MP Government Law College : नर्मदापुरम का पहला सरकारी लॉ कॉलेज, 5.77 करोड़ का भवन तैयार, जानिए कब होगा लोकार्पण

Narmadapuram first government law college

Narmadapuram First Government Law College : नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम संभाग का पहला सरकारी विधि (लॉ) कॉलेज भवन बुधवाड़ा में 5.77 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हो गया है। जल्द ही इसका भव्य लोकार्पण होगा और छात्र-छात्राएं अपने नए कैंपस में कानून की पढ़ाई शुरू करेंगे। 2022 से नर्मदा कॉलेज के परिसर में अस्थायी रूप से चल रहा ये लॉ कॉलेज अब अपने पक्के ठिकाने में शिफ्ट होने को तैयार है। रविवार को लीड कॉलेज में एक अहम बैठक हुई, जिसमें भवन के लोकार्पण और शिफ्टिंग की योजना बनी। बैठक में लीड कॉलेज की प्राचार्य डॉ. कामिनी जैन, लॉ कॉलेज प्राचार्य कल्पना चंसौरिया और पीआईयू (पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर यूनिट) के अधिकारी शामिल थे। पीआईयू के एसडीओ राकेश कास्दे ने बताया कि 4 एकड़ जमीन पर बने इस भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। एप्रोच रोड और फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में है, और अगले सप्ताह तक भवन कॉलेज प्रबंधन को हैंडओवर कर दिया जाएगा। प्राचार्य कल्पना चंसौरिया ने उत्साह जताते हुए कहा, “भवन पूरी तरह तैयार है। बस कुछ छोटे-मोटे काम बाकी हैं। हैंडओवर होते ही लोकार्पण की तारीख तय करेंगे।” MP Congress Protest : वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस ने निकाली रैली लेकिन भूल गए हेलमेट, अब ट्रैफिक पुलिस काटेगी चालान ये भवन 5.77 करोड़ रुपये की लागत से बना है, और इसका डिज़ाइन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखता है। ग्राउंड फ्लोर पर 6 क्लासरूम, एक लाइब्रेरी रूम, स्टाफ रूम और प्राचार्य कक्ष बनाए गए हैं। भविष्य में फर्स्ट फ्लोर का निर्माण भी होगा, जिससे कैंपस और विस्तार होगा। 4 एकड़ के इस परिसर में छात्रों के लिए पर्याप्त जगह और सुविधाएं होंगी। छात्रा नेहा वर्मा ने कहा, “हम तीन साल से अस्थायी कैंपस में पढ़ रहे थे। अब अपने कॉलेज में पढ़ाई का अलग ही उत्साह होगा।” नर्मदापुरम संभाग के लिए ये गर्व की बात है, क्योंकि ये पहला शासकीय लॉ कॉलेज है, जो क्षेत्र के युवाओं को कानूनी शिक्षा का सस्ता और गुणवत्तापूर्ण विकल्प देगा। Fake Document Warning : आयुष एडमिशन 2025-26 में फर्जी दस्तावेजों का अलर्ट, AACC ने जारी की चेतावनी, ब्लैकलिस्ट का ऐलान लॉ कॉलेज की शुरुआत 2022 में हुई थी, जब इसे पीएम श्री नर्मदा कॉलेज के परिसर में शुरू किया गया। तब से सैकड़ों छात्र BA LLB और LLB कोर्स में पढ़ रहे हैं, लेकिन कैंपस की कमी खल रही थी। अब नए भवन के साथ ये कमी पूरी होगी। स्थानीय लोग इसे नर्मदापुरम की शैक्षिक उन्नति का प्रतीक मान रहे हैं। एक शिक्षक ने बताया, “ये कॉलेज न सिर्फ स्थानीय छात्रों को फायदा देगा, बल्कि होशंगाबाद, बैतूल और हरदा के युवाओं को भी कानून की पढ़ाई के लिए भोपाल-इंदौर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।” लोकार्पण की तारीख तय होने का इंतजार है और संभावना है कि कोई बड़ा नेता या मंत्री समारोह में शामिल होगा। भवन का डिज़ाइन आधुनिक है और इसमें लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं छात्रों को रिसर्च में मदद करेंगी।

MP Congress Protest : वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस ने निकाली रैली लेकिन भूल गए हेलमेट, अब ट्रैफिक पुलिस काटेगी चालान

Singrauli Congress Protest

MP Congress Protest : सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली शहर में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा का दावा करते हुए सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया, लेकिन ये शो उसी पार्टी के दोहरे चरित्र को उजागर कर गया। वोट चोरी के आरोप लगाते हुए 100 से ज्यादा बाइक सवारों की रैली कलेक्टोरेट तक पहुंची, जहां ज्ञापन सौंपा गया लेकिन रैली का असली हीरो बन गयायातायात नियमों का उल्लंघन। अधिकांश बाइकर्स ने हेलमेट की अनदेखी की जबकि कार सवारों ने सीट बेल्ट को भी नजरअंदाज कर दिया। ये दृश्य तब और मजेदार हो गया जब कल ही कांग्रेस ने सड़क हादसों के खिलाफ प्रदर्शन किया था। Fake Document Warning : आयुष एडमिशन 2025-26 में फर्जी दस्तावेजों का अलर्ट, AACC ने जारी की चेतावनी, ब्लैकलिस्ट का ऐलान सिंगरौली में कांग्रेस का ये अभियान वोट चोरी के आरोपों पर केंद्रित था। कार्यकर्ताओं का कहना था कि हालिया चुनावों में वोटों के साथ छेड़छाड़ हुई, और सरकार इसे छिपा रही है। रैली में उत्साह चरम पर था – नारे गूंज रहे थे, झंडे लहरा रहे थे, लेकिन सुरक्षा का ख्याल कहीं गुम। एक कार्यकर्ता ने बताया, “हम लोकतंत्र बचाने निकले थे, लेकिन ट्रैफिक नियमों की चपेट में आ गए।” स्थानीय लोग वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं, जहां #CongressTrafficViolation जैसे टैग ट्रेंड कर रहे हैं। ये प्रदर्शन शहर की मुख्य सड़कों पर निकला, जहां ट्रैफिक पुलिस की नजर तो थी, लेकिन तुरंत कार्रवाई नहीं हुई। एक दुकानदार ने हंसते हुए कहा, “कल सड़क सुरक्षा की बात, आज बिना हेलमेट की रैली – ये तो डबल स्टैंडर्ड का नमूना है!” कांग्रेस के शहर अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने इस विवाद पर सफाई दी। उन्होंने कहा, “हमने कार्यकर्ताओं को हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने की सलाह दी थी। लेकिन उत्साह में शायद भूल गए। ये इंसानी कमजोरी है, लेकिन आगे से सख्ती करेंगे।” MP Bulldozer Action : सीहोर में धर्मांतरण मामले में बड़ी कार्रवाई, जब्बार के अवैध निर्माण पर बुलडोजर का प्रहार चौहान का ये बयान सोशल मीडिया पर मीम्स का शिकार बन गया, जहां लोग टिप्पणी कर रहे हैं – “उत्साह में नियम तोड़ना या नियमों का उत्साह?” लेकिन अध्यक्ष ने वोट चोरी के मुद्दे पर जोर दिया, कहा कि ये प्रदर्शन लोकतंत्र की मजबूती के लिए था, न कि ट्रैफिक जाम के लिए। फिर भी, ये घटना पार्टी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रही है, खासकर जब वे सड़क सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे उठाती हैं। ट्रैफिक पुलिस ने भी मामले को संज्ञान में लिया। यातायात थाना प्रभारी दीपेंद्र सिंह ने कहा, “हमें इसकी जानकारी नहीं थी, लेकिन अब सीसीटीवी फुटेज चेक करेंगे। नियम तोड़ने वालों की पहचान कर चालान काटा जाएगा। कोई छूट नहीं मिलेगी।” सिंह ने आश्वासन दिया कि राजनीतिक रैली हो या आम ट्रैफिक, कानून सबके लिए बराबर है। सिंगरौली में सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। कल के प्रदर्शन में कांग्रेस ने खुद को सेफ्टी का चैंपियन बताया था लेकिन आज की रैली ने वो दावा कमजोर कर दिया।

Fake Document Warning : आयुष एडमिशन 2025-26 में फर्जी दस्तावेजों का अलर्ट, AACC ने जारी की चेतावनी, ब्लैकलिस्ट का ऐलान

Fake Document Warning

Fake Document Warning : भोपाल। सालों की मेहनत से NEET की तैयारी, अच्छा स्कोर भी कर लिया लेकिन बीच में कुछ शातिर तत्व फर्जी स्कोरकार्ड और जाली कागजात से घुसपैठ की कोशिश कर देंते है। इसी को लेकर केंद्रीय आयुष प्रवेश परामर्श समिति (एएसीसीसी) ने सत्र 2025-26 के लिए UG और PG काउंसलिंग में ऐसी बेईमानी पर सख्त चेतावनी जारी की है। फर्जी NEET स्कोरकार्ड या गलत पात्रता विवरण वाले आवेदनों पर कानूनी कार्रवाई, ब्लैकलिस्टिंग और मुकदमे का डर। ये अलर्ट इसलिए आया क्योंकि पोर्टल पर कुछ लोग पंजीकरण की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अच्छी खबर ये है कि वैध दस्तावेज ही स्वीकार होंगे और देशभर में 60,000 से ज्यादा सीटें इंतजार कर रही हैं। MP Bulldozer Action : सीहोर में धर्मांतरण मामले में बड़ी कार्रवाई, जब्बार के अवैध निर्माण पर बुलडोजर का प्रहार एएसीसीसी, जो NCISM (राष्ट्रीय आयुष चिकित्सा विज्ञान आयोग) और NCH (राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग) के तहत काम करता है, ने साफ कहा है कि आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, सिद्धा और सोवा-रिग्पा के UG (BAMS, BSMS, BUMS, BHMS, B.Pharm-Ay) व PG (MD/MS) कोर्सेज में सेंट्रल काउंसलिंग पूरी तरह पारदर्शी होगी। NEET-UG 2025 क्वालीफाई करने वाले उम्मीदवारों के लिए AIQ (ऑल इंडिया कोटा) सीटों का आवंटन ऑनलाइन होगा। लेकिन पोर्टल पर फर्जी पंजीकरण की कोशिशें पकड़ी गई हैं – जैसे जाली स्कोरकार्ड अपलोड करना या दस्तावेजों में छेड़छाड़। एएसीसीसी ने चेताया कि कदाचार, जालसाजी या गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। इसमें IPC की धाराओं के तहत मुकदमा, ब्लैकलिस्टिंग और भविष्य के एडमिशन पर पाबंदी शामिल है। आधिकारिक वेबसाइट aaccc.gov.in पर जानकारी बुलेटिन और शेड्यूल अपलोड हो चुका है, जहां उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि केवल असली दस्तावेज ही इस्तेमाल करें। Protest Against Land Pooling Act : MP में लैंड पूलिंग एक्ट के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल, भारतीय किसान संघ सौंपेगा PM को ज्ञापन ये चेतावनी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आयुष कोर्सेज की लोकप्रियता बढ़ रही है। सत्र 2025-26 में देशभर में 876 से ज्यादा मान्यता प्राप्त आयुष मेडिकल कॉलेजों में 60,000 से अधिक UG-PG सीटें उपलब्ध हैं। सेंट्रल और स्टेट काउंसलिंग के जरिए ये सीटें भरी जाएंगी। राज्यवार ब्रेकडाउन देखें तो उत्तर प्रदेश में 121 कॉलेज, मध्य प्रदेश में 59, राजस्थान में 29, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, बिहार और नई दिल्ली जैसे राज्यों में भी सैकड़ों संस्थान हैं। कुल मिलाकर 950 से ज्यादा संस्थानों में प्रवेश का मौका है। लेकिन फर्जी आवेदन से असली उम्मीदवारों को नुकसान हो सकता है, इसलिए एएसीसीसी ने NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) से मिले डेटा पर ही भरोसा करने को कहा है। UG काउंसलिंग का शेड्यूल जल्द जारी होगा, संभवतः अगस्त के अंत या सितंबर की शुरुआत में, जबकि PG काउंसलिंग का रजिस्ट्रेशन 10 सितंबर 2025 से शुरू हो चुका है। Vidisha Vijay Mandir Dispute : विदिशा के विजय मंदिर पर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी, ASI से मांगा जवाब उम्मीदवारों को aaccc.gov.in पर रजिस्टर करना होगा, जहां NEET स्कोर, मेरिट और चॉइस फिलिंग के आधार पर सीट अलॉटमेंट होगा। दस्तावेजों में आधार, NEET एडमिट कार्ड, काउंसलिंग फीस (UG के लिए ₹1,000, PG के लिए ₹2,000), कैटेगरी सर्टिफिकेट आदि जरूरी हैं। फर्जी दस्तावेज पकड़े गए तो न सिर्फ आवेदन रद्द, बल्कि कानूनी सजा भी। एएसीसीसी का ये कदम आयुष शिक्षा की विश्वसनीयता बढ़ाएगा। छात्रों से अपील है कि आधिकारिक साइट चेक करें और किसी एजेंट या अनजान स्रोत पर भरोसा न करें। UG काउंसलिंग का इंफॉर्मेशन बुलेटिन और FAQs उपलब्ध हैं, जहां सारी डिटेल्स हैं। अगर कोई संदेह हो, तो हेल्पलाइन पर संपर्क करें। वर्जन नीट क्वालीफॉयड व वैध दस्तावेजों के आधार पर ही शासन द्वारा निर्धारित मेरिट काउंसलिंग से ही आयुष मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश होना है। एएसीसीसी द्वारा चेतावनी छात्र हित में है। -डॉ राकेश पाण्डेय राष्ट्रीय प्रवक्ता – आयुष मेडिकल एसोसिएशन

MP Bulldozer Action : सीहोर में धर्मांतरण मामले में बड़ी कार्रवाई, जब्बार के अवैध निर्माण पर बुलडोजर का प्रहार

Bulldozer action in conversion case

Bulldozer Action in MP Conversion Case : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में सोमवार को नगर पालिका ने धर्मांतरण के मुख्य आरोपी जब्बार खान के घर पर बुलडोजर चला दिया। ये कार्रवाई न सिर्फ अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की थी, बल्कि पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। जब्बार और उनकी पत्नी ताहिरा खान के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत केस चल रहा है और अब उनका घर भी इसकी भेंट चढ़ गया। दरअसल, बीते 17 अगस्त 2025 को शुरू हुई, जब स्थानीय निवासी गोविंद मसुरे ने जब्बार खान और ताहिरा खान के खिलाफ धर्मांतरण की शिकायत दर्ज कराई। मसुरे ने आरोप लगाया कि आरोपी जोर-जबरदस्ती लोगों को इसाई धर्म में बदलने का दबाव डालते थे। पुलिस ने जांच के बाद मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/5 के तहत मामला दर्ज किया। Liquor Smuggler Arrested : भोपाल में 3.5 लाख की शराब के साथ तस्कर धराया, विदिशा से लग्जरी कार में कर रहे थे तस्करी अधिनियम के मुताबिक, जबरन या प्रलोभन से धर्म परिवर्तन अपराध है और सजा 1 से 5 साल तक की हो सकती है। मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने जब्बार को गिरफ्तार कर लिया। जब्बार पंडित श्यामाप्रसाद मुखर्जी नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के रहने वाले हैं। पुलिस अधीक्षक दीपक शुक्ला और नगर निरीक्षक अभिनंदना शर्मा के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। ताहिरा के खिलाफ भी FIR दर्ज है, लेकिन वो फरार बताई जा रही हैं। घटना के समय मौजूद आरक्षक विरेंद्र अहिरवार को कदाचार के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच चल रही है, क्योंकि उन पर लापरवाही का इल्जाम लगा। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “पुलिस को शिकायत की जानकारी थी, लेकिन कार्रवाई में देरी हुई। अब ये निलंबन न्याय का हिस्सा लगता है।” जब्बार के परिवार ने बुलडोजर एक्शन को अन्याय बताया। उनके चचेरे भाई इकबाल खान ने कहा, “घर सालों की कमाई से बना था। एक शिकायत पर सब उजड़ गया। हम बेघर हो गए।” लेकिन प्रशासन का कहना है कि ये कार्रवाई नियमों के तहत हुई। Protest Against Land Pooling Act : MP में लैंड पूलिंग एक्ट के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल, भारतीय किसान संघ सौंपेगा PM को ज्ञापन नगर पालिका ने पहले नोटिस चिपकाया, जिसमें भवन निर्माण की अनुमति मांगी गई। जब्बार ने परमिशन नहीं दिखाई, तो 15 दिन का दूसरा नोटिस जारी हुआ। जवाब न मिलने पर सोमवार को बुलडोजर चला। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात था, ताकि तनाव न फैले। एक रिपोर्ट के अनुसार, ये अवैध मंजिल को तोड़ने का काम था, और आसपास के लोग चुपचाप देखते रहे।

Liquor Smuggler Arrested : भोपाल में 3.5 लाख की शराब के साथ तस्कर धराया, विदिशा से लग्जरी कार में कर रहे थे तस्करी

Liquor Smuggler Arrested

Liquor Smuggler Arrested in Bhopal : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में देर रात को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बायपास चौराहे पर नाकेबंदी की और एक तस्कर को दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से 254 लीटर अंग्रेजी शराब – यानी 28 पेटियों में भरी हुई – जब्त हो गई, जिसकी कीमत साढ़े तीन लाख रुपये बताई जा रही है। ये शराब विदिशा से भोपाल लाई जा रही थी और इसका टारगेट थे शहर के होटल। यह पूरा मामला रविवार देर रात का बताया जा रहा है। जब भोपाल पुलिस को मुखबिर से टिप मिली कि बायपास चौराहे पर एक लग्जरी वाहन में शराब की तस्करी हो रही है। टीआई रामबाबू चौधरी के नेतृत्व में टीम ने तुरंत घेराबंदी की। जैसे ही सफारी स्ट्रोम को रोका गया, तलाशी शुरू हुई। डिक्की खोली तो 28 पेटियां भरी मिलीं और पिछली सीट के नीचे भी छिपाकर रखी गई थी। कुल 254 लीटर IMFL (इंडियन मेडिकेटेड फॉरेन लिकर), जो बाजार में साढ़े तीन लाख की है। Protest Against Land Pooling Act : MP में लैंड पूलिंग एक्ट के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल, भारतीय किसान संघ सौंपेगा PM को ज्ञापन आरोपी की पहचान आदिल शेख (29 वर्ष) निवासी विदिशा के रूप में हुई। पुलिस ने आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया और कार भी जब्त कर ली गई। टीआई चौधरी ने बताया, “ये शराब विदिशा से लाई गई थी और भोपाल के अलग-अलग होटलों में डिलीवर होनी थी। हम पूछताछ में सहयोगियों का पता लगा रहे हैं।” पूछताछ में उसने बताया कि वो भोपाल पहुंचकर शराब को विभिन्न स्थानों पर खपाने वाला था – खासकर होटलों में, जहां पार्टी और आयोजनों के लिए डिमांड रहती है। “ये रूट पुराना है, लेकिन इस बार पकड़े गए,”। आदिल के खिलाफ पहले भी छोटे-मोटे केस दर्ज हैं, लेकिन ये पहली बड़ी कार्रवाई लग रही है। MP Road Accident : डंपर ने कार को 40 फीट तक घसीटा, भाजपा नेता के भाई की मौत, 6 घायल, एक की निकली आंख पुलिस अब उसके फोन रिकॉर्ड्स चेक कर रही है, ताकि सप्लाई चेन का पूरा नेटवर्क फंसाया जा सके। विदिशा से भोपाल का ये रूट अवैध शराब तस्करों का फेवरेट है, क्योंकि यहां हाईवे कनेक्टिविटी अच्छी है और चेकिंग कम। एक अधिकारी ने अनौपचारिक बातचीत में कहा, “लग्जरी कार का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है, ताकि संदेह न हो लेकिन मुखबिर की नजर से बचना मुश्किल।” आबकारी विभाग के अनुसार, MP में अवैध शराब का कारोबार सालाना करोड़ों का है, जो सरकारी राजस्व को चूना लगाता है। आदिल जैसे तस्कर शहर के पॉश इलाकों को टारगेट करते हैं, जहां डिमांड हाई रहती है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ से बड़े फिश मिल सकते हैं। फिलहाल, आदिल को रिमांड पर लिया गया है और उसके सहयोगियों की तलाश तेज हो गई है।

Protest Against Land Pooling Act : MP में लैंड पूलिंग एक्ट के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल, भारतीय किसान संघ सौंपेगा PM को ज्ञापन

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Protest Against Land Pooling Act in MP : भोपाल। मध्य प्रदेश के उज्जैन में 2028 सिंहस्थ के नाम पर 2378 हेक्टेयर जमीन का स्थायी अधिग्रहण हो रहा है, जिसमें 17 गांवों के 1806 किसानों की उपजाऊ भूमि लैंड पूलिंग स्कीम के तहत 50% तक छीनी जा रही है। RSS का अनुषांगिक संगठन भारतीय किसान संघ (BKS) इसे किसानों का विस्थापन मानता है और आज पूरे MP में जोरदार विरोध प्रदर्शन कर रहा है। कलेक्टरों को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं और कल उजजैन में 500 से ज्यादा ट्रैक्टरों की रैली निकलेगी। BKS के राष्ट्रीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्रा खुद उज्जैन में उतरेंगे, जहां वे लैंड पूलिंग एक्ट के खिलाफ आगे के आंदोलनों की घोषणा करेंगे। MP Road Accident : डंपर ने कार को 40 फीट तक घसीटा, भाजपा नेता के भाई की मौत, 6 घायल, एक की निकली आंख ये आंदोलन कोई नया नहीं। मार्च 2025 से ही उज्जैन के किसान लैंड पूलिंग का विरोध कर रहे हैं। BKS का कहना है कि सिंहस्थ एक बार 12 साल में होता है, तो स्थायी कंक्रीट जंगल क्यों बनाना? वे परंपरागत तरीके से अस्थायी मेला क्षेत्र बनाने को तैयार हैं, लेकिन पुश्तैनी जमीन पर स्थायी कब्जा बर्दाश्त नहीं। हाल ही में अगस्त 2025 में किसानों ने चक्रतीर्थ श्मशान घाट पर पानी में खड़े होकर प्रदर्शन किया और आगर रोड पर चक्काजाम कर दिया। BKS ने भोपाल में प्रदेश बैठक बुलाई, जहां मोहिनी मोहन मिश्रा ने साफ कहा, “सिंहस्थ और लैंड पूलिंग के नाम पर किसानों को बेघर किया जा रहा है। बिना चर्चा के गाइडलाइंस लागू करना सरकार की नीयत पर सवाल है।” उन्होंने CM को चिट्ठी लिखी, जिसमें सुझाव दिए – नदी किनारे मेला बनाओ, स्थायी निर्माण मत करो। लेकिन सरकार ने 3300 हेक्टेयर में ‘स्पिरिचुअल सिटी’ बनाने का प्लान जारी रखा, जो हरिद्वार जैसी धार्मिक नगरी बनेगी। Vidisha Vijay Mandir Dispute : विदिशा के विजय मंदिर पर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी, ASI से मांगा जवाब आज का प्रदर्शन MP के हर जिले में फैलेगा। BKS कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालयों पर धरना देंगे और PM मोदी को 15 मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे। ये मांगें सिर्फ सिंहस्थ तक सीमित नहीं, बल्कि किसानों के व्यापक हितों से जुड़ी हैं। कल उज्जैन में ट्रैक्टर रैली के जरिए मोहिनी मोहन मिश्रा आंदोलन को तेज करेंगे। किसान संघर्ष समिति ने भी चेतावनी दी है कि अगर लैंड पूलिंग नहीं रुकी, तो बड़ा आंदोलन होगा। उज्जैन विकास प्राधिकरण का कहना है कि ये विकास के लिए जरूरी है, लेकिन किसान चिल्ला रहे हैं- “हमारी जमीन, हमारा हक!” एक किसान ने कहा, “50% जमीन दे दी तो बाकी क्या बचेगा? हमारे बच्चे भूखे मरेंगे।” BKS की 15 मांगें न सिर्फ स्थानीय, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की हैं। ये किसानों की लंबी लड़ाई का हिस्सा हैं, जहां जीएसटी से लेकर MSP तक हर मुद्दा शामिल है। संगठन का दावा है कि ये मांगें किसानों को सशक्त बनाएंगी। Harda News : लव जिहाद टिप्पणी पर थाने में धरना, टिमरनी टीआई हटे और हेड कॉन्स्टेबल लाइन अटैच 1 खेती में लगने वाले बीज, खाद, दवाई और यंत्रों से जीएसटी पूरी तरह हटाया जाए। 2 फसलों की आयात-निर्यात नीति किसानों के हित में बनाई जाए। जब हमारी फसल तैयार हो तब बाहर से आयात न किया जाए। 3 खेती के सभी यंत्र, दवाइयां और बीज पर जीएसटी की दर बहुत कम रखी जाए। 4 जीएम (जीन बदलकर बनाए गए) बीजों को देश में किसी भी हाल में आने की अनुमति न दी जाए। 5 सरकार ने कपास पर जो आयात शुल्क हटाया है, उसे फिर से लगाया जाए। 6 जमीन का अधिग्रहण केवल राष्ट्रीय महत्व और विकास की योजनाओं के लिए ही हो। पूरे देश में इसके लिए एक समान कानून बने। 7 बैंकों की वजह से किसानों को योजनाओं का पूरा फायदा नहीं मिल पाता। हर जिले में एक अधिकारी नियुक्त किया जाए और किसानों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी हो। 8 कृषि लोन और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की प्रक्रिया आसान, ऑनलाइन और पारदर्शी की जाए। दस्तावेज देने के बाद भी परेशान करने वाले बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई हो। 9 जैसे मुद्रा लोन तुरंत मिलता है, वैसे ही किसानों को भी तुरंत कृषि लोन मिले। 10 खेती में लगने वाले डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। 11 हर ग्राम पंचायत में वर्षा नापने की मशीन (वर्षा मापक यंत्र) लगाई जाए। 12 हर जिले में कृषि कॉलेज खोले जाएं और छोटी कक्षाओं से ही बच्चों को कृषि की पढ़ाई कराई जाए। 13 सभी फसलों की खरीदी पूरे साल समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाए। 14  किसान सम्मान निधि की राशि महंगाई के अनुसार बढ़ाकर ₹10,000 प्रति हेक्टेयर की जाए। 15  जैविक खेती करने वाले किसानों को भी खाद की सब्सिडी जितना ही प्रोत्साहन दिया जाए। फसल बीमा योजना में सैटेलाइट से सर्वे सही नहीं है। इसे बदलकर फिर से खेत में जाकर जांच (नेत्रांकन) से नुकसान का आकलन किया जाए। किसानों को 5 लाख रुपए तक का कृषि ऋण (KCC) दिया जाए।

MP Road Accident : डंपर ने कार को 40 फीट तक घसीटा, भाजपा नेता के भाई की मौत, 6 घायल, एक की निकली आंख

MP Road Accident

MP Road Accident : खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की सीमा पर रविवार देर रात ऐसा ही दर्दनाक हादसा हो गया। रॉन्ग साइड से बेकाबू डंपर ने टवेरा गाड़ी को रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में भाजपा नेता कृष्णराज सिंह तोमर के छोटे भाई रविराज सिंह तोमर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह युवक गंभीर रूप से घायल हैं जिनकी हालात नाजुक बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, ये सभी करणी सेना से जुड़े युवा थे, जो खंडवा में पथ अधिकार यात्रा में हिस्सा लेने आए थे। घर लौटते वक्त सिर्फ 12 किलोमीटर दूर होते हुए ये विपत्ति आ गई। हादसा रविवार रात करीब 11 बजे पंधाना थाना क्षेत्र के ग्राम खारवां के पास हुआ। Vidisha Vijay Mandir Dispute : विदिशा के विजय मंदिर पर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी, ASI से मांगा जवाब दरअसल, ये सभी खरगोन के आभापुरी गांव के ये सात दोस्त टवेरा गाड़ी से खंडवा रैली में शामिल होने पहुंचे थे। यात्रा के समापन के बाद, उन्होंने अपने दोस्त शैलेंद्र सिंह तोमर का जन्मदिन मनाया। करणी सेना के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर की मौजूदगी में केक काटा गया और खुशी-खुशी ग्राम कोंडावद तक पहुंचे। वहां से पंधाना होते हुए घर के लिए निकले, लेकिन किस्मत ने साथ छोड़ दिया। तेज रफ्तार डंपर चालक ने गलत दिशा से आते हुए टवेरा को जोरदार टक्कर मारी। गाड़ी को 40 फीट तक घसीट लिया गया, और परखच्चे उड़ गए। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने घायलों को बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल भेजा, लेकिन रविराज सिंह तोमर की सांसें थम चुकी थीं। Harda News : लव जिहाद टिप्पणी पर थाने में धरना, टिमरनी टीआई हटे और हेड कॉन्स्टेबल लाइन अटैच मृतक रविराज सिंह तोमर आभापुरी के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी और दो मासूम बच्चे हैं – 5 साल का बेटा और 8 साल की बेटी। रविराज के बड़े भाई कृष्णराज सिंह तोमर खरगोन जिले के प्रमुख भाजपा नेता हैं, जो पहले कांग्रेस विधायक के प्रतिनिधि भी रह चुके हैं। हादसे की खबर फैलते ही आभापुरी गांव में मातम छा गया। पड़ोसी रमेश सिंह ने बताया, “रविराज एक मेहनती युवक था। करणी सेना के कार्यों में सक्रिय रहता था। बच्चे अब पिता के बिना कैसे रहेंगे?” गांव वाले शोक सभा की तैयारी कर रहे हैं, और राजनीतिक हलकों में भी संवेदनाएं व्यक्त हो रही हैं। घायलों की हालत चिंताजनक है। सबसे ज्यादा प्रभावित चंद्रपाल सिंह तोमर हैं, जिनकी एक आंख बाहर निकल गई और पैर टूट गए। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए इंदौर के अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि ऑपरेशन जरूरी है, लेकिन खतरा बरकरार है। Sehore News : सीहोर में दिहाड़ी मजदूर को 25 लाख का टर्नओवर नोटिस, राशन पर्ची भी रद्द; जानिए क्या है पूरा मामला बाकी पांच युवक – शैलेंद्र सिंह तोमर (जिसका जन्मदिन मनाया गया था), गोपाल सिंह, रविंद्र सिंह राजावत, हर्षराज सिंह और राजपाल सिंह तोमर – को खंडवा और खरगोन के अस्पतालों में भर्ती किया गया है। इनमें से कुछ को सिर और छाती पर गंभीर चोटें आई हैं। शैलेंद्र सिंह ने बताया, “हम खुशी से लौट रहे थे, लेकिन ये हो गया। रविराज हमारे भाई था, उसकी कमी कभी पूरी नहीं होगी।” सभी युवक करणी सेना के सदस्य हैं और पथ अधिकार यात्रा में जीवन सिंह शेरपुर के काफिले के साथ थे। घटना के बाद पुलिस ने डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पंधाना थाने की टीम ने मौके का मुआयना किया और वाहनों को सीज कर लिया।  

Vidisha Vijay Mandir Dispute : विदिशा के विजय मंदिर पर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी, ASI से मांगा जवाब

Vidisha Vijay Mandir Dispute

Vidisha Vijay Mandir Controversy : विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा शहर के किले के अंदर बसा बीजामंडल, जिसे विजय मंदिर के नाम से जाना जाता है, आज फिर सुर्खियों में है। स्थानीय हिंदू संगठनों और भक्तों की लंबी लड़ाई को ग्वालियर हाईकोर्ट ने स्वीकार किया है। याचिका दाखिल होते ही कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से जवाब मांगा है। याचिका में दावा किया गया है कि, ये मंदिर परमार वंश की भव्य विरासत का गवाह है, जो कभी देश के विशालतम मंदिरों में शुमार था। लेकिन इतिहास की मारों ने इसे बीजा मंडल मस्जिद के रूप में बदल दिया। Harda News : लव जिहाद टिप्पणी पर थाने में धरना, टिमरनी टीआई हटे और हेड कॉन्स्टेबल लाइन अटैच विदिशा निवासी शुभम वर्मा ने रविवार को बताया कि 20 अगस्त 2025 को ग्वालियर हाईकोर्ट में पांच याचिकाकर्ताओं की ओर से याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने इसे स्वीकार कर लिया है, और 8 सितंबर को स्वीकृति का पत्र भी प्राप्त हो गया। याचिका की पैरवी कर रहे अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने पुष्टि की कि कोर्ट ने ASI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं में प्रथम नाम हरिशंकर जैन का है, जो एक अधिवक्ता हैं और अयोध्या राम मंदिर केस में भी याचिकाकर्ता रह चुके हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर विवाद में भी उनका नाम प्रमुखता से जुड़ा है। शुभम वर्मा द्वितीय याचिकाकर्ता हैं, जबकि राकेश, मनी और राहुल अन्य सदस्य हैं। ये समूह दावा करता है कि बीजामंडल मूल रूप से विजय मंदिर है और इसे उसी रूप में मान्यता दी जानी चाहिए। Sehore News : सीहोर में दिहाड़ी मजदूर को 25 लाख का टर्नओवर नोटिस, राशन पर्ची भी रद्द; जानिए क्या है पूरा मामला मांग साफ है – मंदिर के आगे “मंदिर” लिखा जाए और पूजा-अर्चना के लिए रोजाना गेट खोला जाए। शुभम वर्मा ने बताया कि पिछले एक वर्ष से वे इस मुद्दे पर गहन अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने 118 पेज की विस्तृत याचिका में साक्ष्य पेश किए हैं। दावा है कि 1962 में मंदिर को तोड़ा गया था। कई वर्षों तक इसमें देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित थीं, जो अब संग्रहालय में रखी गई हैं। शुभम ने कई बार कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा “हमें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी, क्योंकि प्रशासन ने सुनवाई नहीं की”। ये मांग कोई नई नहीं; वर्षों से हिंदू संगठन नाग पंचमी पर बंद ताले के बाहर पूजा करने को मजबूर हैं। 2024 में भी 9 अगस्त को नाग पंचमी पर ताला खोलने की मांग उठी थी, लेकिन ASI ने इंकार कर दिया। Sehore News : सीहोर में दिहाड़ी मजदूर को 25 लाख का टर्नओवर नोटिस, राशन पर्ची भी रद्द; जानिए क्या है पूरा मामला रिपोर्ट्स के अनुसार, ये मंदिर 11वीं शताब्दी में परमार राजा जयसिंह द्वितीय द्वारा बनवाया गया था। इसका नाम विजयगढ़ किले के कारण पड़ा और विदिशा का प्राचीन नाम भेलसा इसी से जुड़ा। ये 1 किलोमीटर लंबा और 300 फीट ऊंचा विशालकाय मंदिर था, जिसका डिजाइन राम मंदिर और नए संसद भवन से मिलता-जुलता है। लेकिन 1459-60 में मांडू के शासक महमूद खिलजी ने इसे लूटा, और 1532 में गुजरात के बहादुर शाह ने पुनर्विनाश किया। बाद में औरंगजेब काल में इसे मस्जिद में बदला गया। 1760 में पेशवा बाजीराव ने मस्जिद स्वरूप नष्ट किया, लेकिन 1992 की बाढ़ ने बाकी हिस्से को प्रभावित किया। ASI इसे 1951 के गजेट नोटिफिकेशन के तहत बीजामंडल मस्जिद मानता है, जिससे विवाद बढ़ा। अगस्त 2024 में जब हिंदू संगठनों ने पूजा की अनुमति मांगी, तो ASI ने मस्जिद बताते हुए इनकार किया। ये घटना भोजशाला विवाद की याद दिलाती है, जहां धार्मिक स्थलों पर मालिकाना हक का सवाल उठता रहता है।    

Harda News : लव जिहाद टिप्पणी पर थाने में धरना, टिमरनी टीआई हटे और हेड कॉन्स्टेबल लाइन अटैच

Harda News

Timarni TI Removed in love Jihad Poster Comment Case : हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले के टिमरनी थाने में रविवार रात को ऐसा ही तूफान आ गया। भाजपा कार्यकर्ता और हिंदू संगठनों के लोग सड़क पर उतर आए, नारे लगाए और पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाया। वजह? हेड कॉन्स्टेबल जगदीश पांडव की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी, जो लव जिहाद पर चर्चा के दौरान हुई। एसपी ने तुरंत कार्रवाई की- टीआई सुभाष दृश्यामकर को हटा दिया गया और पांडव को लाइन अटैच कर लिया। सब कुछ तब शुरू हुआ जब टिमरनी थाने के हेड कॉन्स्टेबल जगदीश पांडव ने एक ग्रुप वॉट्सऐप चैट में लव जिहाद को लेकर टिप्पणी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पांडव ने वार्ड नंबर 1 और 2 के लोगों को हिंदुत्व को बढ़ावा न देने की बात कही, जो समुदाय के भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली थी। Supreme Court वक्फ कानून बरकरार, 5 साल इस्लाम पालन शर्त रद्द; कुछ धाराओं पर SC ने लगाई रोक भाजपा मंडल अध्यक्ष अतुल बारंगे ने तो इसे और तीखा रंग देते हुए कहा कि पांडव ने नगर पार्षदों पर भी नालियों की सफाई न होने जैसी टिप्पणियां कीं, जिससे स्थानीय लोग भड़क गए। “ये सिर्फ एक टिप्पणी नहीं, हमारे संस्कृति पर हमला है,” बारंगे ने कहा। इस चैट के बाद आक्रोश फैल गया और रविवार रात को थाने के परिसर में करीब ढाई घंटे का धरना शुरू हो गया। प्रदर्शनकारी चिल्ला रहे थे – टीआई सुभाष दृश्यामकर को लाइन अटैच करो और पांडव को हटाओ! प्रदर्शन की जड़ में एक छोटी-सी घटना थी। बताया जाता है कि दो बाइकों की टक्कर हो गई, जिसे पांडव थाने लेकर आए। लेकिन उन्होंने एक पक्ष के व्यक्ति के लिए किसी भाजपा नेता के फोन पर बात करने से इंकार कर दिया। ये बात पूर्व विधायक संजय शाह के समर्थकों को चुभ गई। CM Tirtha Darshan Yojana Controversy : राजगढ़ से असम कामाख्यादेवी मंदिर यात्रा पर सियासत गर्म, विधायक की पत्नियों के नाम पर उठे सवाल पहली बार ऐसा हुआ कि भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा और महामंत्री बसंत सिंह राजपूत भी धरने पर बैठ गए। “पुलिस का काम कानून का पालन है, न कि राजनीतिक दबाव झुकना,” एक प्रदर्शनकारी ने कहा। एसपी शशांक जैन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए तुरंत कार्रवाई की। सोमवार सुबह ही टीआई दृश्यामकर को हटा दिया गया और थाने का प्रभार एसआई उदयराम चौहान को सौंप दिया गया। वहीं, हेड कॉन्स्टेबल पांडव को लाइन अटैच कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे अपनी जीत बताया, लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या ये कार्रवाई न्यायपूर्ण थी या दबाव में? Narmadapuram News : नर्मदापुरम में भारत की जीत का जश्न फीका : सड़कें सूनी, जयस्तंभ चौक खाली, फैंस ने तोड़ी टीवी दरअसल, टीआई सुभाष दृश्यामकर का ट्रांसफर पहले ही एटीएस भोपाल में हो चुका था। बावजूद इसके, प्रदर्शनकारियों ने उन्हें भी लाइन अटैच करने की मांग की। स्थिति को शांत करने के लिए एसडीओपी भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “हम हिंदुत्व की रक्षा चाहते हैं, लेकिन पुलिस का रवैया गलत था। लव जिहाद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर टिप्पणी से पूरा माहौल बिगड़ जाता है।”  भाजपा नेताओं का कहना है कि ये प्रदर्शन समुदाय की एकजुटता दिखाता है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक स्टंट बता रहा है।  

Supreme Court वक्फ कानून बरकरार, 5 साल इस्लाम पालन शर्त रद्द; कुछ धाराओं पर SC ने लगाई रोक

Supreme Court stays key provisions of Wakf Amendment Act

Supreme Court on Waqf Law : नई दिल्ली। वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025, जो अप्रैल में संसद से पास हुआ और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू हुआ, अब विवादों के घेरे में है। सुप्रीम कोर्ट ने आज 15 सितंबर 2025 को इसकी वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने कानून के कुछ विवादास्पद प्रावधानों पर फिलहाल रोक लगा दी, लेकिन पूरी तरह से इसे खारिज नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने वक्फ बोर्ड के सदस्य बनने के लिए अनिवार्य शर्त पर सबसे पहले रोक लगाई। अधिनियम में कहा गया था कि सदस्य बनने के लिए कम से कम पांच साल तक इस्लाम का पालन करना जरूरी है। अदालत ने इसे अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया और स्पष्ट किया कि उचित नियम बनने तक ये प्रावधान लागू नहीं होगा। Sehore News : सीहोर में दिहाड़ी मजदूर को 25 लाख का टर्नओवर नोटिस, राशन पर्ची भी रद्द; जानिए क्या है पूरा मामला चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अगुवाई वाली बेंच ने तर्क दिया कि ये शर्त धार्मिक स्वतंत्रता के सिद्धांतों से टकरा सकती है। एक वकील ने कोर्ट में कहा, “ये प्रावधान समुदाय के भीतर भेदभाव पैदा कर सकता है।” अदालत का ये कदम याचिकाकर्ताओं – जिनमें ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा-ए-हिंद जैसे संगठन शामिल हैं – की मांग को आंशिक रूप से पूरा करता है। इसके अलावा, धारा 3(74) से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड के प्रावधान पर भी रोक लग गई। ये प्रावधान सरकार को वक्फ संपत्तियों को राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर चुनौती देने की शक्ति देता था। सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि कार्यपालिका किसी व्यक्ति के अधिकार तय नहीं कर सकती। जब तक नामित अधिकारी की जांच का अंतिम फैसला न हो और वक्फ ट्रिब्यूनल या हाई कोर्ट द्वारा मालिकाना हक का निर्धारण न हो, तब तक वक्फ को संपत्ति से बेदखल नहीं किया जा सकता। अदालत ने ये भी जोड़ा कि राजस्व रिकॉर्ड के मामलों का अंतिम निपटारा होने तक किसी तीसरे पक्ष को अधिकार नहीं मिलेंगे। ये फैसला “वक्फ बाय यूजर” जैसी संपत्तियों की रक्षा करता है, जिन्हें बिना लिखित दस्तावेज के धार्मिक उपयोग से मान्यता मिली होती है। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि ये प्रावधान “क्रिपिंग एक्विजिशन” (धीरे-धीरे अधिग्रहण) का रास्ता खोलते हैं, जो मुस्लिम संपत्तियों पर सरकारी कब्जे का खतरा पैदा करता है। CM Tirtha Darshan Yojana Controversy : राजगढ़ से असम कामाख्यादेवी मंदिर यात्रा पर सियासत गर्म, विधायक की पत्नियों के नाम पर उठे सवाल वक्फ बोर्ड की संरचना पर अदालत ने सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने निर्देश दिया कि बोर्ड में अधिकतम तीन गैर-मुस्लिम सदस्य ही हो सकते हैं, यानी 11 सदस्यों में बहुमत मुस्लिम समुदाय से होना चाहिए। साथ ही, जहां तक संभव हो, बोर्ड का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भी मुस्लिम ही होना चाहिए। ये निर्देश अधिनियम के उस हिस्से को सीमित करता है, जो गैर-मुस्लिमों को बोर्ड में शामिल करने की अनुमति देता था। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ये आदेश कानून की अंतिम वैधता पर राय नहीं है। संपत्ति पंजीकरण संबंधी प्रावधानों में कोई कमी नहीं पाई गई। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार की ओर से तर्क दिया था कि ये बदलाव पारदर्शिता लाने के लिए हैं, न कि धार्मिक हस्तक्षेप के लिए। लेकिन अदालत ने कहा कि सेकुलर पहलुओं को नियंत्रित करने का मतलब धार्मिक प्रथाओं में दखल नहीं। वक्फ संशोधन अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर, अधिवक्ता वरुण सिन्हा कहते हैं, “केंद्र सरकार द्वारा लाए गए संशोधनों पर कोई रोक नहीं है। केवल याचिकाकर्ताओं के पक्ष में एक अंतरिम आदेश है कि उन्हें संशोधित कानून सहित कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना वक्फ संपत्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। यदि सरकार को कोई वक्फ लेना है, तो वक्फ अधिनियम में निर्धारित प्रक्रिया, जिसमें वक्फ में संशोधन भी शामिल है, का पालन न्यायाधिकरण के साथ-साथ उच्च न्यायालय द्वारा भी किया जाना आवश्यक है। इसलिए न्यायाधिकरण के फैसले के बाद, वह आदेश भी प्रभावी हो सकता है। जो वक्फ पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें वक्फ संपत्ति नहीं माना जाएगा…। जिन लोगों ने पाँच साल तक इस्लाम का पालन नहीं किया है, वे वक्फ नहीं बना सकते, उस प्रावधान पर रोक लगा दी गई है  

CM Tirtha Darshan Yojana Controversy : राजगढ़ से असम कामाख्यादेवी मंदिर यात्रा पर सियासत गर्म, विधायक की पत्नियों के नाम पर उठे सवाल

CM Tirtha Darshan Yojana Controversy

Mukhyamantri Tirtha Darshan Yojana controversy Rajgarh News : राजगढ़। मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना जो लाखों जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित हो रही है आजकल राजगढ़ जिले में विवादों के केंद्र में है। सोमवार को राजगढ़ से असम के कामाख्या देवी मंदिर के लिए विशेष ट्रेन रवाना होनी है, लेकिन इस यात्रा की चयन सूची ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। कांग्रेस ने भाजपा विधायक हजारीलाल दांगी की दोनों पत्नियों और वरिष्ठ पदाधिकारी इंद्रा मूंडड़ा के नाम शामिल होने पर तीखे सवाल उठाए हैं। क्या ये योजना गरीबों की है या प्रभावशाली लोगों की जेब भरने का जरिया? ये है पूरा मामला ये विवाद तब भड़का जब कांग्रेस के जिलाध्यक्ष और पूर्व ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने योजना की चयन प्रक्रिया पर उंगली उठाई। उनका कहना है कि गरीबों के लिए शुरू की गई इस योजना में भाजपा नेताओं और उनके परिजनों के नाम जुड़ना पारदर्शिता पर सीधा सवाल है। प्रियव्रत सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “राजगढ़ जिले से चयनित सूची में गरीब जनता की जगह बीजेपी नेताओं और उनकी पत्नियों के नाम जोड़े गए हैं। प्रशासन की निगाह में शायद यही लोग सबसे गरीब हैं।” ये शब्द न सिर्फ सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, बल्कि पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गए। लोगों का मानना है कि ऐसी योजनाओं में भेदभाव अस्वीकार्य है, खासकर जब देश आर्थिक असमानता से जूझ रहा हो। प्रियव्रत सिंह ने शनिवार को माचलपुर में आयोजित कांग्रेस की बैठक के दौरान एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने योजना के नियमों पर सवाल खड़े किए। वीडियो में उन्होंने कहा, “मेरे पास सूचना आई कि सूची में खिलचीपुर विधायक हजारीलाल दांगी की पत्नी ज्योत्सना दांगी और सरदारबाई दांगी का नाम शामिल है। ज्योत्सना जी का पता काशीखेड़ी और सरदारबाई जी का जीरापुर है। योजना के नियमों के अनुसार, आयकरदाता व्यक्ति को यात्रा का लाभ नहीं मिलना चाहिए। ज्योत्सना जी पूर्व शासकीय सेवक रही हैं, इसलिए उनकी पेंशन पर सवाल उठता है। अगर पेंशन 12 लाख से कम है, तो शायद वे आयकर श्रेणी से बाहर हों, लेकिन भाजपा की वरिष्ठ पदाधिकारी इंद्रा मूंडड़ा का नाम सूची में होना तो हैरानी की हद है।” ये बातें सुनकर स्थानीय लोग भी सोच में पड़ गए। विवाद का केंद्र विधायक हजारीलाल दांगी की पत्नियों का नाम है। प्रियव्रत सिंह ने तंज कसते हुए कहा, “विधायक स्वयं आयकरदाता हैं, ऐसे में उनकी पत्नी का नाम योजना में आना सही है या नहीं? क्या विधायक जी का जमीर गवाह देता है कि गरीबों की योजना में अपनी पत्नी को शामिल कराएंगे?” ये सवाल न सिर्फ राजनीतिक हैं, बल्कि सामाजिक न्याय से जुड़े हैं। Sehore News : सीहोर में दिहाड़ी मजदूर को 25 लाख का टर्नओवर नोटिस, राशन पर्ची भी रद्द; जानिए क्या है पूरा मामला कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी की व्यक्तिगत आलोचना नहीं, बल्कि योजनाओं के सही उपयोग की मांग है। उन्होंने कहा, “यदि सब कुछ नियमों के अनुसार है, तो ठीक, लेकिन अगर गड़बड़ी हुई है, तो जिम्मेदारों को जवाब देना होगा। ये राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि गरीबों के हक की लड़ाई है। बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपी का किया खंडन भाजपा की ओर से विधायक हजारीलाल दांगी ने इन आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा, “हमारे यहां से कोई भी व्यक्ति तीर्थ दर्शन यात्रा पर नहीं जा रहा है। ये आरोप पूरी तरह गलत हैं। जारी लिस्ट के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है, और मैंने कोई आवेदन भी नहीं दिया। वर्तमान में हमारे घर पर पितृ भागवत चल रही है, जहां 4-5 पंडित भागवत का पाठ कर रहे हैं। MP News : नर्मदापुरम में DAP-यूरिया कालाबाजारी का खुलासा, तहसीलदार ने पकड़ा, अफसरों की 4 सदस्यीय टीम जांच में पाठ पूरे होने के बाद मेरी पत्नी मेरे साथ पितरों को छोड़ने गयाजी जाएंगी। सुबह 9:30 बजे से हम पूजन में शामिल होते हैं। तीर्थ दर्शन योजना की यात्रा आज हो रही है, लेकिन हमारा कार्यक्रम अलग है। मैं भी परिवार के साथ गयाजी जाऊंगा, लेकिन ये योजना से जुड़ा नहीं।” विधायक का ये बयान विवाद को शांत करने की कोशिश लगता है, लेकिन कांग्रेस ने इसे और पुख्ता सबूत बताते हुए चुनौती दी है। क्या बोले कलेक्टर वीरेंद्र दांगी प्रशासन ने भी मामले को स्पष्ट करने की कोशिश की। यात्रा प्रभारी और राजगढ़ संयुक्त कलेक्टर वीरेंद्र दांगी ने बताया कि तीर्थ यात्रा के लिए लगभग 1700 से 1800 फॉर्म प्राप्त हुए थे। चयन प्रक्रिया में रैंडम पद्धति का उपयोग किया गया। सभी आवेदकों ने समय पर फॉर्म जमा किए, साथ ही उम्र प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, समग्र आईडी और आय से संबंधित स्व-घोषणा पत्र संलग्न थे। कलेक्टर ने कहा, “चयन पूरी तरह पारदर्शी था, और सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही नाम फाइनल हुए। कोई भेदभाव नहीं किया गया।” ये सफाई देने के बावजूद, विपक्ष का शक बरकरार है, और लोग चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

Sehore News : सीहोर में दिहाड़ी मजदूर को 25 लाख का टर्नओवर नोटिस, राशन पर्ची भी रद्द; जानिए क्या है पूरा मामला

Daily Wage Worker gets Tax Notice in Sehore News

Daily Wage Worker gets Tax Notice in Sehore News : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के खाईखेड़ा गांव में रहने वाले दिहाड़ी मजदूर राकेश सिसौदिया को विभाग ने 25 लाख रुपये के टर्नओवर का नोटिस थमा दिया है। जी हां, वही टर्नओवर जो किसी बड़े व्यापारी का हो सकता है, लेकिन एक गरीब परिवार के लिए तो बर्बादी का पहाड़। गांव में ये खबर जंगल की आग की तरह फैल गई है और लोग हैरान हैं कि आखिर ऐसी गलती कैसे हो गई? राकेश सिसौदिया का जीवन तो रोजगार की तलाश में ही बीत जाता है। सुबह-सुबह उठकर खेतों या निर्माण स्थलों पर मजदूरी करते हैं, शाम को थकान के साथ घर लौटते हैं। उनके पास न कोई दुकान है, न जमीन का टुकड़ा, न कोई बड़ा कारोबार। परिवार का पूरा गुजारा राशन पर्ची पर मिलने वाले अनाज से चलता है। तीन छोटे बच्चे – दो बेटियां और एक बेटा – जो स्कूल जाते हैं और खेलते हैं, उनके सपनों को पोषित करने के लिए राकेश दिन-रात एक कर देते हैं। लेकिन अब ये नोटिस आ गया। विभाग ने न सिर्फ 25 लाख के टर्नओवर पर टैक्स की मांग की, बल्कि उनकी राशन पर्ची भी कैंसल कर दी। कल्पना कीजिए, जब पेट की भूख मिटाने का एकमात्र सहारा भी छीन लिया जाए, तो परिवार का क्या हाल होगा? राकेश की पत्नी सीमा बताती हैं, “हम तो कभी 25 हजार भी नहीं कमाते महीने भर में। ये नोटिस आया तो लगा जैसे आसमान टूट गया। बच्चे पूछते हैं, पापा क्या हुआ? हम क्या जवाब दें?” ये मामला इतना सीरियस हो गया है कि राकेश ने स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर पूरी घटना की जांच की मांग की। राकेश का कहना है, “साहब, मैं तो मजदूरी करता हूं, कभी टैक्स का फॉर्म भरा ही नहीं। ये गलती किसी और की होगी, लेकिन हम पर क्यों? हम तो इतना भी नहीं कमा पाते कि ये रकम चुका सकें।” गांव के सरपंच रामस्वरूप यादव ने भी इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि राकेश एक ईमानदार परिवार का मुखिया है, और ये नोटिस शायद डेटा एंट्री की चूक से आया हो। ग्रामीणों में गुस्सा भरा हुआ है। एक बुजुर्ग किसान ने कहा, “विभाग वाले कंप्यूटर पर नाम टाइप करते समय गड़बड़ कर देते हैं। गांव वालों का आरोप है कि सिस्टम की लापरवाही से कमजोर वर्ग के हक पर डाका पड़ रहा है।