकॉर्ड्स की छानबीन की। एक स्थानीय व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “अचानक इतनी बड़ी टीम आई कि सब हैरान रह गए। बाजार में खबर फैलते ही दुकानें सन्न रह गईं।” यह कार्रवाई जीएसटी चोरी को रोकने की केंद्र सरकार की सख्ती का हिस्सा लगती है, जो मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में तेजी से फैल रही है। जांच टीम ने फर्मों के लेन-देन से जुड़े रजिस्टर, कंप्यूटर डेटा, पुराने बिल-पर्चियां और स्टॉक रिकॉर्ड्स की बारीकी से पड़ताल की। शुरुआती नतीजों से साफ हो गया कि स्टॉक और बिक्री के आंकड़ों में भारी गड़बड़ी है। विभाग को शक है कि इन कारोबारियों ने असली बिक्री को छिपाकर जीएसटी की चोरी की। Farmers Tractor Rally : उज्जैन में किसान ट्रैक्टर रैली, 10 हजार से ज्यादा किसान 2000 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ लैंड पुलिंग योजना के खिलाफ सड़कों पर उतरे ड्रायफ्रूट जैसे हाई-वैल्यू सामान में यह आम समस्या है , जहां थोक खरीद को कम दिखाकर टैक्स बचाया जाता है। एक अधिकारी ने कहा, “हम हर लेन-देन को वेरिफाई कर रहे हैं। करोड़ों की चोरी का अंदाजा लग रहा है, लेकिन पूरी रिपोर्ट आने पर ही कुछ कहेंगे।” मोहनी ट्रेडर्स से जुड़ी कई अन्य फर्मों की जांच भी चल रही है। देर रात तक यह ऑपरेशन जारी रहने की उम्मीद है। जीएसटी विभाग ने स्पष्ट किया कि दस्तावेजों की पूरी स्क्रूटनी के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी – चाहे वह जुर्माना हो या कानूनी कदम। सतना जैसे छोटे शहर में ड्रायफ्रूट कारोबार बड़ा सेक्टर है, और इस छापेमारी ने पूरे चेन को हिला दिया।
Sidhi News : सीधी में लेडी हेड कॉन्स्टेबल की बेरहमी से हत्या, बेटी बोली- पापा को फांसी दो!

Lady Head Constable Beaten to Death : सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में सोमवार रात को हुई यह वारदात न सिर्फ एक परिवार को चूर कर गई, बल्कि पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ा दी। लेडी हेड कॉन्स्टेबल सबिता साकेत (38), जो कमर्जी थाने में सेवा दे रही थीं, अपने ही पति वीरेंद्र साकेत (40) के हाथों बेसबॉल बैट से पीट-पीटकर मार दी गईं। आरोपी फरार है, लेकिन बेटी की चीखें – “जैसे मां तड़प-तड़पकर मरी, वैसे ही पापा को तड़पाकर मारो”- हर किसी के दिल को चीर रही हैं। यह सिर्फ हत्या की कहानी नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही घरेलू हिंसा का दर्दनाक अंत है। सबिता और वीरेंद्र की शादी को 26 साल हो चुके थे। दोनों का एक बेटा (24 वर्ष) भोपाल में पढ़ाई कर रहा है, जबकि बेटी (20 वर्ष) नानी के घर पर थी। सोमवार रात करीब 11 बजे का वक्त था। सबिता कमर्जी थाने से ड्यूटी खत्म कर रात 9 बजे घर लौटीं। पुलिस लाइन में रहने वाले इस दंपति के बीच पहले से ही तनाव था – अवैध संबंधों का शक, ड्यूटी से देर आने पर झगड़े। Betul Missing Case : बैतूल में 3 दिन में दो युवक लापता, पुलिस ने जारी किया अलर्ट, टीम ले रही तलाशी बेटी आंचल ने बताया, “मैं नानी के घर पर मां से फोन पर बात कर रही थी। तभी पापा ने खाना न बनाने पर झगड़ा शुरू कर दिया। मैं सब सुन रही थी। अचानक चीखें आईं, और मां की सांसें थम गईं।” पिता ने बेसबॉल बैट उठाया और पत्नी पर कई वार किए। गंभीर चोटों से सबिता मौके पर ही दम तोड़ दिया। बेटी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। कमर्जी थाना प्रभारी विवेक द्विवेदी ने पुष्टि की, “घरेलू कलह ही मुख्य कारण लग रहा है। वीरेंद्र जल संसाधन विकास विभाग में ड्राइवर हैं, और उनकी खुद की गाड़ी है।” प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी पहले भी पत्नी पर मारपीट कर चुका था। क्या कोई पुरानी शिकायत थी? पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है। यह घटना सीधी के कोतवाली थाना क्षेत्र के जी-7 ब्लॉक पुलिस कॉलोनी में हुई, जहां सबिता परिवार के साथ रहती थीं। Farmers Tractor Rally : उज्जैन में किसान ट्रैक्टर रैली, 10 हजार से ज्यादा किसान 2000 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ लैंड पुलिंग योजना के खिलाफ सड़कों पर उतरे मंगलवार सुबह जब पुलिस को खबर मिली, तो कोतवाली थाना प्रभारी कन्हैया सिंह बघेल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इलाके को तुरंत सील कर दिया गया। सबिता का शव जिला अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। डीआईजी हेमंत चौहान ने कहा, “यह हमारे विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है। सबिता एक समर्पित अधिकारी थीं।” परिवार को तात्कालिक 1 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई। अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया, जिसमें पुलिस के कई अधिकारी शामिल हुए। लेकिन परिवार का दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा। बेटा भोपाल से लौटा, लेकिन घर अब सूना पड़ा है। आरोपी वीरेंद्र हत्या के बाद फरार हो गया। एसपी ने पूरे जिले में नाकाबंदी करवा दी है। डीआईजी चौहान ने बताया, “टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।” बेटी आंचल की पुकार – “हत्यारे पिता को फांसी दो, तड़प-तड़पकर मरे जैसी मां मरी” – पुलिस को और सतर्क कर रही है।
Betul Missing Case : बैतूल में 3 दिन में दो युवक लापता, पुलिस ने जारी किया अलर्ट, टीम ले रही तलाशी

Two Youths Missing in Betul : बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में लगातार बारिश ने नदियों को प्रलयंकारी बना दिया है। तीन दिनों में दो अलग-अलग हादसों ने दो युवकों की जिंदगी पर सवालिया निशान लगा दिया। एसडीआरएफ, पुलिस और रेस्क्यू दल की टीमें नॉन-स्टॉप सर्च कर रही हैं, लेकिन तेज बहाव और अंधेरे ने सबको लाचार कर दिया। जानकारी के मुताबिक, बैतूल में तीन दिनों में दो युवक लापता हुए है जिनकी तलाश अजा भी जारी है। महाराष्ट्र के मोरछी गांव का रहने वाला 17 साल का कुणाल किशोर बागड़े अपने दो दोस्तों के साथ बाइक पर सालबर्डी घूमने पहुंचा। नर्मदा की सहायक मांडू नदी के किनारे नहाने का मन हुआ, लेकिन पैर फिसल गया और तेज बहाव ने उसे लील लिया। जबलपुर मेडिकल कॉलेज में चूहों का कहर, दो महिलाओं समेत 3 मरीजों के पैर बुरी तरह कुतरे, डीन बोले ये मामूली घटना… कुणाल कॉलेज का छात्र था, परिवार का इकलौता बेटा। पिता पेंटिंग का काम करते हैं, मां मजदूरी से घर चलाती हैं, और एक बहन है। हादसे की खबर सुनते ही परिवार टूट गया – मां रोते-रोते बेहोश हो गईं। एसडीआरएफ की टीम और आठनेर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। अमरावती से भी रेस्क्यू दल बुलाया गया, ड्रोन और नावों से सर्च चल रही है। लेकिन तीन दिन बाद भी कुणाल का कोई सुराग नहीं। दोस्तों ने बताया, “वो मजाक कर रहा था, अचानक बह गया। हम चिल्लाए, लेकिन पानी ने सब कुछ बहा लिया।” यह घटना बैतूल के आठनेर क्षेत्र की है, जहां बारिश ने नदियों को खतरनाक बना दिया। परिजन मंदिरों में प्रार्थना कर रहे हैं, लेकिन उम्मीद की डोर कमजोर पड़ रही है। Farmers Tractor Rally : उज्जैन में किसान ट्रैक्टर रैली, 10 हजार से ज्यादा किसान 2000 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ लैंड पुलिंग योजना के खिलाफ सड़कों पर उतरे दूसरा हादसा: भैंसाई नदी की पुलिया पर बहा युवक सोमवार देर शाम को दूसरा झटका लगा। बोरदेही थाना क्षेत्र के मुआरिया गांव के पास भैंसाई नदी की पुलिया पार कर रहे अरुण उइके (बेहड़ी गांव) और उनका साथी मंदो यादव बह गए। पानी का तेज बहाव और पुलिया का टूटा-फूटा होना – ये दोनों मिलकर मौत का जाल बुन चुके थे। मंदो ने हिम्मत दिखाई और तैरकर बाहर निकल आया, फिर पुलिस को सूचना दी। लेकिन अरुण लापता है। थाना प्रभारी राधेश्याम वट्टी ने बताया, “नदी में भयानक बहाव था, अंधेरा होने से सर्च ऑपरेशन रुक गया। फसलें और पेड़-पौधे ने रास्ता मुश्किल कर दिया। मंगलवार सुबह से फिर शुरू किया।” अरुण गांव का मेहनती युवक था, परिवार की उम्मीद। मंदो ने कहा, “हम काम से लौट रहे थे, पुलिया पर पानी ज्यादा था। अचानक बहाव ने हमें घेर लिया। मैंने हाथ बढ़ाया, लेकिन वो दूर चला गया।” एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें डूबकी लगा रही हैं, लेकिन तेज धारा ने सबको पीछे धकेल दिया। गांव वाले डर से घरों में कैद हैं, बच्चे नदियों के पास जाने से कतरा रहे हैं। Guest Teacher Protest : भोपाल में अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन, अंबेडकर पार्क में अवकाश और स्थायी नौकरी की कर रहे मांग बैतूल में बाढ़ जैसे हालात बैतूल जिले में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने नदियों को उग्र बना दिया है। मांडू और भैंसाई जैसी नदियां उफान पर हैं, पुलियां डूब रही हैं, और सड़कें कट गई हैं। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में लोग अभी भी जोखिम ले रहे हैं। इन दो हादसों से न सिर्फ परिवार टूटे, बल्कि पूरे जिले में सन्नाटा पसर गया। परिजन रेस्क्यू टीमों पर भरोसा कर रहे हैं, लेकिन देरी से गुस्सा भी फूट रहा। एक बुजुर्ग ने कहा, “हर साल यही होता है, लेकिन सुधार कब होगा?” पुलिस की अपील पुलिस अधिकारियों ने दोनों घटनाओं की पुष्टि की है। एसपी और कलेक्टर ने साफ कहा – बाढ़ जैसे हालात हैं, नदियों, नालों और पुलियों के पास न जाएं। बच्चे और युवा खासतौर पर सावधान रहें। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जल्दी सर्च जरूरी, क्योंकि तेज बहाव में शव दूर बह सकते हैं। बैतूल प्रशासन ने गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाया है, लेकिन अब जनता का सहयोग चाहिए।
Guest Teacher Protest : भोपाल में अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन, अंबेडकर पार्क में अवकाश और स्थायी नौकरी की कर रहे मांग

Bhopal Guest Teacher Protest : भोपाल, मध्य प्रदेश। भोपाल के अंबेडकर मैदान, तुलसी नगर में ‘गुरु दक्षिणा’ कार्यक्रम के तहत धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदेश भर से आए ये शिक्षक सरकार से नियमितीकरण, अवकाश और सम्मान की मांग कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह को आमंत्रित किया गया है, ताकि उनकी आवाज सीधे सत्ता तक पहुंचे। मंगलवार सुबह से ही अंबेडकर मैदान में अतिथि शिक्षकों का सैलाब उमड़ पड़ा। यह कार्यक्रम ‘गुरु दक्षिणा’ के नाम से चलाया जा रहा है, जो शिक्षकों की सेवा को सम्मान देने का प्रतीक है। लेकिन आयोजकों का कहना है कि यह सम्मान अब दबाव में बदल गया है। प्रदेश भर से हजारों शिक्षक यहां पहुंचे हैं- सिंगरौली, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर से। आजाद अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष पुष्कर (सिंगरौली) ने बताया कि पुलिस ने एनओसी दी है, लेकिन सिर्फ निर्धारित कार्यक्रम के लिए। उन्होंने कहा “हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन हमारी मांगें अनसुनी न रहें”। Farmers Tractor Rally : उज्जैन में किसान ट्रैक्टर रैली, 10 हजार से ज्यादा किसान 2000 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ लैंड पुलिंग योजना के खिलाफ सड़कों पर उतरे यह प्रदर्शन इसलिए खास है क्योंकि इसमें स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह को आमंत्रित किया गया है। अतिथि शिक्षक चाहते हैं कि मंत्री जी के सामने ही अपनी बात रखें। एक शिक्षिका ने भावुक होकर कहा, “हम बच्चों को पढ़ाते हैं, लेकिन खुद का भविष्य अंधेरे में है। पूर्व में ‘गुरुजी’ शिक्षकों को नियमित किया गया था, उसी तरह हमें भी स्थायी नीति दें।” यह मांग न सिर्फ नौकरी की स्थिरता की है, बल्कि सम्मान की भी। वर्षों की मेहनत के बाद भी असुरक्षा का साया – यह अतिथि शिक्षकों की दर्दनाक हकीकत है। Vidisha News : विदिशा में बिना हेलमेट-सीट बेल्ट पर सख्ती, एक हफ्ते में वसूला पांच लाख से ज्यादा चालान स्थायित्व से अवकाश तक अतिथि शिक्षक समन्वय संघ के प्रतिनिधि सुनील सिंह परिहार ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन प्रदेश स्तर पर है और संघ की ओर से मंत्री को एक विस्तृत प्रस्ताव सौंपा जाएगा। भविष्य की सुरक्षा: अतिथि शिक्षकों को स्थायी नौकरी का आश्वासन दें। सीधी भर्ती या प्रमोशन में वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को बाहर न करें। सेवा सुरक्षा: 18 साल से अधिक समय से काम कर रहे अतिथि शिक्षकों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के नौकरी से न हटाएं। यह अनुचित और अमानवीय है। अवकाश नीति: नियमित शिक्षकों की तरह अवकाश के अधिकार दें। अन्य विभागों में 13 कैजुअल लीव (सीएल) और 3 अर्जित अवकाश (ईएल) मिलते हैं, वही सुविधा अतिथि शिक्षकों को भी मिलनी चाहिए। प्रतिनिधि सुनील सिंह परिहार ने कहा, “हम सिर्फ वेतन नहीं, सम्मान मांग रहे हैं। सरकार ने पहले आश्वासन दिए, लेकिन अब समय अमल का है।” ये मांगें न सिर्फ व्यक्तिगत जीवन को आसान बनाएंगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेंगी।
Farmers Tractor Rally : उज्जैन में किसान ट्रैक्टर रैली, 10 हजार से ज्यादा किसान 2000 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ लैंड पुलिंग योजना के खिलाफ सड़कों पर उतरे

Farmers Tractor Rallyin Ujjain : मध्य प्रदेश। उज्जैन की सड़कों पर आज ट्रैक्टरों का काफिला और किसानों का जोश हिलोरे मार रहा है। हजारों किसान अपनी जमीन बचाने के लिए एकजुट होकर लैंड पुलिंग योजना के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। 15 सूत्रीय मांगों के लिए भारतीय किसान संघ (मालवा प्रांत) के बैनर तले यह आंदोलन एक लाख बीघा जमीन को बचाने की जंग बन गया है। सोमवार को उज्जैन की सड़कों पर 2000 ट्रैक्टर-ट्रालियों और 5000 से ज्यादा किसानों ने डेरा डाल लिया। अनुमान है कि यह संख्या जल्द ही 10 हजार तक पहुंच जाएगी। सिंहस्थ क्षेत्र के 17 गांवों सहित अन्य क्षेत्रों के किसान इस रैली में शामिल हैं, जो आगर रोड के सामाजिक न्याय परिसर से शुरू होकर चामुंडा माता चौराहा, तरणताल और कोठी क्षेत्र के कलेक्टर कार्यालय तक जाएगी। यहां सभा होगी और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। पुलिस ने भारी भीड़ को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी है, और यातायात डायवर्जन की व्यवस्था की है। लेकिन किसानों का जोश थमने का नाम नहीं ले रहा। Vidisha News : विदिशा में बिना हेलमेट-सीट बेल्ट पर सख्ती, एक हफ्ते में वसूला पांच लाख से ज्यादा चालान भाजपा के पूर्व मंत्री पारस जैन ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया, हालांकि वे कुछ देर बाद लौट गए। फिर भी, उनका समर्थन इस रैली को राजनीतिक ताकत दे गया। किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि अगर मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो गांवों से दूध और सब्जी की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। यह चेतावनी सरकार के लिए खतरे की घंटी है। लैंड पुलिंग किसानों की जमीन पर खतरा? भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “सरकार जल्दबाजी में गलती कर रही है। वह किसानों की जमीन छीनकर स्थायी स्ट्रक्चर बनाना चाहती है। सिंहस्थ हजारों सालों से चल रहा है, तब ये सरकारें नहीं थीं। सुविधाएं बनाएं, लेकिन अस्थायी। ताकि 11 साल किसान जमीन का उपयोग करें और एक साल सिंहस्थ को दें।” मिश्र ने साफ कहा कि संतों को साधना के लिए खुला मैदान चाहिए, न कि कंक्रीट के जंगल। राष्ट्रीय महामंत्री मोहिनी मोहन ने आगे कहा कि, “भोपाल में 1500-1800 प्रभावित किसानों की बजाय प्रशासन उनसे बात कर रहा है, जो कुछ साल बाद यहां से चले जाएंगे। किसान हजारों साल से जमीन दे रहा है। हमें मुआवजा चाहिए और सिंहस्थ की सुविधाएं ऐसी हों कि किसान और श्रद्धालु दोनों का भला हो। केंद्र और राज्य सरकार हमसे बात करें, हम क्यों करें? जमीन हमारी है, सिंहस्थ हम चलाते हैं।” उन्होंने न्यायपालिका से भी इस मुद्दे पर संज्ञान लेने की अपील की। MP Urea Distribution : हरदा में रातभर लाइन में खड़े किसान, तीन काउंटर से वितरण लेकिन पुलिस भी न कर सकी भीड़ कंट्रोल किसानों की मांगें सिर्फ लैंड पुलिंग तक सीमित नहीं हैं। उनकी 15 मांगें इस प्रकार हैं: 1. उज्जैन सिंहस्थ क्षेत्र में लैंड पुलिंग पूरी तरह बंद हो। 2. गरोठ रोड पर दोनों तरफ सर्विस रोड बनाए जाएं। 3. सेवरखेड़ी, सिलारखेड़ी में गाइडलाइन बढ़ाई जाए। 4. सोयाबीन का MSP 5328 रुपये + 672 रुपये बोनस, यानी 6000 रुपये प्रति क्विंटल हो। 5. नर्मदा पाइपलाइन और अन्य नदियों से सूखाग्रस्त क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था बढ़ाई जाए। 6. मुख्यमंत्री ट्रांसफार्मर अनुदान योजना पुनः शुरू हो। 7. राजस्व रिकॉर्ड सुधार के लिए पटवारी के गांव में बैठने के दिन तय हों। 8. आवारा पशुओं (रोजड़ा, सुअर, बंदर, हिरण) से फसल बचाने की ठोस योजना बने। 9. आगामी फसल के लिए खाद की उपलब्धता बढ़े। 10.फसल बीमा में सैटेलाइट सर्वे की जगह क्रॉस कटिंग के आधार पर क्लेम हो। 11. पीला मोजक से खराब सोयाबीन का मुआवजा दिया जाए। 12. मध्य प्रदेश में लैंड पुलिंग कानून समाप्त हो। 13. जमीन अधिग्रहण में 2012 की गाइडलाइन पर 20% वार्षिक वृद्धि के साथ 4 गुना मुआवजा हो। 14. विकास के नाम पर 4-6 लाख प्रति बीघा में जमीन न छीनी जाए; विक्रम नॉलेज सिटी में 4 गुना मुआवजा हो। 15. जावरा-उज्जैन रोड नॉर्मल फोरलेन हो, दोनों तरफ सर्विस रोड हों। रैली के दौरान यातायात व्यवस्था रैली सामाजिक न्याय परिसर से शुरू होकर आगर रोड, चामुंडा माता चौराहा, तरणताल, और कोठी क्षेत्र के कलेक्टर कार्यालय तक जाएगी। सभा में मोहिनी मोहन मिश्र, कमल सिंह आंजना, भरत सिंह बेस जैसे नेता संबोधित करेंगे। पुलिस ने यातायात डायवर्जन की व्यवस्था की है: मंडी चौराहा से चामुंडा माता मंदिर: ट्रैफिक इंद्रा नगर, ईदगाह, जाट धर्मशाला, अंकपात मार्ग, नई सड़क, इंदौर गेट होकर हरिफाटक जाएगा। जाट धर्मशाला से: पिपली नाका, जूना सोमवारिया, शंकराचार्य, जंतर-मंतर, कचरा घर से हरिफाटक। मंडी चौराहा से: पंचकोशी मार्ग, हीरा मिल कुंड, पाटीदार अस्पताल ब्रिज, सांदीपनि चौराहा। देवास गेट: इंदौर गेट, गदा पुलिया, हरिफाटक-टी से बाहर। कोयला फाटक: चामुंडा माता मंदिर की ओर ट्रैफिक जीरो पॉइंट ब्रिज की ओर जाएगा। रैली समाप्ति : वाहन विक्रमनगर मार्ग से पाइप फैक्ट्री होकर बाहर जाएंगे।
Vidisha News : विदिशा में बिना हेलमेट-सीट बेल्ट पर सख्ती, एक हफ्ते में वसूला पांच लाख से ज्यादा चालान

Strictness on no Helmet-Seat Belt in Vidisha : विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सड़कों पर तेज दौड़ती गाड़ियों , बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट की गाड़ियों पर सख्ती से कार्रवाई हुई है। इसके तहत पुलिस ने 1414 वाहन चालकों को कठघरे में खड़ा कर दिया और जुर्माने के रूप में 5 लाख 16 हजार 500 रुपये वसूल लिए। विदिशा जिले में यह मुहिम 22 सितंबर तक जारी रहेगी। 8 से 14 सितंबर तक चले पहले चरण में ही पुलिस ने 5 लाख 16 हजार रुपए चालान वसूला है। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के सख्त निर्देशों पर यह अभियान जोर-शोर से चल रहा है। पहले हफ्ते में सबसे ज्यादा कार्रवाई तेज रफ्तार, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों पर हुई। ये छोटी-छोटी लापरवाहियां अक्सर बड़े हादसों का कारण बन जाती हैं और विदिशा पुलिस ने इन्हें बख्शा नहीं। लेकिन यहीं नहीं रुकी। MP Urea Distribution : हरदा में रातभर लाइन में खड़े किसान, तीन काउंटर से वितरण लेकिन पुलिस भी न कर सकी भीड़ कंट्रोल नाबालिग ड्राइवरों को गाड़ी पकड़ते ही पकड़ा गया, जो जिले की सड़कों पर खतरा बन रहे हैं। मोबाइल फोन पर बातें करते हुए वाहन चलाने वाले ‘मल्टीटास्कर्स’ को भी चालान थमा दिया गया। नशे में धुत ड्राइवरों पर तो खास नजर रही- ये लोग न सिर्फ खुद, बल्कि पूरे परिवार को जोखिम में डाल देते हैं। इसके अलावा गलत दिशा में वाहन दौड़ाने वालों, ओवरलोडिंग वाले ट्रकों, और बिना लाइसेंस, फिटनेस या परमिट के गाड़ियां चलाने वालों को भी सजा मिली। विदिशा की सड़कें, जो कभी अनियंत्रित हो जाती थीं, अब पुलिस की निगरानी में हैं। यह अभियान सिर्फ दंड नहीं, बल्कि जागरूकता का भी माध्यम बन रहा है। स्थानीय लोग कह रहे हैं, “पहले तो चालान से डर लगता था, अब तो नियमों का पालन करने की आदत पड़ रही है।” जबलपुर मेडिकल कॉलेज में चूहों का कहर, दो महिलाओं समेत 3 मरीजों के पैर बुरी तरह कुतरे, डीन बोले ये मामूली घटना… स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान का एक सकारात्मक पहलू यह रहा कि पुलिस टीमों ने जिले भर के स्कूलों और कॉलेजों का दौरा किया। वहां छात्रों को सड़क सुरक्षा के बुनियादी नियम सिखाए गए। हेलमेट का महत्व, सीट बेल्ट कैसे जान बचाता है और नशे में ड्राइविंग के घातक परिणाम- ये सब बातें बच्चों के दिलो-दिमाग में बिठाई गईं। एक स्कूल छात्र ने कहा, “पुलिस अंकल ने बताया कि एक छोटी सी गलती पूरी जिंदगी बदल सकती है। अब हम दोस्तों को भी समझाते हैं।” इसके साथ ही, पुलिस ने राहवीर योजना, हिट एंड रन पीड़ित प्रतिकर योजना और कैशलेस ट्रीटमेंट योजना की जानकारी भी साझा की। ये योजनाएं हादसों के शिकार लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती हैं। MP News : उमंग सिंघार के लिए गूंजे सीएम के नारे, नेता प्रतिपक्ष बोले -2028 अभी तो दूर है, भाइयों! विदिशा के युवा अब न सिर्फ नियमों के पालनकर्ता बन रहे हैं, बल्कि जागरूक नागरिक भी। यह कदम भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रख रहा है, जहां सड़कें मौत के सौदागर न बनें। यह अभियान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे, एसडीओपी और यातायात प्रभारी आशीष राय के नेतृत्व में सुचारू रूप से चल रहा है। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने जनता से अपील की है, “अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें। एक छोटी सी सावधानी लाखों जिंदगियां बचा सकती है।”
MP Urea Distribution : हरदा में रातभर लाइन में खड़े किसान, तीन काउंटर से वितरण लेकिन पुलिस भी न कर सकी भीड़ कंट्रोल

Farmers Queue up for Urea in Harda : हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले में सोमवार शाम से शुरू हुई यूरिया के लिए जद्दोजहद मंगलवार सुबह तक चली, लेकिन यूरिया हाथ न लगा। जिले में खाद की चरमराती व्यवस्था ने किसानों को हताश कर दिया है। जिला मुख्यालय पर डीएमओ (District Marketing Office) और विपणन संघ के गोदामों पर हाहाकार मचा हुआ है। यहां एमपी एग्रो, विपणन संघ और मार्केटिंग सोसायटी के तीन काउंटरों से रोजाना 240 मैट्रिक टन यूरिया का वितरण हो रहा है। लेकिन यह मात्रा 1 लाख 22 हजार रजिस्टर्ड किसानों के लिए अपर्याप्त साबित हो रही है। इनमें से केवल 30 हजार ही रेगुलर किसान हैं, बाकी 92 हजार डिफॉल्टर किसानों को सोसायटियों से खाद ही नहीं मिल रही। नतीजा? सब जिला मुख्यालय की ओर रुख कर रहे हैं, जहां नगद भुगतान पर डबल लॉक सिस्टम के गोदाम से खाद लेनी पड़ रही है। MP IAS Transfer : MP में देर 18 IAS अधिकारियों के तबादले, नर्मदापुरम की आईएएस जोड़ी का ग्वालियर ट्रांसफर ग्राम मगरधा के किसान उमेश सिंह राजपूत की कहानी तो दिल दहला देती है। उन्होंने बताया, “रात भर लाइन में खड़े रहे, बारिश में भीगते हुए, मच्छरों से जूझते हुए। सुबह होते ही धक्का-मुक्की शुरू हो गई। एक बैग के लिए कितना अपमान सहना पड़ेगा?” एसडीएम अशोक कुमार डेहरिया ने अपील की है कि किसान शांति बनाए रखें, लेकिन जब पेट की आग बुझाने को अनाज न हो, तो शांति कैसे बनी रहे? पिछले तीन महीनों से यह समस्या जिले को जकड़ रही है। प्रशासन ने टोकन सिस्टम क्यों नहीं लगाया? अगर डिफॉल्टर किसानों को उनकी सोसायटियों में खाद मिल जाए, तो उन्हें 50-60 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय क्यों भागना पड़े? 46 हजार टन की जरूरत, केवल 18 हजार पहुंची कृषि विभाग ने रवि सीजन के लिए 46 हजार मैट्रिक टन खाद की मांग की थी। अब तक जिले में सिर्फ 18 हजार मैट्रिक टन यूरिया पहुंच पाया है। यह आंकड़ा देखकर किसानों का गुस्सा भड़कना स्वाभाविक है। खरीफ की फसलें लहलहा रही हैं, लेकिन टॉप ड्रेसिंग के बिना सब बर्बाद हो सकता है। केंद्र सरकार दावा करती है कि देश में यूरिया की कोई कमी नहीं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयान करती है। मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में यह संकट गहरा रहा है, जहां किसान कालाबाजारी और ऊंचे दामों का शिकार हो रहे हैं। हरदा जैसे छोटे जिले में यह समस्या और तीव्र हो जाती है, क्योंकि यहां परिवहन और स्टोरेज की सुविधाएं सीमित हैं। MP Bulldozer Action : सीहोर में धर्मांतरण मामले में बड़ी कार्रवाई, जब्बार के अवैध निर्माण पर बुलडोजर का प्रहार किसानों का कहना है कि अगर समय पर खाद न मिली, तो उनकी मेहनत रंग लाएगी ही नहीं। एक बुजुर्ग किसान ने कहा, “हम तो खेतों में जीते हैं, लेकिन यह संकट हमें सड़कों पर ला खड़ा कर दिया। सरकार सोचती क्या है?” किसानों की मांग–डीएमओ पर ही काउंटर लगें लाइन में खड़े किसानों का गुस्सा प्राइवेट डीलरों पर भी फूट रहा है। जिले में दो प्राइवेट डीलरों को 20-20 मैट्रिक टन यूरिया आवंटित की गई है, लेकिन उनकी दुकानों का पता ही नहीं चल रहा। एक किसान ने बताया, “हार्दिक एजेंसी को खाद दी गई, लेकिन उनकी दुकान कहां है, कोई नहीं जानता। हम तो भटकते रह गए।” किसानों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि डबल लॉक सिस्टम के गोदाम पर ही प्राइवेट डीलरों के काउंटर लगा दिए जाएं। इससे वितरण तेज होगा और लाइनों की समस्या कम हो सकती है। बता दें कि, मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी यूरिया की किल्लत की खबरें आ रही हैं। पड़ोसी राज्यों जैसे बिहार और उत्तर प्रदेश में भी किसान लाइनों में खड़े हैं, कालाबाजारी का शिकार हो रहे हैं।
MP IAS Transfer : MP में देर 18 IAS अधिकारियों के तबादले, नर्मदापुरम की आईएएस जोड़ी का ग्वालियर ट्रांसफर

MP 18 IAS Transfer : नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश की प्रशासनिक दुनिया में सोमवार रात को एक बड़ा धमाका हुआ। राज्य सरकार ने देर रात एक झटके में 18 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इन बदलावों का केंद्र बिंदु बना नर्मदापुरम जिले का इटारसी और पिपरिया जहां के एसडीएम दंपति – टी प्रतीक राव और अनिशा श्रीवास्तव – को ग्वालियर की ओर रुख करना पड़ा। सोमवार की रात जारी आदेश के मुताबिक, इटारसी के एसडीएम आईएएस टी प्रतीक राव को ग्वालियर नगर निगम में अपर आयुक्त के महत्वपूर्ण पद पर भेज दिया गया। 2021 बैच के इस युवा अधिकारी ने इटारसी में अपने दो साल के कार्यकाल को यादगार बना दिया। जबलपुर मेडिकल कॉलेज में चूहों का कहर, दो महिलाओं समेत 3 मरीजों के पैर बुरी तरह कुतरे, डीन बोले ये मामूली घटना… यहां उन्होंने शहर की ऐतिहासिक धरोहर को जीवंत करने के लिए एक अनोखी प्रदर्शनी का आयोजन किया, जिसमें पुरानी तस्वीरें, शहर की सांस्कृतिक विरासत और जीवंत परंपराओं को दर्शाया गया। स्थानीय नागरिकों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने इस प्रयास की जमकर तारीफ की। प्रतीक राव की यह पहल न सिर्फ शहर को नई पहचान दे रही थी, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक जागरूकता को भी बढ़ावा दे रही थी। अब ग्वालियर में अपर आयुक्त बनकर वे शहर की बुनियादी सुविधाओं और विकास योजनाओं को नई गति देने का जिम्मा संभालेंगे। इसी क्रम में, पिपरिया की एसडीएम अनिशा श्रीवास्तव को भी ग्वालियर शिफ्ट किया गया है। वे मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के क्षेत्रीय कार्यालय में कार्यकारी संचालक के पद पर नियुक्त हुई हैं। MP Government Law College : नर्मदापुरम का पहला सरकारी लॉ कॉलेज, 5.77 करोड़ का भवन तैयार, जानिए कब होगा लोकार्पण अनिशा भी 2021 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और प्रतीक राव की जीवनसंगिनी। यह दंपति की जोड़ी न सिर्फ पेशेवर रूप से मजबूत है, बल्कि निजी जीवन में भी एक-दूसरे का साथ निभाती रही है। अनिशा के पिछले साल के प्रदर्शन ने सबको प्रभावित किया था। पिपरिया एसडीएम रहते हुए उन्होंने पचमढ़ी में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान बेहतरीन इंतजाम किए। रक्षामंत्री और गृहमंत्री के प्रवास को सुगम बनाने में उनकी भूमिका सराहनीय रही। इन सफलताओं ने न सिर्फ राज्य स्तर पर उनकी पहचान बनाई, बल्कि उच्च अधिकारियों के बीच विश्वास भी जगाया। अब ग्वालियर में औद्योगिक विकास के मोर्चे पर वे नई जिम्मेदारियां निभाएंगी, जहां निवेश आकर्षित करने और उद्योगों को बढ़ावा देने का दायित्व होगा।
जबलपुर मेडिकल कॉलेज में चूहों का कहर, दो महिलाओं समेत 3 मरीजों के पैर बुरी तरह कुतरे, डीन बोले ये मामूली घटना…

Rats Bite Women Feet in Jabalpur Medical College : जबलपुर। इंदौर के एमवाय अस्पताल में चूहों के हमले से दो नवजातों की मौत के बाद अब जबलपुर में दो मरीजों के पैरों चूहों द्वारा कुतरने का मामला सामने आया है। यह घटना सोमवार शाम को सामने आई जब मरीजों के परिजनों ने खुलासा किया कि वार्ड में भर्ती दो मरीजों के पैर चूहों ने काट लिए। विभाग अध्यक्ष, अधीक्षक और डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने तुरंत जांच के आदेश दिए। शुरुआती जांच में साफ हो गया कि डॉक्टरों और कर्मचारियों की भारी लापरवाही इसके पीछे है। विभाग का भवन रेनोवेशन के दौर से गुजर रहा है, इसलिए संचालन ऑर्थोपेडिक विभाग के पहले तल पर हो रहा है। यही वह जगह है जहां चूहों ने अपना अड्डा बना लिया। जबलपुर मेडिकल कॉलेज में चूहों का कहर, दो महिलाओं समेत 3 मरीजों के पैर बुरी तरह कुतरे, डीन बोले ये मामूली घटना… परिजनों ने बताया कि वार्ड में चूहे दिन-रात घूमते रहते हैं- रात की स्याही में तो खैर, लेकिन दिन की रोशनी में भी! उन्होंने आगे कहा, “हमारी मां को इलाज के लिए लाए थे, लेकिन यहां तो चूहों का इलाज हो गया।” हाल ही में इंदौर की घटना ने तो हाईकोर्ट तक हिला दिया था, जहां सरकार से रिपोर्ट मांगी गई। क्या जबलपुर की यह घटना भी उसी दर्द की कड़ी है? डॉक्टरों की लापरवाही: शिकायत पर इंजेक्शन, लेकिन चूहों पर कोई कार्रवाई नहीं। इतना ही नहीं जब एक मरीज ने चूहे के काटने की शिकायत की, तो डॉक्टर ने सिर्फ इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी। वार्ड साफ करने या चूहों से निपटने का कोई इंतजाम नहीं! नतीजा? दूसरे मरीज को भी चूहों ने निशाना बना लिया। MP Government Law College : नर्मदापुरम का पहला सरकारी लॉ कॉलेज, 5.77 करोड़ का भवन तैयार, जानिए कब होगा लोकार्पण डीन का बयान और पेस्ट कंट्रोल के वादे डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने कहा, “सोमवार रात को जानकारी मिली। मरीजों को पूरा इलाज दिया गया, वे स्वस्थ हैं और डिस्चार्ज हो चुके।” अधीक्षक ने वार्ड का निरीक्षण किया, जहां पेस्ट कंट्रोल के सामान – केक, गोलियां, प्लेट मिले। इंदौर घटना के बाद से सतर्कता बरती जा रही है, ठेकेदार कंपनी को निर्देश दिए गए हैं। केस-1: सिहोरा की 25 साल की रजनी यादव सिरदर्द की शिकायत पर 9 सितंबर को विभाग में भर्ती हुईं। रात के सन्नाटे में चूहे ने उनके पैर की एड़ी पर हमला बोला। गहरा लाल निशान बन गया, दर्द असहनीय। परिजनों ने डॉक्टर को बताया, तो सलाह मिली – इंजेक्शन लगवाओ। तीन इंजेक्शन लगे, लेकिन चूहों का डर बरकरार। शनिवार को डिस्चार्ज हो गईं, लेकिन घाव तो जीवन भर का साथी बन गया। रजनी ने कहा, “मैं तो ठीक होने आई थी, लेकिन अब डर लगता है अस्पताल जाने से।” MP Congress Protest : वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस ने निकाली रैली लेकिन भूल गए हेलमेट, अब ट्रैफिक पुलिस काटेगी चालान केस-2: एड़ी पर चूहों का प्रहार नरसिंहपुर के गोटेगांव से आईं 50 साल की सरोज मेहरा को भी चूहों ने नहीं बख्शा। बेटे जगदीश ने मां को भर्ती कराया। दो दिन बाद चूहों ने एड़ी काट ली। अगले दिन फिर वही दर्द! जगदीश ने बताया, “रात को मां की चीख सुनकर उठा, तो पैर खून से लथपथ। मैंने भी चूहे को महसूस किया जब वो मेरे पैरों की ओर बढ़ा।” नर्स को बताया, लेकिन कोई फर्क न पड़ा। दिन में भी चूहे घूमते, मानो वार्ड उनका घर हो। सरोज अब घर पर हैं, लेकिन डर का साया बरकरार।
MP News : उमंग सिंघार के लिए गूंजे सीएम के नारे, नेता प्रतिपक्ष बोले -2028 अभी तो दूर है, भाइयों!

MP News : अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में कांग्रेस के दिग्गज नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार पहुंचे। यहां कांग्रेस की एक सभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए नारे लगे। कार्यकर्ता हमारा मुख्यमंत्री कैसा हो, उमंग सिंघार के जैसा हो के नारे लगाने लगे। यह देखकर नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘2028 अभी तो दूर है, भाइयों!’। सिंघार अनूपपुर के इस दौरे पर पहले मां नर्मदा के दर्शन को गए। आरती की थाली हाथ में लिए, जब वे गंगा-जमुनी भक्ति में डूबे थे, तभी दूर से वही नारे गूंजने लगे। पास खड़े पुजारी ने उत्सुकता से पूछा, ‘आपके मन में क्या चल रहा है?। सिंघार ने भावुक स्वर में जवाब दिया, ‘मां, जब तक मेरा जीवन चलेगा, तब तक मैं जनता की सेवा करता रहूंगा।’ उन्होंने साफ कहा कि कभी उन्होंने खुद को मुख्यमंत्री बनाने की बात नहीं की। यह सब पार्टी का फैसला है, आगे जो होगा, देखा जाएगा। MP Government Law College : नर्मदापुरम का पहला सरकारी लॉ कॉलेज, 5.77 करोड़ का भवन तैयार, जानिए कब होगा लोकार्पण सभा में बातचीत आगे बढ़ी तो सिंघार ने एक सवाल का सामना किया – ‘2028 में क्या कांग्रेस की सरकार बनेगी? क्या विधायक फिर नहीं बिकेंगे?’। उनकी आंखों में चमक आ गई। बोले, ‘जब हमारी पूर्ण बहुमत वाली सरकार आएगी, तो विधायक बिक्री का सवाल ही पैदा नहीं होगा। कई भाजपा के नेता तो पहले ही हमारे संपर्क में हैं!’। यह बयान सभा में तालियों की बौछार बन गया। लग रहा था, राजनीतिक हवा बदल रही है, और सिंघार जैसे नेता इसे साकार करने को बेताब हैं। लेकिन सभा का असली रंग तब चढ़ा जब सिंघार ने खाद के संकट पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘सरकार दावा करती है कि मध्य प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं, लेकिन रीवा में किसानों को खाद के लिए लाठियां क्यों खानी पड़ीं?’। केंद्र की फर्टिलाइजर मंत्री जेपी नड्डा खुलेआम कहते हैं कि यहां पर्याप्त स्टॉक है, तो यह खाद आखिर कहां गायब हो रही है? किसान परेशान, खेत सूने और सरकार की नींद टूटी ही नहीं। MP Congress Protest : वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस ने निकाली रैली लेकिन भूल गए हेलमेट, अब ट्रैफिक पुलिस काटेगी चालान इसी क्रम में सिंघार ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर तीखा प्रहार किया। बोले, ‘शिवराज जी किसान के बेटे हैं, मध्य प्रदेश पर इतने साल राज किया, लेकिन अब भगोड़े हो गए लगते हैं। पंजाब में किसानों की फसल देखने चले गए, वहां पानी में उतरकर फोटो खिंचवा रहे हैं। कह रहे हैं, ‘देखो, मैं किसानों का हितैषी हूं!’ लेकिन मध्य प्रदेश में खाद की किल्लत पर एक मीटिंग भी नहीं बुलाई। न आपने कुछ किया, न मुख्यमंत्री ने। यह कैसी हितैषिता है?’। सभा में हंसी और गुस्से का मिश्रण फैल गया। कार्यकर्ता तालियां पीटते हुए चिल्लाए, ‘शिवराज भागो!’। Fake Document Warning : आयुष एडमिशन 2025-26 में फर्जी दस्तावेजों का अलर्ट, AACC ने जारी की चेतावनी, ब्लैकलिस्ट का ऐलान सभा का अंत चुनाव आयोग पर हमले से हुआ। सिंघार ने कहा, ‘चुनाव आयोग का कमिश्नर भाजपा का एजेंट बन गया है। राहुल गांधी ने सीसीटीवी फुटेज मांगे, तो बहाना बना दिया कि ‘महिलाएं हैं, इसलिए नहीं दे सकते’। हम तो जानना चाहते थे कि पोलिंग के बाद 5 बजे अचानक 2-5 फीसदी वोट कैसे बढ़ जाते हैं। यानी एक बूथ पर 200-300 लोग अचानक कहां से आ जाते हैं? भाजपा चुनाव आयोग का खुला दुरुपयोग कर रही है।’। यह बातें न सिर्फ सभा को गरमा गईं, बल्कि पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गईं।