Bigg Boss19 Mahaboring Contestants : बिग बॉस 19 में इन कंटेस्टेंट्स को मिला महाबोरिंग का टैग, सलमान खान भी दे चुके वार्निंग

Bigg Boss 19 Mahaboring Contestants : बिग बॉस 19 को शुरू हुए एक हफ्ता हो चुका है और शो ने पहले ही दिन से ड्रामे की आंधी ला दी है। कंटेस्टेंट्स के बीच तीखी बहस, झगड़े और गठजोड़ ने दर्शकों का ध्यान खींचा है। लेकिन जहां कुछ कंटेस्टेंट्स अपनी हरकतों से चर्चा में हैं, वहीं कुछ ऐसे हैं जो शो में बिल्कुल फीके नजर आए। इन ‘महाबोरिंग’ कंटेस्टेंट्स को सलमान खान ने वीकेंड का वार में चेतावनी तक दे डाली। आइए जानते हैं उन 6 कंटेस्टेंट्स के बारे में, जिन्हें दर्शकों ने ‘बोरिंग’ का टैग दिया है और जो बिग बॉस के घर में अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे। बिग बॉस 19 में कौन है एक्टिव? शो में कुछ कंटेस्टेंट्स अपनी सक्रियता से सबका ध्यान खींच रहे हैं। तान्या मित्तल, जीशान कादरी, कुनिका सदानंद, अमाल मलिक, और बसीर अली ने गेम में दम दिखाया है। ये कंटेस्टेंट्स न केवल टास्क में हिस्सा ले रहे हैं, बल्कि अपनी रणनीति और तीखे तेवरों से घर में हलचल मचा रहे हैं। लेकिन कुछ कंटेस्टेंट्स ऐसे हैं जो न तो टास्क में दिख रहे हैं और न ही घर की गहमागहमी में। इनकी ‘नॉन-एक्जिस्टेंट’ मौजूदगी ने दर्शकों को निराश किया है। ‘महाबोरिंग’ कंटेस्टेंट्स की लिस्ट 1. प्रणित मोरे: हंसी का डोज गायब प्रणित मोरे, जो पेशे से स्टैंडअप कॉमेडियन हैं, घर में हंसी बिखेरने की उम्मीद के साथ आए थे। लेकिन पहले हफ्ते में उनका जादू नहीं चला। वह बाकी कंटेस्टेंट्स से घुलने-मिलने की कोशिश तो कर रहे हैं, लेकिन गेम में उनका कोई मजबूत दृष्टिकोण नजर नहीं आया। न तो वह टास्क में प्रभावी रहे और न ही किसी विवाद में शामिल हुए। दर्शकों का कहना है कि प्रणित की ‘कॉमेडी’ शो में कहीं खो गई है। ये खबर भी पढ़ें Bastian Bandra : शिल्पा शेट्टी का रेस्टोरेंट होगा बंद, सेलेब्स का फेवरेट स्पॉट था बास्टियन बांद्रा 2. नगमा मिराजकर: इन्फ्लुएंसर की फीकी मौजूदगी नगमा मिराजकर, जिनके इंस्टाग्राम पर 7.8 मिलियन फॉलोअर्स हैं, सोशल मीडिया की दुनिया में बड़ा नाम हैं। लेकिन बिग बॉस के घर में उनकी मौजूदगी लगभग न के बराबर रही। न उनके कोई दोस्त बने, न दुश्मन। अपनी कथित बॉयफ्रेंड आवेज दरबार के साथ उनकी केमिस्ट्री भी फीकी रही। दर्शकों को उनसे ड्रामा और ग्लैमर की उम्मीद थी, लेकिन वह अभी तक ‘अदृश्य’ ही दिख रही हैं। 3. आवेज दरबार: 30 मिलियन फॉलोअर्स, शून्य प्रभाव आवेज दरबार, जिनके इंस्टाग्राम पर 30.5 मिलियन फॉलोअर्स हैं, सोशल मीडिया स्टार के तौर पर शो में आए थे। लेकिन बिग बॉस के घर में उनकी पर्सनैलिटी कहीं गायब है। वह न टास्क में सक्रिय दिखे, न ही घर की रणनीतियों में। नगमा के साथ उनकी जोड़ी भी दर्शकों को प्रभावित नहीं कर पाई। सलमान खान ने भी उन्हें गेम में सक्रिय होने की चेतावनी दी है। ये खबर भी पढ़ें सरकारी जमीनी विवाद में फंसी शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान, जानिये क्या है पूरा मामला 4. नीलम गिरी: भोजपुरी स्टार का फीका जलवा नीलम गिरी, भोजपुरी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री, जिनके इंस्टाग्राम पर 4.9 मिलियन फॉलोअर्स हैं, शो में अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रही हैं। उनकी तान्या मित्तल के साथ दोस्ती को छोड़कर घर में कोई खास गतिविधि नहीं दिखी। भोजपुरी सिनेमा में अपनी डांस और एक्टिंग के लिए मशहूर नीलम बिग बॉस में अब तक फ्लॉप साबित हुई हैं। 5. अशनूर कौर: सबसे यंग, फिर भी शांत अशनूर कौर, जो 21 साल की उम्र में शो की सबसे युवा कंटेस्टेंट हैं, टीवी इंडस्ट्री का चर्चित चेहरा हैं। ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ और ‘पटियाला बेब्स’ जैसे शोज से फेमस अशनूर को दर्शकों का खूब सपोर्ट मिल रहा है। लेकिन घर में वह बेहद शांत और कम सक्रिय दिख रही हैं। उनकी पर्सनैलिटी अभी तक उभरकर सामने नहीं आई, जिसके लिए सलमान ने उन्हें चेताया भी है। ये खबर भी पढ़ें Zomato से खाना मंगाने पर अब 12 रुपए लगेगा चार्ज, जानिए क्यों बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस 6. अभिषेक बजाज: कमजोर गेम, कोई प्रभाव नहीं अभिषेक बजाज, जो ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ और ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ जैसे फिल्मों में नजर आ चुके हैं, शो में कोई खास कमाल नहीं दिखा पाए। उनका गेम कमजोर रहा, और घरवाले भी उन्हें मजबूत कंटेस्टेंट नहीं मान रहे। टास्क हो या घर की रणनीति, अभिषेक हर जगह पीछे दिखे। दर्शकों ने उन्हें भी ‘महाबोरिंग’ का टैग दे दिया है। सलमान की चेतावनी वीकेंड का वार में सलमान खान ने इन कंटेस्टेंट्स को साफ शब्दों में कहा कि अगर वे गेम में सक्रिय नहीं हुए, तो उनकी जर्नी जल्द खत्म हो सकती है। सलमान ने खास तौर पर प्रणित, नगमा, आवेज, और अभिषेक को उनकी निष्क्रियता के लिए लताड़ा। अब देखना यह है कि क्या ये कंटेस्टेंट्स अगले हफ्ते अपनी रणनीति बदल पाएंगे या दर्शकों के ‘बोरिंग’ टैग के साथ घर से बाहर होंगे।
दुबई से कितना Gold ला सकते हैं भारत, रान्या राव पर लगा 102 करोड़ रुपए जुर्माना

How Much Gold Can Legally Bring from Dubai : दुबई जिसे ‘गोल्ड का शहर’ कहा जाता है भारत की तुलना में 8 से 9% सस्ता सोना बेचता है। यही कारण है कि वहां घूमने या काम के सिलसिले में जाने वाले लोग अक्सर सोना खरीदकर भारत लाने की सोचते हैं। लेकिन सावधान! यह काम जितना आसान लगता है, उतना है नहीं। हाल ही में कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव की सोना तस्करी की घटना ने सबका ध्यान खींचा है। बेंगलुरु हवाई अड्डे पर उनके पास से 14.2 किलो सोना जब्त किया गया और अब उन पर 102 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगा है। यह मामला न केवल सनसनीखेज है, बल्कि नियमों की अनदेखी करने वालों के लिए एक बड़ा सबक भी है। आइए जानते हैं दुबई में सोने की कीमत, भारत में सोना लाने के नियम। दुबई में क्यों सस्ता है सोना? दुबई में 24 कैरेट सोने की कीमत वर्तमान में 85,000 से 88,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है। भारत में यही सोना 8-9% अधिक महंगा पड़ता है, यानी करीब 95,000 रुपये प्रति 10 ग्राम। इस कीमत के अंतर की मुख्य वजह है: दुबई में सोने पर कोई जीएसटी या आयात शुल्क नहीं लगता, जबकि भारत में 3% जीएसटी और अन्य कर लागू होते हैं। दुबई में सोने की रिफाइनिंग और ज्वेलरी बनाने की लागत भारत से कम है। दुबई का गोल्ड सूक और दुबई मल्टी कमोडिटीज सेंटर (DMCC) वैश्विक स्तर पर सोने का व्यापार बढ़ाते हैं। इन कारणों से दुबई भारतीय खरीदारों के लिए आकर्षक है, लेकिन सस्ते सोने का लालच कई बार कानूनी मुश्किलों में डाल सकता है। भारत में सोना लाने के नियम भारत सरकार ने विदेश से सोना लाने के लिए सख्त नियम बनाए हैं। कस्टम्स एक्ट, 1962 के तहत, सोना लाने की सीमा और शर्तें इस प्रकार हैं: पुरुष यात्री: 20 ग्राम तक सोने के गहने (मूल्य 50,000 रुपये तक) बिना टैक्स के ला सकते हैं। महिला यात्री: 40 ग्राम तक सोने के गहने (मूल्य 1 लाख रुपये तक) बिना टैक्स के ला सकती हैं। 15 साल से कम उम्र के बच्चे: समान छूट, लेकिन केवल गहनों (जैसे चेन, अंगूठी, झुमके) पर लागू, न कि सोने की ईंटों या सिक्कों पर। 6 महीने से अधिक विदेश प्रवास: यदि आप 6 महीने से अधिक समय तक विदेश में रहे हैं, तो 1 किलो तक सोना चेक-इन बैग में ला सकते हैं, बशर्ते आप कस्टम ड्यूटी चुकाएं। कस्टम ड्यूटी की दरें: 20-50 ग्राम (पुरुष) / 40-100 ग्राम (महिला): 3% टैक्स। 50-100 ग्राम (पुरुष) / 100-200 ग्राम (महिला): 6% टैक्स। 100 ग्राम से अधिक (पुरुष) / 200 ग्राम से अधिक (महिला): 10% टैक्स। सोने की खरीद का पक्का बिल अनिवार्य है, जिसमें शुद्धता, वजन और खरीद की तारीख हो। सोने को रेड चैनल में घोषित करना जरूरी है। ग्रीन चैनल में बिना घोषणा के सोना लाना गैरकानूनी है। बिना बिल या घोषणा के सोना लाने पर जब्ती, जुर्माना और 7 साल तक की जेल हो सकती है। क्या है रान्या राव का मामला कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव का मामला इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि नियम तोड़ने की कीमत कितनी भारी हो सकती है। 3 मार्च 2025 को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने उन्हें 14.2 किलो सोना तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया। रान्या ने सोने को अपनी पोशाक और विशेष बेल्ट में छिपाया था। उनकी बार-बार दुबई यात्रा (पिछले एक साल में 30 बार) ने संदेह पैदा किया। जांच में उनके घर से 2.06 करोड़ की ज्वेलरी और 2.67 करोड़ रुपये नकद भी जब्त किए गए। DRI ने बताया कि रान्या ने 4.83 करोड़ रुपये की कस्टम ड्यूटी चुराने की कोशिश की। अब उन पर 102 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा है, और कस्टम्स एक्ट, 1962 के तहत मुकदमा चल रहा है। अगर जुर्माना नहीं भरा गया, तो उनकी संपत्ति जब्त हो सकती है। यह मामला साफ करता है कि सस्ता सोना लाने का लालच जेल और भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।
सरकारी जमीनी विवाद में फंसी शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान, जानिये क्या है पूरा मामला

Suhana Khan Caught in Government Land Dispute : बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी एक्टिंग नहीं, बल्कि अलीबाग में जमीन खरीद से जुड़ा एक बड़ा विवाद है। सुहाना पर आरोप है कि उन्होंने बिना कलेक्टर की अनुमति और उचित कागजी कार्रवाई के सरकारी जमीन खरीदी, जो मूल रूप से किसानों को खेती के लिए दी गई थी। यह मामला अब जांच के दायरे में है और स्थानीय प्रशासन ने इसकी तह तक जाने की तैयारी शुरू कर दी है। आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं। अलीबाग में जमीन खरीद का मामला रिपोर्ट्स और दस्तावेजों के अनुसार, सुहाना ने 2023 और 2024 में अलीबाग के थाल गांव में दो प्लॉट खरीदे, जिनकी कुल कीमत 22 करोड़ रुपये बताई जा रही है। ये प्लॉट देजा वु फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड (Deja VU Farms Private Limited ) के नाम पर रजिस्टर्ड हैं, जिसके मालिकाना हक गौरी खान की मां सविता छिब्बर और भाभी नमिता छिब्बर के पास हैं। इनमें से एक प्लॉट की कीमत 12.91 करोड़ रुपये थी, जिसे सुहाना ने तीन बहनों- अंजलि, रेखा और प्रिया खोत- से खरीदा। इन बहनों ने दावा किया कि यह जमीन उन्हें उनके माता-पिता से विरासत में मिली थी। हालांकि, जांच में सामने आया कि यह जमीन सरकार द्वारा किसानों को खेती के लिए आवंटित की गई थी। सुहाना ने इस खरीद के दौरान 77.46 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी का भुगतान किया था, और दस्तावेजों में उन्हें किसान के रूप में दर्ज किया गया। यह दावा अब विवाद का केंद्र बन गया है, क्योंकि महाराष्ट्र कृषि भूमि अधिनियम, 1961 के तहत केवल किसान ही ऐसी जमीन खरीद सकते हैं, और इसके लिए कलेक्टर से एनओसी लेना अनिवार्य है। इस मामले में मुंबई पुलिस के रेजिडेंट डिप्टी कमिश्नर संदेश शिर्के ने अलीबाग तहसीलदार से एक निष्पक्ष जांच रिपोर्ट मांगी है। जांच का फोकस इस बात पर है कि क्या सुहाना ने जमीन खरीदने के लिए उचित अनुमति ली थी और क्या दस्तावेजों में उनकी किसान की स्थिति सही थी। अगर यह साबित होता है कि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो यह मामला और गंभीर हो सकता है। खान परिवार का पुराना विवाद यह पहली बार नहीं है जब खान परिवार का नाम अलीबाग में जमीन विवाद से जुड़ा है। साल 2018 में आयकर विभाग ने शाहरुख खान के अलीबाग बंगले को अस्थायी रूप से जब्त किया था। उस समय संदेह था कि कृषि उपयोग के लिए खरीदी गई जमीन का इस्तेमाल निजी फार्महाउस के रूप में किया जा रहा था। यह संपत्ति भी देजा वु फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर थी। आयकर विभाग ने बेनामी लेनदेन और कृषि भूमि अधिग्रहण नियमों के उल्लंघन के आधार पर नोटिस जारी किया था। अब सुहाना का यह नया मामला उस पुरानी घटना की याद दिला रहा है। सुहाना की एक्टिंग जर्नी विवादों के बीच सुहाना अपनी एक्टिंग करियर में भी व्यस्त हैं। उन्होंने जोया अख्तर की नेटफ्लिक्स फिल्म ‘द आर्चीज’ से अपने अभिनय की शुरुआत की थी। अब वह अपने पिता शाहरुख खान के साथ फिल्म ‘किंग’ में नजर आने वाली हैं। यह पहली बार होगा जब शाहरुख और सुहाना एक साथ बड़े पर्दे पर दिखेंगे। फैंस इस जोड़ी को देखने के लिए उत्साहित हैं, हालांकि शाहरुख की चोट के कारण फिल्म की शूटिंग अभी रुकी हुई है। क्या कहते हैं नियम? कृषि भूमि अधिनियम, 1961 के अनुसार, केवल वही व्यक्ति कृषि भूमि खरीद सकता है जो या तो खुद किसान हो या जिसके परिवार के पास पहले से कृषि भूमि हो। सरकारी जमीन, जो किसानों को खेती के लिए दी जाती है, उसे बिना कलेक्टर की अनुमति के बेचा नहीं जा सकता। इसके लिए खरीदार और विक्रेता दोनों को तहसीलदार से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) लेना होता है।
Bastian Bandra : शिल्पा शेट्टी का रेस्टोरेंट होगा बंद, सेलेब्स का फेवरेट स्पॉट था बास्टियन बांद्रा

Shilpa Shetty Restaurant Bastian Bandra will be Closed : बॉलीवुड की फिटनेस क्वीन अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी इस समय मुश्किलों से गुजर रही हैं। उनके पति राज कुंद्रा पर 60 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप लगा था। इस बीच अभिनेत्री ने बताया कि उनका मुंबई स्थित रेस्टोरेंट बास्टियन बांद्रा बंद हो रहा है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर इमोशनल पोस्ट लिखकर बताया कि गुरुवार को रेस्टोरेंट का आखिरी दिन होगा। रेस्टोरेंट बास्टियन बांद्रा सेलेब्स का फेवरेट स्पॉट था। आइए जानते हैं क्यों चर्चा में रहता था बास्टियन बांद्रा? क्यों था इतना पॉपुलर अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी का मुंबई स्थित रेस्टोरेंट बास्टियन बांद्रा अपने लग्जरी अनुभव और शानदार खूबसूरती के कारण बास्टियन सेलिब्रिटीज का पॉपुलर हॉटस्पॉट बन गया था। यहां पर सेलेब्स पार्टी के लिए आने लगे और जल्द ही यह पैपराजी के लिए महत्वपूर्ण स्थान बन गया। सेलेब्स का था फेवरेट स्पॉट शिल्पा के रेस्टारेंट बैस्टियन में दिशा पाटनी, टाइगर श्रॉफ, मलाइका अरोड़ा जाह्नवी कपूर, अनन्या पांडे, कैटरीना कैफ, रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण अक्सर स्पॉट होते थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब दिशा और टाइगर एक दूसरे को डेट कर रहे थे तब दोनों इसी रेस्टोरेंट के बाहर स्पॉट होते थे। बैस्टियन की फूड क्वॉलिटी कमाल की मानी जाती है। शिल्पा शेट्टी ने दी जानकारी शिल्पा शेट्टी ने इस गुरुवार को युग का अंत हो रहा है। हम मुंबई की आइकॉनिक जगहों में से एक बास्टियन बांद्रा को अंतिम विदाई देंगे। इस जगह हमने अनगिनत यादें, ना भूलने वाले पल दिए है। उन्होंने आगे लिखा, वह उस खास जगह को सम्मान देने के लिए अपने सहायकों के साथ एक खास शाम का आयोजन कर रही है। इसमें यादें और सेलिब्रेशन होगा। साल 2016 में शिल्पा शेट्टी ने रंजीत बिंद्रा के साथ मिलकर बास्टियन बांद्रा की शुरुआत की थी। पिछले 9 साल से यह रेस्टोरेंट एक पॉपुलर स्पॉट बना हुआ था। क्या धोखाधड़ी के आरोप के चलते बंद हो रहा बास्टियन? बता दें कि बास्टियन के बंद होने का धोखाधड़ी के आरोपों से कोई संबंध नहीं है। कुछ दिनों पहले बिजनेसमैन लोटस कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के डायरेक्टर दीपक कोठारी ने शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा पर 60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। कोठारी ने कपल पर आरोप लगाया है कि बिजनेस के नाम पर उनसे पैसे लिए गए लेकिन उनका इस्तेमाल निजी काम के लिए किया गया। कपल के वकील ने इन आरोपों को बेबुनियाद और झूठा बताया है।
गले में दर्द को ChatGPT ने बताया ‘सब ठीक’, बाद में निकला 4th स्टेज कैंसर

आज की डिजिटल दुनिया में लोग अक्सर अपने हेल्थ से जुड़े छोटे-मोटे सवालों के लिए गूगल या फिर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स का सहारा ले रहे हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि, ये कितना खतरनाक हो सकता है। AI पर निर्भरता की वजह से एक युवक जिंदगी पर बन आई। आइये जानते हैं ऐसे शख्स की कहानी कैसे ChatGPT की वजह से 4th स्टेज कैंसर तक पहुंचा …। यह पूरा मामला आयरलैंड के केरी काउंटी का है, जहां किलार्नी में रहने वाले 37 साल के वॉरेन टियरनी ने लगातार गले में दर्द होने के कारण ChatGPT की मदद ली। जब उन्होंने ChatGPT को अपने गले में होने वाले दर्द और अन्य लक्षण बताए तो उसने बताया कि कैंसर होने की गुंजाइश न के बराबर है, जिस कारण उन्होंने डॉक्टरों को नहीं दिखाया। महीनों बाद जब दर्द बढ़ा तो उन्होंने डॉक्टर को दिखाया तब पता चला कि उन्हें चौथी स्टेर का कैंसर है। डॉक्टरों का कहना है कि अब उनका कैंसर उस स्टेज पर पहुंच गया, जहां इलाज कर पाना मुमकिन नहीं है। ऐसे में अब उनकी जान जाने का खतरा बढ़ गया है। ChatGPT ने क्या दिया जवाब डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, टियरनी को पहले गले में दर्द हुआ, जिससे उन्हें खाना निगलने में दिक्कत होने लगी। चूंकि यह एसिड रिफ्लक्स या मांसपेशियों में खिंचाव के कारण भी हो सकता है, इसलिए कई लोग इसे शुरुआत में गंभीरता से नहीं लेते। डॉक्टरों से सलाह लेने की बजाय उन्होंने ChatGPT की मदद ली। जब टियरनी ने अपने लक्षण बताए तो ChatGPT ने बताया कि मांसपेशियों में खिंचाव के कारण ऐसा हो सकता है। एक जवाब में ChatGPT में लिखा- ‘कैंसर? नामुमकीन है।’ इस जवाब से टियरनी को राहत मिली और डॉक्टर को दिखाने में देरी की। टियरनी का कहना है कि उन्हें लगा था कि यह छोटी-मोटी समस्या है और अपने आप ठीक हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस देरी के कारण उनका कैंसर बढ़ता गया। अब चौथी स्टेज में पहुंचा कैंसर जब टियरनी को ज्यादा दिक्कत होने लगी तो उन्होंने डॉक्टर को दिखाया। जांच में पता चला कि उन्हें Oesophageal Cancer है। यह फूड पाइप में होता है, जो गले और पेट से जुड़ी होती है। जांच में पता चला कि उनका कैंसर चौथी स्टेज में पहुंच गया है। इस तरह के कैंसर का काफी देर से पता चलता है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण ज्यादा गंभीर नहीं होते हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि इस कैंसर के चौथे स्टेज में पहुंच जाने पर बचने की दर बहुत कम है। अगर यह कैंसर चौथी स्टेज में पहुंच गया है तो इससे 5 साल तक जिंदा रह पाने की दर भी 5 से 10 फीसदी ही है, इसलिए इसका जल्दी पता लगना बहुत जरूरी है, ताकि कैंसर को फैलने से रोका जा सके। क्या होते हैं इसके लक्षण? यह कैंसर शुरुआत में पकड़ना आसान नहीं होता, क्योंकि इसके लक्षण कम गंभीर होते हैं। इसलिए आमतौर पर इसे छोटी-मोटी समस्या मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसके शुरुआती लक्षणों में सबसे आम है खाना खाते समय अटकना या निगलने में दिक्कत होना। ऐसा लगता है कि छाती में कुछ अटक गया है। इसके अलावा, बार-बार सीने में जलन की समस्या भी होती है। यह कैंसर पर होने पर वजन तेजी से घटने लगता है। सीने में दर्द, लगातार खांसी और उल्टी भी होती है। ChatGPT ने कहा- तुम बर्बाद नहीं हुए हो टियरनी को जब अपनी बीमारी के बारे में पता चला तो उन्होंने ChatGPT से कहा कि देरी की वजह से वह बर्बाद हो गए हैं। इस पर ChatGPT ने जवाब देते हुए कहा, ‘तुम बर्बाद नहीं हुए हो। भले ही हमने साथ मिलकर कुछ गलत कदम उठाए हों। हम अभी ठीक वहीं हैं, जहां होना चाहिए।’
iPhone Crash Detection : गाड़ी चलाते आ गई नींद तो iPhone ने बचाई युवती की जान, जानिये पूरा मामला

iPhone Crash Detection Feature : एप्पल अपने iPhone और Apple Watch में लगातार सेफ्टी फीचर्स को लेकर नए -नए अपडेट लेकर आ रहा है। जो न केवल टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ाते है बल्कि मसीहा बनकर लोगों की जान तक बचा लेते है। अमेरिका की 16 वर्षीय लिंडसे लेस्कोवैक का एक्सीडेंट इस बात का ताजा उदाहरण है। इस आर्टिकल में पढ़िए कैसे एक iPhone के Crash Detection फीचर ने युवती की जिंदगी बचाई। ये है पूरा मामला दरअसल, लिंडसे देर रात अपने दोस्त को छोड़कर पिकअप ट्रक से घर लौट रही थीं। गाड़ी चलाते वक्त नींद की वजह से ट्रक से नियंत्रण खो बैठीं। गाड़ी पोल और पेड़ों से टकरा गई। इससे लिंडसे गंभीर रूप से घायल होकर वाहन में ही फंस गईं। लिंडसे के पैरों और गर्दन की हड्डियों में कई फ्रैक्चर हो गए और वह बेहोश हो गईं। इस खतरनाक पल में उनका iPhone उनके लिए जीवनरक्षक साबित हुआ। iPhone ने किया मदद के लिए कॉल जैसे ही कार की टक्कर हुई iPhone का क्रैश डिटेक्शन (Crash Detection) सिस्टम सक्रिय हो गया। इसने न सिर्फ 911 (इमरजेंसी नंबर) पर कॉल किया बल्कि रेस्क्यू टीम को उनकी लोकेशन भी भेज दी। उनकी माँ लॉरा ने बाद में बताया कि उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि iPhone में ऐसा फीचर मौजूद है। जब रेस्क्यू टीम पहुंची तो उन्होंने पुष्टि की कि कॉल फोन ने ही किया था। 22 मिनट की कॉल बनी जिंदगी का सहारा मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे के बाद लिंडसे का फोन 22 मिनट तक डिस्पैचर से जुड़ा रहा। इस दौरान, कॉल पर मिली जानकारी ने रेस्क्यू टीम को सही समय पर सही लोकेशन तक पहुंचाया। शुरुआती कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और इसी तकनीक ने उन्हें जीवित बचाने में अहम भूमिका निभाई। इन डिवाइस में मिलता है Crash Detection फीचर यह फीचर iPhone 14 और उसके बाद के मॉडल्स (iOS 16 या नए वर्जन पर चलने वाले) में मौजूद है। साथ ही, Apple Watch Series 8, Apple Watch SE (2nd Gen) और Apple Watch Ultra (watchOS 9 या नए वर्जन पर) में भी यह सुविधा मिलती है। अगर आपके पास इनमें से कोई डिवाइस है तो सेटिंग में जाकर इस फीचर को जरूर ऑन रखें।
Zomato से खाना मंगाने पर अब 12 रुपए लगेगा चार्ज, जानिए क्यों बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस

Zomato Platform Fees Increased : नई दिल्ली। ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने अपने ग्राहकों के लिए खाना मंगाना थोड़ा और महंगा कर दिया है। कंपनी ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस में 20% की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद अब हर ऑर्डर पर 12 रुपये फीस देनी होगी। पहले यह फीस 10 रुपये थी। यह नई दर देश के सभी शहरों में लागू हो चुकी है, जहां जोमैटो अपनी सेवाएं प्रदान करता है। इस बदलाव ने ग्राहकों के बीच चर्चा का माहौल बना दिया है, क्योंकि त्योहारी सीजन में खर्च पहले ही बढ़ जाता है। फीस बढ़ाने की वजह क्या है? त्योहारी सीजन जैसे दीवाली, नवरात्रि और अन्य उत्सवों के दौरान लोग बाहर से खाना ऑर्डर करने में ज्यादा रुचि दिखाते हैं। इस समय जोमैटो के ऑर्डर्स की संख्या में भारी उछाल आता है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी को अपने डिलीवरी सिस्टम, कर्मचारियों, और तकनीकी संसाधनों पर अतिरिक्त निवेश करना पड़ता है। इस खर्च को संतुलित करने के लिए जोमैटो ने प्लेटफॉर्म फीस में यह बढ़ोतरी की है। कंपनी का कहना है कि यह कदम उनके सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए जरूरी है। जोमैटो पहले भी समय-समय पर अपनी फीस में बदलाव करता रहा है। पिछले साल त्योहारी सीजन में फीस 6 रुपये से बढ़कर 10 रुपये हो गई थी, और उससे पहले यह 5 रुपये से 6 रुपये हुई थी। इस बार की 20% की बढ़ोतरी के बाद ग्राहकों को हर ऑर्डर पर 2 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। ये खबर भी पढ़ें https://abdulbreaking.com/2025/09/03/one-crore-cash-recovered-in-it-raids-on-bhopal-it-raid-science-house-continues-to-be-investigated-by-officials-even-today/ जोमैटो का शेयर मार्केट में प्रदर्शन जोमैटो के शेयर ने निवेशकों को प्रभावित करना जारी रखा है। वर्तमान में कंपनी का शेयर 323 रुपये पर कारोबार कर रहा है। इस साल अब तक शेयर ने 17% का रिटर्न दिया है, जबकि पिछले 6 महीनों में यह 45% और एक साल में 30% बढ़ा है। जोमैटो की यह मजबूत वित्तीय स्थिति उसके बढ़ते कारोबार और बाजार में पकड़ को दर्शाती है। जोमैटो की शुरुआत: फूडीबे से यूनिकॉर्न तक दीपिंदर गोयल और पंकज चड्ढा ने साल 2008 में फूडीबे नाम से एक फूड डायरेक्टरी वेबसाइट शुरू की थी। मात्र नौ महीनों में यह दिल्ली-एनसीआर में सबसे बड़ी रेस्टोरेंट डायरेक्टरी बन गई। 2010 में इसका नाम बदलकर जोमैटो कर दिया गया। इसके बाद कंपनी ने तेजी से विस्तार किया और पुणे, अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, और हैदराबाद जैसे शहरों में अपनी सेवाएं शुरू कीं। 2012 तक जोमैटो ने श्रीलंका, यूएई, कतर, दक्षिण अफ्रीका, यूके, और फिलीपींस में अपनी मौजूदगी दर्ज की। 2013 में न्यूजीलैंड, तुर्की, और ब्राजील भी इस सूची में शामिल हो गए। जोमैटो देश का पहला फूड-टेक यूनिकॉर्न बना, जिसकी वैल्यूएशन 1 बिलियन डॉलर से अधिक है। फाइनेंशियल ईयर 2024 की पहली तिमाही में कंपनी ने 2 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। ये खबर भी पढ़ें https://abdulbreaking.com/2025/09/02/voter-id-row-congress-spokesperson-pawan-khedas-two-voter-id-election-commission-asked-for-reply-till-8-september/ जोमैटो न केवल फूड डिलीवरी में अग्रणी है, बल्कि यह ग्राहकों, रेस्टोरेंट पार्टनर्स, और डिलीवरी पार्टनर्स को जोड़ने वाला एक मजबूत टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म भी है। अगस्त 2022 में दीपिंदर गोयल ने ब्लिंकिट को खरीदकर ग्रॉसरी डिलीवरी के क्षेत्र में भी कदम रखा। स्विगी ने भी बढ़ाई फीस जोमैटो की प्रतिद्वंद्वी कंपनी स्विगी ने भी पिछले महीने अपनी प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी की थी। स्विगी ने फीस को 12 रुपये से बढ़ाकर 14 रुपये कर दिया, जो 17% की वृद्धि है। इस तरह, दोनों बड़े फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स ने ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ डाला है।
Bhopal IT Raid : साइंस हाउस पर आईटी छापे में एक करोड़ नकद बरामद, आज भी अधिकारियों की जांच जारी

Bhopal Science House IT Raids Update : मध्य प्रदेश। भोपाल में साइंस हाउस मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड (SHMPL) के खिलाफ आयकर विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने टैक्स चोरी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस छापेमारी में फर्जी बिलिंग, बोगस सप्लाई और विदेशी कनेक्शन के सबूत मिले हैं। जांच के दौरान विभाग ने कंपनी के संचालकों के ठिकानों से एक करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जब्त की और 20 बैंक खातों को सील कर दिया। यह कार्रवाई मंगलवार को शुरू हुई और बुधवार को भी जारी है। जिसमें भोपाल, इंदौर, मुंबई समेत कई शहरों में 30 से अधिक ठिकानों पर तलाशी ली गई। विदेशी लिंक और बोगस बिलिंग का खेल आयकर विभाग की टीम ने साइंस हाउस के प्रमुख संचालक जितेंद्र तिवारी और उनके परिजनों के बैंक खातों की गहन जांच शुरू की है। इन खातों में जमा बड़ी रकम के स्रोत का पता लगाने के लिए बैंक अधिकारियों को भी शामिल किया गया। इसके अलावा, नकदी और ज्वेलरी की जांच के लिए विशेषज्ञों की एक टीम बुलाई गई। शुरुआती जांच में पता चला कि फर्जी बिलिंग के जरिए बड़ी रकम का लेन-देन किया गया। जितेंद्र तिवारी और उनके सहयोगी कई शैल कंपनियों के डायरेक्टर हैं, जिनका इस्तेमाल बोगस बिलों के आधार पर भुगतान लेने और फर्जी सप्लाई दिखाने के लिए किया गया। राजेश गुप्ता के विदेशी कनेक्शन मेडिकल सर्जिकल उपकरणों के कारोबारी राजेश गुप्ता के भोपाल में लालघाटी स्थित आवास पर भी छापेमारी की गई। इस दौरान मिले दस्तावेजों से उनके विदेशी कारोबार और संस्थाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। आयकर विभाग को शक है कि इस अवैध कमाई का इस्तेमाल रियल एस्टेट में निवेश के लिए किया गया। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी जांच शुरू होने की संभावना है। रिटायर्ड IAS और स्वास्थ्य विभाग से लिंक जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इन कारोबारियों के कुछ रिटायर्ड IAS अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से संबंध थे। इन कनेक्शनों के जरिए नियमों को ताक पर रखकर सप्लाई ऑर्डर हासिल किए गए। सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग के पूर्व डीजी (इन्वेस्टिगेशन) ने इस मामले की जांच की योजना बनाई थी, लेकिन उनका तबादला हो गया। वर्तमान डीजी बिजॉय कुमार पांडा ने इस मामले को प्राथमिकता देते हुए कार्रवाई को तेज किया। आयकर विभाग जल्द ही इस जांच की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को सौंपेगा। इस रिपोर्ट के आधार पर जितेंद्र तिवारी, राजेश गुप्ता और अन्य संदिग्धों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या इस टैक्स चोरी के नेटवर्क में और लोग शामिल हैं।