Bigg Boss 19 : कुमार सानू ने मुझे अपने बंगले पर बुलाया…कुणिका सदानंद ने एक्स BF को लेकर कही ये बात

Kunika Sadanand on Ex-BF Kumar Sanu : बिग बॉस 19 (Bigg Boss 19) की प्रतियोगी कुणिका सदानंद घर में आने के बाद से ही सुर्खियों में हैं। ‘हम साथ साथ हैं’ में अपनी भूमिका के लिए मशहूर अभिनेत्री ने हाल ही में सिंगर कुमार सानू के साथ अपने पिछले रिश्ते के बारे में खुलकर बात की। सिद्धार्थ कानन के साथ एक इंटरव्यू में सदानंद ने अपने छह साल लंबे रोमांटिक रिलेशनशिप के बारे में खुलकर बात की। कुणिका ने बताया कि शादी के बाद कुमार सानू ने उन्हें आमंत्रित किया था। कुणिका सदानंद ने खुलासा किया कि शादी के बाद भी कुमार सानू ने एक बार उनसे संपर्क किया था। उन्होंने बताया कि “शादी के बाद उन्होंने मुझे बुलाया था एक बार मैंने अपने पति को बोला। सानू जी ने मुझे बुलाया है। उन्होंने कहा कि ठीक है बेबी जाओ। लेकिन यह आखिरी बार है।” अभिनेत्री ने बताया कि वह सानू से उनके बंगले पर मिलीं, जहाँ उन्होंने बगीचे में चाय का इंतज़ाम किया था। उन्होंने साझा किया, “मैंने कहा कि अंदर नई आउगी, गार्डन में उन्हें चाय चाहिए, हम लोग बाते कर रहे थे, उन्होंने कहा सो सॉरी तू आजा वापस। मैंने कहा मेरी शादी हो गई है, सिंदूर दिख रहा। उन्होंने कहा कि मैं बहुत परेशान हूं। मैंने कहा नहीं।” उन्होंने यह भी कहा, “उन्होंने मुझसे भी कहा था कि मैं तेरे बच्चे को नाम दूंगा, मैंने कहा मेरे बच्चे का बाप हैं उसका नाम उसको मिला है” (मैंने उनसे कहा कि मैं अंदर नहीं जाऊंगी, इसलिए उन्होंने बगीचे में चाय की व्यवस्था कर दी। उन्होंने माफी मांगी और मुझे वापस आने के लिए कहा। मैंने उन्हें बताया कि अब मेरी शादी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वह परेशान हैं और उन्होंने मुझसे यह भी कहा कि वह मेरे बच्चे को अपना नाम देंगे। मैंने जवाब दिया कि मेरे बच्चे का नाम पहले से ही उसके पिता का नाम है) सदानंद ने यह भी बताया कि बातचीत के दौरान एक महिला बार-बार शानू को फोन करती रही। उन्होंने आगे कहा, “उसी वक़्त मैंने बोला था कि मुझे जाना चाहिए। मैंने पलट के नहीं देखा।” कुनिका ने अपने रिश्ते के बारे में ये बताया कुनिका ने बताया कि उनकी पहली मुलाक़ात कुमार सानू से ऊटी में हुई थी, जहाँ वे जल्द ही एक-दूसरे के करीब आ गए। उनके अनुसार, “जब हम साथ में खाना खा रहे थे, तब वह बहुत ज़्यादा नशे में धुत हो गए। वह रोने लगे और उनका मन कर रहा था कि वे होटल की खिड़की से कूद जाएँ। वह बहुत दुखी थे। मुझे उन्हें, उनकी बहन और भतीजे को, रोकना पड़ा।” उन्होंने आगे कहा, “मैं भावुक हो गई क्योंकि वह बहुत दुखी थे। वह अपने बच्चों को छोड़ना या अपनी शादी खत्म नहीं करना चाहते थे। मैंने उन्हें शांत किया और फिर उन्हें उनकी नौकरी और बच्चों के प्रति उनके दायित्वों की याद दिलाई। मेरा मानना है कि उस पल ने हमारे रिश्ते को और मज़बूत किया।” बाद में सानू उनके घर के पास वाले एक अपार्टमेंट में रहने चले गए, और दोनों साथ में ज़्यादा समय बिताने लगे। कुनिका ने कहा, “मैंने उनका वज़न कम करने में मदद की और हमने खाने का लेन-देन शुरू कर दिया। यहीं से हमारे रिश्ते की शुरुआत हुई।” हालाँकि, उनका रिश्ता निजी ही रहा। वे केवल कुमार सानू के परफॉर्म करने के दौरान ही साथ दिखाई देते थे। रीता भट्टाचार्य की प्रतिक्रिया और रिश्ते का अंत कुनिका ने उस समय को भी याद किया जब सानू की तत्कालीन पत्नी रीता भट्टाचार्य को इस रिश्ते का पता चला। “उनकी पत्नी ने हॉकी स्टिक से मेरी कार को नुकसान पहुँचाया था। वह मेरे घर के बाहर आते ही चिल्लाती थीं। हालाँकि, मैंने उन्हें पहचान लिया था। वह सही थीं। उन्होंने अपने बच्चों के लिए आर्थिक मदद माँगी। उन्होंने कहा कि वह उन्हें वापस नहीं चाहतीं।” आखिरकार, इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण कुनिका और कुमार सानू का रिश्ता खत्म हो गया। बिग बॉस 19 में अपनी एंट्री के साथ कुनिका सदानंद के निजी खुलासे एक बार फिर कुमार सानू के साथ उनके अतीत को सार्वजनिक चर्चा में ले आए हैं।
Reels Addiction : रील देखना दे सकता है दिमागी बीमारी, शराब और जुए की लत से भी ज्यादा खतरनाक

Reels Addiction is Dangerous : सोशल मीडिया आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। रील्स और शॉर्ट वीडियो देखना शुरू में 5 मिनट का मनोरंजन लगता है, लेकिन कब यह 1 घंटे में बदल जाता है, पता ही नहीं चलता। NeuroImage की हालिया स्टडी ने खुलासा किया है कि शॉर्ट वीडियो सिर्फ मनोरंजन नहीं करते, बल्कि दिमाग की कार्यप्रणाली को बदल सकते हैं। इससे ध्यान भटकना, फोकस की कमी और नींद की समस्याएं जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। शॉर्ट वीडियो और दिमाग का डोपामिन चक्र शॉर्ट वीडियो का डिज़ाइन ऐसा होता है कि यह आपके दिमाग को तुरंत आकर्षित करता है। NeuroImage की स्टडी के अनुसार, ये वीडियो दिमाग के रिवॉर्ड पाथवे को उत्तेजित करते हैं, जो डोपामिन (खुशी का केमिकल) रिलीज करता है। यह वही सर्किट है, जो शराब, जुआ, या नशे के दौरान सक्रिय होता है। कैसे बनता है स्क्रॉलिंग का चक्र? हर स्वाइप, टैप, और ऑटोप्ले दिमाग में डोपामिन रिलीज करता है, जो तुरंत खुशी देता है। एल्गोरिदम आपकी रुचियों के हिसाब से वीडियो दिखाते हैं, जिससे डोपामिन का बार-बार हिट होता है। इससे स्क्रॉलिंग का चक्र बन जाता है, जो लत में बदल सकता है। लंबे समय का असर: ज्यादा स्क्रॉलिंग से दिमाग का रिवॉर्ड सिस्टम सुन्न पड़ जाता है। रोजमर्रा की गतिविधियां जैसे किताब पढ़ना, खाना एन्जॉय करना या दोस्तों से बात करना फीके लगने लगते हैं। न्यूरोसाइंटिस्ट्स के अनुसार, यह पैटर्न शराब या जुआ की लत जैसा है, जिससे चिड़चिड़ापन और बेचैनी बढ़ती है। दिमाग पर प्रभाव: प्रीफ्रंटल कोर्टेक्स की भूमिका शॉर्ट वीडियो का सबसे ज्यादा असर दिमाग के प्रीफ्रंटल कोर्टेक्स पर पड़ता है, जो निर्णय लेने, ध्यान केंद्रित करने, और भावनाओं को नियंत्रित करने का केंद्र है। ज्यादा उत्तेजना से यह हिस्सा प्रभावित होता है, जिसके परिणामस्वरूप: ध्यान की कमी: किसी एक काम पर फोकस करना मुश्किल हो जाता है। छोटी-छोटी जानकारियां याद रखने में दिक्कत होती है। लंबे लेख पढ़ना, प्रोजेक्ट पर काम करना या शांत बैठना असहज लगता है। न्यूरोसाइंटिस्ट्स का कहना है कि लगातार स्क्रॉलिंग से दिमाग तेज उत्तेजना का आदी हो जाता है, जिससे सामान्य गतिविधियां बोरिंग लगने लगती हैं। नींद और मेंटल हेल्थ पर असर देर रात तक रील्स देखना बॉडी क्लॉक को बिगाड़ देता है, जिसका असर नींद और मेंटल हेल्थ पर पड़ता है। सर्कैडियन रिदम का खराब होना: मोबाइल की नीली रोशनी और तेज वीडियो दिमाग को अलर्ट मोड में रखते हैं। इससे मेलाटोनिन (नींद का हार्मोन) देर से रिलीज होता है, जिससे नींद में देरी होती है। याददाश्त पर प्रभाव: नींद की कमी से हिप्पोकैम्पस (याददाश्त का हिस्सा) प्रभावित होता है, जिससे छोटी-छोटी चीजें भूलने की समस्या बढ़ती है। मेंटल हेल्थ: 7-9 घंटे की नींद न लेने से चिंता, तनाव, और डिप्रेशन का खतरा बढ़ता है। 60% युवा रात में रील्स देखने के कारण नींद की कमी से जूझ रहे हैं। रील्स की लत से बचने के उपाय NeuroImage और न्यूरोसाइंटिस्ट्स की सलाह के आधार पर रील्स की लत से बचने के लिए निम्नलिखित कदम उठाएं: दिन में 25-30 मिनट से ज्यादा रील्स न देखें। सोने से 30 मिनट पहले फोन का इस्तेमाल बंद करें। डोपामिन लेवल को स्वस्थ तरीके से बढ़ाने के लिए रोजाना 30 मिनट व्यायाम करें, जैसे दौड़ना, योग, या जिम। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं, जो प्राकृतिक रूप से डोपामिन बढ़ाता है। फोन में स्क्रीन टाइम लिमिट सेट करें और नोटिफिकेशन बंद करें। किताब पढ़ना, मेडिटेशन, या हॉबी अपनाएं ताकि दिमाग को रचनात्मक उत्तेजना मिले। न्यूरोसाइंटिस्ट्स ने चेतावनी दी है कि शॉर्ट वीडियो की लत मेंटल हेल्थ क्राइसिस को बढ़ा सकती है, खासकर 15-25 साल के युवाओं में। 70% युवा रोजाना 2 घंटे से ज्यादा रील्स देखते हैं, जिससे उनकी उत्पादकता और रिलेशनशिप प्रभावित हो रहे हैं।
Drug Smuggling : इंटीरियर डिजाइनर नव्या का ड्रग सिंडिकेट, विदेशों में अय्याशी

Raipur Drugs Scandal : रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ड्रग्स तस्करी के हाई-प्रोफाइल मामले ने तूल पकड़ लिया है। इंटीरियर डिजाइनर नव्या मलिक, जिसे मुंबई से गिरफ्तार किया गया आज (4 सितंबर 2025) उसकी पुलिस रिमांड खत्म हो रही है। रायपुर कोर्ट ने उसे 4 सितंबर तक रिमांड पर भेजा था। नव्या पर क्लब, पब, फार्महाउस और VVIP पार्टियों में MDMA और हेरोइन जैसे ड्रग्स सप्लाई करने का आरोप है। पाकिस्तान, दुबई, चीन और सिंगापुर जैसे देशों से उसके कनेक्शन सामने आए हैं। अगस्त 2025 में गिरफ्तार तीन अन्य तस्करों ने नव्या का नाम उजागर किया, जिसके बाद इस ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश हुआ। आइए जानते हैं नव्या मलिक की ड्रग्स तस्करी की कहानी…। ग्लैमर से ड्रग्स की दुनिया 30 वर्षीय नव्या मलिक एक इंटीरियर डिजाइनर और फैशन डिजाइनिंग की स्टूडेंट थी। उसकी ग्लैमरस लाइफस्टाइल और नाइट पार्टियों में सक्रियता ने उसे ड्रग्स की दुनिया में धकेल दिया। रायपुर पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं: फैशन शो और नाइट पार्टियों में नव्या का आना-जाना शुरू हुआ। यहीं से उसे ड्रग्स की लत लगी। वह जल्द ही मुंबई, दिल्ली, और पंजाब के बड़े ड्रग्स तस्करों के संपर्क में आई। पैसे की लालच और ग्लैमरस छवि ने नव्या को ड्रग्स तस्करी में शामिल कर दिया। उसने अपने सोशल नेटवर्क का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी और कॉलेज स्टूडेंट्स को ड्रग्स सप्लाई करने के लिए किया। शुरुआत में नव्या दिल्ली से ड्रग्स मंगवाती थी। बाद में उसने पंजाब, हरियाणा, और मुंबई के तस्करों से संपर्क बढ़ाया। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हेरोइन और MDMA की सप्लाई के तार भी सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, नव्या की ग्लैमरस छवि और VVIP कनेक्शन ने उसे ड्रग्स तस्करी में मदद की। वह हाई-प्रोफाइल पार्टियों, पांच सितारा होटलों और फार्महाउस में ड्रग्स सप्लाई करती थी। VVIP कनेक्शन और विदेशी लिंक नव्या मलिक का नेटवर्क छत्तीसगढ़ के अमीर और रसूखदार लोगों तक फैला हुआ था। पटrika न्यूज और लल्लूराम की रिपोर्ट्स के अनुसार: नव्या ने अनवर ढेबर और उनके बेटे शोएब ढेबर के साथ दोस्ती और पार्टियों में शामिल होने की बात कबूल की। वह तुर्की में अनवर के साथ तीन दिन की पार्टी में शामिल थी। नव्या का कनेक्शन छत्तीसगढ़ के बड़े बिजनेसमैन, अधिकारियों, और राजनीतिक हस्तियों से था। 600 से ज्यादा लोग, जिनमें अमीर घरानों के युवा और कॉलेज स्टूडेंट्स शामिल हैं, उसके ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े थे। नव्या ने दुबई, सिंगापुर, थाईलैंड, चीन, और मालदीव की यात्राएं कीं। पुलिस को संदेह है कि ये यात्राएं ड्रग्स तस्करी और हवाला लेनदेन से जुड़ी हो सकती हैं। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हेरोइन सप्लाई की जानकारी लवजीत सिंह और सुवित श्रीवास्तव जैसे तस्करों की पूछताछ से मिली। नव्या का इस नेटवर्क से सीधा संपर्क था। पुलिस की पूछताछ में खुलासे 4 सितंबर 2025 तक चली रिमांड के दौरान रायपुर पुलिस ने नव्या से गहन पूछताछ की। वॉट्सएप चैट और बैंक लेनदेन: नव्या की चैट्स और बैंक ट्रांजेक्शन से 600 से ज्यादा ड्रग्स कंज्यूमर्स की जानकारी मिली। इनमें कॉलेज स्टूडेंट्स, युवा नेत्रियां, और अमीर परिवारों के युवा शामिल हैं। नार्को टेस्ट की तैयारी: नव्या ने कई सवालों के जवाब नहीं दिए, जिसके चलते पुलिस उसका नार्को टेस्ट कराने की योजना बना रही है। अयान परवेज की गिरफ्तारी: नव्या के करीबी दोस्त अयान परवेज (मोतीनगर, रायपुर) को भी गिरफ्तार किया गया। उसके फोन से नव्या के तीन अश्लील वीडियो और अन्य लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो मिले। पुलिस जांच रही है कि क्या अयान नव्या को ब्लैकमेल कर ड्रग्स तस्करी के लिए मजबूर कर रहा था। बरामद सामान: 27.58 ग्राम MDMA, 85,300 रुपये नकद, एक कार, पांच मोबाइल, और तौल मशीन जब्त की गई। BJP का हमला: सांसद संतोष पांडेय ने आरोप लगाया कि नव्या का कांग्रेस से कनेक्शन है और कांग्रेस नशे के कारोबारियों का समर्थन करती है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ढेबर परिवार (अनवर और शोएब ढेबर) पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका नशे के धंधे से पुराना रिश्ता है। कांग्रेस का पलटवार: PCC चीफ दीपक बैज ने BJP सरकार पर पाकिस्तान से ड्रग्स सप्लाई को रोकने में नाकामी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत लगाकर रोजगार से दूर रखा जा रहा है। बैज ने मोदी सरकार और मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स कांड का जिक्र करते हुए केंद्र पर निशाना साधा। ऑपरेशन निश्चय में ड्रग्स रैकेट का खुलासा रायपुर पुलिस का ऑपरेशन निश्चय इस ड्रग्स रैकेट को तोड़ने के लिए चल रहा है। 3 अगस्त 2025 को कमल विहार सेक्टर-4 में छापेमारी के बाद लवजीत सिंह, सुवित श्रीवास्तव, और अश्वन चंद्रवंशी को गिरफ्तार किया गया। इनसे नव्या का नाम सामने आया। नव्या की गिरफ्तारी: 23 अगस्त 2025 को हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई, और दीप धनोरिया की गिरफ्तारी के बाद नव्या का नाम पक्का हुआ। नव्या मुंबई में छिपी थी, लेकिन 29 अगस्त 2025 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कुल गिरफ्तारियां: 28 लोग अब तक इस रैकेट में गिरफ्तार किए गए, जिनमें चरणजीत सिंह और गुरजीत सिंह जैसे पाकिस्तानी ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े तस्कर शामिल हैं। 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेरोइन, MDMA, और गांजा जब्त किया गया।
Congress Protest : खंडवा में कांग्रेस का हंगामा, वोट चोरी के मुद्दे पर बाइक रैली, BJP दफ्तर के सामने की नारेबाजी

Congress Protest on Vote Theft Issue in Khandwa : मध्य प्रदेश। खंडवा में कांग्रेस पार्टी ने 4 सितंबर को वोट चोरी के मुद्दे को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। गांधी भवन से कलेक्ट्रेट तक बाइक रैली निकाली, जिसमें सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। रैली के दौरान BJP कार्यालय के सामने नारेबाजी की गई और बाद में कलेक्ट्रेट पर जमकर प्रदर्शन हुआ। यह रैली कांग्रेस के वोट चोर-गद्दी छोड़ अभियान का हिस्सा थी, जो देशभर में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और चुनावी धांधली के खिलाफ चल रहा है। खंडवा में कांग्रेस की बाइक रैली रिपोर्ट्स के मुताबिक, गांधी भवन (कांग्रेस का स्थानीय कार्यालय) से शुरू होकर रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी और कलेक्ट्रेट पर समाप्त हुई। कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ के नारे लगाए। इसके साथ ही रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने BJP कार्यालय के सामने रुककर नारेबाजी की, जिसमें BJP और चुनाव आयोग पर वोट चोरी और लोकतंत्र के हनन का आरोप लगाया गया। रैली के बाद कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पर एकत्र हुए और वहां प्रदर्शन किया। इस दौरान कलेक्टर को मांगपत्र सौंपा गया, जिसमें वोटर लिस्ट में पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया में सुधार की मांग की गई। इस बाईक रैली में खंडवा कांग्रेस के स्थानीय नेता, जिला अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल थे। क्या है वोट चोरी का मुद्दा दरअसल, वोट चोरी का मुद्दा हाल ही में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं द्वारा जोर-शोर से उठाया जा रहा है। राहुल गांधी ने बिहार में वोटर अधिकार यात्रा (17 अगस्त से 1 सितंबर 2025) के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, जिसमें चुनाव आयोग पर BJP के इशारे पर वोटर लिस्ट में हेरफेर करने का आरोप लगाया गया। कांग्रेस का कहना है कि BJP ने हरियाणा, महाराष्ट्र, और कर्नाटक जैसे राज्यों में वोटर लिस्ट में अनियमितताएं कीं, जैसे वोटरों के नाम हटाना या डुप्लिकेट वोट्स जोड़ना। इसके अलावा , बिहार में 65 लाख वोटरों के नाम कथित तौर पर हटाए गए, जिसे कांग्रेस ने वोट चोरी का हिस्सा बताया।
Shikhar Dhawan ED Summons : शिखर धवन को ED ने किया तलब, जानिए किस मामले में फंसे ‘गब्बर’

ED Summoned Shikhar Dhawan in Illegal Betting App Case : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार क्रिकेट नहीं, बल्कि एक मनी लॉन्ड्रिंग केस की वजह से। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें 4 सितंबर 2025 को अवैध सट्टेबाजी ऐप 1xBet से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। न्यूज एजेंसी PTI के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ED प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत धवन का बयान दर्ज करेगा। इस केस में पहले सुरेश रैना से भी पूछताछ हो चुकी है और अब धवन का नाम इसमें शामिल हो गया है। ED की जांच ED की जांच 1xBet, एक कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म, पर केंद्रित है, जिसके साथ धवन का संबंध प्रचार और एंडोर्समेंट के जरिए बताया जा रहा है। 39 वर्षीय धवन ने कथित तौर पर इस ऐप को सोशल मीडिया पर प्रमोट किया था। ED निम्नलिखित बिंदुओं पर धवन से सवाल करेगा: धवन का इस ऐप से जुड़ाव, प्रचार के लिए हुए समझौते, और उनके रोल की प्रकृति। ऐप के प्रचार से उनकी कमाई, भुगतान का तरीका, और टैक्स अनुपालन। 1xBet के मालिकों या प्रतिनिधियों ने धवन से कैसे संपर्क किया और क्या उन्हें इस प्लेटफॉर्म की अवैध गतिविधियों की जानकारी थी। इसी तरह के सवाल सुरेश रैना से अगस्त 2025 में पूछे गए थे, जब उन्हें 8 घंटे की पूछताछ के लिए ED मुख्यालय बुलाया गया था। ED ने रैना से उनके एंडोर्समेंट शुल्क, संपर्क के तरीके और टैक्स भुगतान के बारे में पूछा था। क्या है पूरा मामला? 1xBet एक ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है, जो भारत में अवैध रूप से संचालित होने का आरोप झेल रहा है। ED की जांच में इस ऐप पर निम्नलिखित गंभीर आरोप हैं: 1xBet पर काले धन को सफेद करने का संदेह है। इस प्लेटफॉर्म ने कथित तौर पर करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी की। कई लोगों और निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप। ऐप के एल्गोरिदम को रिग करने का दावा, जिससे यूजर्स को नुकसान हुआ। ED इस मामले में सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट की भूमिका की भी जांच कर रही है। शिखर धवन, सुरेश रैना, विजय देवरकोंडा, राणा दग्गुबाती, प्रकाश राज, हरभजन सिंह और उर्वशी रौतेला जैसे कई नामी चेहरे इस जांच के दायरे में हैं। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन सेलिब्रिटीज को 1xBet की अवैध गतिविधियों की जानकारी थी। धवन का 1xBat कनेक्शन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, धवन ने लंबे समय तक 1xBat नामक एक सरोगेसी ब्रांड को प्रमोट किया, जो 1xBet का हिस्सा माना जाता है। हालांकि, उनकी टीम ने हाल ही में इससे किसी भी संबंध से इनकार किया है। ED इस दावे की सत्यता और धवन की जागरूकता की जांच करेगा। सरकार का सट्टेबाजी ऐप्स पर बैन भारत सरकार ने हाल ही में ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऑनलाइन मनी गेमिंग बिल 2025 के तहत इन ऐप्स का संचालन और प्रचार अवैध है। X पोस्ट के अनुसार, इस बिल को लोकसभा और राज्यसभा में पारित किया गया है, जिसके तहत अवैध सट्टेबाजी ऐप्स का प्रचार करने वाले सेलिब्रिटी को 2 साल की जेल, 50 लाख रुपये का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। 2022 से जून 2025 तक सरकार ने 1,524 ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने के आदेश जारी किए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ED ने Google और Meta के प्रतिनिधियों को भी इस जांच में बुलाया था, क्योंकि इन प्लेटफॉर्म्स पर 1xBet जैसे ऐप्स के विज्ञापन चल रहे थे। शिखर धवन की पूछताछ 4 सितंबर 2025 को धवन सुबह 11 बजे ED मुख्यालय, दिल्ली में पेश हुए। PTI के मुताबिक, उनकी पूछताछ शुरू हो चुकी है, और ED उनका बयान PMLA के तहत दर्ज कर रहा है। यह देखना बाकी है कि धवन के जवाबों से जांच में क्या नए तथ्य सामने आते हैं। ED की जांच में शामिल अन्य सेलिब्रिटीज: सुरेश रैना और हरभजन सिंह: अगस्त 2025 में 8 घंटे की पूछताछ, 1xBet के प्रचार से जुड़े। विजय देवरकोंडा और राणा दग्गुबाती: हैदराबाद में पूछताछ, 1xBet के प्रचार के लिए समन। प्रकाश राज और उर्वशी रौतेला: अवैध सट्टेबाजी ऐप्स के प्रचार के लिए जांच के दायरे में। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि, ED सेलिब्रिटी प्रभाव और क्रॉस-बॉर्डर मनी फ्लो की जांच कर रही है। बंगाली अभिनेता अंकुश हाजरा और कर्नाटक कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र भी इसी तरह के मामलों में जांच के घेरे में हैं। शिखर धवन का क्रिकेट करियर शिखर धवन, जिन्हें गब्बर के नाम से जाना जाता है, ने अगस्त 2024 में क्रिकेट से संन्यास लिया था। उनके करियर की प्रमुख उपलब्धियां: टेस्ट: 34 मैच, 2315 रन, 7 शतक। ODI: 167 मैच, 6793 रन, 17 शतक। T20I: 68 मैच, 1759 रन। IPL: पंजाब किंग्स के लिए खेल चुके हैं। धवन हाल ही में स्पोर्ट्स कंपनी Da One और पंजाबी फिल्म में डेब्यू की खबरों के कारण चर्चा में थे।
Bihar Bandh : बिहार बंद के दौरान जहानाबाद और भागलपुर में बवाल, ‘गालीकांड’ के विरोध में 12 जिलों में हाईवे जाम

Bihar Bandh : पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मां की गाली देने के मामले में NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) ने 4 सितंबर 2025 को बिहार बंद का आह्वान किया। सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक NDA कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर दुकानें बंद कराईं, चौक-चौराहों पर जाम लगाया, और कई जगहों पर आगजनी की। इस प्रदर्शन ने 12 जिलों में जनजीवन को प्रभावित किया, और पटना में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। यह विवाद 27 अगस्त 2025 को दरभंगा में राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान मंच से PM को दी गई गाली से शुरू हुआ। आइए, इस पूरे मामले और इसके प्रभाव को विस्तार से समझते हैं। बिहार बंद का प्रभाव NDA के बिहार बंद ने कई जिलों में सामान्य जनजीवन को बाधित किया। समस्तीपुर, बेगूसराय, छपरा, हाजीपुर, दरभंगा, और अन्य 12 जिलों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 2 से 3 घंटे तक जाम रहा। गाड़ियों की लंबी कतारें लगीं, जिससे यात्रियों, मरीजों और स्कूल-कॉलेज जाने वालों को खासी परेशानी हुई। प्रमुख घटनाएं पटना में आगजनी और सुरक्षा: डाकबंगला चौक और सगुना मोड़ पर NDA कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर प्रदर्शन किया। पटना हाईकोर्ट के एक जज और शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव की गाड़ियों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। लगभग 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए, और कांग्रेस व RJD कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ा दी गई। जहानाबाद में विवाद: कार्यकर्ताओं ने एक महिला शिक्षक को स्कूल जाते समय रोककर जबरन घर भेज दिया। एक युवक की पिटाई का मामला सामने आया। भागलपुर में बदसलूकी: बाइक से जा रहे एक पति-पत्नी के साथ कार्यकर्ताओं की बहस हुई। इसके बाद प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने बदसलूकी की शिकायत दर्ज करवाई। दरभंगा में महिला मोर्चा सक्रिय: BJP महिला मोर्चा ने चौक-चौराहों पर प्रदर्शन किया। हालांकि, एंबुलेंस और एयरफोर्स की गाड़ियों को रास्ता दिया गया। बेगूसराय में मंत्री की मौजूदगी: बिहार सरकार के मंत्री सुरेंद्र मेहता खुद सड़क पर उतरे और बंद को सफल बनाने में जुटे। मुजफ्फरपुर में तनाव: NH-27 पर जाम के दौरान RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) जवानों और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई, जिसे बाद में बातचीत से सुलझाया गया। यहां से हुई विवाद की शुरुआत यह पूरा विवाद 27 अगस्त 2025 को दरभंगा में कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान शुरू हुआ। इस रैली में मंच से मोहम्मद रिजवी नामक व्यक्ति ने PM नरेंद्र मोदी को उनकी मां के लिए अपमानजनक गाली दी। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद NDA कार्यकर्ताओं में भारी रोष फैल गया। 28 अगस्त 2025 को पुलिस ने रिजवी को लहेरियासराय, दरभंगा से गिरफ्तार कर लिया। रिजवी पर IPC की धारा 294 (अश्लील भाषा), धारा 504 (उकसावे की मंशा से अपमान), और IT एक्ट की धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक रूप से अश्लील सामग्री) के तहत मामला दर्ज किया गया। NDA का गुस्सा बंद का कारण NDA नेताओं, विशेष रूप से BJP और JD(U) ने इस घटना को कांग्रेस और RJD की साजिश करार दिया। उनका दावा है कि यह PM मोदी और उनकी मां हीराबेन मोदी का अपमान करने की सुनियोजित कोशिश थी।NDA ने इसे लोकतंत्र और मर्यादा का अपमान बताते हुए 4 सितंबर 2025 को 5 घंटे का बिहार बंद बुलाया। कार्यकर्ताओं ने #VoteChorGaddiChhod जैसे हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर भी कैंपेन चलाया और सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज किया। पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पटना SSP राजीव मिश्रा के नेतृत्व में 2,000 पुलिसकर्मी और 20 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए। ड्रोन और CCTV से निगरानी की गई। रिजवी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में है, जो मंच पर मौजूद थे। दरभंगा SP ने बताया कि जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या यह कोई सुनियोजित साजिश थी। कई जिलों में कार्यकर्ताओं पर आगजनी, सड़क जाम, और हिंसा के लिए IPC की धारा 188 (लोक सेवक के आदेश की अवहेलना) और 341 (गलत तरीके से रोकना) के तहत मामले दर्ज किए गए। विपक्ष का जवाब कांग्रेस का बयान: कांग्रेस ने इस घटना को अलग-थलग करार दिया और कहा कि यह उनके आधिकारिक बयान का हिस्सा नहीं था। राहुल गांधी ने मंच से दी गई गाली की निंदा की, लेकिन NDA ने इसे अपर्याप्त बताया। RJD ने इस मामले से दूरी बनाते हुए कहा कि यह व्यक्तिगत बयान था, और उनकी पार्टी इसका समर्थन नहीं करती।
Bandra Bastian : क्या शिल्पा शेट्टी का रेस्टोरेंट बांद्रा बास्टियन नहीं हो रहा बंद, कल आधा सच आया था सामने

Shilpa Shetty Restaurant Bandra Bastian is not Shutting Down : बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी( Shilpa Shetty) इन दिनों अपने रेस्टोरेंट बास्टियन को लेकर चर्चा में हैं। कल खबर सामने आई थी कि एक्ट्रेस अपने इस बांद्रा स्थित रेस्तरा को बंद कर रही है। जिसके बाद फैंस चिंता में आ गए थे और हर जगह चर्चा हो रही थी कि शिल्पा शेट्टी घाटे में चल रही है। अब इन सभी बातों पर विराम लगाते हुए, एक्ट्रेस ने एक वीडियो शेयर की है। जिसमें उन्होंने बताया कि बास्टियन बंद नहीं हो रहा है, बल्कि कल आधा सच सामने आया था। फैंस के लिए एक नया सरप्राइज है, जिसे सुनकर हर किसी का दिल खुश हो जाएगा। शिल्पा शेट्टी( Shilpa Shetty) ने फैंस के साथ एक वीडियो शेयर करते हुए बताया कि उनका बास्टियन( Basatian) बंद नहीं हो रहा है। बल्कि वह कहीं और शिफ्ट हो रहा है। साथ ही बांद्रा के इस रेस्टोरेंट की जगह, शिल्पा शेट्टी एक नया कैफे खोल रही है। जिसका नाम है ‘अन्नामई”। यह एक साउथ इंडियन रेस्टोरेंट होगा, जिसमें कपल इन्वेस्ट कर रहा है। बस्टियन जुहू में चला जाएगा और उसका नाम बदलकर “बस्टियन बीच क्लब रखा जाएगा”। एक्ट्रेस ने आगे कहा कि, इस पैमाने पर अपनी विशेषज्ञता और जुनून के साथ आतिथ्य व्यवसाय को बदलने का यह विजन रखने के लिए मेरे भाई, साझेदार और हमारे उद्यम के सीईओ रंजीत बिंद्रा @ranjeetbindra को पूरा श्रेय जाता है। भगवान आपकी रक्षा करे 😇🙌🏼 View this post on Instagram A post shared by Shilpa Shetty Kundra (@theshilpashetty)
IT Raid Update : 250 करोड़ की टैक्स चोरी, भोपाल-इंदौर में इनकम टैक्स का बड़ा खुलासा

Bhopal Indore IT Raid Tax Evasion : मध्य प्रदेश। इनकम टैक्स विभाग ने भोपाल, इंदौर और मुंबई में 30 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर 250 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में साइंस हाउस मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड (SHMPL) और डीसेंट मेडिकल्स के ठिकानों से 150 करोड़ रुपये की बोगस बिलिंग और मेडिकल डिवाइस सप्लायर राजेश गुप्ता के यहां से 100 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के दस्तावेज बरामद हुए हैं। 2 सितंबर से शुरू हुई यह जांच 4 सितंबर 2025 तक पूरी होने की संभावना है। छापेमारी में करोड़ों की नकदी, सीज किए गए लॉकर और विदेशी निवेश से जुड़े सबूत भी सामने आए हैं। इनकम टैक्स विभाग ने 2 सितंबर 2025 को सुबह 5 बजे से भोपाल, इंदौर और मुंबई में 30 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई साइंस हाउस मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड (SHMPL), डीसेंट मेडिकल्स, और राजेश गुप्ता से जुड़े परिसरों पर केंद्रित थी। जितेंद्र तिवारी (साइंस हाउस के निदेशक) और राजेश गुप्ता इस जांच के मुख्य लक्ष्य हैं। छापों में CRPF की सुरक्षा के साथ 50 से अधिक आयकर अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। राजेश गुप्ता: 100 करोड़ की टैक्स चोरी राजेश गुप्ता, एक प्रमुख मेडिकल डिवाइस सप्लायर, के ठिकानों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की बोगस बिलिंग के दस्तावेज बरामद हुए। ये बिलिंग मुख्य रूप से मेडिकल उपकरणों की आपूर्ति और बिक्री से संबंधित हैं। 12 लाख रुपये की नकदी और एक लॉकर सीज किया गया, जिसे 4 सितंबर 2025 को खोला जाएगा। लॉकर में और अधिक नकदी या कीमती सामान होने की संभावना है। जांच में पता चला कि गुप्ता ने युगांडा में मेडिकल और सर्जिकल उपकरणों के कारखाने में निवेश किया है। इसके अलावा, रियल एस्टेट में अवैध निवेश के दस्तावेज भी जब्त किए गए। छापेमारी भोपाल के रचना नगर, लालघाटी और पंचवटी पार्क में गुप्ता के घर और कार्यालयों पर की गई। साइंस हाउस और डीसेंट मेडिकल्स: 150 करोड़ की चोरी साइंस हाउस मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड (भोपाल) और डीसेंट मेडिकल्स (इंदौर) में 150 करोड़ रुपये की बोगस बिलिंग का खुलासा हुआ। ये बिलिंग मेडिकल उपकरणों की आपूर्ति और डायग्नोस्टिक सेवाओं से संबंधित हैं। 2 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई, जिसमें से ज्यादातर डीसेंट मेडिकल्स के MR-5 कॉलोनी, इंदौर स्थित परिसर से मिली। एक लॉकर सीज किया गया, जिसे 4 सितंबर 2025 को खोला जाएगा। जांच में पता चला कि दोनों कंपनियां शेल कंपनियों के नेटवर्क के जरिए आय को छिपा रही थीं। जितेंद्र तिवारी और अन्य जितेंद्र तिवारी, साइंस हाउस के निदेशक, और उनके सहयोगी रोहित गुप्ता (सॉफ्टवेयर इंजीनियर), दिनेश बारोलिया, और शिखा राजोरिया से पूछताछ की जा रही है। अन्य सप्लायर्स जैसे शैलेंद्र तिवारी और मोहन शर्मा के ठिकानों पर भी छापे मारे गए, लेकिन इनके बारे में अभी तक विस्तृत जानकारी नहीं मिली। बोगस बिलिंग और रूट सिस्टम का रैकेट आयकर विभाग की जांच बोगस बिलिंग रैकेट को उजागर करने पर केंद्रित है। कंपनियां रूट सिस्टम के जरिए दूसरे राज्यों और देशों से कम कीमत पर मेडिकल डिवाइस मंगवाती थीं। फिर इन्हें उच्च कीमत पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जाता था। बिक्री का हिस्सा शेल कंपनियों के जरिए छिपाया जाता था, और बोगस बिलिंग के माध्यम से टैक्स चोरी की जाती थी। राजेश गुप्ता के युगांडा में कारखाने और रियल एस्टेट में निवेश की जांच चल रही है, जो संभावित हवाला लेनदेन से जुड़ा हो सकता है। जांच की स्थिति छापेमारी 4 सितंबर 2025 तक पूरी होने की उम्मीद है। आयकर अधिकारी बरामद दस्तावेजों, बैंक लेनदेन, और आयकर रिटर्न की जांच कर रहे हैं। सीज किए गए लॉकरों को आज खोला जाएगा, जिससे और अधिक नकदी या संपत्ति की जानकारी मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार, इन व्यापारियों का एक वरिष्ठ IAS अधिकारी से कथित संबंध है, जिसकी पहचान अभी उजागर नहीं की गई है। साइंस हाउस और डीसेंट मेडिकल्स का बैकग्राउंड साइंस हाउस मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड: भोपाल में 1994 से मेडिकल उपकरणों की आपूर्ति और डायग्नोस्टिक सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी। जितेंद्र तिवारी इसके निदेशक हैं। यह कंपनी सरकारी टेंडरों में सक्रिय है, लेकिन उपकरणों की खराब गुणवत्ता और टेस्ट रिपोर्ट में गड़बड़ी के लिए अक्सर जुर्माना झेलती रही है। डीसेंट मेडिकल्स: इंदौर में मेडिकल उपकरणों की आपूर्ति करने वाली कंपनी, जिसके ठिकानों पर MR-5 कॉलोनी में छापे मारे गए। राजेश गुप्ता: भोपाल का एक प्रमुख व्यापारी, जो युगांडा में मेडिकल उपकरणों का कारखाना चलाता है और पूरे भारत में उपकरण सप्लाई करता है। बरामद दस्तावेजों और नकदी के आधार पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 132 के तहत कार्रवाई होगी। इसमें जब्ती, जुर्माना, और संभावित जेल शामिल हो सकती है। इस रैकेट के खुलासे से मेडिकल उपकरणों की आपूर्ति श्रृंखला और सरकारी टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। यह जांच मेडिकल सेक्टर में पारदर्शिता लाने में मदद कर सकती है।
Ashish Kapoor Arrested : कौन हैं आशीष कपूर? दिल्ली पुलिस ने बलात्कार के मामले में किया गिरफ्तार

Ashish Kapoor Arrested in Rape Case : टेलीविजन अभिनेता आशीष कपूर को दिल्ली पुलिस ने पुणे, महाराष्ट्र से एक कथित बलात्कार मामले में गिरफ्तार किया है। यह मामला सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था और आशीष को 3 सितंबर 2025 को हिरासत में लिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना अगस्त 2025 में दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में एक हाउस पार्टी के दौरान हुई थी। क्या है पूरा मामला? पुलिस के अनुसार, 11 अगस्त 2025 को एक 24 वर्षीय महिला ने FIR दर्ज कराई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि आशीष कपूर ने उसे एक हाउस पार्टी में बाथरूम में ले जाकर बलात्कार किया। यह पार्टी आशीष के दोस्त के घर आयोजित की गई थी, जहां महिला को इंस्टाग्राम के जरिए आशीष ने आमंत्रित किया था। महिला ने बताया कि वह आशीष से सोशल मीडिया पर मिली थी, और फिर उसे पार्टी में बुलाया गया। महिला के बदलते बयान शुरुआती FIR: महिला ने अपनी प्रारंभिक शिकायत में आशीष कपूर, उनके दोस्त, दोस्त की पत्नी, और दो अज्ञात व्यक्तियों पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया था। उसने यह भी दावा किया कि घटना का वीडियो बनाया गया और उसे धमकी दी गई कि अगर वह शिकायत करती है, तो वीडियो सार्वजनिक कर दिया जाएगा। संशोधित बयान (18 अगस्त 2025): महिला ने बाद में अपने बयान में बदलाव किया, जिसमें उसने केवल आशीष कपूर पर बलात्कार का आरोप लगाया और कहा कि दोस्त की पत्नी ने उसे शारीरिक रूप से मारपीट की। उसने आशीष के दोस्त और अन्य व्यक्तियों को आरोपों से बाहर कर दिया। महिला ने दावा किया कि घटना का वीडियो बनाया गया था लेकिन पुलिस को अभी तक कोई वीडियो फुटेज नहीं मिला है। CCTV और गवाहों के बयान पुलिस जांच में CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों से पता चला कि, आशीष और महिला एक साथ बाथरूम में गए थे और काफी समय तक बाहर नहीं आए। जब वे बाहर नहीं निकले, तो अन्य मेहमानों और मेजबान ने दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद तर्क-वितर्क शुरू हुआ। यह बहस घर से बाहर सोसाइटी के गेट तक पहुंची, जहां महिला ने आरोप लगाया कि आशीष के दोस्त की पत्नी ने उसे मारपीट की। पुलिस के अनुसार, यह PCR कॉल दोस्त की पत्नी ने ही किया था, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। आशीष कपूर की गिरफ्तारी आशीष कपूर FIR दर्ज होने के बाद फरार थे। पुलिस ने उनकी गतिविधियों को ट्रैक किया, जो पहले गोवा और फिर पुणे में देखी गईं। DCP (नॉर्थ) राजा बंथिया ने बताया कि दिल्ली पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में थीं, और अंततः उन्हें पुणे से गिरफ्तार किया गया। आशीष पर अब बलात्कार के आरोप में कानूनी कार्रवाई चल रही है, और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। आशीष के दोस्त और पत्नी को जमानत 21 अगस्त 2025 को आशीष के दोस्त और उनकी पत्नी ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। सुनवाई के दौरान महिला मौजूद थी, लेकिन उसने अपने बयान में दोस्त का नाम शामिल नहीं किया। पुलिस ने बताया कि सामूहिक बलात्कार के आरोप को हटाकर अब केवल बलात्कार के आरोप में कार्रवाई की जा रही है। कौन हैं आशीष कपूर? आशीष कपूर, जिन्हें आशु या AK के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री का एक जाना-माना चेहरा हैं। उनका जन्म 17 अक्टूबर 1984 को दिल्ली में हुआ, और वह 40 साल के हैं। पहले वह इंटीरियर डिजाइनर थे, लेकिन बाद में उन्होंने अभिनय में कदम रखा। उनकी प्रमुख टीवी सीरियल्स में शामिल हैं: देखा एक ख्वाब (युवराज उदयवीर सिंह के रूप में, जिसने उन्हें खूब लोकप्रियता दिलाई) ये रिश्ता क्या कहलाता है (निखिल, अक्षरा का जीजा) सरस्वतीचंद्र (कबीर व्यास) लव मैरिज या अरेंज्ड मैरिज बंधिनी (विक्रम महियावंशी) ससुराल सिमर का 2, वो अपना सा, और मोल्की रिश्तों की अग्निपरीक्षा आशीष की निजी जिंदगी भी सुर्खियों में रही है। उन्होंने प्रियल गोर (देखा एक ख्वाब की को-स्टार) को डेट किया, जब प्रियल 18 साल की थीं। बाद में उनकी अल्बानियाई मॉडल इल्डा क्रोनी और टीवी प्रोड्यूसर पर्ल ग्रे (मन्न की आवाज प्रतिज्ञा 2) के साथ रिलेशनशिप चर्चा में रही। आशीष ने हाल ही में अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर लिया है। पुलिस ने बताया कि जांच जारी है और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। CCTV फुटेज और गवाहों के बयान इस मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं। हालांकि, महिला के बार-बार बदलते बयानों और वीडियो फुटेज की अनुपस्थिति ने जांच को जटिल बना दिया है। पुलिस यह सुनिश्चित करने में लगी है कि सभी तथ्यों की गहन पड़ताल हो।
New GST Rates : टीवी-वॉशिंग मशीन से कार-बाइक तक सस्ती, लग्जरी चीजें होंगी महंगी, जानिये पूरी लिस्ट

New GST Rates : नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के भाषण में GST (Goods and Services Tax) में बड़े बदलाव का ऐलान किया था, जिसे 56वीं GST काउंसिल मीटिंग में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में मंजूरी दे दी गई। अब GST की चार स्लैब (5%, 12%, 18%, और 28%) को घटाकर सिर्फ दो स्लैब (5% और 18%) कर दिया गया है। इसके अलावा, 40% की विशेष स्लैब को लग्जरी और ‘सिन गुड्स’ जैसे तंबाकू, सिगरेट, और पान मसाला के लिए लागू किया गया है। ये बदलाव 22 सितंबर 2025 (नवरात्रि का पहला दिन) से लागू होंगे। इससे रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो जाएंगी, जबकि लग्जरी आइटम्स और तंबाकू-सिगरेट महंगे होंगे। आइए, विस्तार से जानते हैं कि क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा हुआ। GST में बदलाव: पहले GST की चार मुख्य स्लैब थीं: 5%, 12%, 18%, और 28% साथ ही कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर कम्पन्सेशन सेस (1% से 290% तक) लागू था। अब नए रिफार्म के बाद इस प्रकार है: 5% स्लैब: रोजमर्रा की जरूरतों और आवश्यक वस्तुओं के लिए। 18% स्लैब: ज्यादातर उपभोक्ता वस्तुओं और सेवाओं के लिए। 40% स्लैब: केवल लग्जरी और सिन गुड्स (जैसे तंबाकू, पान मसाला, और महंगी गाड़ियां) के लिए। 0% स्लैब: कुछ आवश्यक वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं। कम्पन्सेशन सेस को मार्च 2026 तक खत्म कर दिया जाएगा, और इसके बाद सिन गुड्स पर 40% की एकसमान दर लागू होगी। तंबाकू, सिगरेट, और पान मसाला जैसे उत्पादों पर मौजूदा दरें (28% GST + सेस) तब तक लागू रहेंगी, जब तक कम्पन्सेशन सेस के तहत ऋण और ब्याज का भुगतान पूरा नहीं हो जाता। क्या हुआ सस्ता? GST काउंसिल ने कई रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स घटाकर आम लोगों को राहत दी है। नई दरों से निम्नलिखित चीजें सस्ती होंगी: 1. खाने-पीने का सामान 0% GST (पहले 5% या 18%): दूध, छेना, पनीर, पिज्जा ब्रेड, खाखरा, सादी चपाती, रोटी, और पराठा। रबड़, मानचित्र, पेंसिल, शार्पनर, और अभ्यास पुस्तिकाएं। 5% GST (पहले 12% या 18%): मक्खन, घी, सूखे मेवे, कंडेंस्ड दूध, पनीर, अंजीर, खजूर, एवोकाडो, सॉसेज, मांस, चीनी से बनी मिठाइयां, जैम, जेली, नारियल पानी, नमकीन, 20 लीटर की पानी की बोतल, फलों का रस, आइसक्रीम, पेस्ट्री, बिस्कुट, कॉर्न फ्लेक्स, और अनाज युक्त पेय। शैम्पू, टैल्कम पाउडर, टूथपेस्ट, टूथब्रश, फेस पाउडर, साबुन, और हेयर ऑयल। 2. रोजमर्रा की चीजें 5% GST (पहले 12%): दूध की बोतलें, रसोई के बर्तन, छाते, साइकिल, बांस के फर्नीचर, और कंघी। 18% GST (पहले 28%): टीवी (सभी आकार), वॉशिंग मशीन, डिशवॉशर, और एयर कंडीशनर। सीमेंट (निर्माण सस्ता होगा)। 3. खेती-किसानी से जुड़ा सामान 5% GST (पहले 12% या 18%): 15 हॉर्स पावर तक के डीजल इंजन, हैंड पंप, ड्रिप सिंचाई उपकरण, स्प्रिंकलर नोजल, मिट्टी तैयार करने वाली मशीनें, कटाई और थ्रेसिंग मशीनें, कंपोस्टिंग मशीन, और ट्रैक्टर (1800 सीसी से ज्यादा इंजन वाले सेमी-ट्रेलर ट्रैक्टर को छोड़कर)। ट्रैक्टर के पिछले टायर, ट्यूब, हाइड्रोलिक पंप, और अन्य कलपुर्जे। सल्फ्यूरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, अमोनिया, और नीम-आधारित कीटनाशक जैसे उर्वरक और जैव कीटनाशक। 4. दवाइयां और बीमा 0% GST (पहले 12%): 33 जीवन रक्षक दवाएं, कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की 3 दवाएं। 5% GST (पहले 12%): अन्य सभी दवाइयां। 0% GST (पहले 18%): लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम। 5. कपड़े और जूते 5% GST (पहले 12%): 2,500 रुपये से कम कीमत के कपड़े और जूते। 18% GST (पहले 12%): 2,500 रुपये से ज्यादा कीमत के कपड़े और जूते। 6. गाड़ियां 18% GST (पहले 28%): 1,200 सीसी से कम और 4,000 मिमी से कम लंबाई वाली पेट्रोल, LPG, और CNG गाड़ियां। 1,500 सीसी और 4,000 मिमी तक लंबाई वाली डीजल गाड़ियां। 350 सीसी तक की मोटरसाइकिलें। 5% GST (पहले जैसा): इलेक्ट्रिक वाहन (EVs)। क्या हुआ महंगा? 40% GST स्लैब में शामिल वस्तुएं और सेवाएं महंगी होंगी: सिन गुड्स: पान मसाला, तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी, और जर्दा (रिटेल सेल प्राइस पर टैक्स)। कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, फलों के रस वाली ड्रिंक्स, और ज्यादा चीनी वाली ड्रिंक्स। लग्जरी आइटम्स: 1,200 सीसी से ज्यादा और 4,000 मिमी से ज्यादा लंबी गाड़ियां। 350 सीसी से ज्यादा की मोटरसाइकिलें, प्राइवेट जेट, और रेसिंग कारें। जुआ और मनोरंजन: रेस क्लब, कसीनो, घुड़दौड़, लॉटरी और ऑनलाइन मनी गेमिंग। तंबाकू, सिगरेट और पान मसाला पर मौजूदा 28% GST + कम्पन्सेशन सेस तब तक लागू रहेगा, जब तक ऋण और ब्याज का भुगतान पूरा नहीं हो जाता। इसके बाद इन पर 40% GST लागू होगा। राज्यों का घाटा 48,000 करोड़ का घाटा: रेवेन्यू सेक्रेटरी अरविंद श्रीवास्तव के अनुसार, GST दरों में कटौती से 48,000 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा होने का अनुमान है। खपत बढ़ने की उम्मीद: चीजें सस्ती होने से मांग बढ़ेगी, जो भारत की 61.4% खपत-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी। अमेरिकी टैरिफ का जवाब: अमेरिका द्वारा भारतीय आयात पर 50% टैरिफ लगाए जाने के बाद, GST सुधारों से GDP में 0.5% की अतिरिक्त वृद्धि की उम्मीद है, जो टैरिफ के प्रभाव को कम करेगा। राज्यों का नुकसान: राज्यों को GST राजस्व में हिस्सेदारी मिलती है, और दरों में कटौती से उनका राजस्व प्रभावित होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सिन गुड्स पर 28% GST + कम्पन्सेशन सेस से इसकी भरपाई की जाएगी। क्यों हुआ यह बदलाव? GST को 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था, और 8 साल बाद यह सबसे बड़ा सुधार है। इसका उद्देश्य: आम लोगों के लिए राहत: रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स कम कर खर्च कम करना। उपभोग बढ़ाना: सस्ती वस्तुओं से मांग बढ़ेगी, जो अर्थव्यवस्था को गति देगी। इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में सुधार: इनपुट और आउटपुट टैक्स में असमानता को ठीक करना, जिससे व्यवसायों को कार्यशील पूंजी की समस्या न हो। प्रक्रिया सरलीकरण: प्री-फिल्ड रिटर्न, ऑटोमेटेड रिफंड, और आसान रजिस्ट्रेशन से व्यवसायों को राहत।