Jabalpur News : बहन ने नहीं बांधी राखी तो बॉयफ्रेंड का कर दिया मर्डर, दोस्तों के साथ मिलकर जंगल में फेंकी लाश, पढ़िए खौफनाक क्राइम स्टोरी

Jabalpur Crime News

Jabalpur News :  जबलपुर, मध्य प्रदेश। सिवनी जिले के कूडो बुधवारा गांव में एक युवक सत्येंद्र उइके (19) की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी आशीष धुर्वे उर्फ बिहारी (19) ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस पूछताछ में आशीष ने बताया कि उसकी इकलौती नाबालिग बहन ने रक्षाबंधन के दिन उसे राखी बांधने से मना कर दिया था, क्योंकि वह सत्येंद्र उइके के साथ अपने रिश्ते को लेकर भाई से नाराज थी। आशीष ने सत्येंद्र को पहले चेतावनी दी थी और उसकी पिटाई भी की थी। इस बात से आहत होकर आशीष ने अपने चार दोस्तों के साथ मिलकर सत्येंद्र की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। Social Media Ban : फेसबुक-X-यूट्यूब पर बैन पर बवाल, प्रदर्शनकारी Gen-Z संसद में घुसे , पुलिस ने की हवाई फायरिंग यह घटना 15 अगस्त को घटी, जब आशीष और उसके दोस्तों- हेमराज, ब्रजेश, सचिन, और शिवदीन-ने सत्येंद्र को मारने की योजना बनाई। सत्येंद्र की हत्या के बाद जबलपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सबसे पहले सचिन को हिरासत में लिया। इसके बाद 6 सितंबर को मुख्य आरोपी आशीष धुर्वे और दो अन्य साथियों को सागर से गिरफ्तार किया गया। ये सभी हत्या के बाद चेन्नई भाग गए थे। शनिवार को बरगी पुलिस ने चारों आरोपियों- आशीष, शिवदीन, ब्रजेश, और सचिन- को सागर से जबलपुर लाकर कोर्ट में पेश किया, जहां आशीष को एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया। Child Theft Gang : बच्चा चोरी करके बेचने वाले गैंग का भंडाफोड़, 6 बच्चे हुए बरामद और 12 आरोपी गिरफ्तार जांच के अनुसार, सत्येंद्र और आशीष की 17 वर्षीय बहन के बीच प्रेम संबंध थे। एक साल पहले आशीष ने सत्येंद्र को अपनी बहन के साथ देखकर फटकार लगाई थी और चेतावनी दी थी। इसके बाद आशीष नौकरी के लिए भोपाल चला गया, जबकि सत्येंद्र रायगढ़ (छत्तीसगढ़) में काम करता था। इस साल रक्षाबंधन (9 अगस्त) के लिए आशीष भोपाल से गांव आया था, लेकिन उसकी बहन ने सत्येंद्र के साथ हुए विवाद के कारण उसे राखी नहीं बांधी। इससे नाराज आशीष ने दोस्तों के साथ मिलकर सत्येंद्र की हत्या की योजना बनाई। 15 अगस्त को ब्रजेश ने सत्येंद्र को मंडला घूमने का लालच देकर बुलाया। दोपहर में सत्येंद्र ब्रजेश और सचिन के साथ बाइक पर निकला। बीझा जंगल में आशीष, हेमराज, और शिवदीन पहले से मौजूद थे। वहां पांचों ने सत्येंद्र पर हमला किया और आशीष ने उसका गला दबाकर हत्या कर दी। शव को घने जंगल में फेंक दिया गया। Ujjain News : उज्जैन में दो दिन से SI-कॉन्स्टेबल लापता, 72 लोगों की टीम कर रही तलाश, जानिये पूरा मामला 20 अगस्त को चरवाहों ने जंगल में बदबू के कारण शव देखा और बरगी नगर चौकी प्रभारी सरिता पटेल को सूचना दी। पुलिस ने शव की पहचान की, जिसमें सत्येंद्र के हाथ में कड़ा और राखी मिली। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। आशीष ने सत्येंद्र का मोबाइल चेन्नई में बेच दिया और सिम फेंक दी थी। आशीष की बहन ने सत्येंद्र को ब्रजेश और सचिन के साथ जाते देखा था, जिसकी जानकारी उसने पुलिस को दी। इस आधार पर सचिन को पकड़ा गया, जिसने पूरी साजिश कबूल कर ली। इसके बाद बरगी पुलिस ने सागर से अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।  

Social Media Ban : फेसबुक-X-यूट्यूब पर बैन पर बवाल, प्रदर्शनकारी Gen-Z संसद में घुसे , पुलिस ने की हवाई फायरिंग

Chaos over ban on Facebook-X-YouTube

Ruckus over ban on Facebook-X-YouTube : नेपाल की राजधानी काठमांडू की सड़कों पर आज (8 सितंबर 2025) हजारों युवाओं ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। Gen-Z (1997-2012 के बीच जन्मे) युवा भारी संख्या में सड़कों पर उतरे और सरकार द्वारा लगाए गए सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि काठमांडू में कर्फ्यू लागू करना पड़ा। इस आंदोलन को “जेन-जेड रिवोल्यूशन” नाम दिया गया है, जिसमें युवा न केवल सोशल मीडिया बैन, बल्कि भ्रष्टाचार और कुप्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी कर रहे हैं। Jabalpur News : बहन ने नहीं बांधी राखी तो बॉयफ्रेंड का कर दिया मर्डर, दोस्तों के साथ मिलकर जंगल में फेंकी लाश, पढ़िए खौफनाक क्राइम स्टोरी प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू और अन्य शहरों, जैसे पोखरा, बिराटनगर, और धरान में, संसद भवन और माइतीघर मंडला जैसे प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन के दौरान सरकार ने कई घंटों तक फोन और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं, जिससे संचार व्यवस्था ठप हो गई। इस आंदोलन का केंद्र टिकटॉक बना, जहां युवाओं ने “नेपो बेबी” ट्रेंड के जरिए नेताओं के बच्चों की ऐशोआराम भरी जिंदगी को उजागर किया, जबकि आम नागरिक रोजमर्रा की समस्याओं से जूझ रहे हैं। Ratlam Conversion : टैंकर रोड पर धर्मांतरण रैकेट का खुलासा, इलाज के बहाने पढ़ाते थे बाइबल, चार गिरफ्तार नेपाल सरकार ने 4 सितंबर 2025 को फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, व्हाट्सएप, रेडिट, और एक्स सहित 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगा दिया था, क्योंकि ये कंपनियां नेपाल में पंजीकरण कराने में विफल रहीं। सरकार का कहना है कि यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा, जब तक ये कंपनियां नेपाल में अपने कार्यालय स्थापित नहीं करतीं, पंजीकरण नहीं करातीं, और सामग्री नियंत्रण के लिए सिस्टम विकसित नहीं करतीं। अभी तक केवल टिकटॉक, वाइबर, निम्बज, विटक, और पोपो लाइव ने ही नेपाल के कंपनी रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकरण कराया है। काठमांडू के मेयर बालेन शाह और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने इस प्रदर्शन का समर्थन किया है। मेयर शाह ने कहा कि वह आयु सीमा (28 वर्ष से कम) के कारण प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते, लेकिन वह युवाओं की मांगों का पूरा समर्थन करते हैं। प्रदर्शनकारियों ने नारे जमकर लगाए। पुलिस ने सुरक्षा के लिए भारी तैनाती की है, और मार्च 2025 की हिंसक घटना (जिसमें दो लोगों की मौत हुई थी) को दोहराने से बचने के लिए सतर्कता बरती जा रही है। यह आंदोलन नेपाल के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।

Child Theft Gang : बच्चा चोरी करके बेचने वाले गैंग का भंडाफोड़, 6 बच्चे हुए बरामद और 12 आरोपी गिरफ्तार

Delhi Child Theft Gang

Child Theft Gang : नई दिल्ली। दिल्ली में बच्चा चोरी के एक बड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। दिल्ली पुलिस ने इस गैंग के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से छह बच्चों को सुरक्षित बरामद किया गया है। यह गिरोह बच्चों को चुराकर उन्हें बेचने का गैरकानूनी धंधा करता था। इस मामले में विस्तृत जानकारी साझा करने के लिए दिल्ली पुलिस आज दोपहर 1 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगी। बच्चा चोरी गैंग का मॉड्यूल दिल्ली में बच्चा चोरी के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन इस बार गिरफ्तार किए गए गिरोह का नेटवर्क संगठित और अंतरराज्यीय स्तर का है। पुलिस जांच के अनुसार, यह गैंग दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में सक्रिय था। इस तरह के गिरोह सुनियोजित तरीके से काम करते हैं, जिसमें कई स्तरों पर लोग शामिल होते हैं। इनका मॉड्यूल इतना बड़ा है कि यह विभिन्न राज्यों में फैला हुआ है और हर स्तर पर अलग-अलग लोग अपनी भूमिका निभाते हैं। Bhopal News : भोपाल में 14 साल की छात्रा ने की ख़ुदकुशी, माँ-बाप के तलाक से थी परेशान संगठित ढंग से बंटा हुआ काम इस गिरोह में काम का बंटवारा स्पष्ट और सुनियोजित होता है। कुछ सदस्य, खासकर महिलाएं, भीड़-भाड़ वाले स्थानों जैसे रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, अस्पताल, या बाजारों से बच्चों को चुराने का काम करते हैं। ये लोग बच्चों को आसानी से अगवा करने के लिए उनकी मासूमियत और कमजोर परिस्थितियों का फायदा उठाते हैं। इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्य निःसंतान दंपतियों या अन्य मध्यस्थों से संपर्क करते हैं, जो बच्चों को खरीदने के लिए तैयार होते हैं। कुछ मामलों में गिरोह में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले लोग या फर्जी डॉक्टर और वकील भी शामिल होते हैं, जो बच्चों की खरीद-फरोख्त को कानूनी जामा पहनाने की कोशिश करते हैं। Vidisha Minor Girl Missing : विदिशा की लापता नाबालिग का 2 साल बाद खुलासा, पाकिस्तान बॉर्डर पर ऐसे हाल में मिली बच्चों की कीमत और नेटवर्क  जांच से पता चला है कि यह गैंग बच्चों को 2 से 3 लाख रुपये में बेचता था। इन सौदों में ज्यादातर निःसंतान दंपति या मध्यस्थ शामिल होते हैं, जो बच्चों को अवैध रूप से खरीदते हैं। इस गैंग का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर से शुरू होकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश तक फैला हुआ है। ये गिरोह सामाजिक मीडिया और अन्य गुप्त संचार माध्यमों का उपयोग करके अपने ग्राहकों से संपर्क बनाए रखते हैं। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके पीछे की पूरी साजिश का पता लगाया जा सके। यह घटना बच्चों की सुरक्षा और मानव तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत को रेखांकित करती है। दिल्ली पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

Ujjain News : उज्जैन में दो दिन से SI-कॉन्स्टेबल लापता, 72 लोगों की टीम कर रही तलाश, जानिये पूरा मामला

SI-constable missing in Ujjain

मध्य प्रदेश। उज्जैन में शनिवार रात शिप्रा नदी में एक कार के अनियंत्रित होकर गिरने की घटना में तीन पुलिसकर्मी लापता हो गए थे, जिनमें से दो की तलाश अब भी जारी है। रविवार को दिनभर चले व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), होमगार्ड और स्थानीय गोताखोरों की टीमें सब-इंस्पेक्टर (एसआई) मदनलाल निमामा और कॉन्स्टेबल आरती पाल को नहीं ढूंढ सकीं। हालांकि, रविवार सुबह करीब 8 बजे थाना प्रभारी अशोक शर्मा का शव घटनास्थल से 4 किलोमीटर दूर मंगलनाथ क्षेत्र में बरामद किया गया। अंधेरा होने के कारण रविवार शाम को रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया था। सोमवार को फिर से एनडीआरएफ के 30, होमगार्ड के 20 से अधिक और शिप्रा तैराक दल के 22 सदस्यों की टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया है। Jabalpur News : बहन ने नहीं बांधी राखी तो बॉयफ्रेंड का कर दिया मर्डर, दोस्तों के साथ मिलकर जंगल में फेंकी लाश, पढ़िए खौफनाक क्राइम स्टोरी उज्जैन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रदीप शर्मा ने बताया कि तीनों पुलिसकर्मी-थाना प्रभारी अशोक शर्मा, एसआई मदनलाल निमामा, और कॉन्स्टेबल आरती पाल- शनिवार को एक 14 वर्षीय लड़की के लापता होने के मामले की जांच के लिए उज्जैन से चिंतामन जा रहे थे। इसी दौरान उनकी कार रामघाट के पास एक बिना रेलिंग वाले पुल से अनियंत्रित होकर शिप्रा नदी में जा गिरी। तेज बहाव के कारण कार तुरंत डूब गई। एसपी ने कहा कि अशोक शर्मा के परिवार को जल्द अनुकंपा नियुक्ति और पेंशन सहित अन्य सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी। थाना प्रभारी अशोक शर्मा का अंतिम संस्कार रविवार को उज्जैन के चक्र तीर्थ घाट पर किया गया। इस दौरान एडीजी उमेश जोगा, एसपी प्रदीप शर्मा, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उनके बड़े बेटे दर्श शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी। पुलिस के अनुसार, कार कॉन्स्टेबल आरती पाल चला रही थीं, और यह उनकी निजी सफेद रंग की कार थी। 41 वर्षीय आरती पाल अविवाहित थीं और छह महीने पहले उनके भाई का निधन हो गया था। Jabalpur News : जबलपुर में गणेश पंडाल के पास फेंका मांस, बाइक से आए थे आरोपी; एक गिरफ्तार दो की तलाश जारी घटना के समय पुल पर तैनात एएसआई लोकेश सिंह तोमर ने देखा कि कार असंतुलित होकर नदी में गिरी। सूचना मिलते ही एसपी प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, अपर आयुक्त संतोष टैगोर, एसडीईआरएफ, होमगार्ड, और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। एसपी शर्मा ने बताया कि कार पुल के बाईं ओर से करीब 12 फीट नीचे नदी में गिरी। नदी का तेज बहाव और कीचड़ भरा पानी बचाव कार्य को और जटिल बना रहा है। पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें लगातार लापता पुलिसकर्मियों और कार की तलाश में जुटी हैं। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और समुदाय को गहरे शोक में डाल दिया है।

Ratlam Conversion : टैंकर रोड पर धर्मांतरण रैकेट का खुलासा, इलाज के बहाने पढ़ाते थे बाइबल, चार गिरफ्तार

Ratlam religious conversion

Ratlam Conversion Case : रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में इलाज के बहाने धर्मांतरण कराने के आरोप में पकड़े गए चार लोगों में से तीन को रविवार को जेल भेज दिया गया, जबकि एक आरोपी, विक्रम सिंह (35), को पुलिस ने एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस इस मामले में गहन पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस गतिविधि में और कौन-कौन शामिल था। दरअसल, बीते 5 सितंबर को औद्योगिक थाना क्षेत्र के अंतर्गत टैंकर रोड पर एक झोपड़ी में इलाज के नाम पर धर्मांतरण की सूचना मिली थी। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच की और चार संदिग्धों को पकड़ा। हालांकि, झोपड़ी का मालिक मौके से फरार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मौके पर बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के लोग, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे, प्रार्थना और कथित इलाज के लिए एकत्र हुए थे। जांच के दौरान वहां बाइबल और क्रॉस जैसी धार्मिक सामग्री भी बरामद हुई। Vidisha Minor Rape : विदिशा में 5 साल की बच्ची से दरिंदगी, कांग्रेस बोली- आरोपी को फांसी दो… पुलिस ने इस मामले में मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 और 5 के तहत प्रकरण दर्ज किया। रविवार को चारों आरोपियों को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां तीन को जेल भेज दिया गया और एक को पुलिस रिमांड पर भेजा गया। जेल भेजे गए आरोपी: जगदीश निनामा (30), पुत्र शंभूलाल निनामा, रिछखोरा, थाना सरवन, रतलाम। मांगीलाल निनामा (35), पुत्र शंकरलाल निनामा, सागवा, थाना बिलकुआं, जिला बांसवाड़ा, राजस्थान। गुड्डू उर्फ गुड्डा (18), पुत्र बालू मईड़ा, गेणी, थाना शिवगढ़, रतलाम। पुलिस रिमांड पर: विक्रम सिंह (35), पुत्र शंभूलाल उर्फ शंभू निनामा, रिछखोरा, थाना सरवन, शिव नगर, रतलाम। शिकायतकर्ता कैलाश निनामा, जो अनुसूचित जनजाति से हैं और मजदूरी करते हैं, ने पुलिस को बताया कि चार-पांच महीने पहले बीमारी के कारण वह रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुए थे। वहां उनकी मुलाकात जगदीश निनामा से हुई, जिसने दावा किया कि वह प्रभु यीशु की प्रार्थना के जरिए उनके दुख और बीमारी को ठीक कर सकता है। जगदीश और उसके भाई विक्रम सिंह ने कैलाश को शिव नगर में प्रार्थना और इलाज के लिए बुलाया, जहां उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। पुलिस अब रिमांड पर लिए गए विक्रम सिंह से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य लोगों और इसकी गहराई का पता लगाया जा सके। यह मामला रतलाम में सामाजिक और धार्मिक संवेदनशीलता को उजागर करता है, और स्थानीय प्रशासन इसकी गंभीरता से जांच कर रहा है।

Bhopal News : भोपाल में 14 साल की छात्रा ने की ख़ुदकुशी, माँ-बाप के तलाक से थी परेशान

suicide

Bhopal School Student Suicide : मध्य प्रदेश। भोपाल के कोहेफिजा इलाके में 14 साल की एक स्कूली छात्रा ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मर्ग कायम किया है। बच्ची अपने दादा-दादी के साथ रहती थी, क्योंकि उसके माता-पिता का तलाक हो चुका था। इस घटना ने परिवार और आसपास के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, कोहेफिजा की ओम नगर कॉलोनी, लालघाटी में रहने वाले जितेंद्र खुशलानी एक कारोबारी हैं। उनकी पत्नी से तलाक हो जाने के बाद उनकी इकलौती बेटी रेचल खुशलानी (14 वर्ष) दादा-दादी के साथ रह रही थी। रेचल पास के एक निजी स्कूल में पढ़ती थी। घर में उसका अपना अलग कमरा था, जहां वह अकेले समय बिताती थी। रविवार सुबह जितेंद्र अपने काम पर चले गए थे, घर में केवल दादा-दादी और रेचल ही थे। शाम के समय दादा कमरे में गए तो उन्होंने रेचल को फंदे पर लटका हुआ पाया। परिजनों ने तुरंत उसे फंदे से उतारा और अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव का पंचनामा किया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मामले की जांच में जुटी पुलिस ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। एसआई दीपक ने बताया कि शुरुआती जांच में दादा ने खुलासा किया कि रेचल पिछले कुछ समय से बहुत गुस्सैल और चिड़चिड़ी हो गई थी। माता-पिता के तलाक के बाद वह तनाव में रहने लगी थी और अकेलेपन का शिकार हो गई थी। परिवार के सदस्यों का कहना है कि वह स्कूल और घर के बीच ही सीमित थी, लेकिन पारिवारिक कलह का असर उस पर गहरा पड़ा था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या कोई अन्य कारण था या यह पूरी तरह से पारिवारिक तनाव का नतीजा था।

Kulgam Terrorist Encounter : कुलगाम में सुबह से गोलीबारी जारी, 4 आतंकी घिरे, तीन जवान घायल

Kulgam Terrorist Encounter

Kulgam Terrorist Encounter : कुलगाम। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के गुड्डर इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच तीव्र मुठभेड़ शुरू हो गई है। खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया था, जिसके दौरान छिपे हुए आतंकियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी फायरिंग की, जिससे मुठभेड़ और तेज हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इलाके में तीन से चार आतंकियों के छिपे होने की आशंका थी, लेकिन ताजा अपडेट में बताया गया है कि सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है। वर्तमान में सुरक्षाबलों ने गुड्डर क्षेत्र को पूरी तरह से घेर लिया है और ऑपरेशन जारी है। इस मुठभेड़ में तीन जवान घायल हो गए हैं, जिनमें एक सेना का अधिकारी भी शामिल है। घायल जवानों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है। सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ में शामिल आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए हैं। सुरक्षाबल आतंकियों की तलाश में गहन अभियान चला रहे हैं ताकि कोई भी आतंकी भाग न सके। स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और नागरिकों को सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है। इस बीच, जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने एक पाकिस्तानी नागरिक को हिरासत में लिया है। बीएसएफ जवानों ने रविवार देर शाम सीमा स्तंभ के पास संदिग्ध गतिविधि देखी थी, जिसके बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस दौरान एक पाकिस्तानी नागरिक को पकड़ा गया। बीएसएफ ने उसे मौके पर हिरासत में ले लिया और पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती पूछताछ के बाद ही इस व्यक्ति की पहचान और सीमा पार करने के मकसद का पता चल सकेगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीमा पर गश्त और तलाशी अभियान को और तेज कर दिया गया है। बीएसएफ ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है ताकि कोई भी संदिग्ध गतिविधि न हो सके। यह मुठभेड़ और हिरासत कश्मीर घाटी में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों का हिस्सा है। सुरक्षाबल लगातार आतंकी ठिकानों को नष्ट करने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए प्रयासरत हैं।